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बिलासपुर पुलिस रेंज में पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग की परिकल्पना से अनुभव क्यू आर कोड किया गया प्रारम्भ। बिलासपुर पुलिस रेंज में पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग की परिकल्पना से अनुभव क्यू आर कोड किया गया प्रारम्भ।

2 hrs ago
user_Bhupendra lahare
Bhupendra lahare
पत्रकार मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

बिलासपुर पुलिस रेंज में पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग की परिकल्पना से अनुभव क्यू आर कोड किया गया प्रारम्भ। बिलासपुर पुलिस रेंज में पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग की परिकल्पना से अनुभव क्यू आर कोड किया गया प्रारम्भ।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • बिलासपुर पुलिस रेंज में पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग की परिकल्पना से अनुभव क्यू आर कोड किया गया प्रारम्भ।
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    बिलासपुर पुलिस रेंज में पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग की परिकल्पना से अनुभव क्यू आर कोड किया गया प्रारम्भ।
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    पत्रकार मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • Post by Gautam karsh
    1
    Post by Gautam karsh
    user_Gautam karsh
    Gautam karsh
    Farmer Malkharoda, Sakti•
    5 hrs ago
  • Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार
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    Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • Post by DEOKI PURI GOSVAMI
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    Post by DEOKI PURI GOSVAMI
    user_DEOKI PURI GOSVAMI
    DEOKI PURI GOSVAMI
    Advertising Photographer कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • कुदमुरा के शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय, कुदमुरा में नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी और वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सांप संरक्षण एवं सर्पदंश जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया,इसमें मद्रास क्रोकोडाइल बैंक ट्रस्ट एवं यूएसवी प्राइवेट लिमिटेड सहयोगी संस्था के रूप में सहभागी रहे,विषय विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को सांपों की पहचान, पारिस्थितिकीय भूमिका, सुरक्षित रेस्क्यू, सर्पदंश की स्थिति में प्राथमिक उपचार एवं भ्रांतियों के वैज्ञानिक समाधान की जानकारी दी गई,करीब 200 से अधिक छात्र–छात्राओं एवं शिक्षकों ने दोनों विद्यालयों में सहभागिता कर जीवन रक्षक जानकारियाँ प्राप्त कीं।
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    कुदमुरा के शासकीय हायर सेकेंडरी  विद्यालय, कुदमुरा में नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी और वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सांप संरक्षण एवं सर्पदंश जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया,इसमें मद्रास क्रोकोडाइल बैंक ट्रस्ट एवं यूएसवी प्राइवेट लिमिटेड सहयोगी संस्था के रूप में सहभागी रहे,विषय विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को सांपों की पहचान, पारिस्थितिकीय भूमिका, सुरक्षित रेस्क्यू, सर्पदंश की स्थिति में प्राथमिक उपचार एवं भ्रांतियों के वैज्ञानिक समाधान की जानकारी दी गई,करीब 200 से अधिक छात्र–छात्राओं एवं शिक्षकों ने दोनों विद्यालयों में सहभागिता कर जीवन रक्षक जानकारियाँ प्राप्त कीं।
    user_Manoj kumar dinkar
    Manoj kumar dinkar
    Journalist कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • कुड़केला धान मंडी में हाथी का कहर, 30 हजार क्विंटल धान पर संकट के बादल छाल/धरमजयगढ़ - जिले के कुड़केला स्थित धान मंडी में बीती रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली हाथी अचानक मंडी परिसर में घुस आया। हाथी ने मंडी में जमकर उत्पात मचाते हुए धान से भरी बोरियों को इधर-उधर पटक दिया, जिससे हजारों क्विंटल धान के क्षतिग्रस्त होने की आशंका गहरा गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी के अचानक प्रवेश से मंडी परिसर में हड़कंप मच गया। जान का खतरा देखते हुए मंडी में मौजूद कर्मचारी इधर-उधर भागने को मजबूर हो गए। कर्मचारियों का कहना है कि “रात के अंधेरे में हाथी के सामने टिक पाना मुश्किल था, जान बचाना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई।” जानकारी के अनुसार, वर्तमान में मंडी परिसर में करीब 30 हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। ऐसे में एक ओर जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही का खतरा बना हुआ है, तो दूसरी ओर समय पर धान का उठाव नहीं होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलने की आशंका है। हाथी के उत्पात के बाद मंडी प्रबंधन और स्थानीय किसानों में दहशत का माहौल है। सामने आई तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह धान