सुलतानपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत विनोबापुरी इलाके (सहारा ढाबा के पीछे) में चोरी की नीयत से घुसे दो चोरों को स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। हालाँकि, इस दौरान एक चोर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा, लेकिन जनता की सूझबूझ के कारण दूसरा चोर अब पुलिस की गिरफ्त में है। विनोबापुरी और आसपास के इलाकों में आए दिन होने वाली चोरियों से स्थानीय नागरिक बेहद परेशान और आक्रोशित थे। उनका आरोप है कि लगातार हो रही वारदातों के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी थी, जिसके चलते आखिरकार लोगों ने खुद मोर्चा संभाला और वारदात को अंजाम देने आए चोरों को घेर लिया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कोतवाली देहात थाने में चोरी को लेकर कई एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। यह घटना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों से जनता के फूटे गुस्से को स्पष्ट दर्शाती है, जिसके चलते उन्हें खुद ही चोरों को पकड़ने के लिए आगे आना पड़ा।
सुलतानपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत विनोबापुरी इलाके (सहारा ढाबा के पीछे) में चोरी की नीयत से घुसे दो चोरों को स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। हालाँकि, इस दौरान एक चोर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा, लेकिन जनता की सूझबूझ के कारण दूसरा चोर अब पुलिस की गिरफ्त में है। विनोबापुरी और आसपास के इलाकों में आए दिन होने वाली चोरियों से स्थानीय नागरिक बेहद परेशान और आक्रोशित थे। उनका आरोप है कि लगातार हो रही वारदातों के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी थी, जिसके चलते आखिरकार लोगों ने खुद मोर्चा संभाला और वारदात को अंजाम देने आए चोरों को घेर लिया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कोतवाली देहात थाने में चोरी को लेकर कई एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। यह घटना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों से जनता के फूटे गुस्से को स्पष्ट दर्शाती है, जिसके चलते उन्हें खुद ही चोरों को पकड़ने के लिए आगे आना पड़ा।
- आज के दौर में जहां लोग अपनी सेहत के लिए जिम और डाइट पर हजारों रुपये खर्च कर रहे हैं, वहीं मेडिकल साइंस और स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक बेहतरीन और बिल्कुल मुफ्त उपाय बता रहे हैं: खुलकर हंसना। उनके मुताबिक, "हंसना ही सबसे बेहतरीन दवा है" और मुस्कुराहट व ठहाके सबसे प्रभावी इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में उभरे हैं, जिससे सुबह-शाम गोलियां खाने की ज़रूरत कम हो सकती है। हंसने के कई वैज्ञानिक लाभ बताए गए हैं। यह तनाव को दूर करने में मदद करता है, क्योंकि खुलकर हंसने से शरीर में कोर्टिसोल (तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन) का स्तर तेजी से गिरता है और एंडोर्फिन (हैप्पी हार्मोन) का स्राव होता है। दिल की सेहत के लिए भी यह एक सुरक्षा कवच है, क्योंकि हंसने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है। इसके अलावा, हंसी एक प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में भी काम करती है; एक जोरदार ठहाका शरीर के प्राकृतिक दर्द निवारक तंत्र को सक्रिय करता है, जिससे हल्के-फुल्के बदन दर्द में तत्काल राहत मिल सकती है। हंसने से चेहरे की मांसपेशियों का भी अच्छा व्यायाम होता है, जिससे बिना किसी महंगी क्रीम के चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है। देशभर के पार्कों में अब लाफ्टर क्लब का क्रेज बढ़ रहा है, जहां लोग योग के साथ-साथ ग्रुप बनाकर बिना किसी खास वजह के भी हंसने का अभ्यास कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बनावटी हंसी भी शरीर को असली हंसी जैसे ही फायदे पहुंचाती है, क्योंकि दिमाग दोनों में फर्क नहीं कर पाता। एक महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है कि "जिंदगी में मुश्किलें चाहे जितनी हों, उनके मुंह पर एक करारा ठहाका मारिए। हंसने से मुश्किलें आसान तो नहीं होंगी, लेकिन उन्हें झेलने की ताकत दोगुनी जरूर हो जाएगी।" यह संदेश लोगों को कंजूसी छोड़कर खुद भी हंसने और दूसरों को भी हंसाने के लिए प्रेरित करता है, यह याद दिलाते हुए कि तंदुरुस्ती का रास्ता महंगी जिम मशीनों से नहीं, बल्कि होंठों की मुस्कान से होकर गुजरता है। इस पर एक व्यंगात्मक टिप्पणी भी है कि हंसने पर कोई जीएसटी नहीं लगता, इसलिए बेझिझक मुस्कुराएं और दवाइयां घटाएं।1
- सुलतानपुर जिले के दोस्तपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोशैसिंहपुर ग्रामसभा में रविवार की रात अज्ञात चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। गोशैसिंहपुर निवासी अनिल यादव के मकान में हुई इस वारदात में, परिवार के सदस्यों के सोते रहने के दौरान, देर रात चोरों ने खिड़की तोड़कर घर में प्रवेश किया। चोरों ने कमरों में रखी अलमारी और बक्सों के ताले चटकाकर उनमें रखी नगदी सहित लाखों रुपये के जेवरात चोरी कर लिए और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।1
