लम्भुआ कस्बे में स्थित वेलकम होम स्टे और होटल व्यवसाय की आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार संचालित होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक गुप्त स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से इन गतिविधियों का खुलासा होने का दावा किया गया है, जिसने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान, एक होटल संचालक ने कथित तौर पर ग्राहकों को 1500 से 2000 रुपये तक में महिलाओं और युवतियों की व्यवस्था कराने की बात कही, जिसमें पसंद न आने पर दूसरी महिला बुलाने और कुछ ही मिनटों में व्यवस्था करने का दावा भी शामिल था। जांच में यह भी सामने आने का दावा है कि इस नेटवर्क में केवल युवतियां ही नहीं, बल्कि शादीशुदा महिलाएं भी शामिल हैं, और होटल के कई कमरों में महिलाओं के मौजूद होने की बात कहते हुए ग्राहक को उनसे मिलवाने का प्रयास भी किया गया। सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब होटल संचालक ने कथित तौर पर यह कहा कि "सबका हिस्सा सेट है" और किसी भी संभावित कार्रवाई की सूचना पहले ही मिल जाती है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह मामला केवल अवैध देह व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करेगा। सूत्रों के अनुसार, स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी और कुछ तस्वीरें पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर को भी उपलब्ध कराई गई हैं, हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी बड़ी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी थी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र के कुछ होटलों में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा होती रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने वाले अक्सर डर के माहौल में रहते हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेजी से बढ़ रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सामाजिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा एक बड़ा मामला बन सकता है, वहीं यदि आरोप गलत हैं, तो जांच के जरिए सच्चाई सामने आनी चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लम्भुआ में होटलों की व्यापक जांच होगी? क्या स्टिंग ऑपरेशन के दावों की पुष्टि की जाएगी और क्या कथित तौर पर चल रहे इस गोरखधंधे पर प्रशासन कोई बड़ी कार्रवाई करेगा? इन सभी सवालों के जवाब का इंतजार पूरे क्षेत्र को है।
लम्भुआ कस्बे में स्थित वेलकम होम स्टे और होटल व्यवसाय की आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार संचालित होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक गुप्त स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से इन गतिविधियों का खुलासा होने का दावा किया गया है, जिसने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान, एक होटल संचालक ने कथित तौर पर ग्राहकों को 1500 से 2000 रुपये तक में महिलाओं और युवतियों की व्यवस्था कराने की बात कही, जिसमें पसंद न आने पर दूसरी महिला बुलाने और कुछ ही मिनटों में व्यवस्था करने का दावा भी शामिल था। जांच में यह भी सामने आने का दावा है कि इस नेटवर्क में केवल युवतियां ही नहीं, बल्कि शादीशुदा महिलाएं भी शामिल हैं, और होटल के कई कमरों में महिलाओं के मौजूद होने की बात कहते हुए ग्राहक को उनसे मिलवाने का प्रयास भी किया गया। सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब होटल संचालक ने कथित तौर पर यह कहा कि "सबका हिस्सा सेट है" और किसी भी संभावित कार्रवाई की सूचना पहले ही मिल जाती है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह मामला केवल अवैध देह व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करेगा। सूत्रों के अनुसार, स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी और कुछ तस्वीरें पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर को भी उपलब्ध कराई गई हैं, हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी बड़ी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी थी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र के कुछ होटलों में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा होती रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने वाले अक्सर डर के माहौल में रहते हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेजी से बढ़ रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सामाजिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा एक बड़ा मामला बन सकता है, वहीं यदि आरोप गलत हैं, तो जांच के जरिए सच्चाई सामने आनी चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लम्भुआ में होटलों की व्यापक जांच होगी? क्या स्टिंग ऑपरेशन के दावों की पुष्टि की जाएगी और क्या कथित तौर पर चल रहे इस गोरखधंधे पर प्रशासन कोई बड़ी कार्रवाई करेगा? इन सभी सवालों के जवाब का इंतजार पूरे क्षेत्र को है।
