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लखनऊ में एक कोचिंग में आग लगने के बाद हुए अग्निकांड में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस हृदयविदारक घटना से आहत होकर मौके पर मौजूद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक शवों को देखकर बेहद भावुक हो गए और फफक-फफक कर रो पड़े। उन्होंने अपनी आँखों देखी बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं 14 शव देखे हैं और इस हादसे में 4 बच्चे जख्मी हुए हैं।
Khan Rizwan
लखनऊ में एक कोचिंग में आग लगने के बाद हुए अग्निकांड में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस हृदयविदारक घटना से आहत होकर मौके पर मौजूद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक शवों को देखकर बेहद भावुक हो गए और फफक-फफक कर रो पड़े। उन्होंने अपनी आँखों देखी बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं 14 शव देखे हैं और इस हादसे में 4 बच्चे जख्मी हुए हैं।
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- एक पुराने हमले के मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी अजय प्रताप सिंह को 23 जून को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है। यह वीडियो आग लगने की शुरुआत का बताया जा रहा है। इस फुटेज में देखा जा सकता है कि कैसे बच्चे अपनी जान बचाने के लिए कोचिंग की दूसरी मंजिल से रस्सी के सहारे नीचे उतर रहे हैं।1
- आज के दौर में जहां लोग अपनी सेहत के लिए जिम और डाइट पर हजारों रुपये खर्च कर रहे हैं, वहीं मेडिकल साइंस और स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक बेहतरीन और बिल्कुल मुफ्त उपाय बता रहे हैं: खुलकर हंसना। उनके मुताबिक, "हंसना ही सबसे बेहतरीन दवा है" और मुस्कुराहट व ठहाके सबसे प्रभावी इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में उभरे हैं, जिससे सुबह-शाम गोलियां खाने की ज़रूरत कम हो सकती है। हंसने के कई वैज्ञानिक लाभ बताए गए हैं। यह तनाव को दूर करने में मदद करता है, क्योंकि खुलकर हंसने से शरीर में कोर्टिसोल (तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन) का स्तर तेजी से गिरता है और एंडोर्फिन (हैप्पी हार्मोन) का स्राव होता है। दिल की सेहत के लिए भी यह एक सुरक्षा कवच है, क्योंकि हंसने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है। इसके अलावा, हंसी एक प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में भी काम करती है; एक जोरदार ठहाका शरीर के प्राकृतिक दर्द निवारक तंत्र को सक्रिय करता है, जिससे हल्के-फुल्के बदन दर्द में तत्काल राहत मिल सकती है। हंसने से चेहरे की मांसपेशियों का भी अच्छा व्यायाम होता है, जिससे बिना किसी महंगी क्रीम के चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है। देशभर के पार्कों में अब लाफ्टर क्लब का क्रेज बढ़ रहा है, जहां लोग योग के साथ-साथ ग्रुप बनाकर बिना किसी खास वजह के भी हंसने का अभ्यास कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बनावटी हंसी भी शरीर को असली हंसी जैसे ही फायदे पहुंचाती है, क्योंकि दिमाग दोनों में फर्क नहीं कर पाता। एक महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है कि "जिंदगी में मुश्किलें चाहे जितनी हों, उनके मुंह पर एक करारा ठहाका मारिए। हंसने से मुश्किलें आसान तो नहीं होंगी, लेकिन उन्हें झेलने की ताकत दोगुनी जरूर हो जाएगी।" यह संदेश लोगों को कंजूसी छोड़कर खुद भी हंसने और दूसरों को भी हंसाने के लिए प्रेरित करता है, यह याद दिलाते हुए कि तंदुरुस्ती का रास्ता महंगी जिम मशीनों से नहीं, बल्कि होंठों की मुस्कान से होकर गुजरता है। इस पर एक व्यंगात्मक टिप्पणी भी है कि हंसने पर कोई जीएसटी नहीं लगता, इसलिए बेझिझक मुस्कुराएं और दवाइयां घटाएं।1
- सुलतानपुर शहर के घंटाघर चौकी क्षेत्र स्थित लक्ष्मी होटल में खाना खाने पहुंचे चार युवकों और होटल संचालकों के बीच बिल भुगतान को लेकर विवाद हो गया। यह कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जिसमें धर्मात्मा सिंह, विपिन पांडे और राजन नामक तीन युवक घायल हो गए। तीनों युवकों के सिर में चोटें आई हैं, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और होटल मालिक हर्षित पोपटानी तथा पूरन पोपटानी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। सीओ सिटी सौरभ सामंत ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था सामान्य है और मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- सुलतानपुर शहर के घंटाघर चौकी क्षेत्र स्थित लक्ष्मी होटल में खाने के बिल के भुगतान को लेकर हुआ विवाद मारपीट में बदल गया, जिसमें तीन युवक घायल हो गए। इन घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, होटल में खाना खाने आए चार युवकों और होटल संचालकों के बीच बिल भुगतान को लेकर पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही उग्र मारपीट में बदल गई। इस घटना में धर्मात्मा सिंह, विपिन पांडे और राजन नामक युवक घायल हुए हैं, जिनके सिर में चोटें आई हैं। जिला अस्पताल में उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और होटल मालिक हर्षित पोपटानी तथा पूरन पोपटानी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जाँच में जुट गई है। क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सामंत ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और पुलिस सभी पहलुओं की जाँच कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घंटाघर क्षेत्र में हुई इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की गंभीरता से जाँच कर रही है।1
