*बाढ़ में बीमारी का कहर,स्वास्थ्य व्यवस्था बेबस: इलाज के लिए घुटनों तक पानी में उतरने को मजबूर ग्रामीण* *बाढ़ में बीमारी का कहर,स्वास्थ्य व्यवस्था बेबस: इलाज के लिए घुटनों तक पानी में उतरने को मजबूर ग्रामीण* गुलरिया भावन में रामगंगा के पानी ने बढ़ाई मुसीबत,कई पक्के मकानों में आईं दरारें; ग्रामीण बोले-न शिविर लगा,न पहुंची स्वास्थ्य टीम संवाददाता रामू राजपूत *अमृतपुर/फर्रुखाबाद* रामगंगा का उफनता पानी गुलरिया भावन के ग्रामीणों के लिए दोहरी आफत बन गया है। एक तरफ बाढ़ का पानी घरों में घुसा है तो दूसरी तरफ बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ के इस विकट दौर में गांव में अब तक स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया गया और न ही स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। ऐसे में बीमार बच्चों और अन्य मरीजों को इलाज के लिए घुटनों तक भरे बाढ़ के पानी से होकर निजी चिकित्सकों तक पहुंचने की मजबूरी बनी हुई है। ग्राम पंचायत भावन के मजरा गुलरिया भावन में रामगंगा का पानी लगातार ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। घरों में पानी भरने से पहले ही सुरक्षित रहने और भोजन का संकट है। अब बीमारी की स्थिति में सरकारी स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। *बीमार बच्चों को पानी के बीच लेकर पहुंचे निजी चिकित्सक के पास* ग्रामीण शिवम ने बताया कि उनकी बेटी और भतीजी बीमारी से परेशान थीं। गांव में इलाज की सुविधा नहीं मिली तो उन्हें मजबूरी में बाढ़ के पानी से होकर निजी चिकित्सक के पास ले जाना पड़ा। उनका कहना है कि रास्ते में दो स्थानों पर काफी पानी भरा है। मरीजों को इस पानी से निकालना किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह रास्ता बेहद जोखिम भरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच जाए तो मरीजों को पानी पार कर बाहर जाने की परेशानी से राहत मिल सकती है। *बाढ़ ने घरों की दीवारें भी चटकाईं, परिवारों पर छत का संकट* रामगंगा का पानी सिर्फ ग्रामीणों की राह नहीं रोक रहा, बल्कि उनके आशियानों पर भी भारी पड़ रहा है। ग्रामीण पप्पू पुत्र रामसनेही के मुताबिक बाढ़ के पानी से उनका पक्का मकान चटक गया है। मकान में आई दरारों के कारण उसमें रहना खतरे से खाली नहीं है, लेकिन दूसरा सुरक्षित आशियाना नहीं होने के कारण परिवार उसी में रहने को मजबूर है। ग्रामीण सुदामा ने बताया कि बाढ़ के कारण बच्चों की परवरिश तक मुश्किल हो गई है। घर सुरक्षित नहीं बचा तो नया मकान बनवाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती होगा। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ ने घर और रोजी-रोटी के साथ अब इलाज की राह भी मुश्किल कर दी है। *स्वास्थ्य शिविर और सुरक्षित ठिकाने की मांग* सुधीर पुत्र सर्वेश, अनूप कुमार पुत्र सर्वेश, पप्पू पुत्र रामसनेही, सर्वेश पुत्र रघ्घा, मेघनाथ पुत्र रामेश्वर, अशोक पुत्र मेघनाथ, विजेंद्र पुत्र मेघनाथ, अमित पुत्र मेघनाथ, सुखदेव पुत्र सर्वेश, जसकरन पुत्र सर्वेश और धर्मवीर पुत्र सोवर आदि समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में तत्काल स्वास्थ्य टीम भेजने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवाओं का वितरण कराने, बीमार लोगों की जांच कराने तथा बाढ़ से असुरक्षित हो चुके मकानों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है। *अमृतपुर एसडीएम बोलीं-जल्द लगेगा स्वास्थ्य कैंप* एसडीएम श्वेता साहू ने खबरों का दंगल को कहा कि जल्द स्वास्थ्य कैंप लगवाकर बाढ़ प्रभावित लोगों को दवाएं वितरित कराई जाएंगी। बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।
