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दतिया में आन बान और शान से लहराया तिरंगा केबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने ली परेड की सलामी
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दतिया में आन बान और शान से लहराया तिरंगा केबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने ली परेड की सलामी
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- 80वे स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये, डबरा के नेशनल हाइवे 44 पर मिट मार्किट का दृश्य आज एक आध छोड़कर सारी दुकाने बंद दिखी,1
- डबरा में ABVP का जोरदार प्रदर्शन 🔥 झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज और JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में ABVP डबरा ने हेमंत सोरेन सरकार का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने शवयात्रा निकालकर सिंधिया चौराहे पर पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। ABVP ने परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच CBI से कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।1
- स्वतंत्रता दिवस पर शासकीय ठेके बंद, फिर भी इंदरगढ़ में खुलेआम बिक रही शराब इंदरगढ़ ब्रेकिंग *स्वतंत्रता दिवस पर शासकीय ठेके बंद, फिर भी इंदरगढ़ में खुलेआम बिक रही शराब* *ग्वालियर रोड का वीडियो वायरल, आबकारी-पुलिस की भूमिका पर सवाल* दतिया प्रशासन द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शासकीय ठेकों एवं अवैध शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। बावजूद इसके इंदरगढ़ नगर में नियमों की खुलेआम धज्जियां* उड़ाई जा रही हैं। *ग्वालियर रोड पर खुलेआम बिक्री, वीडियो वायरल* नगर के ग्वालियर रोड पर प्रतिबंध के बावजूद शराब की खुलेआम बिक्री* की जा रही है। इसका एक *वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल* हुआ है, जिसमें लोग सरेआम शराब खरीदते-बेचते नजर आ रहे हैं एक महीने पहले *भांडेर रोड पर पुलिस ने कार्रवाई* करते हुए अंग्रेजी एवं देसी शराब जप्त कर मामला दर्ज किया था। लेकिन आज फिर से *कामद रोड, ग्वालियर रोड, सेवड़ा रोड, नेतुआपुरा* सहित ग्रामीण क्षेत्र की *किराने की दुकानों पर खुलेआम शराब*बेची जा रही है। *आबकारी-पुलिस खामोश, एसपी ने दिए थे सख्त आदेश* स्थानीय लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग आखिर खामोश क्यों हैं? *एसपी मयूर खंडेलवाल* ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को पहले ही निर्देश दिए थे कि *अवैध शराब, गांजा, स्मैक की बिक्री होने पर जिम्मेदार थाना प्रभारी पर कार्रवाई* होगी। इसके बाद भी इंदरगढ़ में अवैध बिक्री नहीं रुकी। *सवाल तो बनता है* प्रशासन के प्रतिबंध और पुलिस के दावों के बीच *इंदरगढ़ में स्वतंत्रता दिवस पर भी शराब की बिक्री* से आमजन में नाराजगी है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और शिकायतों के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।1
- आज 15 अगस्त के दिन बच्चों को मिला आधा पेट भोजन वह भी खुद बना कर खाया दतिया जिले से एक विद्यार्थियों के लिए संचालित छात्रा वास बदहाल स्थिति में चल रहे हैं उन्ही में से एक नगर इंदरगढ़ की पुरानी तहसील के पीछे चल रहे छात्रा वास में पदस्थ शिक्षक विद्यार्थियों को मारपीट के अलावा धमकाते हैं कि व्यवस्थाओं को लेकर किसी से शिकायत न करें आज देश 80 वा 15 अगस्त माना रहा है वहीं इन छात्रों को अपने हाथों से खाना पका कर खाना पड़ रहा है और वह भी आधा पेट भोजन करने को मजबूर हैं इस ओर दतिया जिला कलेक्टर सीघ्र ध्यान आकर्षित करें।1
- जौरा शहर के सांदीपनीय विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के दिन भी कराया गया छात्र-छात्राओं को गुणवत्ताहीन भोजन। जौरा शहर के सांदीपनीय विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के दिन भी कराया गया छात्र-छात्राओं को गुणवत्ताहीन भोजन जानकारी के अनुसार बता दें कि वहां पर मौके पर जाकर देखा गया तो बच्चों को वहां भोजन कराया जा रहा था जिसमें बिल्कुल पानी पतली सब्जी और बिल्कुल गुणवत्ताहीन खीर और पूड़ी के लिए तो घंटे तक इंतजार करते रहे छात्र-छात्रा।1
- ग्वालियर हाई कोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस प्रशासन ने 40 डंपरों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने 28 डंपरों पर नंबर प्लेट दस्तावेज सहित अन्य खामियों के चलते एक्शन लेकर चालानी कार्रवाई की है। तो वही माइनिंग विभाग ने 12 वाहनों के खिलाफ ओवरलोडिंग सहित अन्य खनन एक्ट में कार्रवाई की ग्वालियर हाई कोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस प्रशासन ने 40 डंपरों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने 28 डंपरों पर नंबर प्लेट दस्तावेज सहित अन्य खामियों के चलते एक्शन लेकर चालानी कार्रवाई की है। तो वही माइनिंग विभाग ने 12 वाहनों के खिलाफ ओवरलोडिंग सहित अन्य खनन एक्ट में कार्रवाई की है। आपको बता दे कि हाईकोर्ट ने बिलौआ की 18 खदानों को अवेध घोषित किया है। #newsimpact #gwaliorpolice #gwaliornews #mining #gwalior Gwalior Police1
