मध्य प्रदेश के मैहर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के तत्वावधान में वैज्ञानिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में एक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। घंटाघर चौराहे पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस धरने का नेतृत्व भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट विक्रम सूर्यवंशी ने किया। उन्होंने युवाओं के भविष्य से जुड़े परीक्षा तंत्र में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिए बेहद कठोर कदम उठाए जाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुक के आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता और पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में भीम आर्मी के कई प्रमुख सदस्य और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें संजीत वर्मा, एडवोकेट प्रदीप सूर्यवंशी, दीपक प्रजापति, सतीश बुनकर, शिवेंद्र रघुवंशी, नागेंद्र चौधरी, धीरज साकेत, सुखेंद्र रवि, शिवम चौधरी, करण चौधरी, रोशनी दीपांकर, खुशी कोल, आकाश सूर्यवंशी, ऋतिक साकेत, दिनेश प्रजापति, रामकृष्ण प्रजापति एवं सतेंद्र प्रजापति शामिल थे। इनके साथ ही बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता भी इस दौरान मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश के मैहर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के तत्वावधान में वैज्ञानिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में एक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। घंटाघर चौराहे पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस धरने का नेतृत्व भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट विक्रम सूर्यवंशी ने किया। उन्होंने युवाओं के भविष्य से जुड़े परीक्षा तंत्र में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर
बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिए बेहद कठोर कदम उठाए जाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुक के आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता और पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में भीम आर्मी के कई प्रमुख सदस्य और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें संजीत वर्मा, एडवोकेट प्रदीप सूर्यवंशी, दीपक प्रजापति, सतीश बुनकर, शिवेंद्र रघुवंशी, नागेंद्र चौधरी, धीरज साकेत, सुखेंद्र रवि, शिवम चौधरी, करण चौधरी, रोशनी दीपांकर, खुशी कोल, आकाश सूर्यवंशी, ऋतिक साकेत, दिनेश प्रजापति, रामकृष्ण प्रजापति एवं सतेंद्र प्रजापति शामिल थे। इनके साथ ही बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता भी इस दौरान मौजूद रहे।
- सतना जिले के मैहर स्थित सान्दीपनि विद्यालय के हालातों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर इस विद्यालय की स्थिति में कब सुधार आएगा। इस बीच, विद्यालय के हालातों को लेकर प्राचार्य का भी एक बड़ा बयान सामने आया है।1
- मैहर के अमरपाटन में भारत गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं के शोषण का मामला सामने आया है। यहाँ दोपहर 3 बजे से गैस वाहन खड़ा हुआ है, लेकिन शाम के 6 बज जाने के बाद भी उपभोक्ताओं को सिलेंडरों का वितरण नहीं किया गया। भारी बारिश के बीच उपभोक्ता घंटों से लाइन में खड़े होकर परेशान होने को मजबूर हैं, लेकिन वहां तैनात कर्मचारियों पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। होम डिलीवरी की सुविधा न होने के कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से आए उपभोक्ताओं को इस मौसम में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस बदइंतजामी से परेशान लोगों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन भी इस पूरे मामले में पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं का शोषण धड़ल्ले से चल रहा है।2
- मध्य प्रदेश के मैहर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के तत्वावधान में वैज्ञानिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में एक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। घंटाघर चौराहे पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस धरने का नेतृत्व भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट विक्रम सूर्यवंशी ने किया। उन्होंने युवाओं के भविष्य से जुड़े परीक्षा तंत्र में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिए बेहद कठोर कदम उठाए जाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुक के आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता और पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में भीम आर्मी के कई प्रमुख सदस्य और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें संजीत वर्मा, एडवोकेट प्रदीप सूर्यवंशी, दीपक प्रजापति, सतीश बुनकर, शिवेंद्र रघुवंशी, नागेंद्र चौधरी, धीरज साकेत, सुखेंद्र रवि, शिवम चौधरी, करण चौधरी, रोशनी दीपांकर, खुशी कोल, आकाश सूर्यवंशी, ऋतिक साकेत, दिनेश प्रजापति, रामकृष्ण प्रजापति एवं सतेंद्र प्रजापति शामिल थे। इनके साथ ही बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता भी इस दौरान मौजूद रहे।2
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा क्षेत्र में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण एक गरीब परिवार की दुधारू और गर्भवती भैंस की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। वार्ड नंबर 14 में बाईपास रोड स्थित परिहार ढाबा के पीछे घास चरते समय यह 10 वर्षीय भैंस अचानक एक बिजली के खंभे के संपर्क में आ गई। खंभे में करंट दौड़ रहा था, जिसकी चपेट में आने से भैंस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। भैंस के गर्भवती होने के कारण पीड़ित परिवार को न केवल दुधारू पशु बल्कि उसके आने वाले बछड़े का भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इस घटना को लेकर पीड़ित परिवार की मुखिया सोनिया कुशवाह ने उचेहरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में तैयार किए गए 'स्थल पंचनामा' में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि भैंस की मौत बिजली के खंभे के तार में करंट आने के कारण ही हुई है। इसके साथ ही, थाना प्रभारी द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारी को भैंस का पोस्टमार्टम कराने हेतु पत्र जारी किया गया है। अत्यंत निर्धन परिवार से ताल्लुक रखने वाली सोनिया कुशवाह ने बताया कि यह भैंस ही उनकी आजीविका का एकमात्र जरिया थी। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से बिजली विभाग की इस गंभीर लापरवाही पर उचित कार्रवाई करने और आर्थिक सहायता देने की मांग की है ताकि वे अपने इस बड़े नुकसान की भरपाई कर सकें।1
- सोनम वांगचुक के मामले में न्याय की माँग को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। इस संबंध में सीधे तौर पर पूछा गया है कि उन्हें आखिरकार कब तक न्याय मिलेगा। इसके साथ ही, सरकार के रवैये पर तीखा हमला बोलते हुए आक्रोश व्यक्त किया गया है और सवाल उठाया गया है कि सरकार की यह तानाशाही आखिर कब तक चलती रहेगी।1
- मध्य प्रदेश में राज्य को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर नशे के सौदागर आज भी पूरी तरह बेखौफ नजर आ रहे हैं। पूरे प्रदेश में चल रहे इस अभियान के बावजूद अवैध नशे का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। सरकारी नशे की दुकानों को अलग भी रख दिया जाए, तो हर शहर की गलियों में मौजूद चाय-पान की दुकानों, होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंटों पर अवैध नशीली सामग्री बेहद आसानी से उपलब्ध है। यहां बने दर्जनों अवैध काउंटरों पर शराब, गांजा, सूखा नशा और मेडिकल ड्रग्स की सरेआम अवैध बिक्री हो रही है, जिसे लोग मोहल्लों और सड़कों पर खुलेआम सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। ठोस और बड़ी जमीनी कार्रवाई के अभाव में यह सरकारी अभियान केवल 'फील गुड' का अहसास कराने तक ही सीमित रह गया है, जबकि अवैध नशे का धंधा करने वालों में कानून का कोई डर नहीं दिख रहा है।1