मुजफ्फरनगर-मेरठ रोड पर फैक्ट्री का जहरीला धुआं, सेहत और फसलों पर मंडराया संकट : लोहा गलाने वाली फैक्ट्री से लगातार निकल रहा प्रदूषण, राहगीरों को हो रही परेशानी, प्रशासन की अनदेखी से बढ़ रही समस्या मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर-मेरठ मुख्य मार्ग पर स्थित एक लोहा गलाने वाली फैक्ट्री से निकलने वाला जहरीला धुआं इलाके के लिए संकट बनता जा रहा है। इस प्रदूषण के कारण स्थानीय निवासियों में सांस और त्वचा संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, आसपास के खेतों में उगी फसलों पर भी इसके दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं। मार्ग से गुजरने वाले राहगीर भी इस धुएं से आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत कर रहे हैं। स्थानीय निवासी और किसानों का आरोप है कि यह फैक्ट्री पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना किसी प्रदूषण नियंत्रण उपकरण के लगातार संचालित हो रही है। फैक्ट्री से दिन-रात निकलने वाले काले और गाढ़े धुएं ने पूरे इलाके के वातावरण को दूषित कर दिया है। "पिछले कई महीनों से यह समस्या बनी हुई है। घरों में धुएं का काला जमाव दिखता है। बच्चे और बुजुर्ग लगातार खांसी और सांस की बीमारी से पीड़ित हैं," स्थानीय निवासी रमेश चंद्र ने बताया। किसान जाने आलम ने फसलों पर पड़ रहे प्रभाव की ओर इशारा करते हुए कहा, "धुएं में मौजूद जहरीले तत्व हवा के साथ उड़कर खेतों में जम रहे हैं। इससे गेहूं और सब्जियों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।" मुख्य सड़क पर होने के कारण इस प्रदूषण का सबसे अधिक असर यात्रियों और राहगीरों पर पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों को इस क्षेत्र से गुजरते समय मुंह पर रुमाल बांधना पड़ता है। "इस रास्ते से गुजरना एक यातना बन गया है। आंखों में तेज जलन होती है और सांस लेने में दिक्कत होती है," एक ट्रक ड्राइवर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने इस मामले को लेकर प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका मानना है कि फैक्ट्री मालिक की ताकत के आगे प्रशासनिक तंत्र निष्क्रिय बना हुआ है। इस गंभीर मुद्दे पर जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मामले की जांच का दावा करते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, निवासी इन आश्वासनों से असंतुष्ट हैं और तत्काल फैक्ट्री पर कार्रवाई और प्रदूषण रोकने की मांग कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब स्थानीय लोग सामूहिक रूप से आंदोलन करने और उच्च स्तर पर मामला उठाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द ही इस प्रदूषण पर अंकुश नहीं लगा, तो इलाके में स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
मुजफ्फरनगर-मेरठ रोड पर फैक्ट्री का जहरीला धुआं, सेहत और फसलों पर मंडराया संकट : लोहा गलाने वाली फैक्ट्री से लगातार निकल रहा प्रदूषण, राहगीरों को हो रही परेशानी, प्रशासन की अनदेखी से बढ़ रही समस्या मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर-मेरठ मुख्य मार्ग पर स्थित एक लोहा गलाने वाली फैक्ट्री से निकलने वाला जहरीला धुआं इलाके के लिए संकट बनता जा रहा है। इस प्रदूषण के कारण स्थानीय निवासियों में सांस और त्वचा संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, आसपास के खेतों में उगी फसलों पर भी इसके दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं। मार्ग से गुजरने वाले राहगीर भी इस धुएं से आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत कर रहे हैं। स्थानीय निवासी और किसानों का आरोप है कि यह फैक्ट्री पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना किसी प्रदूषण नियंत्रण उपकरण के लगातार संचालित हो रही है। फैक्ट्री से दिन-रात निकलने वाले काले और गाढ़े धुएं ने पूरे इलाके के वातावरण को दूषित कर दिया है। "पिछले कई महीनों से यह समस्या बनी हुई है। घरों में धुएं का काला जमाव दिखता है। बच्चे और बुजुर्ग लगातार खांसी और सांस की बीमारी से पीड़ित हैं," स्थानीय निवासी रमेश चंद्र ने बताया। किसान जाने आलम ने फसलों पर पड़ रहे प्रभाव की ओर इशारा करते हुए कहा, "धुएं में मौजूद जहरीले तत्व हवा के साथ उड़कर खेतों में जम रहे हैं। इससे गेहूं और सब्जियों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।" मुख्य सड़क पर होने के कारण इस प्रदूषण का सबसे अधिक असर यात्रियों और राहगीरों पर पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों को इस क्षेत्र से गुजरते समय मुंह पर रुमाल बांधना पड़ता है। "इस रास्ते से गुजरना एक यातना बन गया है। आंखों में तेज जलन होती है और सांस लेने में