*बाढ़ में बीमारी का कहर,स्वास्थ्य व्यवस्था बेबस: इलाज के लिए घुटनों तक पानी में उतरने को मजबूर ग्रामीण* *बाढ़ में बीमारी का कहर,स्वास्थ्य व्यवस्था बेबस: इलाज के लिए घुटनों तक पानी में उतरने को मजबूर ग्रामीण* गुलरिया भावन में रामगंगा के पानी ने बढ़ाई मुसीबत,कई पक्के मकानों में आईं दरारें; ग्रामीण बोले-न शिविर लगा,न पहुंची स्वास्थ्य टीम संवाददाता रामू राजपूत *अमृतपुर/फर्रुखाबाद* रामगंगा का उफनता पानी गुलरिया भावन के ग्रामीणों के लिए दोहरी आफत बन गया है। एक तरफ बाढ़ का पानी घरों में घुसा है तो दूसरी तरफ बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ के इस विकट दौर में गांव में अब तक स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया गया और न ही स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। ऐसे में बीमार बच्चों और अन्य मरीजों को इलाज के लिए घुटनों तक भरे बाढ़ के पानी से होकर निजी चिकित्सकों तक पहुंचने
की मजबूरी बनी हुई है। ग्राम पंचायत भावन के मजरा गुलरिया भावन में रामगंगा का पानी लगातार ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। घरों में पानी भरने से पहले ही सुरक्षित रहने और भोजन का संकट है। अब बीमारी की स्थिति में सरकारी स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। *बीमार बच्चों को पानी के बीच लेकर पहुंचे निजी चिकित्सक के पास* ग्रामीण शिवम ने बताया कि उनकी बेटी और भतीजी बीमारी से परेशान थीं। गांव में इलाज की सुविधा नहीं मिली तो उन्हें मजबूरी में बाढ़ के पानी से होकर निजी चिकित्सक के पास ले जाना पड़ा। उनका कहना है कि रास्ते में दो स्थानों पर काफी पानी भरा है। मरीजों को इस पानी से निकालना किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह रास्ता बेहद जोखिम
भरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच जाए तो मरीजों को पानी पार कर बाहर जाने की परेशानी से राहत मिल सकती है। *बाढ़ ने घरों की दीवारें भी चटकाईं, परिवारों पर छत का संकट* रामगंगा का पानी सिर्फ ग्रामीणों की राह नहीं रोक रहा, बल्कि उनके आशियानों पर भी भारी पड़ रहा है। ग्रामीण पप्पू पुत्र रामसनेही के मुताबिक बाढ़ के पानी से उनका पक्का मकान चटक गया है। मकान में आई दरारों के कारण उसमें रहना खतरे से खाली नहीं है, लेकिन दूसरा सुरक्षित आशियाना नहीं होने के कारण परिवार उसी में रहने को मजबूर है। ग्रामीण सुदामा ने बताया कि बाढ़ के कारण बच्चों की परवरिश तक मुश्किल हो गई है। घर सुरक्षित नहीं बचा तो नया मकान बनवाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती होगा। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ ने घर और रोजी-रोटी के साथ
अब इलाज की राह भी मुश्किल कर दी है। *स्वास्थ्य शिविर और सुरक्षित ठिकाने की मांग* सुधीर पुत्र सर्वेश, अनूप कुमार पुत्र सर्वेश, पप्पू पुत्र रामसनेही, सर्वेश पुत्र रघ्घा, मेघनाथ पुत्र रामेश्वर, अशोक पुत्र मेघनाथ, विजेंद्र पुत्र मेघनाथ, अमित पुत्र मेघनाथ, सुखदेव पुत्र सर्वेश, जसकरन पुत्र सर्वेश और धर्मवीर पुत्र सोवर आदि समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में तत्काल स्वास्थ्य टीम भेजने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवाओं का वितरण कराने, बीमार लोगों की जांच कराने तथा बाढ़ से असुरक्षित हो चुके मकानों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है। *अमृतपुर एसडीएम बोलीं-जल्द लगेगा स्वास्थ्य कैंप* एसडीएम श्वेता साहू ने खबरों का दंगल को कहा कि जल्द स्वास्थ्य कैंप लगवाकर बाढ़ प्रभावित लोगों को दवाएं वितरित कराई जाएंगी। बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।
