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आठनेर नगर के भैंसदेही रोड पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर आठनेर थाना प्रभारी सहित पुलिस विभाग ने मिलकर एक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने साइबर और डिजिटल तरीकों से होने वाली धोखाधड़ी के साथ-साथ फर्जी कॉल के माध्यम से लोगों को डरा-धमकाकर की जाने वाली ठगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस ने आम नागरिकों को ऐसी ठगी से बचने के तरीकों के बारे में जागरूक किया और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की, ताकि लोग जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद प्राप्त कर सकें। इस पहल का उद्देश्य लोगों को साइबर खतरों के प्रति सचेत करना और उन्हें सुरक्षित रहने के उपाय बताना था।
आठनेर रिपोर्टर
आठनेर नगर के भैंसदेही रोड पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर आठनेर थाना प्रभारी सहित पुलिस विभाग ने मिलकर एक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने साइबर और डिजिटल तरीकों से होने वाली धोखाधड़ी के साथ-साथ फर्जी कॉल के माध्यम से लोगों को डरा-धमकाकर की जाने वाली ठगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस ने आम नागरिकों को ऐसी ठगी से बचने के तरीकों के बारे में जागरूक किया और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की, ताकि लोग जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद प्राप्त कर सकें। इस पहल का उद्देश्य लोगों को साइबर खतरों के प्रति सचेत करना और उन्हें सुरक्षित रहने के उपाय बताना था।
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- आठनेर नगर के भैंसदेही रोड पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर आठनेर थाना प्रभारी सहित पुलिस विभाग ने मिलकर एक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने साइबर और डिजिटल तरीकों से होने वाली धोखाधड़ी के साथ-साथ फर्जी कॉल के माध्यम से लोगों को डरा-धमकाकर की जाने वाली ठगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस ने आम नागरिकों को ऐसी ठगी से बचने के तरीकों के बारे में जागरूक किया और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की, ताकि लोग जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद प्राप्त कर सकें। इस पहल का उद्देश्य लोगों को साइबर खतरों के प्रति सचेत करना और उन्हें सुरक्षित रहने के उपाय बताना था।1
- भैंसदेही की ग्राम पंचायत खोमई में अंडना नदी पर पुलिया निर्माण और नदी किनारे रिटर्निंग वॉल बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, सांसद दुर्गादास उईके और कलेक्टर बैतूल को पत्र लिखे हैं। ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि पुलिया स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य लंबित है, जिससे हर बारिश में जान-माल का नुकसान होता है। ग्रामीणों के अनुसार, भैंसदेही में अंडना नदी पर पुलिया निर्माण की स्वीकृति ज.प./MGNREGS-MP/2022/1669 के तहत 22 सितंबर 2022 को ही मिल चुकी थी, लेकिन 'विशेष कारणों' से अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। इस लंबित निर्माण के कारण ग्रामीणों को आवागमन और परिवहन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। खोमई से महाराष्ट्र की सीमा मात्र 6 किलोमीटर दूर होने से, पुलिया न होने से मरीज इलाज के लिए, मजदूर मजदूरी के लिए, और आदिवासी सीजन में फसल कटाई के लिए महाराष्ट्र के सिरजगांव व आसपास के गांवों तक जाने में कठिनाई महसूस करते हैं। इससे व्यवसाय और आपातकालीन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित होती हैं। पत्रों में गंभीर चिंता व्यक्त की गई है कि पुलिया के अभाव में बारिश के दौरान अंडना नदी में कई गाड़ियां और लोग बह चुके हैं, जिससे हर साल ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। इसके अतिरिक्त, एक अलग पत्र में सांसद दुर्गादास उईके से नदी किनारे रिटर्निंग वॉल बनाने की मांग की गई है। खोमई में नदी किनारे लगभग 30 मकान बने हैं, जो अधिक वर्षा में बाढ़ के खतरे का सामना करते हैं। बाढ़ के साथ ही जहरीले जीव-जंतु भी घरों में घुस जाते हैं, जिससे लोगों की जान को खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उईके और कलेक्टर बैतूल से अंडना नदी पर लंबित पुलिया निर्माण के लिए अनुमोदन व नवीन स्वीकृति जारी करने का आग्रह किया है। साथ ही, उन्होंने रिटर्निंग वॉल के निर्माण को भी स्वीकृत करने की मांग की है ताकि बाढ़ और जहरीले जीवों से सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र की एक बड़ी समस्या का समाधान होगा और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। अब सबकी निगाहें शासन-प्रशासन के फैसले पर टिकी हैं।2