दिक्कत होती है," एक ट्रक ड्राइवर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने इस मामले को लेकर प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका मानना है कि फैक्ट्री मालिक की ताकत के आगे प्रशासनिक तंत्र निष्क्रिय बना हुआ है। इस गंभीर मुद्दे पर जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मामले की जांच का दावा करते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, निवासी इन आश्वासनों से असंतुष्ट हैं और तत्काल फैक्ट्री पर कार्रवाई और प्रदूषण रोकने की मांग कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब स्थानीय लोग सामूहिक रूप से आंदोलन करने और उच्च स्तर पर मामला उठाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द ही इस प्रदूषण पर अंकुश नहीं लगा, तो इलाके में स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
- मुजफ्फरनगर-मेरठ रोड पर फैक्ट्री का जहरीला धुआं, सेहत और फसलों पर मंडराया संकट : लोहा गलाने वाली फैक्ट्री से लगातार निकल रहा प्रदूषण, राहगीरों को हो रही परेशानी, प्रशासन की अनदेखी से बढ़ रही समस्या मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर-मेरठ मुख्य मार्ग पर स्थित एक लोहा गलाने वाली फैक्ट्री से निकलने वाला जहरीला धुआं इलाके के लिए संकट बनता जा रहा है। इस प्रदूषण के कारण स्थानीय निवासियों में सांस और त्वचा संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, आसपास के खेतों में उगी फसलों पर भी इसके दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं। मार्ग से गुजरने वाले राहगीर भी इस धुएं से आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत कर रहे हैं। स्थानीय निवासी और किसानों का आरोप है कि यह फैक्ट्री पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना किसी प्रदूषण नियंत्रण उपकरण के लगातार संचालित हो रही है। फैक्ट्री से दिन-रात निकलने वाले काले और गाढ़े धुएं ने पूरे इलाके के वातावरण को दूषित कर दिया है। "पिछले कई महीनों से यह समस्या बनी हुई है। घरों में धुएं का काला जमाव दिखता है। बच्चे और बुजुर्ग लगातार खांसी और सांस की बीमारी से पीड़ित हैं," स्थानीय निवासी रमेश चंद्र ने बताया। किसान जाने आलम ने फसलों पर पड़ रहे प्रभाव की ओर इशारा करते हुए कहा, "धुएं में मौजूद जहरीले तत्व हवा के साथ उड़कर खेतों में जम रहे हैं। इससे गेहूं और सब्जियों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।" मुख्य सड़क पर होने के कारण इस प्रदूषण का सबसे अधिक असर यात्रियों और राहगीरों पर पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों को इस क्षेत्र से गुजरते समय मुंह पर रुमाल बांधना पड़ता है। "इस रास्ते से गुजरना एक यातना बन गया है। आंखों में तेज जलन होती है और सांस लेने में दिक्कत होती है," एक ट्रक ड्राइवर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने इस मामले को लेकर प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका मानना है कि फैक्ट्री मालिक की ताकत के आगे प्रशासनिक तंत्र निष्क्रिय बना हुआ है। इस गंभीर मुद्दे पर जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मामले की जांच का दावा करते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, निवासी इन आश्वासनों से असंतुष्ट हैं और तत्काल फैक्ट्री पर कार्रवाई और प्रदूषण रोकने की मांग कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब स्थानीय लोग सामूहिक रूप से आंदोलन करने और उच्च स्तर पर मामला उठाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द ही इस प्रदूषण पर अंकुश नहीं लगा, तो इलाके में स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।1
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- ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध पशु डेरी मालिकों ने रास्तों को बना दिया कूड़ेदान बुढाना ब्लॉक के रियावली में अवैध पशु डेयरी संचालकों का बोल वाला पशुओं का निकलने वाला गोबर कर देते हैं रास्तों पर इकट्ठा ग्रामीण परेशान रास्ते बने कूड़ेदान बीमारी पनप रही है ग्रामीण ने की मांग अवैध डेयरी संचालकों पर हो कार्यवाही1
