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उदयपुर के खेरिया घाटा में एक बस सड़क से नीचे उतर गई।
Sundarlalnanama
उदयपुर के खेरिया घाटा में एक बस सड़क से नीचे उतर गई।
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- झाड़ोल थाना पुलिस ने चतरपुरा गांव में रात के समय घर में घुसकर हथियारों के साथ मारपीट करने के मामले में पिछले एक वर्ष से फरार चल रहे एक आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस उप निरीक्षक फैलीराम मीणा और उनकी टीम द्वारा की गई। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह मामला 14 जून 2025 को दर्ज किया गया था। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया था कि रात करीब 11 बजे कुछ लोग उसके घर में घुस आए और लाठी, कुल्हाड़ी, चाकू तथा अन्य हथियारों से हमला कर उसे गंभीर चोटें पहुंचाई थीं। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत, झाड़ोल थाना पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी किशनलाल पुत्र लालूराम पारगी (28 वर्ष) निवासी चतरपुरा को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान अपराध में उसकी संलिप्तता प्रमाणित पाई गई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह भी बताया है कि इस मामले में इससे पहले तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। शेष आरोपियों की तलाश और मामले की आगे की जांच जारी है। झाड़ोल पुलिस की इस महत्वपूर्ण कार्रवाई से लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी होने पर क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।1
- उदयपुर के सेक्टर-14 और गोवर्धन विलास क्षेत्र में पानी और बिजली की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर शुक्रवार, 12 जून को महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय समन्वयक शांता प्रिंस के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्रवासियों को हो रही पानी की कमी, अनियमित जलापूर्ति और बार-बार बिजली कटौती जैसी मूलभूत समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इन समस्याओं के कारण आमजन को अपने दैनिक जीवन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इन मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई करने और पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त कर आमजन को राहत प्रदान करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान यास्मीन खान, दिनेश पानेरी, चन्द्रशेखर सांखला, भंवरलाल जैन, मनोहर गुर्जर, मदन बाबरवाल, यशवंत जैन, अरविन्द चितौड़ा सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी उपस्थित थे।1
- राजस्थान के उदयपुर जिले के नवानिया में 2 राज आर एंड वी रेजीमेंट एनसीसी ने हेडक्वार्टर डीजी एनसीसी के तत्वावधान में 10 दिवसीय पोलो प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। इस शिविर को एनसीसी के सभी 17 निदेशालयों में अपनी तरह का पहला और अनूठा प्रयास माना जा रहा है। यह विशेष पहल राजस्थान, खासकर मेवाड़ क्षेत्र की घोड़ों को पालने और घुड़सवारी की समृद्ध परंपरा को ध्यान में रखते हुए की गई है। शिविर के दौरान, कैडेटों को पोलो खेल की सभी बारीकियों का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। पोलो एक प्रतिस्पर्धी टीम खेल है जिसमें घोड़े पर सवार होकर खिलाड़ी स्टिक की सहायता से गेंद को प्रतिद्वंद्वी टीम के गोल तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं। फुटबॉल की तरह ही, यह खेल भी टीम भावना, सटीक रणनीति और व्यक्तिगत कौशल पर आधारित होता है, जिसमें प्रत्येक टीम से चार-चार खिलाड़ी मैदान में उतरते हैं। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर में मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका रिसालदार राइडर विजय सिंह ने निभाई। नवानिया के इस एनसीसी प्रशिक्षण शिविर में कैडेट्स ने पोलो के घोड़ों पर सवार होकर अपने हुनर का शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें कई अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासी समाज को 'वनवासी' और 'वन बंधु' कहकर संबोधित किए जाने के बयान पर राजस्थान के डूंगरपुर जिले के पाल देवल में भारी बवाल खड़ा हो गया है। इसके विरोध में शुक्रवार को भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) ब्लॉक पाल देवल के तत्वावधान में एक विशाल जन आक्रोश रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और आदिवासी अस्मिता व संवैधानिक पहचान के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली के बाद प्रदर्शनकारियों ने तहसील कार्यालय के बाहर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का सांकेतिक पुतला फूंककर अपना तीखा विरोध दर्ज कराया। साथ ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के प्रदेश प्रचारक मुकेश कलासुआ ने इस दौरान स्पष्ट किया कि 'आदिवासी' शब्द इस समाज की संवैधानिक और ऐतिहासिक पहचान है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'वनवासी' शब्द का प्रयोग जानबूझकर आदिवासियों की मूल निवासी पहचान को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है, जिसे समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि आदिवासी समाज जल, जंगल और जमीन का वास्तविक मालिक है और उसकी पहचान बदलने की हर कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा। बीएपी नेताओं ने इस दौरान क्षेत्र की स्थानीय और मूलभूत समस्याओं को लेकर भी आवाज बुलंद की, जिसमें सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को दूर कर उनके शीघ्र समाधान की मांग की गई। इस विरोध प्रदर्शन में बीएपी की राष्ट्रीय सदस्य पार्वती डोडा, ब्लॉक अध्यक्ष हरिश चंद्र कोटेड, जिला सदस्य कन्हैयालाल जोहियाला सहित कपिल हड़ात, राकेश कलासुआ, मनोहर ननोमा और बड़ी संख्या में स्थानीय पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह जानकारी मीडिया प्रभारी अखिल अहारी ने दी।1
