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उत्तर प्रदेश पर्यटन के बोर्ड तले उपेक्षा की शिकार ऐतिहासिक धरोहर; सीढ़ियों पर कचरा, जल निकासी अवरुद्ध और प्रवेश द्वार बना खंडहर ​मिर्ज़ापुर। ​केंद्र और राज्य सरकारें एक तरफ जहां देश भर के पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों को पर्यटन के नक्शे पर उभारने के लिए करोड़ों रुपये की भारी-भरकम धनराशि का बजट आवंटित कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के कारण ऐतिहासिक धरोहरें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मिर्ज़ापुर नगर पालिका क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध लोहंदी महावीर मंदिर परिसर में देखने को मिल रहा है। ​पौराणिक व ऐतिहासिक पृष्ठभूमि लोहंदी महावीर धाम मिर्ज़ापुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा रहा है। स्थानीय लोकमान्यताओं के अनुसार, यहाँ भगवान हनुमान जी की प्रतिमा स्वयंभू (प्राकृतिक रूप से) प्रकट हुई थी। यह पावन स्थल सदियों से क्षेत्रीय जनमानस की अगाध आस्था का केंद्र रहा है। ​श्रद्धालुओं का तांता और धार्मिक महत्व मंदिर में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन और मन्नत मांगने पहुँचते हैं। भाद्रपद (भादों) माह और विशेष पर्वों पर यहाँ पारंपरिक विशाल मेले (लक्खी मेला) का आयोजन होता है, जिसमें जिले ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी अपार जनसैलाब उमड़ता है। ​सरकारी विज़न और धरातल की हकीकत में बड़ा अंतर वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वच्छ भारत मिशन के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन लोहंदी महावीर धाम के प्रवेश द्वार पर लगे "उत्तर प्रदेश टूरिज्म" के चमचमाते साइनबोर्ड के ठीक पीछे की हकीकत बेहद चौंकाने वाली है। ​कूड़े का साम्राज्य: मंदिर परिसर, सीढ़ियों और मुख्य पहुँच मार्ग पर सड़े हुए फूल-मालाओं, प्लास्टिक और डिस्पोजल पत्तलों का ढेर खुलेआम बिखरा पड़ा है। यह स्थिति स्पष्ट दर्शाती है कि यहाँ लंबे समय से कूड़ा निस्तारण की कोई नियमित व्यवस्था नहीं की गई है। ​अवरुद्ध जल निकासी: मंदिर परिसर के पास बनी पुलिया और नालियों में कचरा जमा होने से जल निकासी पूरी तरह ठप है, जिससे संक्रामक बीमारियों और दुर्गंध का खतरा बना हुआ है। ​खंडहर में तब्दील प्रवेश द्वार व धर्मशालाएँ: मुख्य प्रवेश मार्ग (एंट्री ज़ोन) और परिसर से जुड़ी ऐतिहासिक धर्मशालाएँ रखरखाव के अभाव में वीरान खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। दीवारों पर उगी कंटीली झाड़ियाँ और जर्जर हो चुका ढांचा यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहा है। ​प्रशासनिक जवाबदेही पर उठते सवाल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और ऐतिहासिक महत्व वाले इस धाम की ऐसी अनदेखी नगर पालिका और पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। जब सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए बजट का प्रवाह जारी है, तब लोहंदी महावीर मंदिर की यह बदहाली कागजी दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। ​स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं की माँग है कि नगर पालिका प्रशासन और संबंधित विभाग अविलंब इस मामले का संज्ञान लें, ताकि कचरा निस्तारण, जल निकासी और जर्जर परिसर का पुनरुद्धार कर इस ऐतिहासिक धरोहर का गौरव बहाल किया जा सके।

18 hrs ago
user_Abhishek agrahari संस्थापक सोन
Abhishek agrahari संस्थापक सोन
Student union ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
18 hrs ago

उत्तर प्रदेश पर्यटन के बोर्ड तले उपेक्षा की शिकार ऐतिहासिक धरोहर; सीढ़ियों पर कचरा, जल निकासी अवरुद्ध और प्रवेश द्वार बना खंडहर ​मिर्ज़ापुर। ​केंद्र और राज्य सरकारें एक तरफ जहां देश भर के पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों को पर्यटन के नक्शे पर उभारने के लिए करोड़ों रुपये की भारी-भरकम धनराशि का बजट आवंटित कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के कारण ऐतिहासिक धरोहरें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मिर्ज़ापुर नगर पालिका क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध लोहंदी महावीर मंदिर परिसर में देखने को मिल रहा है। ​पौराणिक व ऐतिहासिक पृष्ठभूमि लोहंदी महावीर धाम मिर्ज़ापुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा रहा है। स्थानीय लोकमान्यताओं के अनुसार, यहाँ भगवान हनुमान जी

की प्रतिमा स्वयंभू (प्राकृतिक रूप से) प्रकट हुई थी। यह पावन स्थल सदियों से क्षेत्रीय जनमानस की अगाध आस्था का केंद्र रहा है। ​श्रद्धालुओं का तांता और धार्मिक महत्व मंदिर में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन और मन्नत मांगने पहुँचते हैं। भाद्रपद (भादों) माह और विशेष पर्वों पर यहाँ पारंपरिक विशाल मेले (लक्खी मेला) का आयोजन होता है, जिसमें जिले ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी अपार जनसैलाब उमड़ता है। ​सरकारी विज़न और धरातल की हकीकत में बड़ा अंतर वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वच्छ भारत मिशन के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन लोहंदी महावीर धाम के प्रवेश द्वार पर लगे "उत्तर प्रदेश टूरिज्म" के चमचमाते

साइनबोर्ड के ठीक पीछे की हकीकत बेहद चौंकाने वाली है। ​कूड़े का साम्राज्य: मंदिर परिसर, सीढ़ियों और मुख्य पहुँच मार्ग पर सड़े हुए फूल-मालाओं, प्लास्टिक और डिस्पोजल पत्तलों का ढेर खुलेआम बिखरा पड़ा है। यह स्थिति स्पष्ट दर्शाती है कि यहाँ लंबे समय से कूड़ा निस्तारण की कोई नियमित व्यवस्था नहीं की गई है। ​अवरुद्ध जल निकासी: मंदिर परिसर के पास बनी पुलिया और नालियों में कचरा जमा होने से जल निकासी पूरी तरह ठप है, जिससे संक्रामक बीमारियों और दुर्गंध का खतरा बना हुआ है। ​खंडहर में तब्दील प्रवेश द्वार व धर्मशालाएँ: मुख्य प्रवेश मार्ग (एंट्री ज़ोन) और परिसर से जुड़ी ऐतिहासिक धर्मशालाएँ रखरखाव के अभाव में वीरान खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। दीवारों पर उगी कंटीली झाड़ियाँ

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और जर्जर हो चुका ढांचा यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहा है। ​प्रशासनिक जवाबदेही पर उठते सवाल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और ऐतिहासिक महत्व वाले इस धाम की ऐसी अनदेखी नगर पालिका और पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। जब सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए बजट का प्रवाह जारी है, तब लोहंदी महावीर मंदिर की यह बदहाली कागजी दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। ​स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं की माँग है कि नगर पालिका प्रशासन और संबंधित विभाग अविलंब इस मामले का संज्ञान लें, ताकि कचरा निस्तारण, जल निकासी और जर्जर परिसर का पुनरुद्धार कर इस ऐतिहासिक धरोहर का गौरव बहाल किया जा सके।

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  • 🚨 ब्रेकिंग | सोनभद्र रॉबर्ट्सगंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक परिसर में 15 अगस्त के बाद भी तिरंगा फहरता नजर आया। लोगों ने इसे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ी लापरवाही बताते हुए जिम्मेदारी तय करने और जांच की मांग की। #Sonbhadra #BreakingNews #NationalFlag
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    🚨 ब्रेकिंग | सोनभद्र
रॉबर्ट्सगंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक परिसर में 15 अगस्त के बाद भी तिरंगा फहरता नजर आया। लोगों ने इसे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ी लापरवाही बताते हुए जिम्मेदारी तय करने और जांच की मांग की।
#Sonbhadra #BreakingNews #NationalFlag
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश पर्यटन के बोर्ड तले उपेक्षा की शिकार ऐतिहासिक धरोहर; सीढ़ियों पर कचरा, जल निकासी अवरुद्ध और प्रवेश द्वार बना खंडहर ​मिर्ज़ापुर। ​केंद्र और राज्य सरकारें एक तरफ जहां देश भर के पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों को पर्यटन के नक्शे पर उभारने के लिए करोड़ों रुपये की भारी-भरकम धनराशि का बजट आवंटित कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के कारण ऐतिहासिक धरोहरें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मिर्ज़ापुर नगर पालिका क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध लोहंदी महावीर मंदिर परिसर में देखने को मिल रहा है। ​पौराणिक व ऐतिहासिक पृष्ठभूमि लोहंदी महावीर धाम मिर्ज़ापुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा रहा है। स्थानीय लोकमान्यताओं के अनुसार, यहाँ भगवान हनुमान जी की प्रतिमा स्वयंभू (प्राकृतिक रूप से) प्रकट हुई थी। यह पावन स्थल सदियों से क्षेत्रीय जनमानस की अगाध आस्था का केंद्र रहा है। ​श्रद्धालुओं का तांता और धार्मिक महत्व मंदिर में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन और मन्नत मांगने पहुँचते हैं। भाद्रपद (भादों) माह और विशेष पर्वों पर यहाँ पारंपरिक विशाल मेले (लक्खी मेला) का आयोजन होता है, जिसमें जिले ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी अपार जनसैलाब उमड़ता है। ​सरकारी विज़न और धरातल की हकीकत में बड़ा अंतर वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वच्छ भारत मिशन के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन लोहंदी महावीर धाम के प्रवेश द्वार पर लगे "उत्तर प्रदेश टूरिज्म" के चमचमाते साइनबोर्ड के ठीक पीछे की हकीकत बेहद चौंकाने वाली है। ​कूड़े का साम्राज्य: मंदिर परिसर, सीढ़ियों और मुख्य पहुँच मार्ग पर सड़े हुए फूल-मालाओं, प्लास्टिक और डिस्पोजल पत्तलों का ढेर खुलेआम बिखरा पड़ा है। यह स्थिति स्पष्ट दर्शाती है कि यहाँ लंबे समय से कूड़ा निस्तारण की कोई नियमित व्यवस्था नहीं की गई है। ​अवरुद्ध जल निकासी: मंदिर परिसर के पास बनी पुलिया और नालियों में कचरा जमा होने से जल निकासी पूरी तरह ठप है, जिससे संक्रामक बीमारियों और दुर्गंध का खतरा बना हुआ है। ​खंडहर में तब्दील प्रवेश द्वार व धर्मशालाएँ: मुख्य प्रवेश मार्ग (एंट्री ज़ोन) और परिसर से जुड़ी ऐतिहासिक धर्मशालाएँ रखरखाव के अभाव में वीरान खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। दीवारों पर उगी कंटीली झाड़ियाँ और जर्जर हो चुका ढांचा यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहा है। ​प्रशासनिक जवाबदेही पर उठते सवाल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और ऐतिहासिक महत्व वाले इस धाम की ऐसी अनदेखी नगर