- आमला विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोंडरखापा में निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य बेहद घटिया है और इसमें मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उनका कहना है कि जिस सड़क से वर्षों तक सुविधा मिलने की उम्मीद थी, वह निर्माण के दौरान ही सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों ने इस सड़क निर्माण कार्य का जिम्मा सुनील मालवी पर होने का आरोप लगाया है, जिन्हें वे विधायक का करीबी बताते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि सुनील मालवी द्वारा पहले भी कई निर्माण कार्यों में धांधली की गई है और विधायक का नाम लेकर लोगों को डराया-धमकाया जाता है, जिससे कोई खुलकर विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रभाव का इस्तेमाल कर मनमाने तरीके से कार्य कराए जा रहे हैं और गुणवत्ता की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच नहीं कराई गई, तो सरकारी राशि का दुरुपयोग होने के साथ-साथ ग्रामीणों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और कार्य की वास्तविक स्थिति की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग रोका जा सके और गांव को टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण सड़क मिल सके। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि यह खेल जिम्मेदारों की मिलीभगत से हो रहा है।2
- आमला नगर पालिका परिषद ने शहरवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए चंद्रभागा नदी से मोक्षधाम (हनुमान मंदिर) तक स्ट्रीट लाइट की सुविधा शुरू कर दी है। इस नई प्रकाश व्यवस्था से अब देर रात और अर्धरात्रि में भी इस मार्ग पर आवागमन सुरक्षित और सुगम हो गया है। नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे ने बताया कि नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। उनके अनुसार, मोक्षधाम और हनुमान मंदिर आने-जाने वाले लोगों को अब अंधेरे की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्ट्रीट लाइट शुरू होने के बाद, अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधियों ने देर रात मौके पर पहुंचकर व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने चंद्रभागा नदी से मोक्षधाम तक जल रही लाइटों का जायजा लिया और अधिकारियों को नियमित रखरखाव के निर्देश भी दिए। इस नई व्यवस्था के शुरू होने पर क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका परिषद के इस कदम का स्वागत किया और इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। नागरिकों का कहना है कि रात के समय अंतिम संस्कार और धार्मिक कार्यों के लिए आने-जाने वालों को अब इससे बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि चंद्रभागा से मोक्षधाम तक का मार्ग अब जगमगा उठा है और नपा प्रशासन ने लोगों की सुविधा का ध्यान रखा है।1
- आमला थाना क्षेत्र के ग्राम लालावाड़ी रेलवे क्रॉसिंग के पास हुए चाकूबाजी की घटना का आमला पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में उपजेल मुलताई भेज दिया गया है। यह त्वरित कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी आमला एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस के अनुसार, यह घटना 30 जून 2026 को घटी थी, जब ग्राम लालावाड़ी रेलवे क्रॉसिंग के समीप एक मामूली कहासुनी के बाद आरोपियों ने विनोद मोड़क और उसके साथी योगेंद्र मोड़क के साथ पहले हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद उन्होंने चाकू से हमला कर दोनों को घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर आमला थाने में अपराध क्रमांक 276/2026 दर्ज किया गया, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान, पुलिस ने लगातार पतारसी और तलाश जारी रखी, जिसके परिणामस्वरूप मुखबिर की सूचना के आधार पर 3 जुलाई को घटना में शामिल सभी पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विकास पिता वारेलाल जोठे (18), भानू पिता लिखीराम जोठे (20), नवीन पिता मुकेश मोहबे (22), विकास पिता बसंत यादव (22) जो इटारसी, जिला नर्मदापुरम का निवासी है, तथा मोहित पिता मनोज कुमार मालवीय (18) जो वर्तमान में बस स्टैंड आमला का निवासी है, शामिल हैं। पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश ठाकुर, उपनिरीक्षक नितिन उईके, सहायक उपनिरीक्षक रामेश्वर सिंह, प्रधान आरक्षक नीलेश सोनी, बसंत उईके, संतोष मालवीय, विकास वर्मा, कमल पांसे, तथा आरक्षक विवेक टेटवार, नागेंद्र सिंह, रोहित कुशवाह, आदेश कवरेती, शशिकांत आरसे, विनोद अस्तरे और सैनिक रामराव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें और छोटी-सी कहासुनी को हिंसक रूप देने से बचें, क्योंकि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने किसी भी विवाद की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल 112 पर देने का आग्रह करते हुए बैतूल पुलिस की जिले में शांति, कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।2
- छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा में नई रायटेक के पास एक बाइक और पिकअप की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस भीषण हादसे में दो युवक घायल हो गए हैं। घायलों में से एक युवक की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है।2
- बैतूल जिले के भीमपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कूनखेड़ी के कारीदा स्थित शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल बनने के बाद से हर बारिश में पूरा परिसर पानी में डूब जाता है, जिससे यह शिक्षण संस्थान की बजाय जलभराव वाले क्षेत्र जैसा प्रतीत होता है। कक्षाओं की छत से लगातार पानी टपकता है, वहीं दूसरा भवन भी जर्जर अवस्था में है। ऐसे खतरनाक हालात में बच्चे रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी भरने और भवन की खराब स्थिति के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जिला मुख्यालय से अधिक दूरी होने के कारण संबंधित अधिकारी इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं देते, और वर्षों से उनकी शिकायतों के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब यह विद्यालय भीमपुर विकासखंड के विधायक के गृह ग्राम से कुछ ही दूरी पर तथा एक केंद्रीय मंत्री के गृह क्षेत्र के समीप स्थित है, जिसके बावजूद बच्चों को सुरक्षित भवन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जो व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। कभी दुर्गम परिस्थितियों के कारण "प्रदेश का काला पानी" कहे जाने वाले भीमपुर क्षेत्र में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीण बेहद नाराज हैं। उनकी स्पष्ट चेतावनी है कि यदि समय रहते स्कूल की मरम्मत, जल निकासी की व्यवस्था और नए भवन का इंतजाम नहीं किया गया, तो किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है।3
- बैतूल जिले की आमला पुलिस ने एक मामूली विवाद के कारण हुई चाकूबाजी की गंभीर घटना के पाँच आरोपियों को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आमला श्री एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में की गई। घटना 30 जून 2026 को थाना आमला क्षेत्र के ग्राम लालावाड़ी रेलवे क्रॉसिंग के पास हुई, जहाँ एक मामूली विवाद के दौरान आरोपियों ने विनोद मोड़क और उनके साथी योगेन्द्र मोड़क के साथ पहले हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद, उन्होंने चाकू से हमला कर दोनों को घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए। पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना आमला में अपराध क्रमांक 276/2026, धारा 296(बी), 118(1), 351(3), 3(5) बीएनएस, तथा विवेचना के दौरान धारा 109 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने घटना की गंभीरता को देखते हुए लगातार आरोपियों की तलाश की और सूचना के आधार पर 03 जुलाई 2026 को घटना में शामिल सभी पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में इटारसी, जिला नर्मदापुरम निवासी विकास पिता वारेलाल जोठे (18 वर्ष), भानू पिता लिखीराम जोठे (20 वर्ष), नवीन पिता मुकेश मोहबे (22 वर्ष), विकास पिता बसंत यादव (22 वर्ष), और इटारसी, हाल बस स्टैंड, आमला निवासी मोहित पिता मनोज कुमार मालवीय (18 वर्ष) शामिल हैं। पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद, उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय आमला में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में उपजेल मुलताई भेज दिया गया। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी आमला निरीक्षक मुकेश ठाकुर, उपनिरीक्षक नितिन उईके, सहायक उपनिरीक्षक रामेश्वर सिंह, प्रधान आरक्षक नीलेश सोनी, बसंत उईके, संतोष मालवीय, विकास वर्मा, कमल पांसे, तथा आरक्षक विवेक टेटवार, नागेन्द्र सिंह, रोहित कुशवाह, आदेश कवरेती, शशिकांत आरसे, विनोद अस्तरे एवं सैनिक रामराव की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विवाद या कहासुनी में कानून को अपने हाथ में न लें, क्योंकि एक छोटी-सी बात भी हिंसक रूप लेकर स्वयं और दूसरों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने जनसामान्य से किसी भी विवाद की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल 112 पर देने का आग्रह किया और बैतूल पुलिस की जिले में शांति, कानून व्यवस्था तथा आमजन की सुरक्षा के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई।1