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जांजगीर चांपा में बड़ी सड़क हादसा
SK Kashyapपत्रकार रींवापार
जांजगीर चांपा में बड़ी सड़क हादसा
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार1
- Post by DEOKI PURI GOSVAMI1
- कुदमुरा के शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय, कुदमुरा में नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी और वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सांप संरक्षण एवं सर्पदंश जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया,इसमें मद्रास क्रोकोडाइल बैंक ट्रस्ट एवं यूएसवी प्राइवेट लिमिटेड सहयोगी संस्था के रूप में सहभागी रहे,विषय विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को सांपों की पहचान, पारिस्थितिकीय भूमिका, सुरक्षित रेस्क्यू, सर्पदंश की स्थिति में प्राथमिक उपचार एवं भ्रांतियों के वैज्ञानिक समाधान की जानकारी दी गई,करीब 200 से अधिक छात्र–छात्राओं एवं शिक्षकों ने दोनों विद्यालयों में सहभागिता कर जीवन रक्षक जानकारियाँ प्राप्त कीं।1
- बिलासपुर पुलिस रेंज में पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग की परिकल्पना से अनुभव क्यू आर कोड किया गया प्रारम्भ।1
- Post by Gautam karsh1
- कुड़केला धान मंडी में हाथी का कहर, 30 हजार क्विंटल धान पर संकट के बादल छाल/धरमजयगढ़ - जिले के कुड़केला स्थित धान मंडी में बीती रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली हाथी अचानक मंडी परिसर में घुस आया। हाथी ने मंडी में जमकर उत्पात मचाते हुए धान से भरी बोरियों को इधर-उधर पटक दिया, जिससे हजारों क्विंटल धान के क्षतिग्रस्त होने की आशंका गहरा गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी के अचानक प्रवेश से मंडी परिसर में हड़कंप मच गया। जान का खतरा देखते हुए मंडी में मौजूद कर्मचारी इधर-उधर भागने को मजबूर हो गए। कर्मचारियों का कहना है कि “रात के अंधेरे में हाथी के सामने टिक पाना मुश्किल था, जान बचाना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई।” जानकारी के अनुसार, वर्तमान में मंडी परिसर में करीब 30 हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। ऐसे में एक ओर जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही का खतरा बना हुआ है, तो दूसरी ओर समय पर धान का उठाव नहीं होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलने की आशंका है। हाथी के उत्पात के बाद मंडी प्रबंधन और स्थानीय किसानों में दहशत का माहौल है। सामने आई तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह धान से भरी बोरियां अस्त-व्यस्त पड़ी हुई हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। घटना के बाद वन विभाग ने सतर्कता बरतते हुए अलर्ट जारी किया है और रात के समय मंडी क्षेत्र की ओर आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। बावजूद इसके सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में खुले में रखे धान की सुरक्षा आखिर कैसे सुनिश्चित की जाएगी? गौरतलब है कि कुड़केला धान मंडी पहले से ही अव्यवस्थाओं और विवादों को लेकर चर्चा में रही है। हाल ही में मंडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर खबरें सामने आई थीं और अब हाथी के आतंक ने मंडी प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यदि शीघ्र ही धान का उठाव एवं ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, तो किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन, वन विभाग और मंडी प्रबंधन मिलकर इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।2
- गांव में अवैध शराब व गांजा बिक्री से परेशान ग्राम हरदी के ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर किया विरोध प्रदर्शन रविवार की रात 5:00 बजे ग्राम हरदी के ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत हरदी में अवैध शराब और गांजा की खुलेआम बिक्री से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को दोपहर 3 बजे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने हाथों में पोस्टर लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए नशे के अवैध कारोबार पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है और युवा वर्ग गलत रास्ते पर जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने अवैध शराब व गांजा बिक्री बंद कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। आपको बता दे कि गांव में खुलेआम शराब गंजों की बिक्री से गांव में युवा वर्ग भी नशे के आदी होते जा रहे हैं साथ ही कई लोग सोसाइटी में मिले हुए चावल को बेचकर शराब पीते हैं तो कुछ लोग अपने घर से बर्तन गहने वगैरा बेचकर शराब पीना चालू कर दिए हैं जिसकी वजह से ग्रामीणों में खास आक्रोश है गांव में खुलेआम दारू गांजा के बिक्री और सेवन से गांव का माहौल काफी खराब हो चुका है जगह-जगह गाली गलौज लड़ाई झगड़ा अब आम हो चुके हैं इसलिए रविवार को एन एच सड़क पर हाथों में तकिया लिए प्रदर्शन किया गया और शासन प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की गई ग्रामीणों ने बताया की शासन प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया है उसके बाद भी कार्रवाई न होना भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है इसलिए उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिनके द्वारा इसे रोका जा सकता था लेकिन उन्होंने प्रयास नहीं किया और गांव में एक के बाद एक कई लोग शराब गांजा की बिक्री करने लगे जिसकी वजह से अब गांव का माहौल बिगड़ चुका है बच्चे बड़े सभी खुले आम चौक चौराहों में नशा कर रहे है जिसका विरोध गांव के कुछ चुनिंदा समाज सेवको ने की है और प्रशासन से जल्द कड़ी कार्यवाही के मांग की गई है अब देखने वाली बात यह होगी कि शासन प्रशासन कब तक इन पर कार्यवाही करेगी1
- Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार1