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गणेश उत्सव को लेकर शांति समिति की बैठक, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश गुरसराय। गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर रविवार को गुरसराय थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप जिलाधिकारी गरौठा सुनील कुमार ने की। बैठक में क्षेत्राधिकारी पीयूष पांडेय ने गणेश उत्सव समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि समिति के सभी सदस्यों की जानकारी थाने में दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा पंडाल ऐसी जगह स्थापित करने की बात कही, जिससे आम रास्ते और यातायात प्रभावित न हों। उप जिलाधिकारी सुनील कुमार ने नगर में साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। वहीं थाना प्रभारी अखिलेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि गणेश उत्सव के दौरान असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारे एवं शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की। बैठक में वरिष्ठ उप निरीक्षक महेंद्र सिंह भदौरिया, उप निरीक्षक उम्मेद सिंह चौहान, राम नारायण पस्तोर, आत्माराम फौजी, सतीश चौरसिया, पेश इमाम साहब उद्दीन, प्रसिद्ध नारायण यादव, रवि जैन, प्रकाश नारायण दीक्षित, रामकेश, शिवम बाबू जी ब्लॉक सहित गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट

1 hr ago
user_Som mishra
Som mishra
पत्रकार गरौठा, झांसी, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

गणेश उत्सव को लेकर शांति समिति की बैठक, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश गुरसराय। गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर रविवार को गुरसराय थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप जिलाधिकारी गरौठा सुनील कुमार ने की। बैठक में क्षेत्राधिकारी पीयूष पांडेय ने गणेश उत्सव समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि समिति के सभी सदस्यों की जानकारी थाने में दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा पंडाल ऐसी जगह स्थापित करने की बात कही, जिससे आम रास्ते और यातायात प्रभावित न हों। उप जिलाधिकारी सुनील कुमार ने नगर में साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। वहीं थाना प्रभारी अखिलेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि गणेश उत्सव के दौरान असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारे एवं शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की। बैठक में वरिष्ठ उप निरीक्षक महेंद्र सिंह भदौरिया, उप निरीक्षक उम्मेद सिंह चौहान, राम नारायण पस्तोर, आत्माराम फौजी, सतीश चौरसिया, पेश इमाम साहब उद्दीन, प्रसिद्ध नारायण यादव, रवि जैन, प्रकाश नारायण दीक्षित, रामकेश, शिवम बाबू जी ब्लॉक सहित गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट

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  • यह बात है जिला महोबा के ब्लाक पनवाड़ी के अंतर्गत आने वाले कनकवा गांव में की खबर है
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    यह बात है जिला महोबा के ब्लाक पनवाड़ी के अंतर्गत आने वाले कनकवा गांव में की खबर है
    user_Raghvendra Rajpoot kankua
    Raghvendra Rajpoot kankua
    कुलपहाड़, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जालौन चौकी पर कई दिनों से लटका ताला, चौकी प्रभारी का फोन भी नहीं उठा!! पुलिस हिरासत में सौरभ सक्सेना को जालौन से झांसी और ग्वालियर ले जाने की चर्चा, पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल जालौन। कस्बा चौकी में पिछले कई दिनों से ताला लटका होने और चौकी प्रभारी मनीष तिवारी के नजर नहीं आने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसी बीच कथित रूप से हार्पिक पीने का वीडियो सामने आने के बाद सौरभ सक्सेना निवासी गहेसर, जनपद औरैया का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि सौरभ सक्सेना समेत कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। चर्चा है कि सौरभ को जालौन से उरई, फिर झांसी और अब ग्वालियर ले जाया गया है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है। मामले में पुलिस का कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आने से सवाल खड़े हो रहे हैं। चौकी प्रभारी मनीष तिवारी को लेकर भी पूर्व में विभिन्न आरोपों और शिकायतों की चर्चाएं रही हैं। इनमें महिला के घर का दरवाजा तोड़ने, जुआ आरोपी के साथ कथित अभद्रता और ई-रिक्शा चालक का मोबाइल तोड़ने जैसे आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, जालौन क्षेत्र में हुई चोरी की कई घटनाओं के खुलासे को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ घटनाओं में सीसीटीवी फुटेज होने की बात कही जा रही है। स्कूटी से रुपये निकालने के एक मामले में कथित तौर पर करीब 45 दिन बाद एफआईआर दर्ज होने की बात भी सामने आई है। अब उठ रहे चार बड़े सवाल 1. सौरभ सक्सेना को पुलिस हिरासत में जालौन से झांसी तक क्यों ले जाया गया? 2. क्या उसके परिजन पुलिस के साथ हैं? 3. पुलिस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान क्यों नहीं दे रही? 4. सौरभ के साथ पकड़े गए अन्य लोगों का क्या हुआ? फिलहाल पूरे मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की जांच और आधिकारिक बयान का इंतजार है। पुलिस की ओर से स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
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    जालौन चौकी पर कई दिनों से लटका ताला, चौकी प्रभारी का फोन भी नहीं उठा!!
पुलिस हिरासत में सौरभ सक्सेना को जालौन से झांसी और ग्वालियर ले जाने की चर्चा, पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल
जालौन। कस्बा चौकी में पिछले कई दिनों से ताला लटका होने और चौकी प्रभारी मनीष तिवारी के नजर नहीं आने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसी बीच कथित रूप से हार्पिक पीने का वीडियो सामने आने के बाद सौरभ सक्सेना निवासी गहेसर, जनपद औरैया का नाम सामने आया है।
बताया जा रहा है कि सौरभ सक्सेना समेत कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। चर्चा है कि सौरभ को जालौन से उरई, फिर झांसी और अब ग्वालियर ले जाया गया है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है। मामले में पुलिस का कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आने से सवाल खड़े हो रहे हैं।
चौकी प्रभारी मनीष तिवारी को लेकर भी पूर्व में विभिन्न आरोपों और शिकायतों की चर्चाएं रही हैं। इनमें महिला के घर का दरवाजा तोड़ने, जुआ आरोपी के साथ कथित अभद्रता और ई-रिक्शा चालक का मोबाइल तोड़ने जैसे आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
वहीं, जालौन क्षेत्र में हुई चोरी की कई घटनाओं के खुलासे को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ घटनाओं में सीसीटीवी फुटेज होने की बात कही जा रही है। स्कूटी से रुपये निकालने के एक मामले में कथित तौर पर करीब 45 दिन बाद एफआईआर दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
अब उठ रहे चार बड़े सवाल
1. सौरभ सक्सेना को पुलिस हिरासत में जालौन से झांसी तक क्यों ले जाया गया?
2. क्या उसके परिजन पुलिस के साथ हैं?
3. पुलिस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान क्यों नहीं दे रही?
4. सौरभ के साथ पकड़े गए अन्य लोगों का क्या हुआ?
फिलहाल पूरे मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की जांच और आधिकारिक बयान का इंतजार है। पुलिस की ओर से स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • असम के उत्तम टैरोन को मिला स्वामी ब्रह्मानंद अवार्ड 2026 त्यागमूर्ति स्वामी ब्रह्मानंद जी के निर्वाण दिवस पर समाधि स्थल भूमि राठ में स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार समिति द्वारा स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार 2026 का भव्य आयोजन किया गया। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज सुधारक उत्तम टेरोन, असम को इस सम्मान से नवाजा गया। पुरस्कार विजेता टेरोन को मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार सुधीर विद्यार्थी ने स्वामी ब्रह्मानंद का स्टेच्यू, मेडल, सनद व 10 हजार रुपये सम्मान राशि और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। वी ओ- यह पुरस्कार हर वर्ष 13 सितंबर को शिक्षा और गौसेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले भारतीय व गैर भारतीय नागरिकों को प्रदान किया जाता है। इससे पहले यह पुरस्कार सुपर 30 फेम आनंद कुमार, शिक्षाविद अरुण प्रकाश, रणजीत सिंह यादव (खाकी वाले गुरु), खान सर पटना, पद्मश्री फ्रेडरिक इरीना ब्रूनिंग, संत हरवंश सिंह निर्मल भादरिया और डॉ. भरत सारण को मिल चुका है। मुख्य अतिथि सुधीर विद्यार्थी ने कहा कि स्वामी ब्रह्मानंद जी ने बुंदेलखंड में गरीबी, बेकारी व अशिक्षा को दूर करने के लिए शिक्षा का अलख जगाया। उन्होंने कृषि, पर्यावरण और शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा आदर्श प्रस्तुत किया जो पूरे देश में इकलौता है। इस अवसर पर आर्टिस्ट आर्किटेक्ट प्राचुर्य बरूआ, क्रांतिकारी राधामोहन गोकुल के प्रपौत्र प्रकाशचंद अग्रवाल और पुरस्कार विजेता उत्तम टेरोन ने भी अपने विचार रखे। उत्तम टेरोन ने कहा कि स्वामी ब्रह्मानंद जैसी विभूति सदियों में पैदा होती है, हमें उनसे प्रेरणा लेकर हाशिए पर पड़े समाज तक शिक्षा की रोशनी पहुंचानी चाहिए। कार्यक्रम में सांसद अजेंद्र सिंह लोधी, पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती संतराम राजपूत, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, विधायक मनीषा अनुरागी, विधायक ब्रजभूषण राजपूत सहित सैकड़ों जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, लक्ष्य परिवार के स्वयंसेवक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। अंत में पुरस्कार समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार राजपूत ने सभी का आभार व्यक्त किया। राम चन्द्र राजपूत की रिपोर्ट*
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    असम के उत्तम टैरोन को मिला स्वामी ब्रह्मानंद अवार्ड 2026
त्यागमूर्ति स्वामी ब्रह्मानंद जी के निर्वाण दिवस पर समाधि स्थल भूमि राठ में स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार समिति द्वारा स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार 2026 का भव्य आयोजन किया गया।
प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज सुधारक उत्तम टेरोन, असम को इस सम्मान से नवाजा गया। पुरस्कार विजेता टेरोन को मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार सुधीर विद्यार्थी ने स्वामी ब्रह्मानंद का स्टेच्यू, मेडल, सनद व 10 हजार रुपये सम्मान राशि और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।
वी ओ- यह पुरस्कार हर वर्ष 13 सितंबर को शिक्षा और गौसेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले भारतीय व गैर भारतीय नागरिकों को प्रदान किया जाता है। इससे पहले यह पुरस्कार सुपर 30 फेम आनंद कुमार, शिक्षाविद अरुण प्रकाश, रणजीत सिंह यादव (खाकी वाले गुरु), खान सर पटना, पद्मश्री फ्रेडरिक इरीना ब्रूनिंग, संत हरवंश सिंह निर्मल भादरिया और डॉ. भरत सारण को मिल चुका है।
मुख्य अतिथि सुधीर विद्यार्थी ने कहा कि स्वामी ब्रह्मानंद जी ने बुंदेलखंड में गरीबी, बेकारी व अशिक्षा को दूर करने के लिए शिक्षा का अलख जगाया। उन्होंने कृषि, पर्यावरण और शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा आदर्श प्रस्तुत किया जो पूरे देश में इकलौता है।
इस अवसर पर आर्टिस्ट आर्किटेक्ट प्राचुर्य बरूआ, क्रांतिकारी राधामोहन गोकुल के प्रपौत्र प्रकाशचंद अग्रवाल और पुरस्कार विजेता उत्तम टेरोन ने भी अपने विचार रखे। उत्तम टेरोन ने कहा कि स्वामी ब्रह्मानंद जैसी विभूति सदियों में पैदा होती है, हमें उनसे प्रेरणा लेकर हाशिए पर पड़े समाज तक शिक्षा की रोशनी पहुंचानी चाहिए।
कार्यक्रम में सांसद अजेंद्र सिंह लोधी, पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती संतराम राजपूत, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, विधायक मनीषा अनुरागी, विधायक ब्रजभूषण राजपूत सहित सैकड़ों जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, लक्ष्य परिवार के स्वयंसेवक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
अंत में पुरस्कार समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार राजपूत ने सभी का आभार व्यक्त किया।
राम चन्द्र राजपूत की रिपोर्ट*
    user_RC Rajpoot पत्रकार
    RC Rajpoot पत्रकार
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • किसान नेता राजवीर सिंह जादौन
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    किसान नेता राजवीर सिंह जादौन
    user_मुजीब आलम पत्रकार
    मुजीब आलम पत्रकार
    Graphic designer उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के साथ मारपीट और अवैध रिवाल्वर तानने का मामला। ​➡️ इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के साथ मारपीट और अवैध रिवाल्वर तानने का मामला। ​➡️ घटना का सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ तेजी से वायरल। ​➡️ नोट: हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि हम नहीं करते हैं। ​➡️ पुलिस पूरे मामले की जांच और वीडियो की पड़ताल में जुटी। ​➡️ जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ होने और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की उम्मीद। ✅​जालौन के छिरिया पेट्रोल पंप का मामला
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    इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के साथ मारपीट और अवैध रिवाल्वर तानने का मामला।
​➡️ इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के साथ मारपीट और अवैध रिवाल्वर तानने का मामला।
​➡️ घटना का सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ तेजी से वायरल।
​➡️ नोट: हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि हम नहीं करते हैं।
​➡️ पुलिस पूरे मामले की जांच और वीडियो की पड़ताल में जुटी।
​➡️ जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ होने और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की उम्मीद।
✅​जालौन के छिरिया पेट्रोल पंप का मामला
    user_Ravindra Gautam
    Ravindra Gautam
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • ग्राम पचीपुरी में नारी शक्ति एवं महिला सुरक्षा को लेकर जगरुकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन कोच*(जालौन)दिन रविवार को ग्राम पचीपुरी स्थित प्राथमिक विद्यालय में मिशन शक्ति केंद्र के तहत नारी शक्ति और नारी सम्मान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल पुलिस की मदद लेने की अपील की। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह सीओ परमेश्वर प्रसाद ग्राम प्रधान अवधेश पटेल एसएसआई विमलेश कुमार एस आई अशोक कुमार वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे मिशन शक्ति प्रभारी पूनम यादव ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार और पुलिस लगातार प्रयास कर रही है महिलाएं बाजार स्कूल कॉलेज या किसी अन्य स्थान पर आते-जाते समय किसी प्रकार की परेशानी महसूस करें तो सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल कर पुलिस से सहायता ले सकती हैं इसी कड़ीं में एस पी विनय कुमार ने कहा कि महिलाओं को साइबर अपराध के प्रति भी विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है वर्तमान समय में साइबर ठगी और अन्य साइबर अपराधों के मामले बढ़ रहे हैं ऐसे में महिलाओं को अपने मोबाइल बैंक खाते ओटीपी पासवर्ड और व्यक्तिगत जानकारी को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए किसी अनजान व्यक्ति के साथ संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए और संदिग्ध लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से बचना चाहिए। मिशन शक्ति प्रभारी ने कहा कि यदि किसी महिला का शारीरिक या मानसिक शोषण हो रहा है उसके साथ छेड़छाड़ उत्पीड़न या किसी अन्य प्रकार की हिंसा की जा रही है तो वह चुप न रहे ऐसी स्थिति में परिजनों को जानकारी देने के साथ ही पुलिस से तत्काल मदद लेनी चाहिए ताकि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सके पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा और सम्मान पुलिस की प्राथमिकता है किसी भी परेशानी में महिलाएं बिना झिझक पुलिस से संपर्क कर सकती हैं कार्यक्रम के दौरान मौजूद महिलाओं और बालिकाओं ने भी सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जानकारी ली।
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    ग्राम पचीपुरी में नारी शक्ति एवं महिला सुरक्षा को लेकर जगरुकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
कोच*(जालौन)दिन रविवार को ग्राम पचीपुरी स्थित प्राथमिक विद्यालय में मिशन शक्ति केंद्र के तहत नारी शक्ति और नारी सम्मान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल पुलिस की मदद लेने की अपील की।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह सीओ परमेश्वर प्रसाद ग्राम प्रधान अवधेश पटेल एसएसआई विमलेश कुमार एस आई अशोक कुमार वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे मिशन शक्ति प्रभारी पूनम यादव ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार और पुलिस लगातार प्रयास कर रही है महिलाएं बाजार स्कूल कॉलेज या किसी अन्य स्थान पर आते-जाते समय किसी प्रकार की परेशानी महसूस करें तो सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल कर पुलिस से सहायता ले सकती हैं इसी कड़ीं में
एस पी विनय कुमार ने कहा कि महिलाओं को साइबर अपराध के प्रति भी विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है वर्तमान समय में साइबर ठगी और अन्य साइबर अपराधों के मामले बढ़ रहे हैं ऐसे में महिलाओं को अपने मोबाइल बैंक खाते ओटीपी पासवर्ड और व्यक्तिगत जानकारी को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए किसी अनजान व्यक्ति के साथ संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए और संदिग्ध लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से बचना चाहिए।
मिशन शक्ति प्रभारी ने कहा कि यदि किसी महिला का शारीरिक या मानसिक शोषण हो रहा है उसके साथ छेड़छाड़ उत्पीड़न या किसी अन्य प्रकार की हिंसा की जा रही है तो वह चुप न रहे ऐसी स्थिति में परिजनों को जानकारी देने के साथ ही पुलिस से तत्काल मदद लेनी चाहिए ताकि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सके
पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा और सम्मान पुलिस की प्राथमिकता है किसी भी परेशानी में महिलाएं बिना झिझक पुलिस से संपर्क कर सकती हैं कार्यक्रम के दौरान मौजूद महिलाओं और बालिकाओं ने भी सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जानकारी ली।
    user_हरिओम बुधौलिया
    हरिओम बुधौलिया
    Astrologer कोंच, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • जलभराव में कागजी गोताखोर! कदौरा में मनरेगा का नंगा नाच—कागजों में 75 मजदूर, मौके पर एक भी नहीं! जलभराव में कागजी गोताखोर! कदौरा में मनरेगा का नंगा नाच—कागजों में 75 मजदूर, मौके पर एक भी नहीं! जियो टैग पर मजदूरों की जगह कर्बी और जानवर! आखिर किसके इशारे पर कई दिनों से सरकारी धन का खेल चल रहा है? वाह रे सिस्टम! वाह रे मनरेगा की निगरानी! कागजों में 75 मजदूर रोज फावड़ा चला रहे हैं, लेकिन जमीन पर पहुंचते ही मजदूर ऐसे गायब कि जैसे कभी थे ही नहीं! और तो और, जिस जगह सरकारी रिकॉर्ड में मजदूरों के पसीने से विकास होने का दावा किया जा रहा है, वहां मौके पर नाला पानी से लबालब और खेत में जानवरों के लिए कर्बी खड़ी दिखाई दे रही है। मामला है विकासखंड कदौरा की ग्राम पंचायत बरदौली का, जहां संतराम के खेत से स्वामीदीन के खेत तक नाला खुदाई कार्य मनरेगा के तहत बताया जा रहा है। कार्य का वर्क कोड 3138009010... और मस्टर रोल संख्या 1291 बताई गई है। आरोप है कि 9 सितंबर से लगातार करीब 75 मजदूरों की NMMS हाजिरी दर्ज की जा रही है। सवाल यह है कि आखिर ये 75 मजदूर हैं कहां? 13 सितंबर को मौके पर पहुंचे तो एक भी मजदूर दिखाई नहीं दिया। नाला पानी से भरा हुआ है। मौके पर मजदूरों की जगह दिखाई दे रही है तो सिर्फ जानवरों के लिए खड़ी कर्बी! वाह रे जियो टैग! कैमरे में कुछ और, जमीन पर कुछ और! अब जरा मनरेगा की डिजिटल व्यवस्था पर भी सवाल उठाइए। अगर 75 मजदूर प्रतिदिन काम कर रहे हैं तो उनकी जियो टैग फोटो कहां है? फोटो में कितने मजदूर दिखाई दे रहे हैं? क्या फोटो उसी स्थान की है जहां वास्तव में काम होना है? क्या NMMS की हाजिरी लगाने से पहले जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं या मोबाइल से ही सरकारी खजाने का हिसाब-किताब चल रहा है? कैमरा अगर मजदूरों की मौजूदगी नहीं दिखा रहा और मौके पर भी मजदूर नहीं मिल रहे, तो फिर कागजों में 75 मजदूरों का पसीना आखिर किसके भरोसे बह रहा है? गरीबों के नाम पर सरकारी धन का खेल? मनरेगा गरीब परिवारों को रोजगार देने की योजना है। गरीब मजदूरों के हाथ में काम और मजदूरी पहुंचनी चाहिए, लेकिन अगर आरोप सही साबित होते हैं और कागजों में मजदूर दिखाकर भुगतान कराया जा रहा है तो यह गरीबों के हक के साथ खिलवाड़ और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला होगा। सवाल बड़ा है—क्या बिना मौके पर मजदूरों की मौजूदगी के मस्टर रोल सत्यापित हो सकता है? रोजगार सेवक क्या कर रहे थे? ग्राम पंचायत सचिव ने क्या सत्यापन किया? तकनीकी सहायक ने कार्यस्थल देखा या नहीं? कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा ने क्या जांच की? BDO कदौरा की निगरानी कहां थी? और जिला स्तर पर CDO जालौन तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा की मॉनिटरिंग व्यवस्था आखिर किस काम की है? अब जांच हुई तो खुल सकता है पूरा खेल! अब जरूरत है कि मस्टर रोल संख्या 1291, NMMS की प्रत्येक दिन की हाजिरी, जियो टैग फोटो, मजदूरों के नाम, भुगतान विवरण और मौके पर कराए गए कार्य का तत्काल मिलान कराया जाए। अगर रिकॉर्ड में 75 मजदूर हैं तो जांच के दौरान उन