पन्ना के रकसेहा में छात्रावास की बिल्डिंग हुई जर्जर अधिकांश बच्चियों बिल्डिंग के नीचे पढ़ाई भजन और रात्रि में आराम करते हैं लेकिन इस बिल्डिंग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि बिल्डिंग के ऊपर टीम चद्दर और लकड़ी की से लगाई हुई है इस बिल्डिंग में कितनी हालत खराब है कि कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है या बड़ा हादसा 100 बच्चियों का यह छात्रावास केवल बिल्डिंग की हालत इतनी खराब की है जिला प्रशासन से खाने के बाद भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास में अभी तक नहीं हुई कोई व्यवस्था जिला प्रशासन दे रहा बड़ी घटना और छात्रावास अगर इसकी जल्दी मरम्मत और देखभाल नहीं हुई तो कुछ भी हो सकता है इतनी बुरी हालत में सरकारी सिस्टम देखते ही बनती है शान द्वारा लाखों करोड़ों रुपए तो दिए जाते हैं लेकिन अधिकारियों के द्वारा उसे पैसे का उपयोग अच्छे तरीके से नहीं किया जाता जिले में अधिकांश छात्रावासों की यही हालत है और जो बच्चा बच्चियों ऐसे छात्रावासों की शिकायत करते हैं तो उनके साथ इतना बुरा व्यवहार किया जाता है कि कोई छात्र-छात्राएं नहीं बोलता कई छात्रावास ऐसे हैं कि कुछ अधीक्षक अपने किराने की दुकान और अपना वेबसाइट चला रहे हैं ना ही कभी छात्रावास में मिलते हैं और ना ही छात्रावास की सफाई नहीं होती और गंदगी का अंबार चारों तरफ लगा रहता है अब देखना होगा कि पन्ना जिला प्रशासन द्वारा इन अधीक्षिकाओं के ऊपर अधीक्षक के ऊपर क्या कार्रवाई या करते हैं या फिर ऐसे ही सरकारी सिस्टम चलता रहेगा और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ जान मन सबसे होता ही रहेगा
पन्ना के रकसेहा में छात्रावास की बिल्डिंग हुई जर्जर अधिकांश बच्चियों बिल्डिंग के नीचे पढ़ाई भजन और रात्रि में आराम करते हैं लेकिन इस बिल्डिंग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि बिल्डिंग के ऊपर टीम चद्दर और लकड़ी की से लगाई हुई है इस बिल्डिंग में कितनी हालत खराब है कि कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है या बड़ा हादसा 100 बच्चियों
का यह छात्रावास केवल बिल्डिंग की हालत इतनी खराब की है जिला प्रशासन से खाने के बाद भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास में अभी तक नहीं हुई कोई व्यवस्था जिला प्रशासन दे रहा बड़ी घटना और छात्रावास अगर इसकी जल्दी मरम्मत और देखभाल नहीं हुई तो कुछ भी हो सकता है इतनी बुरी हालत में सरकारी सिस्टम देखते ही बनती है शान द्वारा लाखों करोड़ों
रुपए तो दिए जाते हैं लेकिन अधिकारियों के द्वारा उसे पैसे का उपयोग अच्छे तरीके से नहीं किया जाता जिले में अधिकांश छात्रावासों की यही हालत है और जो बच्चा बच्चियों ऐसे छात्रावासों की शिकायत करते हैं तो उनके साथ इतना बुरा व्यवहार किया जाता है कि कोई छात्र-छात्राएं नहीं बोलता कई छात्रावास ऐसे हैं कि कुछ अधीक्षक अपने किराने की दुकान और अपना वेबसाइट चला
रहे हैं ना ही कभी छात्रावास में मिलते हैं और ना ही छात्रावास की सफाई नहीं होती और गंदगी का अंबार चारों तरफ लगा रहता है अब देखना होगा कि पन्ना जिला प्रशासन द्वारा इन अधीक्षिकाओं के ऊपर अधीक्षक के ऊपर क्या कार्रवाई या करते हैं या फिर ऐसे ही सरकारी सिस्टम चलता रहेगा और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ जान मन सबसे होता ही रहेगा
- कामताना ग्राम के किसानों की फसल लगी है खेत में जिसको जाने के लिए रास्ता नहीं दे रहे दमगों ने चालू रास्ता बंद कर दिया किसान परेशानपन्ना कलेक्टर के खोखले दावे ? किसानों को अपनी फसल हार्वेस्ट करवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं धन्य है cm mohan yadav शासन प्रशासन से आग्रह है कि किसानों को रास्ता दिया जाए1