- आज के दौर में जहां लोग अपनी सेहत के लिए जिम और डाइट पर हजारों रुपये खर्च कर रहे हैं, वहीं मेडिकल साइंस और स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक बेहतरीन और बिल्कुल मुफ्त उपाय बता रहे हैं: खुलकर हंसना। उनके मुताबिक, "हंसना ही सबसे बेहतरीन दवा है" और मुस्कुराहट व ठहाके सबसे प्रभावी इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में उभरे हैं, जिससे सुबह-शाम गोलियां खाने की ज़रूरत कम हो सकती है। हंसने के कई वैज्ञानिक लाभ बताए गए हैं। यह तनाव को दूर करने में मदद करता है, क्योंकि खुलकर हंसने से शरीर में कोर्टिसोल (तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन) का स्तर तेजी से गिरता है और एंडोर्फिन (हैप्पी हार्मोन) का स्राव होता है। दिल की सेहत के लिए भी यह एक सुरक्षा कवच है, क्योंकि हंसने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है। इसके अलावा, हंसी एक प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में भी काम करती है; एक जोरदार ठहाका शरीर के प्राकृतिक दर्द निवारक तंत्र को सक्रिय करता है, जिससे हल्के-फुल्के बदन दर्द में तत्काल राहत मिल सकती है। हंसने से चेहरे की मांसपेशियों का भी अच्छा व्यायाम होता है, जिससे बिना किसी महंगी क्रीम के चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है। देशभर के पार्कों में अब लाफ्टर क्लब का क्रेज बढ़ रहा है, जहां लोग योग के साथ-साथ ग्रुप बनाकर बिना किसी खास वजह के भी हंसने का अभ्यास कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बनावटी हंसी भी शरीर को असली हंसी जैसे ही फायदे पहुंचाती है, क्योंकि दिमाग दोनों में फर्क नहीं कर पाता। एक महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है कि "जिंदगी में मुश्किलें चाहे जितनी हों, उनके मुंह पर एक करारा ठहाका मारिए। हंसने से मुश्किलें आसान तो नहीं होंगी, लेकिन उन्हें झेलने की ताकत दोगुनी जरूर हो जाएगी।" यह संदेश लोगों को कंजूसी छोड़कर खुद भी हंसने और दूसरों को भी हंसाने के लिए प्रेरित करता है, यह याद दिलाते हुए कि तंदुरुस्ती का रास्ता महंगी जिम मशीनों से नहीं, बल्कि होंठों की मुस्कान से होकर गुजरता है। इस पर एक व्यंगात्मक टिप्पणी भी है कि हंसने पर कोई जीएसटी नहीं लगता, इसलिए बेझिझक मुस्कुराएं और दवाइयां घटाएं।1
- सुलतानपुर शहर के घंटाघर चौकी क्षेत्र स्थित लक्ष्मी होटल में खाने के बिल के भुगतान को लेकर हुआ विवाद मारपीट में बदल गया, जिसमें तीन युवक घायल हो गए। इन घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, होटल में खाना खाने आए चार युवकों और होटल संचालकों के बीच बिल भुगतान को लेकर पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही उग्र मारपीट में बदल गई। इस घटना में धर्मात्मा सिंह, विपिन पांडे और राजन नामक युवक घायल हुए हैं, जिनके सिर में चोटें आई हैं। जिला अस्पताल में उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और होटल मालिक हर्षित पोपटानी तथा पूरन पोपटानी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जाँच में जुट गई है। क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सामंत ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और पुलिस सभी पहलुओं की जाँच कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घंटाघर क्षेत्र में हुई इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की गंभीरता से जाँच कर रही है।1
- सुलतानपुर जिले के दोस्तपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोशैसिंहपुर ग्रामसभा में रविवार की रात अज्ञात चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। गोशैसिंहपुर निवासी अनिल यादव के मकान में हुई इस वारदात में, परिवार के सदस्यों के सोते रहने के दौरान, देर रात चोरों ने खिड़की तोड़कर घर में प्रवेश किया। चोरों ने कमरों में रखी अलमारी और बक्सों के ताले चटकाकर उनमें रखी नगदी सहित लाखों रुपये के जेवरात चोरी कर लिए और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।1
- सुल्तानपुर में लखनऊ-वाराणसी फोरलेन के किनारे दियरा रोड पर झाड़ियों में तहसील लम्भुआ के अहम सरकारी दस्तावेज़ों का एक बंडल मिलने के मामले में जिलाधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना के बाद प्रभारी रजिस्ट्रार कानून-गो, लम्भुआ शैलेन्द्र सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया गया है, साथ ही अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। ये दस्तावेज़ आज सुबह ही फोरलेन किनारे एक खेत में डंप किए हुए पाए गए थे, जिन्हें जाँच टीम ने सुरक्षित वापस तहसील लाकर रखा है। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि इनमें कुछ 2018 के आरसी प्रपत्र और कुछ 2018 के ही फार्म-6 शामिल हैं। ये सभी प्रपत्र पुरानी तहसील के एक कमरे में ताला लगाकर सुरक्षित रखे गए थे। जिन अज्ञात व्यक्तियों ने इन दस्तावेज़ों को वहां से निकालकर खेत में डंप किया है, उन्होंने कमरे का ताला तोड़ा था, जिसके लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले की जाँच एडीएम E, सीओ लम्भुआ और एसडीएम लम्भुआ की एक टीम द्वारा की जा रही थी, जिन्होंने अपनी जाँच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई हुई है। प्रशासन ने कुछ शरारती तत्वों द्वारा इन प्रपत्रों को 'SIR' से जोड़े जाने की कोशिशों को सिरे से खारिज किया है, इसे बिल्कुल गलत बताया है। जिलाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे शरारती तत्वों की पहचान कर उन पर गलत सूचना फैलाने के आरोप में भी कार्रवाई की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, जहाँ तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच चुका है। इस असहनीय गर्मी से इंसान के साथ-साथ पक्षी और अन्य जीव-जंतु भी बेहाल हैं। इसी बीच, सुल्तानपुर जिले के एक गाँव से एक सुंदर वीडियो सामने आया है, जिसने लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। इस वीडियो में खेतों में भरे पानी में कई पक्षी गर्मी से राहत पाने के लिए डुबकियाँ लगाते, नहाते और पंख फैलाकर पानी उछालते दिख रहे हैं। यह दृश्य इतना मनमोहक है कि देखने वाले कुछ पल के लिए गर्मी की परेशानी भूल जाते हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में गर्मी के और बढ़ने की संभावना जताई है। ऐसे में पर्यावरण प्रेमियों ने यह संदेश दिया है कि पेड़ लगाना, जल संरक्षण करना और जीव-जंतुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह छोटा-सा वीडियो गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी संवेदनशीलता और आस-पास के जीवों की मदद करने के महत्व को रेखांकित करता है, जिससे सुल्तानपुर का यह सुंदर नज़ारा गर्मी की थकान मिटाने वाला अनुभव बन गया है।1