- अटल स्मृति सम्मेलन के अवसर पर जब सरधना विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक बूथ से देवी स्वरूपा माताएं और बहनें स्नेह और उत्साह के साथ कार्यक्रम में पहुंचीं, तो सच में ऐसा लगा मानो पूरा क्षेत्र एक परिवार बनकर साथ खड़ा हो। माननीय ठाकुर संगीत सिंह सोम पूर्व विधायक जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर कंबल वितरण के दौरान उनके सरल चेहरे, सच्ची मुस्कान और आशीर्वाद भरी नज़रें यह एहसास करा गईं कि जनसेवा से बड़ा कोई उत्सव नहीं होता। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के आदर्शों और मूल्यों को स्मरण करते हुए, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के विचार से प्रेरित होकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहयोग पहुंचाने का यह मेरी ओर से एक छोटा सा भावनात्मक प्रयास रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा पश्चिम क्षेत्र के उपाध्यक्ष एवं मेरठ जनपद प्रभारी श्री मान सिंह गोस्वामी जी, विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक (MLC) श्री हरपाल सिंह सिंह सैनी जी, मेरठ कैंट विधायक श्री अमित अग्रवाल जी, कॉपरेटिव बैंक के चेयरमैन एवं पूर्व जिलाध्यक्ष श्री विमल शर्मा जी की गरिमामय उपस्थिति के साथ ही जिला उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश पाल जी, संजीव बंसल जी, बीजेपी जिला मीडिया प्रभारी श्री संजीव राणा जी, मनिंदर विहान जी सहित हजारों की तादात में जन सैलाब की संख्या में पधारे दधीचि तुल्य सम्मानित कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं सम्मानित सभी अतिथियों का हृदय की गहराईयों से आभार व्यक्त करता हूं।4
- *उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड/राजस्थान/कर्नाटक/मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़/बिहार/गुजरात/हरियाणा और दिल्ली* *की अब तक की खबरें देखिए हमारे तेज इंडिया लाइव न्यूज़ चैनल के इस मॉर्निंग बुलेटिन में,जुड़े रहे हमारे चैनल तेज इंडिया लाइव न्यूज़ के साथ* *अपने आसपास की ऐसी ही छोटी बड़ी खबरें पाने के लिए हमारे चैनल को अभी सब्सक्राइब करें, और अब आपका पसंदीदा चैनल आगया है:- sky tv channel no:-185, City den Plus channel no,:-779 or jio hot flex ch no-349 पर 24*7 लाइव और जल्द आ रहा है आके अपने टीवी पर फ्री डिश, जिओ टीवी,एमएक्स प्लेयर भी* *पूरे _देश में कहीं से भी अनुभवी युवक युवतियां हमारे चैनल से जुड़ने के लिए जल्द संपर्क_* *प्रधान संपादक/डायरेक्टर मोहित कुमार* *संपर्क सूत्र:-* *9557903552*1
- मुज़फ्फरनगर | विशेष खबर मुज़फ्फरनगर डीएम कार्यालय पर सिंचाई विभाग के कथित भ्रष्टाचार के विरोध में समाजसेवी सुमित मलिक की भूख हड़ताल 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जारी है। नए वर्ष 1 जनवरी की सुबह डीएम कार्यालय के बाहर शुरू हुई यह भूख हड़ताल आज दूसरे दिन भी बिना किसी समझौते के चल रही है। समाजसेवी सुमित मलिक का आरोप है कि सिंचाई विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है और कई कार्यों में अनियमितताओं के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। कैमरे के सामने सुमित मलिक ने कहा कि जब तक उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं बल्कि जनता के हक की लड़ाई है और अगर जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन बढ़ती ठंड और लगातार जारी भूख हड़ताल को देखते हुए स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- महिलाओं को नई राह मुजफ्फरनगर में ई-रिक्शा चलाना सहित 400 लाभार्थियों को मिला प्रशिक्षण मुजफ्फरनगर, : जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) की उपायुक्त जैस्मिन फौजदार ने बताया कि पिछले एक वर्ष में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए जिले में 400 से अधिक लोगों को विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया। इस प्रशिक्षण अभियान की खास बात यह रही कि 150 महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, जो पारंपरिक रोजगार से हटकर एक नवाचारी कदम है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपी कौन) के तहत संचालित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं और विशेषकर महिलाओं को रोजगारपरक कौशल से लैस करना था। उपायुक्त फौजदार के अनुसार, ई-रिक्शा चालन का प्रशिक्षण न सिर्फ महिलाओं के लिए एक आय का नया स्रोत सृजित करेगा, बल्कि परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक सोच बदलने में भी मददगार साबित होगा। इस प्रशिक्षण से महिलाओं को यह आत्मविश्वास मिलेगा कि वे एक परंपरागत रूप से पुरुष प्रधान माने जाने वाले व्यवसाय में भी अपनी पहचान बना सकती हैं। साथ ही, यह हरित परिवहन (ग्रीन ट्रांसपोर्ट) को बढ़ावा देने का भी एक प्रयास है।1
- *थाना मंसूरपुर पुलिस द्वारा रेलवे ट्रैक से पेन्ड्रोल क्लिप चोरी के 06 अभियोगों का सफल अनावरण करते हुए 03 शातिर चोर अभियुक्तगण व चोरी के सामान को खरीदने वाला 01 अभियुक्त की गिरफ्तारी व कब्जे से 326 पैन्ड्रोल क्लिप, एक ट्रैक्टर-ट्राली, 02 अवैध तमंचे मय कारतूस व एक चाकू की बरामदगी के सम्बन्ध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री संजय कुमार वर्मा की बाइट-*1