- जिला प्रभारी एवं टीएडी मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी डूंगरपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने नगर परिषद डूंगरपुर में शहरी सेवा शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद कनकमल कटारा, पूर्व राज्य मंत्री सुशील कटारा, सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा, निवर्तमान सभापति अमृतलाल कलासुआ, जिला कलक्टर श्री देशलदान, कार्यवाहक अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह, निवर्तमान उप सभापति सुदर्शन जैन, नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी, समाजसेवी अशोक पटेल राणोली, बंसीलाल कटारा, अशोक जैन, हंसमुख पंड्या, नयन सुथार, अचला वसीटा, बृजेश सोमपुरा, भोपाल सिंह खुमानपुर, पूर्व सभापति गुरुप्रसाद पटेल सहित समस्त संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।2
- डूंगरपुर शहर के गांधी आश्रम के पास स्थित एक निजी स्कूल में रात को एक बार फिर चोरों ने ताले तोड़ दिए हैं। यह पिछले तीन साल में पांचवीं बार हुई ऐसी वारदात है, जिसमें चोरों ने प्रिंसिपल रूम को निशाना बनाया। हैरानी की बात यह है कि यह स्कूल पुलिस अधीक्षक (SP) के निवास से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है, बावजूद इसके चोरों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। स्कूल के प्रिंसिपल मोहनसिंह ने बताया कि इन दिनों स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं, लेकिन समर कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। जब कैंप संचालिका स्कूल पहुंची, तो उन्होंने टूटे ताले देखकर प्रिंसिपल और डायरेक्टर को तुरंत सूचना दी। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि चोरों ने प्रिंसिपल रूम का ताला तोड़ दिया था और अंदर भी खोजबीन की, लेकिन इस बार उनके हाथ कुछ भी नहीं लगा। घटना की सूचना कोतवाली थाना पुलिस को भी दी गई है। प्रिंसिपल का कहना है कि यह स्कूल में ताले तोड़ने और चोरी की पांचवीं घटना है और ये सभी वारदातें पिछले तीन सालों के भीतर हुई हैं। पिछली बार चोर स्कूल से टैबलेट और नकद चुराकर ले गए थे। हर बार पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन आज तक किसी भी मामले में चोर पकड़े नहीं जा सके हैं, जिसके चलते उनके हौसले और बुलंद हो गए हैं। गांधी आश्रम क्षेत्र में कई दुकानों और घरों में भी चोरी की वारदातें हुई हैं, लेकिन पुलिस इन चोरियों को रोकने या चोरों को पकड़ने में नाकाम रही है। स्कूल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर ही SP और कलेक्टर के सरकारी बंगले भी स्थित हैं।1
- राजस्थान राज्य के उदयपुर जिले में झाड़ोल, फलासिया और पानरवा क्षेत्रों से संबंधित समाचार प्राप्त हुए हैं।1
- जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन द्वारा अवैध हथियारों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, कानोड थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खूनी गैंगवार और हत्या की एक सनसनीखेज साजिश को होने से पहले ही नाकाम कर दिया है। पुलिस ने इस दौरान मुस्तैदी दिखाते हुए एक अवैध पिस्टल, दो मैगजीन, दो जिंदा कारतूस और दो खाली खोल जब्त किए हैं। इस मामले में पुलिस ने कानोड निवासी संजय पुत्र दिनेश नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कानोड पुलिस की इस बड़ी कामयाबी ने एक गंभीर अपराध को घटित होने से रोक दिया।1
- डूंगरपुर में भारतीय किसान संघ जिला इकाई ने खरीफ फसल के तहत बीज किट वितरण में समानता बरतने और मक्का के स्थान पर सोयाबीन के बीज देने की उग्र मांग की है। किसान संघ ने मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और जिला कृषि निदेशक को पत्र भेजकर इस विषय पर अपना आक्रोश व्यक्त किया है। संघ के जिला प्रवक्ता लल्लुराम बिजोला के अनुसार, पिछले तीन-चार दिनों से जिले के कुछ गांवों में कृषि अधिकारियों द्वारा केवल अनुसूचित जनजाति के चुनिंदा किसानों को ही 5 किलोग्राम मक्का के बीज किट निःशुल्क बांटे जा रहे हैं, जबकि अन्य जाति और धर्म के जरूरतमंद किसानों को इस योजना से वंचित रखा जा रहा है। इस भेदभावपूर्ण नीति के कारण क्षेत्र के काश्तकारों में सरकार और कृषि विभाग के प्रति भारी नाराजगी और आक्रोश पनप रहा है। भारतीय किसान संघ ने सरकार से पुरजोर आग्रह किया है कि जिले और प्रदेश के सभी किसानों को बिना किसी भेदभाव के बीज किट उपलब्ध कराए जाएं। संघ का कहना है कि अन्नदाता को जाति और धर्म के आधार पर बांटने के बजाय समानता के भाव से देखा जाना चाहिए, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र का जमीनी स्तर पर पालन होना चाहिए। संघ ने यह भी बताया कि डूंगरपुर जिले के किसान अपनी करीब 90 फीसदी कृषि भूमि पर सोयाबीन की बुआई करते हैं, ऐसे में वर्तमान में दिए जा रहे मक्का के बीजों का औचित्य कम है। किसानों की वास्तविक जरूरत को समझते हुए विभाग को तत्काल मक्का के स्थान पर सोयाबीन के उन्नत बीज किट वितरित करने चाहिए, ताकि क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके और खरीफ की बुआई का संकट दूर हो। किसान संघ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्रशासन को बीज वितरण में भेदभाव कर 'सबका साथ, सबका विकास' का मखौल उड़ाना बंद करना चाहिए।1