सुलतानपुर जिले के लम्भुआ कस्बे में भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता पंजीकरण फॉर्म-6 की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। दियरा रोड के पास हाइवे किनारे झाड़ियों में सैकड़ों भरे हुए फॉर्म-6 फेंके हुए पाए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इन बरामद फॉर्म में लम्भुआ कस्बे के गोसाईं का पूरा (गांधी नगर) क्षेत्र के मतदाताओं के आवेदन शामिल हैं। इन फॉर्म के साथ आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी भी संलग्न मिली हैं। मतदाता फॉर्म में नाम, पता, उम्र और मोबाइल नंबर जैसे संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा मौजूद होता है। इस तरह खुले में संवेदनशील जानकारी वाले दस्तावेजों को फेंके जाने से डेटा चोरी और उसके दुरुपयोग का खतरा बढ़ गया है। निर्वाचन आयोग के सख्त प्रोटोकॉल के तहत होने वाले मतदाता सूची के कार्य के दौरान फॉर्म को खुले में फेंकना आयोग के नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है। खबर लिखे जाने तक तहसील और निर्वाचन कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल पाया था। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी है, साथ ही दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही गई है।
सुलतानपुर जिले के लम्भुआ कस्बे में भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता पंजीकरण फॉर्म-6 की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। दियरा रोड के पास हाइवे किनारे झाड़ियों में सैकड़ों भरे हुए फॉर्म-6 फेंके हुए पाए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इन बरामद फॉर्म में लम्भुआ कस्बे के गोसाईं का पूरा (गांधी नगर) क्षेत्र के मतदाताओं के आवेदन शामिल हैं। इन फॉर्म के साथ आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी भी संलग्न मिली हैं। मतदाता फॉर्म में नाम, पता, उम्र और मोबाइल नंबर जैसे संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा मौजूद होता है। इस तरह खुले में संवेदनशील जानकारी वाले दस्तावेजों को फेंके जाने से डेटा चोरी और उसके दुरुपयोग का खतरा बढ़ गया है। निर्वाचन आयोग के सख्त प्रोटोकॉल के तहत होने वाले मतदाता सूची के कार्य के दौरान फॉर्म को खुले में फेंकना आयोग के नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है। खबर लिखे जाने तक तहसील और निर्वाचन कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल पाया था। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी है, साथ ही दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही गई है।
- आज के दौर में जहां लोग अपनी सेहत के लिए जिम और डाइट पर हजारों रुपये खर्च कर रहे हैं, वहीं मेडिकल साइंस और स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक बेहतरीन और बिल्कुल मुफ्त उपाय बता रहे हैं: खुलकर हंसना। उनके मुताबिक, "हंसना ही सबसे बेहतरीन दवा है" और मुस्कुराहट व ठहाके सबसे प्रभावी इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में उभरे हैं, जिससे सुबह-शाम गोलियां खाने की ज़रूरत कम हो सकती है। हंसने के कई वैज्ञानिक लाभ बताए गए हैं। यह तनाव को दूर करने में मदद करता है, क्योंकि खुलकर हंसने से शरीर में कोर्टिसोल (तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन) का स्तर तेजी से गिरता है और एंडोर्फिन (हैप्पी हार्मोन) का स्राव होता है। दिल की सेहत के लिए भी यह एक सुरक्षा कवच है, क्योंकि हंसने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है। इसके अलावा, हंसी एक प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में भी काम करती है; एक जोरदार ठहाका शरीर के प्राकृतिक दर्द निवारक तंत्र को सक्रिय करता है, जिससे हल्के-फुल्के बदन दर्द में तत्काल राहत मिल सकती है। हंसने से चेहरे की मांसपेशियों का भी अच्छा व्यायाम होता है, जिससे बिना किसी महंगी क्रीम के चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है। देशभर के पार्कों में अब लाफ्टर क्लब का क्रेज बढ़ रहा है, जहां लोग योग के साथ-साथ ग्रुप बनाकर बिना किसी खास वजह के भी हंसने का अभ्यास कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बनावटी हंसी भी शरीर को असली हंसी जैसे ही फायदे पहुंचाती है, क्योंकि दिमाग दोनों में फर्क नहीं कर पाता। एक महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है कि "जिंदगी में मुश्किलें चाहे जितनी हों, उनके मुंह पर एक करारा ठहाका मारिए। हंसने से मुश्किलें आसान तो नहीं होंगी, लेकिन उन्हें झेलने की ताकत दोगुनी जरूर हो जाएगी।" यह संदेश लोगों को कंजूसी छोड़कर खुद भी हंसने और दूसरों को भी हंसाने के लिए प्रेरित करता है, यह याद दिलाते हुए कि तंदुरुस्ती का रास्ता महंगी जिम मशीनों से नहीं, बल्कि होंठों की मुस्कान से होकर गुजरता है। इस पर एक व्यंगात्मक टिप्पणी भी है कि हंसने पर कोई जीएसटी नहीं लगता, इसलिए बेझिझक मुस्कुराएं और दवाइयां घटाएं।1
