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नालंदा में हाल की घटनाओं के बाद राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। क्षेत्र में जमुई सांसद अरुण भारती के दौरे के बीच, कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अब तक नालंदा क्यों नहीं पहुंचे हैं। इसी बीच, भीम आर्मी और अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने न्याय की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। आगामी चुनावों से पहले इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और जनचर्चा तेज हो गई है, जिसमें अलग-अलग दल और संगठन अपनी-अपनी राय सामने रख रहे हैं। मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई अपनी प्रक्रिया के अनुसार जारी है, जबकि क्षेत्र में चिराग पासवान की अनुपस्थिति पर सवाल उठना और न्याय की मांग जारी रहना राजनीतिक चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है।
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नालंदा में हाल की घटनाओं के बाद राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। क्षेत्र में जमुई सांसद अरुण भारती के दौरे के बीच, कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अब तक नालंदा क्यों नहीं पहुंचे हैं। इसी बीच, भीम आर्मी और अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने न्याय की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। आगामी चुनावों से पहले इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और जनचर्चा तेज हो गई है, जिसमें अलग-अलग दल और संगठन अपनी-अपनी राय सामने रख रहे हैं। मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई अपनी प्रक्रिया के अनुसार जारी है, जबकि क्षेत्र में चिराग पासवान की अनुपस्थिति पर सवाल उठना और न्याय की मांग जारी रहना राजनीतिक चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है।
More news from Nalanda and nearby areas
- एक भक्त ने परमपिता महादेव के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा और पूर्ण समर्पण का भाव व्यक्त किया है। भक्त ने हृदय से स्वीकार किया है कि इस संसार में जो कुछ भी है, वह सब महादेव का ही है और उसका अपना कुछ भी नहीं है, जो उसकी गहरी आस्था और विनम्रता को दर्शाता है।1
- नालंदा में हाल की घटनाओं के बाद राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। क्षेत्र में जमुई सांसद अरुण भारती के दौरे के बीच, कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अब तक नालंदा क्यों नहीं पहुंचे हैं। इसी बीच, भीम आर्मी और अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने न्याय की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। आगामी चुनावों से पहले इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और जनचर्चा तेज हो गई है, जिसमें अलग-अलग दल और संगठन अपनी-अपनी राय सामने रख रहे हैं। मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई अपनी प्रक्रिया के अनुसार जारी है, जबकि क्षेत्र में चिराग पासवान की अनुपस्थिति पर सवाल उठना और न्याय की मांग जारी रहना राजनीतिक चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है।1
- श्री श्री 108❤ ऊं नमः शिवाय ❤ हर हर महादेव जी हर हर ❤ सबका जीवन मंगलमय हो सबके जीवन में खुशियों कि बरसात हो ♥️ जय बाबा शिव गुरु विडियो न0-546🚩⛲🌅🪷❤👋1
- नालंदा के हिलसा प्रखंड स्थित रेड़ी पंचायत के ग्राम मजीदपुर की निवासी बबीता देवी ने आवास योजना से संबंधित अपनी शिकायत की जांच रिपोर्ट पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने सहयोग पोर्टल पर दर्ज शिकायत के निस्तारण को लेकर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। बबीता देवी का आरोप है कि आवास सहायक द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट पूरी तरह असत्य और भ्रामक है। उनका दावा है कि किसी भी आवास पर्यवेक्षक या संबंधित अधिकारी ने उनके घर पर भौतिक जांच नहीं की, इसके बावजूद रिपोर्ट में जांच पूरी होने का उल्लेख किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि आवास प्लस 2.0 सर्वर में समस्या होने का जो कारण बताया गया है, वह वास्तविकता से मेल नहीं खाता। शिकायतकर्ता के अनुसार, गांव के दो अन्य व्यक्तियों की तस्वीरें और जांच रिपोर्ट भी बिना किसी वास्तविक पड़ताल के तैयार की गई थीं, जहां वार्ड सदस्य ने केवल तस्वीरें उपलब्ध कराईं और उन्हीं के आधार पर रिपोर्ट बना दी गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि प्रखंड स्तर पर मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई और वास्तविक तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि मूल शिकायत के तथ्यों की उचित जांच किए बिना ही मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का हवाला देकर शिकायत का निस्तारण करने की कोशिश की गई। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, बबीता देवी ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने, और यदि जांच में संबंधित पदाधिकारी या कर्मियों की लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आती है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की जोरदार मांग की है। समाचार के अनुसार, ये आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं, और संबंधित अधिकारियों का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- एक कार्यक्रम में डॉ. अरविंद कुमार शाही ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस आयोजन के दौरान, विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।1
- सामाजिक कार्यकर्ता अमर आजाद पासवान ने दलित नेताओं के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दलित नेताओं को 'सोचना चाहिए था'।1
- प्रस्तुत संदेश में यह भक्तिपूर्ण मान्यता व्यक्त की गई है कि जिस किसी ने भी भगवान शिव शंकर की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की है, उसका निश्चित रूप से उद्धार हुआ है। यह दृढ़ विश्वास जताया गया है कि शिव की आराधना से भक्तों को परम कल्याण और मुक्ति की प्राप्ति होती है।1
- नालंदा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए परवलपुर थाना क्षेत्र के मऊआ और कटहरी बीधा गांव के बीच स्थित एक खंधा में संचालित अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से देशी कट्टा बनाने में प्रयुक्त अर्द्धनिर्मित हथियार, बैरल, ट्रिगर, बॉडी, बट, लोहे के सांचे सहित अन्य उपकरण और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनका आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। परवलपुर थाना में कांड संख्या 109/26 दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- बरबीघा नगर क्षेत्र में शनिवार को मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक ताजिया जुलूस पूरी श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया, जबकि विभिन्न अखाड़ों ने निर्धारित मार्गों से पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन करते हुए ताजिया का भ्रमण कराया। पूरे नगर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा और लोगों ने जगह-जगह जुलूस का गर्मजोशी से स्वागत किया। मोहर्रम जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। बरबीघा थाना पुलिस के अधिकारी और पुलिस बल पूरे समय जुलूस के साथ तैनात रहे, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार कड़ी नजर रखी। इसके साथ ही, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहकर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण करते रहे। प्रशासन की इस सतर्कता और स्थानीय लोगों के पूर्ण सहयोग के कारण पूरे आयोजन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली। ताजिया जुलूस का समापन शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि को लगभग 1 बजे शांतिपूर्ण वातावरण में हुआ। इस सफल आयोजन पर प्रशासन ने सभी नागरिकों, आयोजन समितियों और स्वयंसेवकों के सहयोग की भरपूर सराहना की। प्रशासन ने विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि आपसी सौहार्द और भाईचारे की मजबूत भावना के कारण ही मोहर्रम का यह पवित्र पर्व पूरी शांति और गरिमा के साथ संपन्न हो पाया।1