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अम्बेडकर नगर जिले की आलापुर विधानसभा क्षेत्र के बहिंगवा जोगीपुर गाँव में बंदरों का आतंक फैल गया है, जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं। इन बंदरों के डर से लोग अपनी छतों पर कपड़े नहीं फैला पा रहे हैं, क्योंकि ऐसा करना मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि जब बच्चे बाहर निकलते हैं तो बंदर उन्हें काटने के लिए दौड़ाते हैं, और रात में सोना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीण इस समस्या से बहुत त्रस्त हैं।
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अम्बेडकर नगर जिले की आलापुर विधानसभा क्षेत्र के बहिंगवा जोगीपुर गाँव में बंदरों का आतंक फैल गया है, जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं। इन बंदरों के डर से लोग अपनी छतों पर कपड़े नहीं फैला पा रहे हैं, क्योंकि ऐसा करना मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि जब बच्चे बाहर निकलते हैं तो बंदर उन्हें काटने के लिए दौड़ाते हैं, और रात में सोना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीण इस समस्या से बहुत त्रस्त हैं।
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- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है। यह वीडियो आग लगने की शुरुआत का बताया जा रहा है। इस फुटेज में देखा जा सकता है कि कैसे बच्चे अपनी जान बचाने के लिए कोचिंग की दूसरी मंजिल से रस्सी के सहारे नीचे उतर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले में लगभग सभी तहसील क्षेत्रों में इन दिनों जमीनी विवादों को लेकर हाहाकार की स्थिति देखी जा रही है, जिसके चलते जगह-जगह खूनी संघर्ष हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति के बीच, आरोप है कि राजस्व कर्मचारी दोनों पक्षों से 'सुविधा शुल्क' वसूल कर 'मलाई काट' रहे हैं, जबकि अधिकारी इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं। अधिकारियों की इस निष्क्रियता और कर्मचारियों के कथित भ्रष्टाचार के कारण आम आदमी बेहद हैरान और परेशान है, और गरीब लोग न्याय के लिए तरस रहे हैं। बताया गया है कि अधिकारी फाइलों में उलझे हुए हैं, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर यह 'कब्जे का खेल' कब रुकेगा और लोगों को इंसाफ कब मिलेगा। मौजूदा हालात में, कर्मचारियों को 'जोंक' की तरह बताया जा रहा है।1
- संतकबीरनगर जिले के निखरकपार चौराहे पर सर्वोदय लघु माध्यमिक विद्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर "HOPE PHARMACY AND POLYCLINIC" का भव्य उद्घाटन हुआ। एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन डॉ. एस.सी. वर्मा ने फीता काटकर इसका शुभारम्भ किया। डॉ. वर्मा यहाँ मधुमेह, चेस्ट, मस्तिष्क और गैस्ट्रो रोगों का विशेष इलाज प्रदान कर रहे हैं। इस क्लिनिक पर कमर दर्द, ब्लड प्रेशर, शुगर, फैटी लिवर, पीलिया, बच्चों की निमोनिया, नींद और नसों से जुड़ी बीमारियों सहित विभिन्न रोगों का उपचार उपलब्ध है। प्रबंधन के अनुसार, सभी मरीजों को विशेष सुविधाएँ और दवाओं पर छूट भी दी जाएगी। इस अस्पताल को विशेष रूप से गरीबों की सेवा के लिए समर्पित किया गया है, ताकि आम जनता और गरीब लोगों को इलाज के लिए गोरखपुर या बस्ती भटकना न पड़े और वे समय पर अपना उपचार करा सकें। इस कार्यक्रम में प्रोपराइटर परवेज आलम और समसुल आजम के साथ असगर अली, इदरीश अली, मोहम्मद इसराइल, सियरासाथा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शोएब अहमद, मिगुसिह, रामनयन यादव, अनिरुद्ध उपाध्याय और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष शोएब अहमद सहित सैकड़ों अन्य लोग उपस्थित रहे।2
- अंबेडकरनगर के टांडा क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान विवाद उत्पन्न होने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। इस पूरे मामले की जानकारी सीओ द्वारा प्रदान की गई है।1
- अयोध्या में देश के प्रमुख एवं अतिसंवेदनशील हनुमानगढ़ी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सोमवार को गंभीर सवाल खड़े हो गए। सुबह करीब 10 बजे से 10:15 बजे के बीच मंदिर परिसर और मुख्य प्रवेश द्वार के पास तैनात कई सुरक्षाकर्मी मोबाइल फोन पर रील्स देखने और सोशल मीडिया का उपयोग करने में व्यस्त पाए गए, जबकि इस दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार जारी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर के भीतर और बाहर तैनात अधिकांश सुरक्षाकर्मियों का ध्यान सुरक्षा निगरानी के बजाय मोबाइल स्क्रीन पर अधिक था। वहीं कुछ पुलिसकर्मी समूह में बातचीत और हंसी-मजाक करते भी देखे गए, जिसने सुरक्षा की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। गौरतलब है कि हनुमानगढ़ी अयोध्या के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा इस क्षेत्र में