त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में अष्टमी पर उमड़ा जनसैलाब, भक्ति से गूंजा परिसर तलवाड़ा क्षेत्र के त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर श्रद्धा का विशाल संगम देखने को मिला। मंदिर को आकर्षक सजावट से सजाया गया। अध्यक्ष धुलजी भाई के नेतृत्व में आयोजन सुव्यवस्थित रहा। महामंत्री नटवर लाल पंचाल लिखी बड़ी के अनुसार प्रातः 4 बजे द्वार खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और 5 बजे मंगला आरती में जयघोष गूंज उठा। प्रवक्ता नटवर सुंदनी ने बताया कि 10 बजे हवन हेतु बोलियां लगीं। मुख्य जजमान दीपेश एवं अंबालाल पंचाल पालोदा रहे। लीलाराम, भरत, लक्ष्मण, कैलाश, मणिलाल, कचरू लाल, प्रकाश, पवन, सुरेंद्र सहित कई श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 11 बजे मां त्रिपुरा की शोभायात्रा निकाली गई। आचार्य पंडित निकुंज मोहन पंड्या के सान्निध्य में हवन सम्पन्न हुआ। ट्रस्ट द्वारा दर्शन, सुरक्षा व महाप्रसादी की बेहतर व्यवस्था रही। मईयोड, सागवाड़ा, खमेरा व राजेश रेयाना सहित समाजजनों ने व्यवस्थाएं संभाली। इस दौरान गंगाराम, कांतिलाल, राजेंद्र प्रसाद, कारीलाल, दिनेश, अशोक, अंबालाल, लक्ष्मण, सुरेंद्र, प्रकाश, गिरीश, भगवती मुंगेड, नारायण बड़ोदिया, प्रेमचंद, प्रकाश, प्रवीण, धर्मेंद्र, डॉ. सुंदरलाल, घनश्याम, पंकज, विजेंद्र, भरत, माधव, जागेश, लोकेश, बंसी सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। चौखरों के अध्यक्ष नरेंद्र लोहारिया, सूरजमल परतापुर, सुरेंद्र बांसवाड़ा, अंकित बोरी, देवीलाल पथोक, कचरू खमेरा, प्रदीप मईयोड, देवीलाल सागवाड़ा, चिरंजीत डूंगरपुर, देवीलाल बेताली, कारीलाल, धनपाल, कन्हैयालाल, धनजी सहित कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी संजय पंचाल छोटा डूंगरा ने बताया कि आयोजन भक्ति, अनुशासन और भव्यता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में अष्टमी पर उमड़ा जनसैलाब, भक्ति से गूंजा परिसर तलवाड़ा क्षेत्र के त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर श्रद्धा का विशाल संगम देखने को मिला। मंदिर को आकर्षक सजावट से सजाया गया। अध्यक्ष धुलजी भाई के नेतृत्व में आयोजन सुव्यवस्थित रहा। महामंत्री नटवर लाल पंचाल लिखी बड़ी के अनुसार प्रातः 4 बजे द्वार खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और 5 बजे मंगला आरती में जयघोष गूंज उठा। प्रवक्ता नटवर सुंदनी ने बताया कि 10 बजे हवन हेतु बोलियां लगीं। मुख्य जजमान दीपेश एवं अंबालाल पंचाल पालोदा रहे। लीलाराम, भरत, लक्ष्मण, कैलाश, मणिलाल, कचरू लाल, प्रकाश, पवन, सुरेंद्र सहित कई श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 11 बजे मां त्रिपुरा की शोभायात्रा निकाली गई। आचार्य पंडित निकुंज मोहन पंड्या के सान्निध्य में हवन सम्पन्न हुआ। ट्रस्ट द्वारा दर्शन, सुरक्षा व महाप्रसादी की बेहतर व्यवस्था रही। मईयोड, सागवाड़ा, खमेरा व राजेश रेयाना सहित समाजजनों ने व्यवस्थाएं संभाली। इस दौरान गंगाराम, कांतिलाल, राजेंद्र प्रसाद, कारीलाल, दिनेश, अशोक, अंबालाल, लक्ष्मण, सुरेंद्र, प्रकाश, गिरीश, भगवती मुंगेड, नारायण बड़ोदिया, प्रेमचंद, प्रकाश, प्रवीण, धर्मेंद्र, डॉ. सुंदरलाल, घनश्याम, पंकज, विजेंद्र, भरत, माधव, जागेश, लोकेश, बंसी सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। चौखरों के अध्यक्ष नरेंद्र लोहारिया, सूरजमल परतापुर, सुरेंद्र बांसवाड़ा, अंकित बोरी, देवीलाल पथोक, कचरू खमेरा, प्रदीप मईयोड, देवीलाल सागवाड़ा, चिरंजीत डूंगरपुर, देवीलाल बेताली, कारीलाल, धनपाल, कन्हैयालाल, धनजी सहित कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी संजय पंचाल छोटा डूंगरा ने बताया कि आयोजन भक्ति, अनुशासन और भव्यता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।
