मधेपुरा के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बुधवार को एक हृदयविदारक दृश्य ने हर किसी की आंखें नम कर दीं, जहां एक पिता अपने 25 दिन के नवजात बेटे का शव गोद में लिए बैठा बिलख रहा था। उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर वार्ड नंबर 9 के निवासी बाबुल यादव की आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे, और वह बस एक ही बात दोहरा रहा था, "मैंने प्रेम विवाह किया था, कोई गुनाह तो नहीं किया था... फिर मेरे बेटे को यह सजा क्यों मिली?" बाबुल यादव के अनुसार, उन्होंने दो वर्ष पहले समाज और जाति की दीवारों को तोड़कर गांव की ही मौसम चौधरी से प्रेम विवाह किया था, जो उनके परिवार को मंजूर नहीं था। पंचायत के बाद उन्हें घर के एक हिस्से में अलग रहने की अनुमति मिली थी, जहां वे मजदूरी कर अपना जीवन चला रहे थे। करीब 25 दिन पहले उनके घर बेटे ने जन्म लिया, तो बाबुल को लगा था कि शायद अब परिवार की नाराजगी खत्म हो जाएगी। लेकिन उनकी नियति को कुछ और ही मंजूर था। बाबुल का गंभीर आरोप है कि बीती रात उनके माता-पिता, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर उनके 25 दिन के मासूम बेटे की हत्या कर दी। बाबुल दावा करते हैं कि रात करीब तीन बजे जब उनकी पत्नी शौचालय गई थी और वह गहरी नींद में थे, तभी बच्चे की हालत गंभीर हुई। उन्होंने बताया कि बच्चे के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और नाक से खून भी निकल रहा था। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठा बाबुल बार-बार अपने बेटे के चेहरे को देख रहा था, कभी उसे सीने से लगाता तो कभी माथा चूमकर फूट-फूटकर रो पड़ता। उसके पास बैठे उसके ससुर भी खामोश थे, और वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम थीं। बाबुल का कहना है कि उन्हें पहले भी परिवार से धमकियां मिली थीं, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि हालात इतने भयावह हो जाएंगे। हालांकि, पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। बाबुल द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि भी जांच के उपरांत ही होगी। लेकिन बेटे के शव को गोद में लिए बिलखते उस पिता की सिसकियां और "जात-पात की यह दीवार आखिर कब टूटेगी? क्या इसकी सजा मेरे मासूम बेटे को मिलनी चाहिए थी?" जैसे सवाल आज भी प्रेम और इंसानियत से बड़ी जाति और समाज की दीवारों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा गए। वह इन सवालों का जवाब खोजते-खोजते पत्थर सा बैठा रहा, अपनी गोद में अपने 25 दिन के निर्जीव बेटे का शव लिए।
मधेपुरा के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बुधवार को एक हृदयविदारक दृश्य ने हर किसी की आंखें नम कर दीं, जहां एक पिता अपने 25 दिन के नवजात बेटे का शव गोद में लिए बैठा बिलख रहा था। उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर वार्ड नंबर 9 के निवासी बाबुल यादव की आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे, और वह बस एक ही बात दोहरा रहा था, "मैंने प्रेम विवाह किया था, कोई गुनाह तो नहीं किया था... फिर मेरे बेटे को यह सजा क्यों मिली?" बाबुल यादव के अनुसार, उन्होंने दो वर्ष पहले समाज और जाति की दीवारों को तोड़कर गांव की ही मौसम चौधरी से प्रेम विवाह किया
था, जो उनके परिवार को मंजूर नहीं था। पंचायत के बाद उन्हें घर के एक हिस्से में अलग रहने की अनुमति मिली थी, जहां वे मजदूरी कर अपना जीवन चला रहे थे। करीब 25 दिन पहले उनके घर बेटे ने जन्म लिया, तो बाबुल को लगा था कि शायद अब परिवार की नाराजगी खत्म हो जाएगी। लेकिन उनकी नियति को कुछ और ही मंजूर था। बाबुल का गंभीर आरोप है कि बीती रात उनके माता-पिता, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर उनके 25 दिन के मासूम बेटे की हत्या कर दी। बाबुल दावा करते हैं कि रात करीब तीन बजे जब उनकी पत्नी शौचालय गई थी
और वह गहरी नींद में थे, तभी बच्चे की हालत गंभीर हुई। उन्होंने बताया कि बच्चे के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और नाक से खून भी निकल रहा था। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठा बाबुल बार-बार अपने बेटे के चेहरे को देख रहा था, कभी उसे सीने से लगाता तो कभी माथा चूमकर फूट-फूटकर रो पड़ता। उसके पास बैठे उसके ससुर भी खामोश थे, और वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम थीं। बाबुल का कहना है कि उन्हें पहले भी परिवार से धमकियां मिली थीं, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि हालात इतने भयावह हो जाएंगे। हालांकि, पुलिस इस
मामले की गहन जांच कर रही है और मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। बाबुल द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि भी जांच के उपरांत ही होगी। लेकिन बेटे के शव को गोद में लिए बिलखते उस पिता की सिसकियां और "जात-पात की यह दीवार आखिर कब टूटेगी? क्या इसकी सजा मेरे मासूम बेटे को मिलनी चाहिए थी?" जैसे सवाल आज भी प्रेम और इंसानियत से बड़ी जाति और समाज की दीवारों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा गए। वह इन सवालों का जवाब खोजते-खोजते पत्थर सा बैठा रहा, अपनी गोद में अपने 25 दिन के निर्जीव बेटे का शव लिए।
- Ravendra Jadon पत्रकारअलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेशरिस्तों के बंधन से मुक्त होकर जाति के बंधनों में आजादी पाकर सुख चैन ढूंढने में न चैन मिला है न सुख की नींद मिलेगी।2 hrs ago