पालिका और पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। जब सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए बजट का प्रवाह जारी है, तब लोहंदी महावीर मंदिर की यह बदहाली कागजी दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। ​स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं की माँग है कि नगर पालिका प्रशासन और संबंधित विभाग अविलंब इस मामले का संज्ञान लें, ताकि कचरा निस्तारण, जल निकासी और जर्जर परिसर का पुनरुद्धार कर इस ऐतिहासिक धरोहर का गौरव बहाल किया जा सके।
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    उत्तर प्रदेश पर्यटन के बोर्ड तले उपेक्षा की शिकार ऐतिहासिक धरोहर; सीढ़ियों पर कचरा, जल निकासी अवरुद्ध और प्रवेश द्वार बना खंडहर
​मिर्ज़ापुर।
​केंद्र और राज्य सरकारें एक तरफ जहां देश भर के पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों को पर्यटन के नक्शे पर उभारने के लिए करोड़ों रुपये की भारी-भरकम धनराशि का बजट आवंटित कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के कारण ऐतिहासिक धरोहरें अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मिर्ज़ापुर नगर पालिका क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध लोहंदी महावीर मंदिर परिसर में देखने को मिल रहा है।
​पौराणिक व ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
लोहंदी महावीर धाम मिर्ज़ापुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा रहा है। स्थानीय लोकमान्यताओं के अनुसार, यहाँ भगवान हनुमान जी की प्रतिमा स्वयंभू (प्राकृतिक रूप से) प्रकट हुई थी। यह पावन स्थल सदियों से क्षेत्रीय जनमानस की अगाध आस्था का केंद्र रहा है।
​श्रद्धालुओं का तांता और धार्मिक महत्व
मंदिर में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन और मन्नत मांगने पहुँचते हैं। भाद्रपद (भादों) माह और विशेष पर्वों पर यहाँ पारंपरिक विशाल मेले (लक्खी मेला) का आयोजन होता है, जिसमें जिले ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी अपार जनसैलाब उमड़ता है।
​सरकारी विज़न और धरातल की हकीकत में बड़ा अंतर
वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वच्छ भारत मिशन के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन लोहंदी महावीर धाम के प्रवेश द्वार पर लगे "उत्तर प्रदेश टूरिज्म" के चमचमाते साइनबोर्ड के ठीक पीछे की हकीकत बेहद चौंकाने वाली है।
​कूड़े का साम्राज्य: मंदिर परिसर, सीढ़ियों और मुख्य पहुँच मार्ग पर सड़े हुए फूल-मालाओं, प्लास्टिक और डिस्पोजल पत्तलों का ढेर खुलेआम बिखरा पड़ा है। यह स्थिति स्पष्ट दर्शाती है कि यहाँ लंबे समय से कूड़ा निस्तारण की कोई नियमित व्यवस्था नहीं की गई है।
​अवरुद्ध जल निकासी: मंदिर परिसर के पास बनी पुलिया और नालियों में कचरा जमा होने से जल निकासी पूरी तरह ठप है, जिससे संक्रामक बीमारियों और दुर्गंध का खतरा बना हुआ है।
​खंडहर में तब्दील प्रवेश द्वार व धर्मशालाएँ: मुख्य प्रवेश मार्ग (एंट्री ज़ोन) और परिसर से जुड़ी ऐतिहासिक धर्मशालाएँ रखरखाव के अभाव में वीरान खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। दीवारों पर उगी कंटीली झाड़ियाँ और जर्जर हो चुका ढांचा यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
​प्रशासनिक जवाबदेही पर उठते सवाल
लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और ऐतिहासिक महत्व वाले इस धाम की ऐसी अनदेखी नगर पालिका और पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। जब सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए बजट का प्रवाह जारी है, तब लोहंदी महावीर मंदिर की यह बदहाली कागजी दावों की पोल खोलने के लिए काफी है।
