मुरैना जिले के सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में जनहित, पारदर्शिता और नगर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पार्षदों का जनहित सत्याग्रह लगातार 67वें दिन भी जारी रहा। इस सत्याग्रह में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ और स्थानीय समाजसेवियों ने भाग लेकर जनहित के मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने की जोरदार अपील की। सत्याग्रह कर रहे पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका में विभिन्न योजनाओं से जुड़े कर्मचारी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते हैं। वहीं, नियमित सीएमओ के अवकाश पर होने और प्रभारी सीएमओ के कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित न होने के कारण प्रशासनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है, जिन्हें राशन, पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और विभिन्न सरकारी योजनाओं के आवेदनों जैसे आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार नगर पालिका के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके अलावा, नगर की सफाई व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित है। सफाई कर्मचारियों के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे बरसात के मौसम में जलभराव और गंदगी की समस्या और भी गंभीर होती जा रही है। सत्याग्रहियों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर पालिका में नियमित प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता तय हो और सफाई के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि जनता के मूलभूत कार्य समय पर पूरे हो सकें।
मुरैना जिले के सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में जनहित, पारदर्शिता और नगर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पार्षदों का जनहित सत्याग्रह लगातार 67वें दिन भी जारी रहा। इस सत्याग्रह में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ और स्थानीय समाजसेवियों ने भाग लेकर जनहित के मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने की जोरदार अपील की। सत्याग्रह कर रहे पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका में विभिन्न योजनाओं से जुड़े कर्मचारी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते हैं। वहीं, नियमित सीएमओ के अवकाश पर होने और प्रभारी सीएमओ के कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित न होने के कारण प्रशासनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है, जिन्हें राशन, पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और विभिन्न सरकारी योजनाओं के आवेदनों जैसे आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार नगर पालिका के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके अलावा, नगर की सफाई व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित है। सफाई कर्मचारियों के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे बरसात के मौसम में जलभराव और गंदगी की समस्या और भी गंभीर होती जा रही है। सत्याग्रहियों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर पालिका में नियमित प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता तय हो और सफाई के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि जनता के मूलभूत कार्य समय पर पूरे हो सकें।
- मुरैना जिले के सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में जनहित, पारदर्शिता और नगर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पार्षदों का जनहित सत्याग्रह लगातार 67वें दिन भी जारी रहा। इस सत्याग्रह में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ और स्थानीय समाजसेवियों ने भाग लेकर जनहित के मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने की जोरदार अपील की। सत्याग्रह कर रहे पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका में विभिन्न योजनाओं से जुड़े कर्मचारी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते हैं। वहीं, नियमित सीएमओ के अवकाश पर होने और प्रभारी सीएमओ के कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित न होने के कारण प्रशासनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है, जिन्हें राशन, पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और विभिन्न सरकारी योजनाओं के आवेदनों जैसे आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार नगर पालिका के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके अलावा, नगर की सफाई व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित है। सफाई कर्मचारियों के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे बरसात के मौसम में जलभराव और गंदगी की समस्या और भी गंभीर होती जा रही है। सत्याग्रहियों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर पालिका में नियमित प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता तय हो और सफाई के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि जनता के मूलभूत कार्य समय पर पूरे हो सकें।1
