बिलासपुर में बंदरों का तांडव, तीन दिन में आधा दर्जन से अधिक लोग लहूलुहान, प्रशासन और पालिका की अनदेखी से मोहल्लेवासियों में भारी आक्रोश, वन विभाग से भी लगाई गुहार बिलासपुर में नगर के मुहल्ला टांडा हुरमत नगर में बंदरों का आतंक अब जानलेवा साबित हो रहा है। पिछले तीन दिनों के भीतर बंदरों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए आधा दर्जन से अधिक लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया है। क्षेत्र में इस कदर दहशत है कि लोगों ने छतों पर जाना और बच्चों को अकेले गलियों में भेजना बंद कर दिया है। मोहल्ला निवासी मुनीश दिवाकर और किशन समेत अन्य निवासियों ने बताया कि बंदरों का झुंड न केवल राहगीरों को निशाना बना रहा है, बल्कि घरों की खिड़कियों और दरवाजों से अंदर घुसकर महिलाओं और बच्चों पर हमला कर रहा है। बंदरों के हमलों में तीन दिन के भीतर सुमेश कुमार 36 वर्षीय, कलावती, नन्हें राम, किशन, पप्पू राठौर, प्रेमीलाल समेत आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पड़े हैं। आरोप है कि नगर पालिका और तहसील प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक रूप से बंदरों को पकड़वाने की गुहार लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक न तो पिंजरे लगाए गए हैं और न ही किसी बंदर पकड़ने वाली टीम को बुलाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। बंदरों के डर से लोग अपनी दुकानों के बाहर सामान रखने से कतरा रहे हैं। छतों पर कपड़े सुखाना या अनाज रखना मुमकिन नहीं रह गया है। मुहल्लेवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बंदरों को पकड़वाकर जंगल में नहीं छुड़वाया गया, तो वे नगर पालिका कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
बिलासपुर में बंदरों का तांडव, तीन दिन में आधा दर्जन से अधिक लोग लहूलुहान, प्रशासन और पालिका की अनदेखी से मोहल्लेवासियों में भारी आक्रोश, वन विभाग से भी लगाई गुहार बिलासपुर में नगर के मुहल्ला टांडा हुरमत नगर में बंदरों का आतंक अब जानलेवा साबित हो रहा है। पिछले तीन दिनों के भीतर बंदरों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए आधा दर्जन से अधिक लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया है। क्षेत्र में इस कदर दहशत है कि लोगों ने छतों पर जाना और बच्चों को अकेले गलियों में भेजना बंद कर दिया है। मोहल्ला निवासी मुनीश दिवाकर और
किशन समेत अन्य निवासियों ने बताया कि बंदरों का झुंड न केवल राहगीरों को निशाना बना रहा है, बल्कि घरों की खिड़कियों और दरवाजों से अंदर घुसकर महिलाओं और बच्चों पर हमला कर रहा है। बंदरों के हमलों में तीन दिन के भीतर सुमेश कुमार 36 वर्षीय, कलावती, नन्हें राम, किशन, पप्पू राठौर, प्रेमीलाल समेत आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पड़े हैं। आरोप है कि नगर पालिका और तहसील प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक रूप से बंदरों को
पकड़वाने की गुहार लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक न तो पिंजरे लगाए गए हैं और न ही किसी बंदर पकड़ने वाली टीम को बुलाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। बंदरों के डर से लोग अपनी दुकानों के बाहर सामान रखने से कतरा रहे हैं। छतों पर कपड़े सुखाना या अनाज रखना मुमकिन नहीं रह गया है। मुहल्लेवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बंदरों को पकड़वाकर जंगल में नहीं छुड़वाया गया, तो वे नगर पालिका कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