- सुलतानपुर जिले के दोस्तपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोशैसिंहपुर ग्रामसभा में रविवार की रात अज्ञात चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। गोशैसिंहपुर निवासी अनिल यादव के मकान में हुई इस वारदात में, परिवार के सदस्यों के सोते रहने के दौरान, देर रात चोरों ने खिड़की तोड़कर घर में प्रवेश किया। चोरों ने कमरों में रखी अलमारी और बक्सों के ताले चटकाकर उनमें रखी नगदी सहित लाखों रुपये के जेवरात चोरी कर लिए और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।1
- अम्बेडकर नगर जिले की आलापुर विधानसभा क्षेत्र के बहिंगवा जोगीपुर गाँव में बंदरों का आतंक फैल गया है, जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं। इन बंदरों के डर से लोग अपनी छतों पर कपड़े नहीं फैला पा रहे हैं, क्योंकि ऐसा करना मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि जब बच्चे बाहर निकलते हैं तो बंदर उन्हें काटने के लिए दौड़ाते हैं, और रात में सोना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीण इस समस्या से बहुत त्रस्त हैं।1
- सुलतानपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत विनोबापुरी इलाके (सहारा ढाबा के पीछे) में चोरी की नीयत से घुसे दो चोरों को स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। हालाँकि, इस दौरान एक चोर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा, लेकिन जनता की सूझबूझ के कारण दूसरा चोर अब पुलिस की गिरफ्त में है। विनोबापुरी और आसपास के इलाकों में आए दिन होने वाली चोरियों से स्थानीय नागरिक बेहद परेशान और आक्रोशित थे। उनका आरोप है कि लगातार हो रही वारदातों के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी थी, जिसके चलते आखिरकार लोगों ने खुद मोर्चा संभाला और वारदात को अंजाम देने आए चोरों को घेर लिया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कोतवाली देहात थाने में चोरी को लेकर कई एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। यह घटना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों से जनता के फूटे गुस्से को स्पष्ट दर्शाती है, जिसके चलते उन्हें खुद ही चोरों को पकड़ने के लिए आगे आना पड़ा।1
- लम्भुआ कस्बे में स्थित वेलकम होम स्टे और होटल व्यवसाय की आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार संचालित होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक गुप्त स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से इन गतिविधियों का खुलासा होने का दावा किया गया है, जिसने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान, एक होटल संचालक ने कथित तौर पर ग्राहकों को 1500 से 2000 रुपये तक में महिलाओं और युवतियों की व्यवस्था कराने की बात कही, जिसमें पसंद न आने पर दूसरी महिला बुलाने और कुछ ही मिनटों में व्यवस्था करने का दावा भी शामिल था। जांच में यह भी सामने आने का दावा है कि इस नेटवर्क में केवल युवतियां ही नहीं, बल्कि शादीशुदा महिलाएं भी शामिल हैं, और होटल के कई कमरों में महिलाओं के मौजूद होने की बात कहते हुए ग्राहक को उनसे मिलवाने का प्रयास भी किया गया। सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब होटल संचालक ने कथित तौर पर यह कहा कि "सबका हिस्सा सेट है" और किसी भी संभावित कार्रवाई की सूचना पहले ही मिल जाती है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह मामला केवल अवैध देह व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करेगा। सूत्रों के अनुसार, स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी और कुछ तस्वीरें पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर को भी उपलब्ध कराई गई हैं, हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी बड़ी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी थी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र के कुछ होटलों में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा होती रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने वाले अक्सर डर के माहौल में रहते हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेजी से बढ़ रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सामाजिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा एक बड़ा मामला बन सकता है, वहीं यदि आरोप गलत हैं, तो जांच के जरिए सच्चाई सामने आनी चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लम्भुआ में होटलों की व्यापक जांच होगी? क्या स्टिंग ऑपरेशन के दावों की पुष्टि की जाएगी और क्या कथित तौर पर चल रहे इस गोरखधंधे पर प्रशासन कोई बड़ी कार्रवाई करेगा? इन सभी सवालों के जवाब का इंतजार पूरे क्षेत्र को है।1