मजदूरों से भी पूछा जाए कि उन्होंने किस दिन, किस समय और किस स्थान पर काम किया। अगर मजदूर वास्तव में काम कर रहे थे तो 13 सितंबर को मौके पर एक भी मजदूर क्यों नहीं मिला? और अगर काम नहीं हो रहा था तो फिर हाजिरी कैसे लगी? वाह रे इंसान! आखिर इतनी हिम्मत आपको कौन दे रहा है? कई दिनों से अगर कागजों पर मजदूर दिखाकर सरकारी धन निकालने का खेल चल रहा है तो यह सिर्फ फाइलों का मामला नहीं है। यह उस गरीब मजदूर के अधिकार का सवाल है जिसके नाम पर मनरेगा बनाई गई है। याद रखिए—अगर जांच में सरकारी धन की अनियमित निकासी या फर्जी हाजिरी साबित हुई तो जिम्मेदार लोगों से रिकवरी भी होनी चाहिए और नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी। वायरल वीडियो ने खोली जमीनी हकीकत? मौके से सामने आए वायरल वीडियो और तस्वीरों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। वीडियो में मजदूरों की जगह कर्बी और जानवर दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस वायरल वीडियो को सिर्फ वीडियो मानकर छोड़ते हैं या फिर इसे जांच का आधार बनाकर मौके पर पहुंचते हैं। सरकार का पैसा जनता का पैसा है। गरीबों का हक कोई जेब में रखकर नहीं जा सकता। अब सवाल सिर्फ बरदौली का नहीं—सवाल यह है कि क्या कदौरा ब्लॉक की अन्य ग्राम पंचायतों में भी NMMS हाजिरी और जमीनी हकीकत का मिलान कराया जाएगा? फैसला अब जांच करेगी—कागजों में 75 मजदूर थे या सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड में? नोट: यह रिपोर्ट मौके से प्राप्त जानकारी, उपलब्ध रिकॉर्ड के दावों तथा वायरल वीडियो/तस्वीरों के आधार पर है। लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। संबंधित जिम्मेदारों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। #Jalaun #Kadoura #Bardouli #Manrega #NREGA #NMMS #JalaunNews #BreakingNews #DMJalaun #CDOJalaun #BDOKadoura #POManrega #JalaunVikas #DRDAJalaun #DistrictMagistrate #ChiefDevelopmentOfficer #मनरेगा #कदौरा #बरदौली #जालौन #मनरेगा_घोटाला #वायरल_वीडियो #ग्राउंड_रिपोर्ट #सरकारी_योजना
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    जलभराव में कागजी गोताखोर! कदौरा में मनरेगा का नंगा नाच—कागजों में 75 मजदूर, मौके पर एक भी नहीं!
जलभराव में कागजी गोताखोर! कदौरा में मनरेगा का नंगा नाच—कागजों में 75 मजदूर, मौके पर एक भी नहीं!
जियो टैग पर मजदूरों की जगह कर्बी और जानवर! 
आखिर किसके इशारे पर कई दिनों से सरकारी धन का खेल चल रहा है?
वाह रे सिस्टम! 
वाह रे मनरेगा की निगरानी! 
कागजों में 75 मजदूर रोज फावड़ा चला रहे हैं, लेकिन जमीन पर पहुंचते ही मजदूर ऐसे गायब कि जैसे कभी थे ही नहीं!
और तो और, जिस जगह सरकारी रिकॉर्ड में मजदूरों के पसीने से विकास होने का दावा किया जा रहा है, वहां मौके पर नाला पानी से लबालब और खेत में जानवरों के लिए कर्बी खड़ी दिखाई दे रही है।
मामला है विकासखंड कदौरा की ग्राम पंचायत बरदौली का, जहां संतराम के खेत से स्वामीदीन के खेत तक नाला खुदाई कार्य मनरेगा के तहत बताया जा रहा है।
कार्य का वर्क कोड 3138009010... और मस्टर रोल संख्या 1291 बताई गई है।
आरोप है कि 9 सितंबर से लगातार करीब 75 मजदूरों की NMMS हाजिरी दर्ज की जा रही है। सवाल यह है कि आखिर ये 75 मजदूर हैं कहां?
13 सितंबर को मौके पर पहुंचे तो एक भी मजदूर दिखाई नहीं दिया।
नाला पानी से भरा हुआ है। मौके पर मजदूरों की जगह दिखाई दे रही है तो सिर्फ जानवरों के लिए खड़ी कर्बी!
वाह रे जियो टैग! कैमरे में कुछ और, जमीन पर कुछ और!
अब जरा मनरेगा की डिजिटल व्यवस्था पर भी सवाल उठाइए।
अगर 75 मजदूर प्रतिदिन काम कर रहे हैं तो उनकी जियो टैग फोटो कहां है? 
फोटो में कितने मजदूर दिखाई दे रहे हैं? 
क्या फोटो उसी स्थान की है जहां वास्तव में काम होना है?
क्या NMMS की हाजिरी लगाने से पहले जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं या मोबाइल से ही सरकारी खजाने का हिसाब-किताब चल रहा है?
कैमरा अगर मजदूरों की मौजूदगी नहीं दिखा रहा और मौके पर भी मजदूर नहीं मिल रहे, तो फिर कागजों में 75 मजदूरों का पसीना आखिर किसके भरोसे बह रहा है?
गरीबों के नाम पर सरकारी धन का खेल?
