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नवहट्टा मुख्यालय में एक डिग्री कॉलेज की मान्यता के संबंध में छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से अपील की है। यह अपील नवहट्टा क्षेत्र में उच्च शिक्षा की आवश्यकता को लेकर की गई है।

7 hrs ago
user_Mukesh kr mandal
Mukesh kr mandal
Voice of people Nauhatta, Saharsa•
7 hrs ago

नवहट्टा मुख्यालय में एक डिग्री कॉलेज की मान्यता के संबंध में छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से अपील की है। यह अपील नवहट्टा क्षेत्र में उच्च शिक्षा की आवश्यकता को लेकर की गई है।

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  • नवहट्टा मुख्यालय में एक डिग्री कॉलेज की मान्यता के संबंध में छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से अपील की है। यह अपील नवहट्टा क्षेत्र में उच्च शिक्षा की आवश्यकता को लेकर की गई है।
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    नवहट्टा मुख्यालय में एक डिग्री कॉलेज की मान्यता के संबंध में छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से अपील की है। यह अपील नवहट्टा क्षेत्र में उच्च शिक्षा की आवश्यकता को लेकर की गई है।
    user_Mukesh kr mandal
    Mukesh kr mandal
    Voice of people Nauhatta, Saharsa•
    7 hrs ago
  • सहरसा जिले के महिषी प्रखंड के अंतर्गत वीरगांव पंचायत के वार्ड नंबर 11 में जिला प्रशासन द्वारा एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है।
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    सहरसा जिले के महिषी प्रखंड के अंतर्गत वीरगांव पंचायत के वार्ड नंबर 11 में जिला प्रशासन द्वारा एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है।
    user_पत्रकार हेमंत चौधरी
    पत्रकार हेमंत चौधरी
    महिषी, सहरसा, बिहार•
    21 hrs ago
  • बिहार सरकार के निर्देशानुसार, सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र की चंदौर पूर्वी पंचायत में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर पंचायत सरकार भवन में संपन्न हुआ। इस शिविर में पहुंचे नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा का स्वागत चंदौर पूर्वी पंचायत की मुखिया मीरा देवी ने पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नगर आयुक्त ने बताया कि बिहार सरकार के निर्देश पर जिले की सभी पंचायतों में हर माह के पहले और आखिरी मंगलवार को ऐसे सहयोग शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों का उद्देश्य पंचायतवासियों द्वारा दिए गए आवेदनों पर विचार-विमर्श कर मात्र तीस दिनों के भीतर उनका निबटारा करना है। सहयोग शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल भी लगाए गए थे, जहाँ प्राप्त आवेदनों में सबसे अधिक जमीन संबंधी मामलों से जुड़े थे। इस सहयोग शिविर में सौर बाजार प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी, सौर बाजार अंचलाधिकारी श्री विद्याचरण, सौर बाजार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरेंद्र निराला, पंचायत के पूर्व मुखिया अवधेश कुमार, और मुखिया प्रतिनिधि संतोष कुमार सहित कई प्रमुख व्यक्ति मौजूद थे।
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    बिहार सरकार के निर्देशानुसार, सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र की चंदौर पूर्वी पंचायत में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर पंचायत सरकार भवन में संपन्न हुआ। इस शिविर में पहुंचे नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा का स्वागत चंदौर पूर्वी पंचायत की मुखिया मीरा देवी ने पुष्प गुच्छ भेंट कर किया।

शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नगर आयुक्त ने बताया कि बिहार सरकार के निर्देश पर जिले की सभी पंचायतों में हर माह के पहले और आखिरी मंगलवार को ऐसे सहयोग शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों का उद्देश्य पंचायतवासियों द्वारा दिए गए आवेदनों पर विचार-विमर्श कर मात्र तीस दिनों के भीतर उनका निबटारा करना है। सहयोग शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल भी लगाए गए थे, जहाँ प्राप्त आवेदनों में सबसे अधिक जमीन संबंधी मामलों से जुड़े थे।