- सुलतानपुर जिले के दोस्तपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोशैसिंहपुर ग्रामसभा में रविवार की रात अज्ञात चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। गोशैसिंहपुर निवासी अनिल यादव के मकान में हुई इस वारदात में, परिवार के सदस्यों के सोते रहने के दौरान, देर रात चोरों ने खिड़की तोड़कर घर में प्रवेश किया। चोरों ने कमरों में रखी अलमारी और बक्सों के ताले चटकाकर उनमें रखी नगदी सहित लाखों रुपये के जेवरात चोरी कर लिए और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।1
- लम्भुआ कस्बे में स्थित वेलकम होम स्टे और होटल व्यवसाय की आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार संचालित होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक गुप्त स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से इन गतिविधियों का खुलासा होने का दावा किया गया है, जिसने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान, एक होटल संचालक ने कथित तौर पर ग्राहकों को 1500 से 2000 रुपये तक में महिलाओं और युवतियों की व्यवस्था कराने की बात कही, जिसमें पसंद न आने पर दूसरी महिला बुलाने और कुछ ही मिनटों में व्यवस्था करने का दावा भी शामिल था। जांच में यह भी सामने आने का दावा है कि इस नेटवर्क में केवल युवतियां ही नहीं, बल्कि शादीशुदा महिलाएं भी शामिल हैं, और होटल के कई कमरों में महिलाओं के मौजूद होने की बात कहते हुए ग्राहक को उनसे मिलवाने का प्रयास भी किया गया। सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब होटल संचालक ने कथित तौर पर यह कहा कि "सबका हिस्सा सेट है" और किसी भी संभावित कार्रवाई की सूचना पहले ही मिल जाती है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह मामला केवल अवैध देह व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करेगा। सूत्रों के अनुसार, स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी और कुछ तस्वीरें पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर को भी उपलब्ध कराई गई हैं, हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी बड़ी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी थी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र के कुछ होटलों में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा होती रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने वाले अक्सर डर के माहौल में रहते हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेजी से बढ़ रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सामाजिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा एक बड़ा मामला बन सकता है, वहीं यदि आरोप गलत हैं, तो जांच के जरिए सच्चाई सामने आनी चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लम्भुआ में होटलों की व्यापक जांच होगी? क्या स्टिंग ऑपरेशन के दावों की पुष्टि की जाएगी और क्या कथित तौर पर चल रहे इस गोरखधंधे पर प्रशासन कोई बड़ी कार्रवाई करेगा? इन सभी सवालों के जवाब का इंतजार पूरे क्षेत्र को है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर 2:15 बजे एक बड़ा अग्निकांड हुआ, जिसमें अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में ज्यादातर कोचिंग के छात्र बताए जा रहे हैं। इस भीषण आग से बचने के लिए कुछ छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया, जबकि कई अन्य पहले फ्लोर से कूद गए। कुछ छात्र जान बचाने के लिए तारों से लटककर नीचे उतरे। इंसानों के साथ-साथ कई जानवर भी इस आग की चपेट में आकर फंस गए थे। अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए फायरकर्मियों ने बिल्डिंग की पीछे की दीवार तोड़ दी, जिसके बाद एक-एक करके शवों को बाहर निकाला गया। घटनास्थल पर शवों को देखकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की आंखों से भी आंसू छलक आए।3
- सुलतानपुर जिले के लम्भुआ तहसील की कोर्ट से गोपनीय दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। इस मामले का जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया, जिसके परिणामस्वरूप जिम्मेदार व्यक्तियों पर त्वरित कार्यवाही भी की गई। इस प्रभावी और त्वरित कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी का दिल से धन्यवाद व्यक्त किया गया है।4