​स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं की माँग है कि नगर पालिका प्रशासन और संबंधित विभाग अविलंब इस मामले का संज्ञान लें, ताकि कचरा निस्तारण, जल निकासी और जर्जर परिसर का पुनरुद्धार कर इस ऐतिहासिक धरोहर का गौरव बहाल किया जा सके।
    user_Abhishek agrahari संस्थापक सोन
    Abhishek agrahari संस्थापक सोन
    Student union ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • सोनभद्र-विडमगंज के विभिन्न विभिन्न गांवों में शिव गुरु कार्य में तेज गति से जागरूक, आज महागुरु महादेव की असीम दया से साहब दीदी कि आशीर्वाद से दुद्धी के विभिन्न विभिन्न गांवों के गुरुभाई-बहना मिलकर विडमगंज के केवाल गांव में फटाफट सेशन में शिव गुरु कार्य करते हुए लोगों को तीन सूत्र बताया गया।इसके बीच संजू दीदी ने लोगों को शिव गुरु मानने की बात कही तीन सूत्र बताई।लोगों ने कहा कि कुछ वर्षों के बाद बिड़मगज क्षेत्र में शिव गुरु कार्य में तेजी रहा।आज लोगों के मन में उत्साह लगन बहुत कम हो गया।लोगों ने कहा है, कि साप्ताहिक शिव गुरु चर्चा केंद्र खोलने के लिए आगे महादेव की असीम दया हो साहब दीदी का आशीर्वाद रहे।केवाल गांव से वापसी में पटेलनगर में एक दिवसीय शिव गुरु चर्चा में उपस्थित हुए,जिसमें दुद्धी के विभिन्न विभिन्न गांव के साथ हि साथ कोन ब्लाक के गुरुभाई- बहनों से मुलाकात हुई।चर्चा के दौरान अशोक गुरुभाई ने चर्चा के माध्यम से समझाये के शिव गुरु की चर्चा और पूजा में क्या अंतर है विशेष रूप चर्चा कि, कार्यक्रम की समाप्ति से सोबरन गुरुभाई ने लोगों से बात किये कि शिव गुरु कार्य में गति दीजिये मेरे क्षेत्र में आकर सहयोग करें।इसके बीच शिवकुमार जी ने सभी को शिव गुरु कार्य में तेज गति लाने की बात कही आगिले रविवार आने वाले दिन में शक्तिनगर के लिए कार्यक्रम कि तैयारी करने के लिए निवेदन किए।इसके बाद jharokala से मनोरमा दीदी ने आगिले कार्यक्रम की सूचना कटौंधी मथुरा चौराहा के पास में रविवार आने वाले दिन को कार्यक्रम के लिए सभी भाई-बहनों से निवदेन कि हैं।और आगिले कार्यक्रम शिव शिष्यों कि संगोष्ठी बैठक के लिए मै सभी से निवेदन किया है कि हरनाकछार के मालेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में दिनांक 30/08/2026 को बैठक संपन्न किया गया हैं।जिसमें आप सभी का उपस्थिती प्रार्थनीय है।
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    सोनभद्र-विडमगंज के विभिन्न विभिन्न गांवों में शिव गुरु कार्य में तेज गति से जागरूक,
आज महागुरु महादेव की असीम दया से साहब दीदी कि आशीर्वाद से दुद्धी के विभिन्न विभिन्न गांवों के गुरुभाई-बहना मिलकर विडमगंज के केवाल गांव में फटाफट सेशन में शिव गुरु कार्य करते हुए लोगों को तीन सूत्र बताया गया।इसके बीच संजू दीदी ने लोगों को शिव गुरु मानने की बात कही तीन सूत्र बताई।लोगों ने कहा कि कुछ वर्षों के बाद बिड़मगज क्षेत्र में शिव गुरु कार्य में तेजी रहा।आज लोगों के मन में उत्साह लगन बहुत कम हो गया।लोगों ने कहा है, कि साप्ताहिक शिव गुरु चर्चा केंद्र खोलने के लिए आगे महादेव की असीम दया हो साहब दीदी का आशीर्वाद रहे।केवाल गांव से वापसी में पटेलनगर में एक दिवसीय शिव गुरु चर्चा में उपस्थित हुए,जिसमें दुद्धी के विभिन्न विभिन्न गांव के साथ हि साथ कोन ब्लाक के गुरुभाई- बहनों से मुलाकात हुई।