इस सहयोग शिविर में सौर बाजार प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी, सौर बाजार अंचलाधिकारी श्री विद्याचरण, सौर बाजार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरेंद्र निराला, पंचायत के पूर्व मुखिया अवधेश कुमार, और मुखिया प्रतिनिधि संतोष कुमार सहित कई प्रमुख व्यक्ति मौजूद थे।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    8 hrs ago
  • रौशन आनंद सर के मामा ने पहली बार हमारे कैमरे के सामने एक बड़ा खुलासा किया है। इस विशेष बातचीत में, उन्होंने खान सर से जुड़े विवाद से लेकर रौशन आनंद सर की पढ़ाई-लिखाई तक के विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखी है।
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    रौशन आनंद सर के मामा ने पहली बार हमारे कैमरे के सामने एक बड़ा खुलासा किया है। इस विशेष बातचीत में, उन्होंने खान सर से जुड़े विवाद से लेकर रौशन आनंद सर की पढ़ाई-लिखाई तक के विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखी है।
    user_Amardip Kumar
    Amardip Kumar
    सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    8 hrs ago
  • दरभंगा जिले के बेनीपुर प्रखंड स्थित शिवराम पंचायत के उफरदहा गांव में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ 11 हजार वोल्ट के जर्जर बिजली तार की चपेट में आने से 55 वर्षीय नागो पासवान की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने इस मौत के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि गांव में बिजली के तारों की खराब स्थिति को लेकर विभाग को कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन विभाग ने इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते यह हादसा हुआ। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन है। मृतक आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई है।
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    दरभंगा जिले के बेनीपुर प्रखंड स्थित शिवराम पंचायत के उफरदहा गांव में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ 11 हजार वोल्ट के जर्जर बिजली तार की चपेट में आने से 55 वर्षीय नागो पासवान की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।

ग्रामीणों ने इस मौत के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि गांव में बिजली के तारों की खराब स्थिति को लेकर विभाग को कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन विभाग ने इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते यह हादसा हुआ। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन है। मृतक आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई है।
    user_Kishore Mahendra Paswan
    Kishore Mahendra Paswan
    Social Media Manager तरडीह, दरभंगा, बिहार•
    10 hrs ago
  • मधेपुरा के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बुधवार को एक हृदयविदारक दृश्य ने हर किसी की आंखें नम कर दीं, जहां एक पिता अपने 25 दिन के नवजात बेटे का शव गोद में लिए बैठा बिलख रहा था। उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर वार्ड नंबर 9 के निवासी बाबुल यादव की आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे, और वह बस एक ही बात दोहरा रहा था, "मैंने प्रेम विवाह किया था, कोई गुनाह तो नहीं किया था... फिर मेरे बेटे को यह सजा क्यों मिली?" बाबुल यादव के अनुसार, उन्होंने दो वर्ष पहले समाज और जाति की दीवारों को तोड़कर गांव की ही मौसम चौधरी से प्रेम विवाह किया था, जो उनके परिवार को मंजूर नहीं था। पंचायत के बाद उन्हें घर के एक हिस्से में अलग रहने की अनुमति मिली थी, जहां वे मजदूरी कर अपना जीवन चला रहे थे। करीब 25 दिन पहले उनके घर बेटे ने जन्म लिया, तो बाबुल को लगा था कि शायद अब परिवार की नाराजगी खत्म हो जाएगी। लेकिन उनकी नियति को कुछ और ही मंजूर था। बाबुल का गंभीर आरोप है कि बीती रात उनके माता-पिता, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर उनके 25 दिन के मासूम बेटे की हत्या कर दी। बाबुल दावा करते हैं कि रात करीब तीन बजे जब उनकी पत्नी शौचालय गई थी और वह गहरी नींद में थे, तभी बच्चे की हालत गंभीर हुई। उन्होंने बताया कि बच्चे के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और नाक से खून भी निकल रहा था। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठा बाबुल बार-बार अपने बेटे के चेहरे को देख रहा था, कभी उसे सीने से लगाता तो कभी माथा चूमकर फूट-फूटकर रो पड़ता। उसके पास बैठे उसके ससुर भी खामोश थे, और वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम थीं। बाबुल का कहना है कि उन्हें पहले भी परिवार से धमकियां मिली थीं, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि हालात इतने भयावह हो जाएंगे। हालांकि, पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। बाबुल द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि भी जांच के उपरांत ही होगी। लेकिन बेटे के शव को गोद में लिए बिलखते उस पिता की सिसकियां और "जात-पात की यह दीवार आखिर कब टूटेगी? क्या इसकी सजा मेरे मासूम बेटे को मिलनी चाहिए थी?" जैसे सवाल आज भी प्रेम और इंसानियत से बड़ी जाति और समाज की दीवारों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा गए। वह इन सवालों का जवाब खोजते-खोजते पत्थर सा बैठा रहा, अपनी गोद में अपने 25 दिन के निर्जीव बेटे का शव लिए।
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    मधेपुरा के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बुधवार को एक हृदयविदारक दृश्य ने हर किसी की आंखें नम कर दीं, जहां एक पिता अपने 25 दिन के नवजात बेटे का शव गोद में लिए बैठा बिलख रहा था। उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर वार्ड नंबर 9 के निवासी बाबुल यादव की आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे, और वह बस एक ही बात दोहरा रहा था, "मैंने प्रेम विवाह किया था, कोई गुनाह तो नहीं किया था... फिर मेरे बेटे को यह सजा क्यों मिली?"