- *बाढ़ में बीमारी का कहर,स्वास्थ्य व्यवस्था बेबस: इलाज के लिए घुटनों तक पानी में उतरने को मजबूर ग्रामीण* *बाढ़ में बीमारी का कहर,स्वास्थ्य व्यवस्था बेबस: इलाज के लिए घुटनों तक पानी में उतरने को मजबूर ग्रामीण* गुलरिया भावन में रामगंगा के पानी ने बढ़ाई मुसीबत,कई पक्के मकानों में आईं दरारें; ग्रामीण बोले-न शिविर लगा,न पहुंची स्वास्थ्य टीम संवाददाता रामू राजपूत *अमृतपुर/फर्रुखाबाद* रामगंगा का उफनता पानी गुलरिया भावन के ग्रामीणों के लिए दोहरी आफत बन गया है। एक तरफ बाढ़ का पानी घरों में घुसा है तो दूसरी तरफ बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ के इस विकट दौर में गांव में अब तक स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया गया और न ही स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। ऐसे में बीमार बच्चों और अन्य मरीजों को इलाज के लिए घुटनों तक भरे बाढ़ के पानी से होकर निजी चिकित्सकों तक पहुंचने की मजबूरी बनी हुई है। ग्राम पंचायत भावन के मजरा गुलरिया भावन में रामगंगा का पानी लगातार ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। घरों में पानी भरने से पहले ही सुरक्षित रहने और भोजन का संकट है। अब बीमारी की स्थिति में सरकारी स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। *बीमार बच्चों को पानी के बीच लेकर पहुंचे निजी चिकित्सक के पास* ग्रामीण शिवम ने बताया कि उनकी बेटी और भतीजी बीमारी से परेशान थीं। गांव में इलाज की सुविधा नहीं मिली तो उन्हें मजबूरी में बाढ़ के पानी से होकर निजी चिकित्सक के पास ले जाना पड़ा। उनका कहना है कि रास्ते में दो स्थानों पर काफी पानी भरा है। मरीजों को इस पानी से निकालना किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह रास्ता बेहद जोखिम भरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच जाए तो मरीजों को पानी पार कर बाहर जाने की परेशानी से राहत मिल सकती है। *बाढ़ ने घरों की दीवारें भी चटकाईं, परिवारों पर छत का संकट* रामगंगा का पानी सिर्फ ग्रामीणों की राह नहीं रोक रहा, बल्कि उनके आशियानों पर भी भारी पड़ रहा है। ग्रामीण पप्पू पुत्र रामसनेही के मुताबिक बाढ़ के पानी से उनका पक्का मकान चटक गया है। मकान में आई दरारों के कारण उसमें रहना खतरे से खाली नहीं है, लेकिन दूसरा सुरक्षित आशियाना नहीं होने के कारण परिवार उसी में रहने को मजबूर है। ग्रामीण सुदामा ने बताया कि बाढ़ के कारण बच्चों की परवरिश तक मुश्किल हो गई है। घर सुरक्षित नहीं बचा तो नया मकान बनवाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती होगा। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ ने घर और रोजी-रोटी के साथ अब इलाज की राह भी मुश्किल कर दी है। *स्वास्थ्य शिविर और सुरक्षित ठिकाने की मांग* सुधीर पुत्र सर्वेश, अनूप कुमार पुत्र सर्वेश, पप्पू पुत्र रामसनेही, सर्वेश पुत्र रघ्घा, मेघनाथ पुत्र रामेश्वर, अशोक पुत्र मेघनाथ, विजेंद्र पुत्र मेघनाथ, अमित पुत्र मेघनाथ, सुखदेव पुत्र सर्वेश, जसकरन पुत्र सर्वेश और धर्मवीर पुत्र सोवर आदि समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में तत्काल स्वास्थ्य टीम भेजने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवाओं का वितरण कराने, बीमार लोगों की जांच कराने तथा बाढ़ से असुरक्षित हो चुके मकानों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है। *अमृतपुर एसडीएम बोलीं-जल्द लगेगा स्वास्थ्य कैंप* एसडीएम श्वेता साहू ने खबरों का दंगल को कहा कि जल्द स्वास्थ्य कैंप लगवाकर बाढ़ प्रभावित लोगों को दवाएं वितरित कराई जाएंगी। बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।4
- फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट राजेपुर में बारिश से बिजली ठप लोग परेशान1