- मधेपुरा के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बुधवार को एक हृदयविदारक दृश्य ने हर किसी की आंखें नम कर दीं, जहां एक पिता अपने 25 दिन के नवजात बेटे का शव गोद में लिए बैठा बिलख रहा था। उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर वार्ड नंबर 9 के निवासी बाबुल यादव की आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे, और वह बस एक ही बात दोहरा रहा था, "मैंने प्रेम विवाह किया था, कोई गुनाह तो नहीं किया था... फिर मेरे बेटे को यह सजा क्यों मिली?" बाबुल यादव के अनुसार, उन्होंने दो वर्ष पहले समाज और जाति की दीवारों को तोड़कर गांव की ही मौसम चौधरी से प्रेम विवाह किया था, जो उनके परिवार को मंजूर नहीं था। पंचायत के बाद उन्हें घर के एक हिस्से में अलग रहने की अनुमति मिली थी, जहां वे मजदूरी कर अपना जीवन चला रहे थे। करीब 25 दिन पहले उनके घर बेटे ने जन्म लिया, तो बाबुल को लगा था कि शायद अब परिवार की नाराजगी खत्म हो जाएगी। लेकिन उनकी नियति को कुछ और ही मंजूर था। बाबुल का गंभीर आरोप है कि बीती रात उनके माता-पिता, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर उनके 25 दिन के मासूम बेटे की हत्या कर दी। बाबुल दावा करते हैं कि रात करीब तीन बजे जब उनकी पत्नी शौचालय गई थी और वह गहरी नींद में थे, तभी बच्चे की हालत गंभीर हुई। उन्होंने बताया कि बच्चे के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और नाक से खून भी निकल रहा था। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठा बाबुल बार-बार अपने बेटे के चेहरे को देख रहा था, कभी उसे सीने से लगाता तो कभी माथा चूमकर फूट-फूटकर रो पड़ता। उसके पास बैठे उसके ससुर भी खामोश थे, और वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम थीं। बाबुल का कहना है कि उन्हें पहले भी परिवार से धमकियां मिली थीं, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि हालात इतने भयावह हो जाएंगे। हालांकि, पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। बाबुल द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि भी जांच के उपरांत ही होगी। लेकिन बेटे के शव को गोद में लिए बिलखते उस पिता की सिसकियां और "जात-पात की यह दीवार आखिर कब टूटेगी? क्या इसकी सजा मेरे मासूम बेटे को मिलनी चाहिए थी?" जैसे सवाल आज भी प्रेम और इंसानियत से बड़ी जाति और समाज की दीवारों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा गए। वह इन सवालों का जवाब खोजते-खोजते पत्थर सा बैठा रहा, अपनी गोद में अपने 25 दिन के निर्जीव बेटे का शव लिए।4
- मधेपुरा में एक ट्रेन को 'देना पत्ती कार' की लापरवाही के कारण रोकना पड़ा। इस घटना से जुड़ी आगे की विस्तृत जानकारी और अपडेट्स के लिए मधेपुरा न्यूज़ देखते रहने की अपील की गई है।1
- स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक शौचालय का निर्माण हुए पाँच साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसमें दरवाजा नहीं लगाया गया है। इस कारण यहाँ के स्थानीय लोगों ने शौचालय पर कब्जा कर लिया है और इसमें अपना-अपना सामान रखते हैं।1
- मधेपुरा जिले के पुरैनी थाना क्षेत्र में एक महिला की गोली मारकर ह*त्या कर दी गई। यह वारदात तब हुई जब महिला अपने बेटे के साथ घर लौट रही थी। इस घटना में 65 वर्षीय जेरून खातून को सिर में गो*ली लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौ*त हो गई। मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम जुट गई है।1
- बिहार सरकार के निर्देशानुसार, सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र की चंदौर पूर्वी पंचायत में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर पंचायत सरकार भवन में संपन्न हुआ। इस शिविर में पहुंचे नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा का स्वागत चंदौर पूर्वी पंचायत की मुखिया मीरा देवी ने पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नगर आयुक्त ने बताया कि बिहार सरकार के निर्देश पर जिले की सभी पंचायतों में हर माह के पहले और आखिरी मंगलवार को ऐसे सहयोग शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों का उद्देश्य पंचायतवासियों द्वारा दिए गए आवेदनों पर विचार-विमर्श कर मात्र तीस दिनों के भीतर उनका निबटारा करना है। सहयोग शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल भी लगाए गए थे, जहाँ प्राप्त आवेदनों में सबसे अधिक जमीन संबंधी मामलों से जुड़े थे। इस सहयोग शिविर में सौर बाजार प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी, सौर बाजार अंचलाधिकारी श्री विद्याचरण, सौर बाजार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरेंद्र निराला, पंचायत के पूर्व मुखिया अवधेश कुमार, और मुखिया प्रतिनिधि संतोष कुमार सहित कई प्रमुख व्यक्ति मौजूद थे।1
- रौशन आनंद सर के मामा ने पहली बार हमारे कैमरे के सामने एक बड़ा खुलासा किया है। इस विशेष बातचीत में, उन्होंने खान सर से जुड़े विवाद से लेकर रौशन आनंद सर की पढ़ाई-लिखाई तक के विभिन्न पहलुओं पर अपनी बात रखी है।1
- कुमारखंड ब्लॉक परिसर में महंगाई के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में राजद कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया, जिसमें नरेंद्र मोदी का पुतला भी दहन किया गया।1
- मधेपुरा के बेलवा में महिलाएँ शराबबंदी आंदोलन करने के लिए सड़क पर उतर आईं हैं।1