उच्च सतर्कता अपेक्षित होती है। हालांकि, मंदिर परिसर के उस हिस्से में जहां श्रद्धालु हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाते हैं, वहां दो पुलिसकर्मी पूरी सतर्कता से अपनी ड्यूटी निभाते दिखे। बावजूद इसके, अन्य स्थानों पर दिखी कथित लापरवाही ने सुरक्षा प्रबंधन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि संवेदनशील स्थलों पर ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन में ध्यान केंद्रित होने से किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया बाधित हो सकती है। स्थानीय लोगों ने अयोध्या की सुरक्षा को राष्ट्रीय महत्व का विषय बताते हुए, मामले की जांच, जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की है। इस स्थिति में यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार कर्मी ही ड्यूटी पर मोबाइल में व्यस्त हों, तो किसी संभावित सुरक्षा चूक की स्थिति में जवाबदेही किसकी तय होगी?1
- जनपद संतकबीरनगर पुलिस ने जनसेवा, सुरक्षा और संवेदनशील पुलिसिंग की भावना को साकार करते हुए 22 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण पहल की। थाना महुली की कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों और मोहल्लों में पहुंचकर वरिष्ठ नागरिकों एवं वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान पुलिस टीम ने उनके स्वास्थ्य, कुशलक्षेम और दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता प्रदान की। पुलिस टीम ने वृद्धजनों को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए उनके अनुभवों और जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी को मिलने वाली दिशा पर जोर दिया। इस भावना के साथ, पुलिस ने उनके घर जाकर न केवल उनकी समस्याओं को समझा, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी दिलाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, हेल्पलाइन सेवाओं और अन्य सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, उन्हें साइबर अपराध, धोखाधड़ी, संपत्ति संबंधी विवाद एवं अन्य अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया, और आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। इस मानवीय और सराहनीय पहल की वृद्धजनों ने भरपूर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस का उनके घर तक पहुंचना उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का अनुभव कराता है, जिससे समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास और सुदृढ़ होता है। थाना महुली पुलिस का मानना है कि प्रभावी पुलिसिंग केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ संवेदनशील संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कम्युनिटी पुलिसिंग का मूल उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सहयोग, सहभागिता एवं आत्मीयता का एक मजबूत सेतु तैयार करना है, जो समाज को अधिक सुरक्षित, जागरूक एवं सशक्त बनाए। इस अवसर पर पुलिस ने एक प्रेरक संदेश भी साझा किया: "जिस समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां संस्कार, सुरक्षा और संवेदनाएं सदैव जीवित रहती हैं। वरिष्ठ नागरिकों की मुस्कान ही हमारी सेवा का सबसे बड़ा पुरस्कार है।" थाना महुली पुलिस ने जनता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान के लिए सदैव तत्पर रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।3
- अम्बेडकर नगर जिले की आलापुर विधानसभा क्षेत्र के बहिंगवा जोगीपुर गाँव में बंदरों का आतंक फैल गया है, जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं। इन बंदरों के डर से लोग अपनी छतों पर कपड़े नहीं फैला पा रहे हैं, क्योंकि ऐसा करना मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि जब बच्चे बाहर निकलते हैं तो बंदर उन्हें काटने के लिए दौड़ाते हैं, और रात में सोना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीण इस समस्या से बहुत त्रस्त हैं।1
- अम्बेडकर नगर के राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में एक कथित भूमि विवाद के कारण गरीब परिवारों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में ही जमीन पर कब्जा दिलाने की कोशिशें की जा रही हैं, जिससे प्रभावित परिवार खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जिस भूमि पर वे वर्षों से काबिज और निवासी हैं, उसे लेकर अब विवाद खड़ा कर दिया गया है। उनकी प्रमुख मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और गरीब परिवारों के अधिकारों की हर हाल में रक्षा सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस से स्पष्ट अपेक्षा व्यक्त की है कि वे कानून के दायरे में रहते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करें, ताकि किसी भी निर्दोष परिवार के साथ कोई अन्याय न हो और उनके बीच व्याप्त दहशत खत्म हो।1