- उत्तर प्रदेश जनपद फर्रुखाबाद से खबर हर छोटी बड़ी खबर आप तक : जनपद फर्रुखाबाद में नियमों के खिलाफ और बिना वैध मानकों के संचालित प्राइवेट नर्सिंग होम व अस्पतालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग और दमकल विभाग की संयुक्त टीम ने नगर के दो पअस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जारी रही, जिससे अवैध रूप से अस्पताल चलाने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में पैरामेडिकल स्टाफ कर रहा था इलाज जांच टीम ने सबसे पहले नेकपुर कलां स्थित एक अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, मेडिकल लाइसेंस और पैथोलॉजी वैध पाई गई, लेकिन मौके पर कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीज ओपीडी में लाइन लगाए खड़े थे और एक पैरामेडिकल स्टाफ लंबे समय से खुद मरीजों का इलाज कर रहा था। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए अधिकारियों ने कर्मचारी का कक्ष तुरंत बंद कराया और अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की संस्तुति की। बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था अनभी हॉस्पिटल, कराया गया सील इसके बाद प्रशासनिक टीम मसैनी चौराहा स्थित अनभी हॉस्पिटल पहुंची। निरीक्षण में पाया गया कि यह अस्पताल बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के जनवरी माह से संचालित किया जा रहा था। 10 बेड वाले इस अस्पताल में डॉक्टर के गायब होने के बावजूद 4-5 मरीज भर्ती मिले। कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर अधिकारियों ने मरीजों को उनकी इच्छानुसार अन्य अस्पतालों में सुरक्षित शिफ्ट कराया और अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही भर्ती मरीजों के रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए। स्वास्थ्य व्यवस्था से खिलवाड़ पर होगी सख्त कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम और स्वास्थ्य मानकों के उल्लंघन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस कार्रवाई के दौरान डिप्टी सीएमओ आर. सी. माथुर और दमकल विभाग से एफएसओ सहित कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अस्पताल या क्लिनिक को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- CITY NEWS : कायमगंज के कुआं खेड़ा गांव के किनारे तक आया बाढ़ का पानी, ग्रामीणों की बढ़ गई मुश्किलें1
- महिंद्रा के नाम पर नकली उत्पादों का कारोबार, DIU की छापमारी, 4 आरोपी गिरफ्तार, नकली माल का जखीरा बरामद नई दिल्ली में उत्तर-पूर्वी दिल्ली की डिस्ट्रिक्ट इन्वेस्टिगेशन यूनिट यानी DIU ने महिंद्रा एंड महिंद्रा के नाम और लोगो का दुरुपयोग कर नकली उत्पाद बनाने और बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर महिंद्रा के नाम से तैयार किए गए नकली पार्ट्स, उत्पाद और पैकेजिंग सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया। कार्रवाई के दौरान 4 आरोपीयों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बरामद नकली सामान को जब्त कर सील कर दिया है। आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- हरदोई की दो तहसीलों सवायजपुर व विलग्राम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को लेकर जिलाधिकारी अनुनय झा एवं पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने किया निरीक्षण। हरदोई की दो तहसीलों सवायजपुर तथा बिलग्राम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण गंगा और गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया है जिससे हरदोई के कुछ गांव प्रभावित हैं, जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया वहीं बाढ़ राहत शिविरों में उपलब्ध सुविधाओं की जांच पड़ताल कर आवश्यक निर्देश दिए, साथ ही किसाने की फसलों, घरों आदि की क्षति का आकलन कर तत्काल शासन द्वारा अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग को निर्देश दिए, वहीं राहत शिविर में आमजन और पशुओं को चिकित्सीय सहायता देने हेतु उपस्थित चिकित्सकों से आवश्यक जानकारी हांसिल की, जिलाधिकारी अनुनय झा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर प्रभावित आमजन को तत्काल आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये।4