मनरेगा गरीब परिवारों को रोजगार देने की योजना है। 
गरीब मजदूरों के हाथ में काम और मजदूरी पहुंचनी चाहिए, लेकिन अगर आरोप सही साबित होते हैं और कागजों में मजदूर दिखाकर भुगतान कराया जा रहा है तो यह गरीबों के हक के साथ खिलवाड़ और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला होगा।
सवाल बड़ा है—क्या बिना मौके पर मजदूरों की मौजूदगी के मस्टर रोल सत्यापित हो सकता है?
रोजगार सेवक क्या कर रहे थे?
ग्राम पंचायत सचिव ने क्या सत्यापन किया?
तकनीकी सहायक ने कार्यस्थल देखा या नहीं?
कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा ने क्या जांच की?
BDO कदौरा की निगरानी कहां थी?
और जिला स्तर पर CDO जालौन तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा की मॉनिटरिंग व्यवस्था आखिर किस काम की है?
अब जांच हुई तो खुल सकता है पूरा खेल!
अब जरूरत है कि मस्टर रोल संख्या 1291, NMMS की प्रत्येक दिन की हाजिरी, जियो टैग फोटो, मजदूरों के नाम, भुगतान विवरण और मौके पर कराए गए कार्य का तत्काल मिलान कराया जाए।
अगर रिकॉर्ड में 75 मजदूर हैं तो जांच के दौरान उन मजदूरों से भी पूछा जाए कि उन्होंने किस दिन, किस समय और किस स्थान पर काम किया।
अगर मजदूर वास्तव में काम कर रहे थे तो 13 सितंबर को मौके पर एक भी मजदूर क्यों नहीं मिला?
और अगर काम नहीं हो रहा था तो फिर हाजिरी कैसे लगी?
वाह रे इंसान! आखिर इतनी हिम्मत आपको कौन दे रहा है?
कई दिनों से अगर कागजों पर मजदूर दिखाकर सरकारी धन निकालने का खेल चल रहा है तो यह सिर्फ फाइलों का मामला नहीं है। यह उस गरीब मजदूर के अधिकार का सवाल है जिसके नाम पर मनरेगा बनाई गई है।
याद रखिए—अगर जांच में सरकारी धन की अनियमित निकासी या फर्जी हाजिरी साबित हुई तो जिम्मेदार लोगों से रिकवरी भी होनी चाहिए और नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी।
वायरल वीडियो ने खोली जमीनी हकीकत?
मौके से सामने आए वायरल वीडियो और तस्वीरों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। 
वीडियो में मजदूरों की जगह कर्बी और जानवर दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस वायरल वीडियो को सिर्फ वीडियो मानकर छोड़ते हैं या फिर इसे जांच का आधार बनाकर मौके पर पहुंचते हैं।
सरकार का पैसा जनता का पैसा है। 
गरीबों का हक कोई जेब में रखकर नहीं जा सकता।
अब सवाल सिर्फ बरदौली का नहीं—सवाल यह है कि क्या कदौरा ब्लॉक की अन्य ग्राम पंचायतों में भी NMMS हाजिरी और जमीनी हकीकत का मिलान कराया जाएगा?
फैसला अब जांच करेगी—कागजों में 75 मजदूर थे या सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड में?
नोट: यह रिपोर्ट मौके से प्राप्त जानकारी, उपलब्ध रिकॉर्ड के दावों तथा वायरल वीडियो/तस्वीरों के आधार पर है। लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। संबंधित जिम्मेदारों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
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    user_RC Rajpoot पत्रकार
    RC Rajpoot पत्रकार
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • माता-पिता की मृत्यु के बाद बेसहारा हुए तीन बच्चे, सरकारी सहायता के लिए भटक रहा परिवार!! जालौन। जनपद जालौन के ग्राम कुदरा कुदारी में माता-पिता की मृत्यु के बाद तीन बच्चे जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बच्चों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी मुश्किल हो रहा है। आर्थिक तंगी के चलते उनका जीवन बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। बताया जा रहा है कि बच्चों की सरकारी सहायता के लिए मार्च माह में सभी आवश्यक फॉर्म भरकर संबंधित विभाग में जमा कर दिए गए थे, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार की ओर से अनाथ एवं निराश्रित बच्चों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक सहायता और बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद कुदरा कुदारी के ये तीन बच्चे आज भी सरकारी मदद की आस लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर बच्चों की पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि उन्हें भोजन, शिक्षा और जीवनयापन के लिए आवश्यक सहायता मिल सके।
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    माता-पिता की मृत्यु के बाद बेसहारा हुए तीन बच्चे, सरकारी सहायता के लिए भटक रहा परिवार!!