- एक गरीब क़ो सरकारी सहायता देने तीन दानियों के हाथ लगे, गजब डबरा बेचारा सोच रहा है की इतना बजन मे कैसे उठाकर घर ले जा पाऊंगा,1
- बंधोली में सरकारी दवाएं जलाने का वायरल वीडियो: मौके पर राख तक नहीं मिली! ग्वालियर मुरार वीडियो करीब एक साल पुराना होने का दावा, स्वास्थ्य विभाग की जांच में दवा या मेडिकल वेस्ट जलाने का प्रमाण नहीं; कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस ग्वालियर अपडेट संवाददाता | ग्वालियर ग्वालियर। गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में भेजी जाने वाली दवाओं की खरीद पर सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। एक्सपायरी या अनुपयोगी दवाओं के निस्तारण के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया है। ऐसे में बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र से जोड़कर सरकारी दवाएं जलाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में कथित तौर पर दवाओं को आग के हवाले करते हुए दिखाया गया है। मामला सामने आने के बाद जनपद पंचायत मुरार अध्यक्ष दिलराज किरार ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी। इसके बाद विभागीय टीम ने बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र और आसपास के संभावित स्थानों पर पहुंचकर जांच की। मौके पर दवा नहीं, मेडिकल वेस्ट नहीं और राख भी नहीं मिली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर के अलावा आसपास के खेतों और अन्य संभावित स्थानों को भी देखा। ग्रामीणों से भी जानकारी ली गई कि क्या हाल के दिनों में स्वास्थ्य केंद्र के आसपास एक्सपायरी दवाएं या मेडिकल वेस्ट जलाया गया है। लेकिन जांच के दौरान जली हुई दवाओं, मेडिकल वेस्ट या राख का कोई ऐसा अवशेष नहीं मिला, जिससे वायरल वीडियो में दिखाई जा रही घटना की वर्तमान समय में पुष्टि हो सके। यहीं से पूरा मामला और गंभीर सवाल खड़ा करता है—अगर मौके पर कोई अवशेष नहीं मिला तो वीडियो कब का है और वास्तव में कहां का है? एक साल पुराना बताया जा रहा वीडियो स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है। बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र की सीएचओ साधना कुशवाहा ने भी वीडियो को पुराना बताया है। उनका कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना का वर्तमान समय से संबंध नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो वास्तव में बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र का ही है। ऐसे में अब जांच का सबसे अहम बिंदु यही है कि वीडियो की वास्तविक लोकेशन और तारीख क्या है? जनपद अध्यक्ष के निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल वायरल वीडियो के बीच जनपद पंचायत मुरार अध्यक्ष दिलराज किरार ने हस्तिनापुर स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उनके साथ सीबीएमओ डॉ. सुनील पाराशर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्टाफ मौजूद मिला, जबकि श्रीनिवास नामक कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सीबीएमओ डॉ. सुनील पाराशर ने अनुपस्थित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सीबीएमओ के अनुसार उन्होंने स्वयं जनपद अध्यक्ष के साथ स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। मामले की जानकारी सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर के संज्ञान में भी है। दवा जलाने का प्रमाण नहीं, लेकिन गंदगी ने जरूर खड़े किए सवाल जांच में भले ही सरकारी दवाओं को जलाने का कोई ताजा प्रमाण नहीं मिला, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र परिसर की सफाई व्यवस्था ने जरूर चिंता बढ़ा दी। निरीक्षण के दौरान परिसर में जगह-जगह गोबर और गंदगी दिखाई दी। खास बात यह है कि स्वास्थ्य केंद्र के आसपास शासकीय विद्यालय और नल-जल योजना से जुड़ा कुआं भी मौजूद है। ऐसे सार्वजनिक और स्वास्थ्य संबंधी स्थान के आसपास सफाई व्यवस्था का संतोषजनक नहीं होना अपने आप में गंभीर सवाल है। उपसरपंच का आरोप—गांव में नियमित नहीं आता सफाई कर्मचारी बंधोली के उपसरपंच ने आरोप लगाया कि गांव में नियमित रूप से सफाई कर्मचारी नहीं आते। उनका कहना है कि स्कूल, सार्वजनिक स्थानों और गांव के कई हिस्सों में लंबे समय से सफाई व्यवस्था प्रभावित है। वहीं सीएचओ साधना कुशवाहा के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ नियमित रूप से ड्यूटी पर आता है, लेकिन नियमित सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं होने से सफाई प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें स्वयं स्वास्थ्य केंद्र की सफाई करनी पड़ती है। अगर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं है, तो यह भी स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग जांच का विषय बन सकता है। अब वायरल वीडियो की असली कहानी क्या? जांच में मौके से जली हुई दवाएं या मेडिकल वेस्ट नहीं मिलने के बाद फिलहाल वायरल वीडियो को वर्तमान घटना मानने का आधार सामने नहीं आया है। लेकिन इससे वीडियो से जुड़े मूल सवाल खत्म नहीं होते। जांच के घेरे में ये सवाल— वायरल वीडियो आखिर कहां का है? वीडियो कब बनाया गया था? उसमें दिखाई दे रही दवाएं किस सरकारी स्वास्थ्य संस्था की थीं? क्या दवाएं एक्सपायरी थीं? यदि एक्सपायरी थीं तो उनका निस्तारण किस निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया? वीडियो करीब एक साल पुराना है तो अब इसे वायरल करने की वजह क्या है? यदि वीडियो बंधोली का नहीं है तो इसकी वास्तविक लोकेशन क्या है? स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई कर्मचारी क्यों नहीं है? स्वास्थ्य संस्थाओं में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था की नियमित निगरानी कौन करता है? वीडियो से बड़ा सवाल अब उसकी सच्चाई का बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान जली हुई सरकारी दवाएं, मेडिकल वेस्ट या राख नहीं मिली। इसलिए वायरल वीडियो को वर्तमान घटना बताना फिलहाल जल्दबाजी होगी। लेकिन मामला सरकारी दवाओं के निस्तारण से जुड़ा होने के कारण वीडियो की तारीख, लोकेशन, उसमें दिखाई दे रही दवाओं और संबंधित स्वास्थ्य संस्था की पहचान की निष्पक्ष जांच जरूरी है। फिलहाल बंधोली में दवा जलाने का ताजा प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो ने दो बड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं— पहला—वीडियो की असली सच्चाई क्या है? दूसरा—स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं आखिर इतनी बदहाल क्यों हैं? अब इन सवालों का जवाब विभागीय जांच और वीडियो की वास्तविकता सामने आने के बाद ही साफ होगा। अगली खबर अगले अंक में आपको पढ़ने को मिलेगी बंधोली में सरकारी दवाएं जलाने का वायरल वीडियो: मौके पर राख तक नहीं मिली! ग्वालियर मुरार वीडियो करीब एक साल पुराना होने का दावा, स्वास्थ्य विभाग की जांच में दवा या मेडिकल वेस्ट जलाने का प्रमाण नहीं; कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस ग्वालियर अपडेट संवाददाता | ग्वालियर ग्वालियर। गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में भेजी जाने वाली दवाओं की खरीद पर सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। एक्सपायरी या अनुपयोगी दवाओं के निस्तारण के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया है। ऐसे में बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र से जोड़कर सरकारी दवाएं जलाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में कथित तौर पर दवाओं को आग के हवाले करते हुए दिखाया गया है। मामला सामने आने के बाद जनपद पंचायत मुरार अध्यक्ष दिलराज किरार ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी। इसके बाद विभागीय टीम ने बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र और आसपास के संभावित स्थानों पर पहुंचकर जांच की। मौके पर दवा नहीं, मेडिकल वेस्ट नहीं और राख भी नहीं मिली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर के अलावा आसपास के खेतों और अन्य संभावित स्थानों को भी देखा। ग्रामीणों से भी जानकारी ली गई कि क्या हाल के दिनों में स्वास्थ्य केंद्र के आसपास एक्सपायरी दवाएं या मेडिकल वेस्ट जलाया गया है। लेकिन जांच के दौरान जली हुई दवाओं, मेडिकल वेस्ट या राख का कोई ऐसा अवशेष नहीं मिला, जिससे वायरल वीडियो में दिखाई जा रही घटना की वर्तमान समय में पुष्टि हो सके। यहीं से पूरा मामला और गंभीर सवाल खड़ा करता है—अगर मौके पर कोई अवशेष नहीं मिला तो वीडियो कब का है और वास्तव में कहां का है? एक साल पुराना बताया जा रहा वीडियो स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है। बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र की सीएचओ साधना कुशवाहा ने भी वीडियो को पुराना बताया है। उनका कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना का वर्तमान समय से संबंध नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो वास्तव में बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र का ही है। ऐसे में अब जांच का सबसे अहम बिंदु यही है कि वीडियो की वास्तविक