से भरी बोरियां अस्त-व्यस्त पड़ी हुई हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। घटना के बाद वन विभाग ने सतर्कता बरतते हुए अलर्ट जारी किया है और रात के समय मंडी क्षेत्र की ओर आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। बावजूद इसके सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में खुले में रखे धान की सुरक्षा आखिर कैसे सुनिश्चित की जाएगी? गौरतलब है कि कुड़केला धान मंडी पहले से ही अव्यवस्थाओं और विवादों को लेकर चर्चा में रही है। हाल ही में मंडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर खबरें सामने आई थीं और अब हाथी के आतंक ने मंडी प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यदि शीघ्र ही धान का उठाव एवं ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, तो किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन, वन विभाग और मंडी प्रबंधन मिलकर इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।
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    कुड़केला धान मंडी में हाथी का कहर, 30 हजार क्विंटल धान पर संकट के बादल
छाल/धरमजयगढ़ - जिले के कुड़केला स्थित धान मंडी में बीती रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली हाथी अचानक मंडी परिसर में घुस आया। हाथी ने मंडी में जमकर उत्पात मचाते हुए धान से भरी बोरियों को इधर-उधर पटक दिया, जिससे हजारों क्विंटल धान के क्षतिग्रस्त होने की आशंका गहरा गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी के अचानक प्रवेश से मंडी परिसर में हड़कंप मच गया। जान का खतरा देखते हुए मंडी में मौजूद कर्मचारी इधर-उधर भागने को मजबूर हो गए। कर्मचारियों का कहना है कि “रात के अंधेरे में हाथी के सामने टिक पाना मुश्किल था, जान बचाना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई।”
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में मंडी परिसर में करीब 30 हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। ऐसे में एक ओर जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही का खतरा बना हुआ है, तो दूसरी ओर समय पर धान का उठाव नहीं होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलने की आशंका है।
हाथी के उत्पात के बाद मंडी प्रबंधन और स्थानीय किसानों में दहशत का माहौल है। सामने आई तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह धान से भरी बोरियां अस्त-व्यस्त पड़ी हुई हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
घटना के बाद वन विभाग ने सतर्कता बरतते हुए अलर्ट जारी किया है और रात के समय मंडी क्षेत्र की ओर आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। बावजूद इसके सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में खुले में रखे धान की सुरक्षा आखिर कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
गौरतलब है कि कुड़केला धान मंडी पहले से ही अव्यवस्थाओं और विवादों को लेकर चर्चा में रही है। हाल ही में मंडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर खबरें सामने आई थीं और अब हाथी के आतंक ने मंडी प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
यदि शीघ्र ही धान का उठाव एवं ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, तो किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन, वन विभाग और मंडी प्रबंधन मिलकर इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।
    user_ऋषभ तिवारी
    ऋषभ तिवारी
    पत्रकार Udaipur (Dharamjaigarh), Raigarh•
    3 hrs ago
  • जिस काम को 6 वर्ष पहले कबीर साहेब करने आए थे उसी काम को करने में संत रामपाल जी महाराज लगे हुए हैं हिंदू मुस्लिम सिख इसाई जाति धर्म का भेदभाव को हटाकर सबको एक करना चाहते हैं और यह जाति पाति धर्म के नाम पर लड़ाने वाले संत रामपाल जी महाराज के पुस्तक दो लाइन पढ़ के गलत बताकर प्रस्तुत कर रहे हैं क्या मुसलमान मूर्ति पूजा नहीं करता तो वह गलत है क्या ईसाई मूर्ति पूजा नहीं करते तो वह गलत है उनका विरोध क्यों नहीं होता जो शास्त्र में प्रमाणित है उसी को तो बता रहे हैं संत रामपाल जी महाराज
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    जिस काम को 6 वर्ष पहले कबीर साहेब करने आए थे उसी काम को करने में संत रामपाल जी महाराज लगे हुए हैं हिंदू मुस्लिम सिख इसाई जाति धर्म का भेदभाव को हटाकर सबको एक करना चाहते हैं और यह जाति पाति धर्म के नाम पर लड़ाने वाले संत रामपाल जी महाराज के पुस्तक दो लाइन पढ़ के गलत  बताकर प्रस्तुत कर रहे हैं क्या मुसलमान मूर्ति पूजा नहीं करता तो वह गलत है क्या ईसाई मूर्ति पूजा नहीं करते तो वह गलत है उनका विरोध क्यों नहीं होता जो शास्त्र में प्रमाणित है उसी को तो बता रहे हैं संत रामपाल जी महाराज
    user_MANNU SIDAR ji
    MANNU SIDAR ji
    Samaj Sevak बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • Post by Gautam karsh
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    Post by Gautam karsh
    user_Gautam karsh
    Gautam karsh
    Farmer Malkharoda, Sakti•
    20 hrs ago
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