- जनपद हरदोई समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव एवं, हरदोई नगर पालिका से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे रामज्ञान गुप्ता ने हरदोई सदर विधानसभा के मंगली पुरवा फाटक नियर मोहल्ला वैष्णो नगर व प्रेम नगर पहुंचकर मोहल्ला वासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और समस्या का समाधान करने व हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। सपा नेता रामज्ञान गुप्ता ने बताया हरदोई शहर का मोहल्ला वैष्णो नगर एवं प्रेम नगर के मोहल्ला वासियों को भीषण जल भराव कीचड़ गंदगी से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन मोहल्लो मे जनपद हरदोई समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव एवं, हरदोई नगर पालिका से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे रामज्ञान गुप्ता ने हरदोई सदर विधानसभा के मंगली पुरवा फाटक नियर मोहल्ला वैष्णो नगर व प्रेम नगर पहुंचकर मोहल्ला वासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और समस्या का समाधान करने व हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। सपा नेता रामज्ञान गुप्ता ने बताया हरदोई शहर का मोहल्ला वैष्णो नगर एवं प्रेम नगर के मोहल्ला वासियों को भीषण जल भराव कीचड़ गंदगी से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन मोहल्लो मे 07 से 08 गली हैं जहां पर 3 से 4 फीट गहरा जल भराव रहता है 2 महीने से ज्यादा होने जा रहा है लेकिन यहां के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन की नजर नहीं पड़ रही है जबकि हरदोई सदर विधायक के आवास से इन मोहल्लो की दूरी लगभग 3 किलोमीटर है और हरदोई नगर पालिका से जुड़े हुए मोहल्ले हैं कई गलियां नगर पालिका में आती है। रामज्ञान गुप्ता ने बताया सभी मोहल्ला वासियों को पानी कीचड़ से ही निकालना पड़ता है बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं बुजुर्ग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे इमरजेंसी में एंबुलेंस को पहुंचना बहुत मुश्किल है मोहल्ला वासी पलायन करने के लिए मजबूर है कुछ लोगों को तो मोहल्ले को छोड़कर बाहर पलायन करके किराए के मकान में रहना पड़ रहा है ताकि वह अपने बच्चों को पढ़ा सकें भाजपा सरकार की नीतियों से जनता परेशान हो चुकी है कहीं कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है भ्रष्टाचार चरम पर है भाजपा की तानाशाह सरकार से छात्र,नौजवान, किसान,व्यापारी परेशान है। रामज्ञान गुप्ता ने मोहल्ला वासियो को आश्वासन दिया कि सड़क व नाली की परेशानियों के विषय में उच्च अधिकारियों से बात करेंगे उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में विकास कार्य सिर्फ कागजों तक सीमित है धरातल पर जीरो है। उन्होंने मोहल्ला वासियों से समाजवादी पार्टी की सरकार और श्री अखिलेशक्ष यादव जी को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की। उन्होंने कहा महंगाई चरम पर है महंगाई से आम जनता त्रस्त हो चुकी है विधानसभा 2027 के चुनाव में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर की रास्ता दिखाएंगी भाजपा जाएगी तभी खुशहाली आएगी। इस मौके पर मुख्य रूप से समाजवादी व्यापार सभा के जिला महासचिव अवनीश यादव, जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव दीपू, श्याम गुप्ता, शुभम गुप्ता, रणधीर बहादुर, विकास शुक्ला, शिवकुमार गुप्ता सहित सैकड़ो मोहल्ला वासी मौजूद रहे।4
- CITY NEWS: 12 सितंबर को लगेगी लोक अदालत, चालान समेत कई मामलों के निस्तारण का मौका1