- लम्भुआ, सुल्तानपुर में भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता पंजीकरण फॉर्म-6 की भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। लम्भुआ कस्बे के दियरा रोड स्थित हाइवे किनारे झाड़ियों में बड़ी संख्या में भरे हुए फॉर्म-6, जिनमें आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की छायाप्रति भी लगी थी, फेंके हुए मिले। स्थानीय लोगों ने बताया कि ये बरामद फॉर्म लम्भुआ कस्बे के गोसाईं का पूरा (गांधी नगर) क्षेत्र के मतदाताओं के आवेदन थे। सूचना मिलने पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम, जिसमें लेखपाल ब्रजेश उपाध्याय, बलराम सिंह और रिंकू पाल शामिल थे, मौके पर पहुँची और कागज़ातों को अपने कब्जे में लिया। इसी बीच मौके पर पहुँचे समाजवादी पार्टी के नेता वंशराज यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फेंके गए फॉर्म-6 में अधिकतर एससी, एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी समुदाय के मतदाताओं के आवेदन शामिल हैं। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इन फॉर्मों में नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर जैसे संवेदनशील डेटा होते हैं, और इस तरह खुले में इनके फेंके जाने से डेटा के दुरुपयोग का खतरा काफी बढ़ गया है। निर्वाचन आयोग के प्रोटोकॉल के अनुसार, मतदाता संबंधी दस्तावेजों का निस्तारण एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही किया जाना चाहिए। खबर लिखे जाने तक तहसील या निर्वाचन कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो सका था। हालांकि, सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि विभाग ने इस मामले का संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि क्या इस संवेदनशील मामले पर वाकई दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी, या इसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।2
- सुलतानपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत विनोबापुरी इलाके (सहारा ढाबा के पीछे) में चोरी की नीयत से घुसे दो चोरों को स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। हालाँकि, इस दौरान एक चोर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा, लेकिन जनता की सूझबूझ के कारण दूसरा चोर अब पुलिस की गिरफ्त में है। विनोबापुरी और आसपास के इलाकों में आए दिन होने वाली चोरियों से स्थानीय नागरिक बेहद परेशान और आक्रोशित थे। उनका आरोप है कि लगातार हो रही वारदातों के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी थी, जिसके चलते आखिरकार लोगों ने खुद मोर्चा संभाला और वारदात को अंजाम देने आए चोरों को घेर लिया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कोतवाली देहात थाने में चोरी को लेकर कई एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। यह घटना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों से जनता के फूटे गुस्से को स्पष्ट दर्शाती है, जिसके चलते उन्हें खुद ही चोरों को पकड़ने के लिए आगे आना पड़ा।1
- अमेठी में रविवार को केपीएस विद्यालय परिसर में वित्तविहीन प्रबंधक फाउंडेशन की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 23 जून को संगठन के स्थापना दिवस और प्रांतीय सम्मेलन के आयोजन की कार्य योजना तैयार करना था। यह प्रांतीय सम्मेलन स्थानीय अमेठी कस्बे के नरेंद्र गार्डन में आयोजित किया जाएगा। संगठन के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम में महिला कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष कमलावती सिंह मुख्य अतिथि होंगी। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधक हिस्सा लेंगे, जहाँ उन्हें विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए नई दिशा प्रदान की जाएगी। जिलाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि यह सम्मेलन वित्तविहीन विद्यालयों की समस्याओं और शैक्षिक सुधारों पर मंथन का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। बैठक के दौरान, राघवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रांतीय सम्मेलन की तैयारियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसमें मुख्य अतिथि और प्रदेश भर से आने वाले पदाधिकारियों के रुकने तथा सम्मेलन स्थल तक पहुँचने की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। महिला प्रबंधकों को सम्मेलन स्थल तक लाने की जिम्मेदारी ममता मिश्रा को सौंपी गई है। इस महत्वपूर्ण बैठक में सुनील मिश्रा, आशीष सिंह सहित दर्जनों प्रबंधक उपस्थित रहे। जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने सभी पदाधिकारियों से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की।1
- लखनऊ के पुरानिया इलाके के पास स्थित अलीगंज लाइब्रेरी में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस आगजनी के दौरान एक व्यक्ति ने बचने के लिए छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस पूरे मामले का मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लिया है।1