लोकेशन और तारीख क्या है? जनपद अध्यक्ष के निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल वायरल वीडियो के बीच जनपद पंचायत मुरार अध्यक्ष दिलराज किरार ने हस्तिनापुर स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उनके साथ सीबीएमओ डॉ. सुनील पाराशर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्टाफ मौजूद मिला, जबकि श्रीनिवास नामक कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सीबीएमओ डॉ. सुनील पाराशर ने अनुपस्थित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सीबीएमओ के अनुसार उन्होंने स्वयं जनपद अध्यक्ष के साथ स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। मामले की जानकारी सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर के संज्ञान में भी है। दवा जलाने का प्रमाण नहीं, लेकिन गंदगी ने जरूर खड़े किए सवाल जांच में भले ही सरकारी दवाओं को जलाने का कोई ताजा प्रमाण नहीं मिला, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र परिसर की सफाई व्यवस्था ने जरूर चिंता बढ़ा दी। निरीक्षण के दौरान परिसर में जगह-जगह गोबर और गंदगी दिखाई दी। खास बात यह है कि स्वास्थ्य केंद्र के आसपास शासकीय विद्यालय और नल-जल योजना से जुड़ा कुआं भी मौजूद है। ऐसे सार्वजनिक और स्वास्थ्य संबंधी स्थान के आसपास सफाई व्यवस्था का संतोषजनक नहीं होना अपने आप में गंभीर सवाल है। उपसरपंच का आरोप—गांव में नियमित नहीं आता सफाई कर्मचारी बंधोली के उपसरपंच ने आरोप लगाया कि गांव में नियमित रूप से सफाई कर्मचारी नहीं आते। उनका कहना है कि स्कूल, सार्वजनिक स्थानों और गांव के कई हिस्सों में लंबे समय से सफाई व्यवस्था प्रभावित है। वहीं सीएचओ साधना कुशवाहा के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ नियमित रूप से ड्यूटी पर आता है, लेकिन नियमित सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं होने से सफाई प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें स्वयं स्वास्थ्य केंद्र की सफाई करनी पड़ती है। अगर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई कर्मचारी की व्यवस्था नहीं है, तो यह भी स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग जांच का विषय बन सकता है। अब वायरल वीडियो की असली कहानी क्या? जांच में मौके से जली हुई दवाएं या मेडिकल वेस्ट नहीं मिलने के बाद फिलहाल वायरल वीडियो को वर्तमान घटना मानने का आधार सामने नहीं आया है। लेकिन इससे वीडियो से जुड़े मूल सवाल खत्म नहीं होते। जांच के घेरे में ये सवाल— वायरल वीडियो आखिर कहां का है? वीडियो कब बनाया गया था? उसमें दिखाई दे रही दवाएं किस सरकारी स्वास्थ्य संस्था की थीं? क्या दवाएं एक्सपायरी थीं? यदि एक्सपायरी थीं तो उनका निस्तारण किस निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया? वीडियो करीब एक साल पुराना है तो अब इसे वायरल करने की वजह क्या है? यदि वीडियो बंधोली का नहीं है तो इसकी वास्तविक लोकेशन क्या है? स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सफाई कर्मचारी क्यों नहीं है? स्वास्थ्य संस्थाओं में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था की नियमित निगरानी कौन करता है? वीडियो से बड़ा सवाल अब उसकी सच्चाई का बंधोली उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान जली हुई सरकारी दवाएं, मेडिकल वेस्ट या राख नहीं मिली। इसलिए वायरल वीडियो को वर्तमान घटना बताना फिलहाल जल्दबाजी होगी। लेकिन मामला सरकारी दवाओं के निस्तारण से जुड़ा होने के कारण वीडियो की तारीख, लोकेशन, उसमें दिखाई दे रही दवाओं और संबंधित स्वास्थ्य संस्था की पहचान की निष्पक्ष जांच जरूरी है। फिलहाल बंधोली में दवा जलाने का ताजा प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो ने दो बड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं— पहला—वीडियो की असली सच्चाई क्या है? दूसरा—स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं आखिर इतनी बदहाल क्यों हैं? अब इन सवालों का जवाब विभागीय जांच और वीडियो की वास्तविकता सामने आने के बाद ही साफ होगा। अगली खबर अगले अंक में आपको पढ़ने को मिलेगी1
- गोहद चोराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत कनीपुरा में टमटम की टक्कर से 3 वर्षीय बच्चे की मौत, मर्ग कायम गोहद चोराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत फरियादी लवकुश कुशवाह ने पुलिस को बताया कि गुरुवार की शाम को कनीपुरा में टमटम नंबर एमपी 07 जेडटी 4438 के चालक ने लापरवाही से टमटम चलाते हुए 3 वर्षीय बच्चा निखिल कुशवाह में टक्कर मार दी जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शुक्रवार को 10 बजे पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द किया।1