- पन्ना के रकसेहा में छात्रावास की बिल्डिंग हुई जर्जर अधिकांश बच्चियों बिल्डिंग के नीचे पढ़ाई भजन और रात्रि में आराम करते हैं लेकिन इस बिल्डिंग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि बिल्डिंग के ऊपर टीम चद्दर और लकड़ी की से लगाई हुई है इस बिल्डिंग में कितनी हालत खराब है कि कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है या बड़ा हादसा 100 बच्चियों का यह छात्रावास केवल बिल्डिंग की हालत इतनी खराब की है जिला प्रशासन से खाने के बाद भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास में अभी तक नहीं हुई कोई व्यवस्था जिला प्रशासन दे रहा बड़ी घटना और छात्रावास अगर इसकी जल्दी मरम्मत और देखभाल नहीं हुई तो कुछ भी हो सकता है इतनी बुरी हालत में सरकारी सिस्टम देखते ही बनती है शान द्वारा लाखों करोड़ों रुपए तो दिए जाते हैं लेकिन अधिकारियों के द्वारा उसे पैसे का उपयोग अच्छे तरीके से नहीं किया जाता जिले में अधिकांश छात्रावासों की यही हालत है और जो बच्चा बच्चियों ऐसे छात्रावासों की शिकायत करते हैं तो उनके साथ इतना बुरा व्यवहार किया जाता है कि कोई छात्र-छात्राएं नहीं बोलता कई छात्रावास ऐसे हैं कि कुछ अधीक्षक अपने किराने की दुकान और अपना वेबसाइट चला रहे हैं ना ही कभी छात्रावास में मिलते हैं और ना ही छात्रावास की सफाई नहीं होती और गंदगी का अंबार चारों तरफ लगा रहता है अब देखना होगा कि पन्ना जिला प्रशासन द्वारा इन अधीक्षिकाओं के ऊपर अधीक्षक के ऊपर क्या कार्रवाई या करते हैं या फिर ऐसे ही सरकारी सिस्टम चलता रहेगा और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ जान मन सबसे होता ही रहेगा4
- यहाँ उमरी गाँव के रहने वाले 27 वर्षीय सुनील आदिवासी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।1
- गुनौर विधानसभा के पूर्व विधायक महेंद्र सिंह बागरी के पुत्र शैलेंद्र बागरी के तिलकोत्सव कार्यक्रम में पन्ना जिले एवं आसपास क्षेत्र के जनप्रतिनिधि शामिल हुए एवं शुभकामनाएं दी।2
- आज के दिव्य दर्शन जय बोलेनाथ 🚩🚩👏 गंज सलेहा1
- ये कैसा रोजगार है मोदी सरकार का जुआ सट्टा खेलो खुद बर्बाद हो जाओ अपनों को भी बर्बाद कर जाओ।। ड्रीम 11 तो साईट बंद करदी पर गूगल से जो गोल्डन मटका सट्टा साईट चलती है क्यूं नहीं हटाई जाती।। बड़े स्तर पर जुआ सट्टा खेलो टैक्स दो वो सही है पर जो छोटे छोटे लोग टाईम पास करें वो जुर्म है।। जो पर्ची काट कर अपने घर परिवार का खर्च निकाले इस बेरोजगारी में वो जुर्म है।। अच्छी शिक्षा अच्छा इलाज सभी को रोजगार देते तो जुर्म नहीं होते।।1
- मध्य प्रदेश के तहसील सिमरिया ग्राम कुंवरपुर पोस्ट मोहदरा में डागा साईं बाबा की मजार पर काकड़िया भरताका का प्रोग्राम रखा गया है1
- रात्रि में घायल युवक तड़पता रहा — सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहनगर बना सिर्फ नाम का अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। झिलमिल गांव का एक युवक बीती रात शाहनगर की ओर आते समय ट्राइबल छात्रावास के पास अचानक भैंस से टकरा गया। हादसे में युवक को गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलते ही 100 डायल आपातकालीन सेवा की टीम ने घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहनगर पहुंचाया। लेकिन यहां जो हुआ, उसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए रात करीब 9 बजे अस्पताल पहुंचने के बाद युवक पूरी रात दर्द से कराहता रहा। मौके पर केवल स्टाफ नर्स मौजूद थीं न कोई डॉक्टर, और प्राथमिक उपचार तक नहीं मिला। परिजनों के अनुसार बार-बार आग्रह करने के बावजूद कोई वरिष्ठ कर्मचारी अस्पताल नहीं पहुंचा। “अस्पताल खुला, इलाज बंद” घायल युवक के परिजनों ने बताया कि वे पूरी रात डॉक्टर का इंतजार करते रहे। न एक्स-रे हुआ, न इंजेक्शन, न दर्द निवारक दवा3