- प्रस्तुत पोस्ट में 'जय जय महाकाल' का बार-बार उद्घोष किया गया है। यह महाकाल के प्रति गहरी भक्ति, श्रद्धा और जय-जयकार का एक प्रबल प्रदर्शन है, जो पूर्णतः भक्तिमय वातावरण को दर्शाता है।1
- समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और शिक्षक श्यामलाल निषाद ने लंभुआ के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) से मुलाकात कर यह गंभीर सवाल उठाया है कि महत्वपूर्ण फॉर्म 6 समेत अन्य अभिलेख सड़क किनारे कैसे मिले। उन्होंने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान और दोषियों को कब तक जेल भेजा जाएगा, इस पर प्रशासन से जवाब मांगा है। निषाद ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि लंभुआ की जनता को इस मामले में जल्द ही संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। शिक्षक श्यामलाल निषाद, जो लंभुआ से भावी विधानसभा प्रत्याशी भी हैं, ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कही।1
- सुलतानपुर शहर के घंटाघर चौकी क्षेत्र स्थित लक्ष्मी होटल में खाना खाने पहुंचे चार युवकों और होटल संचालकों के बीच बिल भुगतान को लेकर विवाद हो गया। यह कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जिसमें धर्मात्मा सिंह, विपिन पांडे और राजन नामक तीन युवक घायल हो गए। तीनों युवकों के सिर में चोटें आई हैं, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और होटल मालिक हर्षित पोपटानी तथा पूरन पोपटानी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। सीओ सिटी सौरभ सामंत ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था सामान्य है और मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- सुलतानपुर शहर के घंटाघर चौकी क्षेत्र स्थित लक्ष्मी होटल में खाने के बिल के भुगतान को लेकर हुआ विवाद मारपीट में बदल गया, जिसमें तीन युवक घायल हो गए। इन घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, होटल में खाना खाने आए चार युवकों और होटल संचालकों के बीच बिल भुगतान को लेकर पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही उग्र मारपीट में बदल गई। इस घटना में धर्मात्मा सिंह, विपिन पांडे और राजन नामक युवक घायल हुए हैं, जिनके सिर में चोटें आई हैं। जिला अस्पताल में उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और होटल मालिक हर्षित पोपटानी तथा पूरन पोपटानी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जाँच में जुट गई है। क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सामंत ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और पुलिस सभी पहलुओं की जाँच कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घंटाघर क्षेत्र में हुई इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की गंभीरता से जाँच कर रही है।1
- सुलतानपुर के गोसाईगंज बाजार स्थित जामा मस्जिद के पास पांचवीं मोहर्रम के अवसर पर गरीब सेवा समिति द्वारा एक भव्य शरबत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सराहनीय प्रयास के तहत हजारों लोगों को शरबत वितरित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के प्रदेश अल्पसंख्यक अध्यक्ष डॉ. नसीब खान ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य पद के संभावित उम्मीदवार गुड्डू खान भी उपस्थित रहे, जिन्होंने मोहर्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महीना त्याग, बलिदान और मानवता का संदेश देता है। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से जरूरतमंदों की सहायता करने और नेक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में आबाद हाशमी, दिलशाद बाबा कादरी, कबीर अहमद, पप्पू भाई, दानिश अहमद, आदिल कुरैशी, मौलाना सोहेल साहब सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित होकर इस पहल का समर्थन किया।1
- सुलतानपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत विनोबापुरी इलाके (सहारा ढाबा के पीछे) में चोरी की नीयत से घुसे दो चोरों को स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। हालाँकि, इस दौरान एक चोर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा, लेकिन जनता की सूझबूझ के कारण दूसरा चोर अब पुलिस की गिरफ्त में है। विनोबापुरी और आसपास के इलाकों में आए दिन होने वाली चोरियों से स्थानीय नागरिक बेहद परेशान और आक्रोशित थे। उनका आरोप है कि लगातार हो रही वारदातों के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी थी, जिसके चलते आखिरकार लोगों ने खुद मोर्चा संभाला और वारदात को अंजाम देने आए चोरों को घेर लिया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कोतवाली देहात थाने में चोरी को लेकर कई एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी हैं। यह घटना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों से जनता के फूटे गुस्से को स्पष्ट दर्शाती है, जिसके चलते उन्हें खुद ही चोरों को पकड़ने के लिए आगे आना पड़ा।1