बाबुल यादव के अनुसार, उन्होंने दो वर्ष पहले समाज और जाति की दीवारों को तोड़कर गांव की ही मौसम चौधरी से प्रेम विवाह किया था, जो उनके परिवार को मंजूर नहीं था। पंचायत के बाद उन्हें घर के एक हिस्से में अलग रहने की अनुमति मिली थी, जहां वे मजदूरी कर अपना जीवन चला रहे थे। करीब 25 दिन पहले उनके घर बेटे ने जन्म लिया, तो बाबुल को लगा था कि शायद अब परिवार की नाराजगी खत्म हो जाएगी। लेकिन उनकी नियति को कुछ और ही मंजूर था। बाबुल का गंभीर आरोप है कि बीती रात उनके माता-पिता, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर उनके 25 दिन के मासूम बेटे की हत्या कर दी। बाबुल दावा करते हैं कि रात करीब तीन बजे जब उनकी पत्नी शौचालय गई थी और वह गहरी नींद में थे, तभी बच्चे की हालत गंभीर हुई। उन्होंने बताया कि बच्चे के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और नाक से खून भी निकल रहा था।

पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठा बाबुल बार-बार अपने बेटे के चेहरे को देख रहा था, कभी उसे सीने से लगाता तो कभी माथा चूमकर फूट-फूटकर रो पड़ता। उसके पास बैठे उसके ससुर भी खामोश थे, और वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम थीं। बाबुल का कहना है कि उन्हें पहले भी परिवार से धमकियां मिली थीं, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि हालात इतने भयावह हो जाएंगे। हालांकि, पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। बाबुल द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि भी जांच के उपरांत ही होगी। लेकिन बेटे के शव को गोद में लिए बिलखते उस पिता की सिसकियां और "जात-पात की यह दीवार आखिर कब टूटेगी? क्या इसकी सजा मेरे मासूम बेटे को मिलनी चाहिए थी?" जैसे सवाल आज भी प्रेम और इंसानियत से बड़ी जाति और समाज की दीवारों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा गए। वह इन सवालों का जवाब खोजते-खोजते पत्थर सा बैठा रहा, अपनी गोद में अपने 25 दिन के निर्जीव बेटे का शव लिए।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    1 hr ago
  • किरतपुर प्रखंड के बनरी घाट पर कोसी नदी में एक नाव डूबने से दो महिलाओं और एक किशोरी की मृत्यु होने की अत्यंत दुखद सूचना प्राप्त हुई है। बताया गया है कि नाव पर कुल 12 लोग सवार थे, जिनमें से 9 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दुर्भाग्यवश तीन लोगों की मौत हो गई।
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    किरतपुर प्रखंड के बनरी घाट पर कोसी नदी में एक नाव डूबने से दो महिलाओं और एक किशोरी की मृत्यु होने की अत्यंत दुखद सूचना प्राप्त हुई है। बताया गया है कि नाव पर कुल 12 लोग सवार थे, जिनमें से 9 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दुर्भाग्यवश तीन लोगों की मौत हो गई।
    user_राज कुमार झा
    राज कुमार झा
    बिरौल, दरभंगा, बिहार•
    4 hrs ago
  • दरभंगा जिले के कुनौनी चौक पर DAC (Delivery Advisory Card) आने के बावजूद गैस नहीं मिलने से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। नाराज उपभोक्ताओं ने बेबी भारत गैस एजेंसी के वाहन का घेराव किया। लोगों ने एजेंसी पर समय पर गैस की आपूर्ति नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके चलते बौराम की भारत गैस एजेंसी के वाहन को ग्रामीणों ने घेर लिया।
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    दरभंगा जिले के कुनौनी चौक पर DAC (Delivery Advisory Card) आने के बावजूद गैस नहीं मिलने से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। नाराज उपभोक्ताओं ने बेबी भारत गैस एजेंसी के वाहन का घेराव किया। लोगों ने एजेंसी पर समय पर गैस की आपूर्ति नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके चलते बौराम की भारत गैस एजेंसी के वाहन को ग्रामीणों ने घेर लिया।
    user_राज कुमार झा
    राज कुमार झा
    बिरौल, दरभंगा, बिहार•
    3 hrs ago
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