अंबेडकरनगर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के चिलवनियां गांव से 19 वर्षीय युवती के लापता होने के मामले में पुलिस ने एक नामजद युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती के परिजनों ने युवक पर उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। चिलवनियां गांव निवासी रामनारायण मौर्य ने जलालपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी भांजी 16 जून 2026 को अचानक गांव से लापता हो गई, जिसकी काफी खोजबीन के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। शिकायतकर्ता के अनुसार, अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के अब्दुल्लापुर निवासी सूर्य सोनी पुत्र रघुवंश सोनी उनकी भांजी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इस तहरीर के आधार पर जलालपुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 87 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अब इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और लापता युवती की तलाश के लिए एक विशेष टीम भी गठित की है। जांच अधिकारी ने बताया कि वे सभी संभावित पहलुओं पर गौर कर रहे हैं और जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा करने की उम्मीद है।
अंबेडकरनगर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के चिलवनियां गांव से 19 वर्षीय युवती के लापता होने के मामले में पुलिस ने एक नामजद युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती के परिजनों ने युवक पर उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। चिलवनियां गांव निवासी रामनारायण मौर्य ने जलालपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी भांजी 16 जून 2026 को अचानक गांव से लापता हो गई, जिसकी काफी खोजबीन के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। शिकायतकर्ता के अनुसार, अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के अब्दुल्लापुर निवासी सूर्य सोनी पुत्र रघुवंश सोनी उनकी भांजी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इस तहरीर के आधार पर जलालपुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 87 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अब इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और लापता युवती की तलाश के लिए एक विशेष टीम भी गठित की है। जांच अधिकारी ने बताया कि वे सभी संभावित पहलुओं पर गौर कर रहे हैं और जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा करने की उम्मीद है।
- उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर में एक प्रार्थी की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। आरोप है कि इस गंभीर मामले में आला अधिकारी पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं, जिस कारण प्रार्थी को न्याय नहीं मिल पा रहा है।1
- लखनऊ में एक कोचिंग में आग लगने के बाद हुए अग्निकांड में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस हृदयविदारक घटना से आहत होकर मौके पर मौजूद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक शवों को देखकर बेहद भावुक हो गए और फफक-फफक कर रो पड़े। उन्होंने अपनी आँखों देखी बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं 14 शव देखे हैं और इस हादसे में 4 बच्चे जख्मी हुए हैं।1
- अंबेडकरनगर के टांडा क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान विवाद उत्पन्न होने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। इस पूरे मामले की जानकारी सीओ द्वारा प्रदान की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में प्रशासन लखनऊ में हुई एक भीषण अग्नि कांड की घटना के बाद सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में, जिलाधिकारी (डीएम) ईशा प्रिया और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने संयुक्त रूप से विभिन्न कोचिंग सेंटरों पर पहुँचकर गहनता से जांच-पड़ताल की।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।1
- लंभुआ में झाड़ियों में निर्वाचन आयोग के मतदाता फॉर्म-6 फेंके मिलने के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस घटना के बाद, जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने लंभुआ में तैनात राजस्व प्रभारी आरके शैलेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।1
- अयोध्या में देश के प्रमुख एवं अतिसंवेदनशील हनुमानगढ़ी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सोमवार को गंभीर सवाल खड़े हो गए। सुबह करीब 10 बजे से 10:15 बजे के बीच मंदिर परिसर और मुख्य प्रवेश द्वार के पास तैनात कई सुरक्षाकर्मी मोबाइल फोन पर रील्स देखने और सोशल मीडिया का उपयोग करने में व्यस्त पाए गए, जबकि इस दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार जारी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर के भीतर और बाहर तैनात अधिकांश सुरक्षाकर्मियों का ध्यान सुरक्षा निगरानी के बजाय मोबाइल स्क्रीन पर अधिक था। वहीं कुछ पुलिसकर्मी समूह में बातचीत और हंसी-मजाक करते भी देखे गए, जिसने सुरक्षा की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। गौरतलब है कि हनुमानगढ़ी अयोध्या के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा इस क्षेत्र में उच्च सतर्कता अपेक्षित होती है। हालांकि, मंदिर परिसर के उस हिस्से में जहां श्रद्धालु हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाते हैं, वहां दो पुलिसकर्मी पूरी सतर्कता से अपनी ड्यूटी निभाते दिखे। बावजूद इसके, अन्य स्थानों पर दिखी कथित लापरवाही ने सुरक्षा प्रबंधन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि संवेदनशील स्थलों पर ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन में ध्यान केंद्रित होने से किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया बाधित हो सकती है। स्थानीय लोगों ने अयोध्या की सुरक्षा को राष्ट्रीय महत्व का विषय बताते हुए, मामले की जांच, जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की है। इस स्थिति में यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार कर्मी ही ड्यूटी पर मोबाइल में व्यस्त हों, तो किसी संभावित सुरक्षा चूक की स्थिति में जवाबदेही किसकी तय होगी?1
- लखनऊ के अलीगंज स्थित UPPCS भवन के पीछे बने एक निजी कोचिंग सेंटर में भयावह आग लग गई है। इस घटना के दौरान कई छात्र कोचिंग सेंटर से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे हैं, जबकि कुछ बच्चों के अभी भी अंदर फंसे होने की सूचना मिल रही है।1