- श्योपुर के मेला रंगमंच पर मध्य प्रदेश शासन के जनसंपर्क और संस्कृति विभाग के तत्वावधान में "सुरमयी श्योपुर – सावन संध्या" कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक संध्या में लोकगीत, लोकनृत्य और मधुर संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इस कार्यक्रम में कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा गरिमामयी रूप से उपस्थित रहीं, जिन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजने व उनके संरक्षण का एक बेहद महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना और आमजन को कला व संस्कृति से जोड़ना था। सावन की इस सुरीली संध्या का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी और कला प्रेमी पहुंचे थे, जिससे पूरा मेला रंगमंच तालियों की गूंज से गूंजता रहा। कलाकारों ने लोक संस्कृति के विभिन्न आकर्षक रंगों से सजी प्रस्तुतियों से दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया गया।1
- धौलपुर के सरमथुरा में हैंड कटिंग मशीन श्रमिकों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा स्थित पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं के हितार्थ अग्रवाल समाज द्वारा एक वाटर कूलर भेंट किया गया है। यह वाटर कूलर समाजसेवी सुरेश जिंदल द्वारा प्रदान किया गया है, जिसे सरमथुरा अग्रवाल समाज के ब्लॉक अध्यक्ष संजय अग्रवाल के सान्निध्य में विद्यालय को सौंपा गया। इस अवसर पर विद्यालय पहुँचे समाजसेवी सुरेश जिंदल, ब्रजमोहन जिंदल, ब्रजेश जिंदल और जगमोहन गर्ग का विद्यालय परिवार द्वारा माल्यार्पण और पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने छात्राओं को लक्ष्मी स्वरूपा बताते हुए उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर और संस्कारवान बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज सदैव प्रतिबद्ध है और उन्होंने आगे भी विद्यालय के विकास कार्यों में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश मीणा ने अग्रवाल समाज, संजय अग्रवाल, समाजसेवी सुरेश जिंदल और उनके सहयोगियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के कार्मिक भगवान दास, रंजीत मीना, अमृत लाल, मोहन सिकरवार, नवनीत प्रिय त्रिपाठी सहित समस्त विद्यालय परिवार ने इस पुनीत कार्य के लिए भामाशाहों का सम्मान और आभार प्रकट किया।3
- धौलपुर के सरमथुरा में अग्रवाल समाज के भामाशाहों ने राजकीय पीएम श्री बालिका विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए वाटर कूलर लगवाया है। इस वाटर कूलर का उद्घाटन अग्रवाल समाज के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने किया।1
- सरकारी नौकरी हर किसी की किस्मत में नहीं होती, लेकिन मेहनत ही हर इंसान की असली पहचान होती है। श्योपुर के प्रसिद्ध बल्लू टी स्टॉल का मानना है कि चाहे कोई दफ्तर में काम करे या धूप में हथौड़ा चलाकर अपने परिवार का पेट भरे, मेहनत करने वाला हर इंसान सम्मान का हकदार है और समाज में हर काम की अपनी गरिमा होती है। इसी कड़ी मेहनत, सेवा भाव और भाईचारे के दम पर मध्य प्रदेश के श्योपुर का यह टी स्टॉल आज सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और देश-विदेश के लाखों-करोड़ों लोगों तक अपनी पहुँच बना चुका है। लोगों का प्यार और आशीर्वाद ही इस टी स्टॉल की सबसे बड़ी ताकत है। हालांकि, इन्हें अब तक कोई बड़ा सम्मान या उपहार नहीं मिला है, लेकिन इन्हें पूरा विश्वास है कि उनकी ईमानदारी, मेहनत और समाजसेवा का फल एक दिन ज़रूर मिलेगा। बल्लू टी स्टॉल ने इस मुकाम पर पहुँचाने के लिए अपने सभी शुभचिंतकों और सहयोगियों का दिल से धन्यवाद किया है।1
- धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड के हुसैनपुर स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी के कारण छात्राओं को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आगामी 1 जुलाई से नियमित कक्षाएं शुरू होने के बावजूद कॉलेज में अब तक बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया है, जिससे छात्राएं इस भीषण गर्मी में बिना बिजली के ही अध्ययन करने को मजबूर हैं। इसके साथ ही पेयजल की किल्लत और परिवहन व्यवस्था की बदहाली ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य गुमान सिंह ने बताया कि विद्युत विभाग को कई बार लिखित में सूचित करने के साथ ही अधिकारियों से मोबाइल के जरिए लगातार संपर्क किया गया है। विभाग की ओर से 5 और 6 जुलाई तक ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 13 जुलाई बीत जाने के बाद भी कॉलेज में बिजली का कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है। प्राचार्य लगातार विभागीय अधिकारियों के संपर्क में हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। छात्राओं के अनुसार, यह महाविद्यालय बाड़ी शहर से करीब 8 से 9 किलोमीटर दूर हुसैनपुर गांव के पास स्थित है, जहां आने-जाने के लिए परिवहन के उचित साधन नहीं हैं। अधिकांश बस चालक हुसैनपुर स्टॉप पर बसें नहीं रोकते हैं, जिससे छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, कई बसों में निर्धारित से अधिक किराया वसूला जाता है और छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है।3
- मुरैना जिले के सबलगढ़ में रेत माफियाओं के मन से प्रशासन का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। यहाँ रेत का अवैध परिवहन बिल्कुल खुलेआम किया जा रहा है, जिससे माफियाओं की बेखौफी साफ नजर आ रही है।1