चर्चा के दौरान अशोक गुरुभाई ने चर्चा के माध्यम से समझाये के शिव गुरु की चर्चा और पूजा में क्या अंतर है विशेष रूप चर्चा कि, कार्यक्रम की समाप्ति से सोबरन गुरुभाई ने लोगों से बात किये कि शिव गुरु कार्य में गति दीजिये मेरे क्षेत्र में आकर सहयोग करें।इसके बीच शिवकुमार जी ने सभी को शिव गुरु कार्य में तेज गति लाने की बात कही आगिले रविवार आने वाले दिन में शक्तिनगर के लिए कार्यक्रम कि तैयारी करने के लिए निवेदन किए।इसके बाद jharokala से मनोरमा दीदी ने आगिले कार्यक्रम की सूचना कटौंधी मथुरा चौराहा के पास में रविवार आने वाले दिन को कार्यक्रम के लिए सभी भाई-बहनों से निवदेन कि हैं।और आगिले कार्यक्रम शिव शिष्यों कि संगोष्ठी बैठक के लिए मै सभी से निवेदन किया है कि हरनाकछार के मालेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में दिनांक 30/08/2026 को बैठक संपन्न किया गया हैं।जिसमें आप सभी का उपस्थिती प्रार्थनीय है।
    user_विकास पटेल शिव शिष्य
    विकास पटेल शिव शिष्य
    News Anchor दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Nali Banai Jaaye रोड बना है नाली नहीं बनाई गई है पानी निकाले की बहुत बड़ी समस्या हो रही है
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    Nali Banai Jaaye
रोड बना है नाली नहीं बनाई गई है पानी निकाले की बहुत बड़ी समस्या हो रही है
    user_Brihaspati kumar vaishya
    Brihaspati kumar vaishya
    सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • तिरंगा यात्रा आदर्श इंटर कॉलेज, महुली, दुद्धी################## तिरंगा यात्रा आदर्श इंटर कॉलेज, महुली, दुद्धी तिरंगा यात्रा आदर्श इंटर कॉलेज, महुली, दुद्धी
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    तिरंगा यात्रा आदर्श इंटर कॉलेज, महुली, दुद्धी################## तिरंगा यात्रा आदर्श इंटर कॉलेज, महुली, दुद्धी
तिरंगा यात्रा आदर्श इंटर कॉलेज, महुली, दुद्धी
    user_Nitesh Kumar
    Nitesh Kumar
    Mandi Agent Mahuli•
    17 hrs ago
  • Singrauli mp dudhichua road near kanyapadhsala school ward no 9 Geeta devi Ncl mince blasting hone se diwar me krack hone ke karan mera ghar gir gaya isame jald karywahi kijiye
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    Singrauli mp dudhichua road near kanyapadhsala school ward no 9
Geeta devi Ncl mince blasting hone se diwar me krack hone ke karan mera ghar gir gaya isame jald karywahi kijiye
    user_Sunil Kumar
    Sunil Kumar
    सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • अलीनगर अन्तर्गत घटित घटना के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर महोदय का वक्तव्य थाना अलीनगर अन्तर्गत घटित घटना के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर महोदय का वक्तव्य
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    अलीनगर अन्तर्गत घटित घटना के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर महोदय का वक्तव्य
थाना अलीनगर अन्तर्गत घटित घटना के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर महोदय का वक्तव्य
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • happy nagpanch happy nag Panchami par aapka swagat hai
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    happy nagpanch happy nag Panchami par aapka swagat hai
    user_Jay prakash Gupta
    Jay prakash Gupta
    Carpenter कांडी, गढ़वा, झारखंड•
    43 min ago
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