जालौन। जनपद जालौन के ग्राम कुदरा कुदारी में माता-पिता की मृत्यु के बाद तीन बच्चे जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बच्चों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी मुश्किल हो रहा है। आर्थिक तंगी के चलते उनका जीवन बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। बताया जा रहा है कि बच्चों की सरकारी सहायता के लिए मार्च माह में सभी आवश्यक फॉर्म भरकर संबंधित विभाग में जमा कर दिए गए थे, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार की ओर से अनाथ एवं निराश्रित बच्चों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक सहायता और बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद कुदरा कुदारी के ये तीन बच्चे आज भी सरकारी मदद की आस लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर बच्चों की पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि उन्हें भोजन, शिक्षा और जीवनयापन के लिए आवश्यक सहायता मिल सके।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मां-बाप के साये के साथ रोजी-रोटी का सहारा भी छिना: कुदरा कुदारी में 3 अनाथ बच्चों का घुट रहा दम मार्च में जमा हुए थे सरकारी मदद के दस्तावेज; 6 महीने बीतने के बाद भी नहीं पसीजा प्रशासनिक अमला उरई/जालौन। जिले के ग्राम कुदरा कुदारी में माता-पिता की असामयिक मौत के बाद तीन मासूम बच्चे बेसहारा होकर दाने-दाने को तरस रहे हैं। सिर से मां-बाप का साया उठने के बाद अब इन नौनिहालों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी पहाड़ जैसा साबित हो रहा है। विडंबना यह है कि मार्च माह में ही सरकारी सहायता के लिए सभी जरूरी फॉर्म भरकर जमा कराए जा चुके थे, लेकिन आधे साल से अधिक का वक्त बीत जाने के बाद भी फाइलें प्रशासनिक दराजों में धूल फांक रही हैं।नअनाथ और निराश्रित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने व उन्हें आर्थिक संबल देने के लिए सरकार ढेरों कल्याणकारी योजनाएं चलाने का दावा करती है। लेकिन कुदरा कुदारी के इन तीन मासूमों की बदहाली इन तमाम दावों की पोल खोल रही है। 6 महीने पहले सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद विभागीय अफसरों की हीलाहवाली के चलते बच्चों तक मदद की एक पाई भी नहीं पहुंच सकी है। मासूमों की ऐसी बेबसी देख अब गांव के लोग भी आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व संबंधित विभाग से गुहार लगाई है कि मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि कागजी अड़चनों को दूर कर बच्चों को योजना के तहत मासिक आर्थिक सहायता, निशुल्क शिक्षा और राशन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे भूख की टीस और आर्थिक तंगी के बीच अपनी जिंदगी की जंग जीत सकें।
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    मां-बाप के साये के साथ रोजी-रोटी का सहारा भी छिना: कुदरा कुदारी में 3 अनाथ बच्चों का घुट रहा दम
मार्च में जमा हुए थे सरकारी मदद के दस्तावेज; 6 महीने बीतने के बाद भी नहीं पसीजा प्रशासनिक अमला
उरई/जालौन। जिले के ग्राम कुदरा कुदारी में माता-पिता की असामयिक मौत के बाद तीन मासूम बच्चे बेसहारा होकर दाने-दाने को तरस रहे हैं। सिर से मां-बाप का साया उठने के बाद अब इन नौनिहालों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी पहाड़ जैसा साबित हो रहा है। विडंबना यह है कि मार्च माह में ही सरकारी सहायता के लिए सभी जरूरी फॉर्म भरकर जमा कराए जा चुके थे, लेकिन आधे साल से अधिक का वक्त बीत जाने के बाद भी फाइलें प्रशासनिक दराजों में धूल फांक रही हैं।नअनाथ और निराश्रित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने व उन्हें आर्थिक संबल देने के लिए सरकार ढेरों कल्याणकारी योजनाएं चलाने का दावा करती है। लेकिन कुदरा कुदारी के इन तीन मासूमों की बदहाली इन तमाम दावों की पोल खोल रही है। 6 महीने पहले सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद विभागीय अफसरों की हीलाहवाली के चलते बच्चों तक मदद की एक पाई भी नहीं पहुंच सकी है।
मासूमों की ऐसी बेबसी देख अब गांव के लोग भी आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व संबंधित विभाग से गुहार लगाई है कि मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि कागजी अड़चनों को दूर कर बच्चों को योजना के तहत मासिक आर्थिक सहायता, निशुल्क शिक्षा और राशन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे भूख की टीस और आर्थिक तंगी के बीच अपनी जिंदगी की जंग जीत सकें।
    user_Ravindra Gautam
    Ravindra Gautam
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
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