- छींच गांव के किसानों ने विभिन्न समस्याओं को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। किसानों का आरोप है कि ब्रह्मा मंदिर विकास के लिए मिले बजट का पूरा उपयोग नहीं हो पाया, जिससे विकास कार्य अधूरे रह गए हैं। इसके साथ ही छींच-लक्ष्मीपुरा मार्ग का सड़क निर्माण कार्य पिछले एक साल से अधर में लटका हुआ है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने गांव में गेहूं खरीद केंद्र नहीं खोले जाने और गेहूं की तुलाई नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। किसान मानेंग डांगी और किसान नेता अर्जुन सिंह मसाणी ने कहा कि किसानों की समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे आम आदमी भी परेशान है। उन्होंने जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।1
- Post by Alpesh Bhuriya2
- Post by Bapulal Ahari1
- हमारे बाजाना क्षेत्र से बहुत गंदी बड़ा हो रहा है कोई इसके ध्यान नहीं दे रहा है एसएससी मंत्री उपसरपंच क कोई कर्मचारी को इस माध्यम से गौ माता यह आवश्यकता खसरा का जाती है इस माध्यम से इसकी मौत हो जाती है कचरा खाने के बाद गौ माता पनीर भी खा जाती है इसकी मौत हो जाती है इसकी वजह से कोई कर्मचारी बड़े-बड़े बातें करते हैं गौ माता की रक्षा कोई भी नहीं कर सकते दिमाग तो बहुत लगाते हैं काम नहीं करते इस माध्यम से जल्दी से जल्दी उसका खसरा हटाए1
- भीलूड़ा में रामनवमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, रघुनाथ मंदिर में भव्य आयोजन डूंगरपुर जिले के भीलूड़ा गांव में रामनवमी का पर्व इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। वागड़ अयोध्या के नाम से प्रसिद्ध इस गांव के प्राचीन रघुनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। रामनवमी के पावन अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। जैसे ही भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का समय आया, पूरा मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। प्रभु श्री रघुनाथ जी की प्रतिमा का आकर्षक श्रृंगार किया गया, वहीं मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया था। दोपहर में महाआरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। इस दौरान डूंगरपुर, बांसवाड़ा सहित पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर समिति और ग्रामवासियों के सहयोग से पूरे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।1
- Post by एकता समाचार1
- परिवहन विभाग कर रहा हे वाहनों की संघन जाँच 300 के करीब वाहनों को किया जब्त1
- तलवाड़ा क्षेत्र के त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर श्रद्धा का विशाल संगम देखने को मिला। मंदिर को आकर्षक सजावट से सजाया गया। अध्यक्ष धुलजी भाई के नेतृत्व में आयोजन सुव्यवस्थित रहा। महामंत्री नटवर लाल पंचाल लिखी बड़ी के अनुसार प्रातः 4 बजे द्वार खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और 5 बजे मंगला आरती में जयघोष गूंज उठा। प्रवक्ता नटवर सुंदनी ने बताया कि 10 बजे हवन हेतु बोलियां लगीं। मुख्य जजमान दीपेश एवं अंबालाल पंचाल पालोदा रहे। लीलाराम, भरत, लक्ष्मण, कैलाश, मणिलाल, कचरू लाल, प्रकाश, पवन, सुरेंद्र सहित कई श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 11 बजे मां त्रिपुरा की शोभायात्रा निकाली गई। आचार्य पंडित निकुंज मोहन पंड्या के सान्निध्य में हवन सम्पन्न हुआ। ट्रस्ट द्वारा दर्शन, सुरक्षा व महाप्रसादी की बेहतर व्यवस्था रही। मईयोड, सागवाड़ा, खमेरा व राजेश रेयाना सहित समाजजनों ने व्यवस्थाएं संभाली। इस दौरान गंगाराम, कांतिलाल, राजेंद्र प्रसाद, कारीलाल, दिनेश, अशोक, अंबालाल, लक्ष्मण, सुरेंद्र, प्रकाश, गिरीश, भगवती मुंगेड, नारायण बड़ोदिया, प्रेमचंद, प्रकाश, प्रवीण, धर्मेंद्र, डॉ. सुंदरलाल, घनश्याम, पंकज, विजेंद्र, भरत, माधव, जागेश, लोकेश, बंसी सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। चौखरों के अध्यक्ष नरेंद्र लोहारिया, सूरजमल परतापुर, सुरेंद्र बांसवाड़ा, अंकित बोरी, देवीलाल पथोक, कचरू खमेरा, प्रदीप मईयोड, देवीलाल सागवाड़ा, चिरंजीत डूंगरपुर, देवीलाल बेताली, कारीलाल, धनपाल, कन्हैयालाल, धनजी सहित कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी संजय पंचाल छोटा डूंगरा ने बताया कि आयोजन भक्ति, अनुशासन और भव्यता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।1