- सुलतानपुर जिले के लम्भुआ कस्बे में भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता पंजीकरण फॉर्म-6 की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। दियरा रोड के पास हाइवे किनारे झाड़ियों में सैकड़ों भरे हुए फॉर्म-6 फेंके हुए पाए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इन बरामद फॉर्म में लम्भुआ कस्बे के गोसाईं का पूरा (गांधी नगर) क्षेत्र के मतदाताओं के आवेदन शामिल हैं। इन फॉर्म के साथ आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी भी संलग्न मिली हैं। मतदाता फॉर्म में नाम, पता, उम्र और मोबाइल नंबर जैसे संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा मौजूद होता है। इस तरह खुले में संवेदनशील जानकारी वाले दस्तावेजों को फेंके जाने से डेटा चोरी और उसके दुरुपयोग का खतरा बढ़ गया है। निर्वाचन आयोग के सख्त प्रोटोकॉल के तहत होने वाले मतदाता सूची के कार्य के दौरान फॉर्म को खुले में फेंकना आयोग के नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है। खबर लिखे जाने तक तहसील और निर्वाचन कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल पाया था। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी है, साथ ही दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही गई है।1
- सुलतानपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत विनोबापुरी इलाके (सहारा ढाबा के पीछे) में चोरी की नीयत से घुसे दो चोरों को स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। हालाँकि, इस दौरान एक चोर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा, लेकिन जनता की सूझबूझ के कारण दूसरा चोर अब पुलिस की गिरफ्त में है। विनोबापुरी और आसपास के इलाकों में आए दिन होने वाली चोरियों से स्थानीय नागरिक बेहद परेशान और आक्रोशित थे। उनका आरोप है कि लगातार हो रही वारदातों के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी थी, जिसके चलते आखिरकार लोगों ने खुद मोर्चा संभाला और वारदात को अंजाम देने आए चोरों को घेर लिया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कोतवाली देहात थाने में चोरी को लेकर कई एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। यह घटना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों से जनता के फूटे गुस्से को स्पष्ट दर्शाती है, जिसके चलते उन्हें खुद ही चोरों को पकड़ने के लिए आगे आना पड़ा।1
- आगामी मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र, प्रतापगढ़ पुलिस ने जिले में ताजिया दफन स्थलों का गहन निरीक्षण किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की व्यवस्थाओं का जायजा लेना था। यह कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए की गई कि पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और पारंपरिक ढंग से संपन्न हो। पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में, क्षेत्राधिकारी पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने उपजिलाधिकारी पट्टी, तहसीलदार पट्टी और प्रभारी निरीक्षक कंधई समेत अन्य अधिकारियों के साथ थाना कंधई क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न ताजिया दफन स्थलों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने ताजिया दफन स्थलों, आवागमन मार्गों और समग्र सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से मुआयना करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस दौरान, स्थानीय संभ्रांत व्यक्तियों और ताजियादारों से भी संवाद स्थापित कर मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की अपील की गई। निरीक्षण के क्रम में, यातायात नियमों के उल्लंघन पर एक वाहन के विंडशील्ड पर लगी काली फिल्म को मौके पर ही हटवाया गया तथा वाहन स्वामी को यातायात नियमों का पालन करने हेतु निर्देशित किया गया। अधिकारियों द्वारा लोगों को पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के संबंध में भी जागरूक किया गया। जनपद प्रतापगढ़ पुलिस ने आगामी मोहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने हेतु अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई है।1
- सोमवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद की जिला अध्यक्ष बिंदेश्वरी प्रसाद उर्फ बिंदू पाठक ने भारत सरकार के गृह मंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन उप जिला अधिकारी पट्टी को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से बिहार राज्य के जनपद भोजपुर के थाना शाहपुर क्षेत्र के गांव बिलौटी में 17-6-26 को पुलिस एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी को मार गिराए जाने के मामले में वैधानिक कार्यवाही की मांग की गई है। परिषद के जिला अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर चल रही जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि उक्त व्यक्ति ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर हथियार डाल दिए थे। उनकी दलील है कि ऐसी स्थिति में, उन्हें विधि सम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, परंतु ऐसा नहीं किया गया। ज्ञापन में इस पूरे मामले में दोषी व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्यवाही किए जाने की पुरजोर मांग की गई है।1