- बिलासपुर में नगर के मुहल्ला टांडा हुरमत नगर में बंदरों का आतंक अब जानलेवा साबित हो रहा है। पिछले तीन दिनों के भीतर बंदरों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए आधा दर्जन से अधिक लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया है। क्षेत्र में इस कदर दहशत है कि लोगों ने छतों पर जाना और बच्चों को अकेले गलियों में भेजना बंद कर दिया है। मोहल्ला निवासी मुनीश दिवाकर और किशन समेत अन्य निवासियों ने बताया कि बंदरों का झुंड न केवल राहगीरों को निशाना बना रहा है, बल्कि घरों की खिड़कियों और दरवाजों से अंदर घुसकर महिलाओं और बच्चों पर हमला कर रहा है। बंदरों के हमलों में तीन दिन के भीतर सुमेश कुमार 36 वर्षीय, कलावती, नन्हें राम, किशन, पप्पू राठौर, प्रेमीलाल समेत आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पड़े हैं। आरोप है कि नगर पालिका और तहसील प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक रूप से बंदरों को पकड़वाने की गुहार लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक न तो पिंजरे लगाए गए हैं और न ही किसी बंदर पकड़ने वाली टीम को बुलाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। बंदरों के डर से लोग अपनी दुकानों के बाहर सामान रखने से कतरा रहे हैं। छतों पर कपड़े सुखाना या अनाज रखना मुमकिन नहीं रह गया है। मुहल्लेवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बंदरों को पकड़वाकर जंगल में नहीं छुड़वाया गया, तो वे नगर पालिका कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।3
- रुद्रपुर में शाहिद पर नमाज़ के दौरान गुंडागर्दी के मामले में नया मोड़।अरविंद शर्मा की पूर्व पत्नी का बयान:- घटना मंदिर परिसर में नहीं, बल्कि एक मैदान में हुई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अरविंद आजीवन कारावास का अपराधी है और पैरोल पर बाहर है। उत्तराखंड, रुद्रपुर ll जगतपुरा (Jagatpura) इलाके का मामला है ll इस घटना से जुड़े मुख्य तथ्य निम्नलिखित हैं: घटना स्थल: यह घटना अटारिया मंदिर (Atariya Temple) के पास एक खाली मैदान में हुई थी। पीड़ित शाहिद का कहना है कि वह मंदिर परिसर से काफी दूर एक खाली जगह पर नमाज पढ़ रहा था, जबकि आरोपी अरविंद शर्मा इसे अपनी निजी संपत्ति और मंदिर से जुड़ा क्षेत्र बता रहा है। आरोपी की पृष्ठभूमि: अरविंद शर्मा की पूर्व पत्नी ने दावा किया है कि वह आजीवन कारावास (Life Imprisonment) का सजायाफ्ता अपराधी है और वर्तमान में पैरोल पर बाहर है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भी उस पर धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस कार्रवाई: पंतनगर थाना पुलिस ने अरविंद शर्मा और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (मारपीट और धमकी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- ब्रेकिंग पंछी हेडलाइन्स समाचार #रामपुर बहुचर्चित लक़ड़ी व्यपारी मुनन बब्लू की फैक्ट्रीयों पर आयकर विभाग की रेड,मचा हड़कंप,अंदर परिसर से बाहर गेट तक सीआरपीएफ जवानो का कड़ा पहरा, #highlighteveryone #व्यापारी #रेड #समाचार #ब्रेकिंगन्यूज़1
- रामपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: रामपुर (उत्तर प्रदेश), 26 फरवरी 2026: थाना गंज क्षेत्र के स्वार-बाजपुर (स्वार-रामपुर) मार्ग पर बुधवार रात करीब 11 बजे एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। अज्ञात डंपर ने स्विफ्ट डिजायर कार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कार की पेट्रोल टैंक फट गई और वाहन में भीषण आग लग गई। कार में सवार महिला पुलिस कांस्टेबल लता (27 वर्ष) और उनके ढाई वर्षीय पुत्र अभियांश (लट्टू/अवांश) जलकर जिंदा भस्म हो गए। पति दान सिंह और रिश्तेदार रवि किसी तरह बाहर निकलकर बच गए, दोनों मामूली रूप से झुलसे हैं। हादसे के समय कार में चार लोग सवार थे। परिवार नैनीताल घूमकर लौट रहा था। दान सिंह कार चला रहे थे, आगे की सीट पर रवि बैठा था, जबकि लता पीछे अपने बेटे के साथ सो रही थीं। काशीपुर गांव के पास आंगा मोड़ पर सामने से आ रहे डंपर ने कार के साइड में टक्कर मारी। टक्कर इतनी तेज थी कि पीछे का दरवाजा लॉक हो गया और लता व बच्चा बाहर नहीं निकल पाए। आग की लपटें 1 किलोमीटर दूर तक दिखाई दीं। आसपास के लोग और पेट्रोल पंप कर्मचारी फायर एक्स्टिंग्विशर लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि महिला कांस्टेबल को गंभीर हालत में पहले शहजादनगर के संजीवनी अस्पताल ले जाया गया, फिर बरेली रेफर किया गया। रास्ते में उनकी भी मौत हो गई। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। लता बहटरा गांव (थाना मिलक) की रहने वाली थीं। वे श्रावस्ती जिले के 1090 कार्यालय में तैनात थीं और 18 फरवरी से छुट्टी पर थीं। दान सिंह किराए की गाड़ियां चलाते हैं। यह परिवार नई कार खरीदने की खुशी मना रहा था। महज 22 दिन पहले दान सिंह एक मुकदमे से बरी हुए थे, जिसकी खुशी में नैनीताल घूमने गए थे। दान सिंह की पहली पत्नी रजनी की भी 4 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। पुलिस कार्रवाई थाना गंज पुलिस ने अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। डंपर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी है। दान सिंह ने बताया, “डंपर ने साइड से टक्कर मारी, मैं और रवि कूदकर बाहर निकल आए, लेकिन पत्नी और बेटा अंदर फंस गए। मैं चिल्लाता रहा, लेकिन कुछ नहीं बच पाया।” रवि ने रोते हुए कहा, “नई कार थी, नैनीताल घूमकर खुश थे, सब कुछ खत्म हो गया।”4
- जनपद बरेली में थाना बारादरी के बाहर युवक द्वारा आत्मदाह की कोशिश के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। 24 फरवरी की रात अक्षय कुमार, निवासी फतेहगंज पश्चिमी, ने थाना बारादरी के गेट पर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल जांच शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के विश्लेषण में सामने आया कि युवक घटना वाले दिन तीन बार थाना बारादरी पहुंचा था। उस समय जन शिकायत हेल्प डेस्क पर तैनात उपनिरीक्षक सुरेन्द्र कुमार शर्मा की जिम्मेदारी थी कि वे शिकायत दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करते। लेकिन जांच में लापरवाही और संवेदनहीनता पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।1
- मामूली कहासुनी के बाद दो पक्षो में जमकर चले लाठी डंडे जसपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत निजामगढ़ में एक ही समुदाय के दो पक्षो में जमकर लाठी डंडे चले बताया जा रहा है कि दो दिन पहले गांव में बच्चो में खेल खेल में विवाद हो गया था बीती देर रात उसी बात को लेकर बड़ो के बीच कहासुनी हुई और देखते ही देखते कहासुनी जंग का मैदान बन गई एक पक्ष के लोगो ने लाठी डंडे निकाल लिए ओर जमकर लाठी डंडे चले वीडियो में महिलाएं भी देखी जा सकती है घटना में एक पक्ष के दो लोगो के गंभीर चोटे आई है जिन्हें उपचार के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है वंही मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वंही एक पक्ष के लोगो ने पुलिस में तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की है वंही पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट, गई हैवंही इस पूरी घटना को लेकर एस पी काशीपुर स्वपन किशोर सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो वायरल हुआ है जिसका संज्ञान लिया जा रहा है वीडियो में कुछ लोग मारपीट कर रहे है इस संबंध में चौकी इंचार्ज पतरामपुर को निर्देशित किया गया है की पूरे मामले की जानकारी की जा रही है और जो लोग उसमे शामिल है उनके खिलाफ अग्रिम कार्यवाही की जा रही है स्वपन किशोर सिंह ( एसपी काशीपुर )2
- Yeh mera khet hai or kaise laga aap logon ko yeh video1
- बिलासपुर में हाईवे के जीरो प्वाइंट पर तेज रफ्तार कार ने एक ई-रिक्शा को जबरदस्त टक्कर मार दी।इससे अनियंत्रित रिक्शा डिवाइडर से टकराकर पलट गया।लहुलुहान अवस्था में चालक को एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहां से उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया है।हालांकि दुर्घटना में कार का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ है। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बाजार कलां निवासी रिक्शा चालक शाहिद अली गुरुवार की पूर्वाह्न साढ़े बजे वह हाईवे पर नवीन मंडी से आगे एक दुकान पर सामान उतारने के बाद वापिस लौट रहा था।बताया जाता है कि जीरो प्वॉइंट पर रूद्रपुर दिशा की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने रिक्शा को जबरदस्त टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि रिक्शा अनियंत्रित होने के बाद डिवाइडर से टकराकर पलट गया।दुर्घटना में कार का भी अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जानकारी के मुताबिक कार में दंपती सवार थें और वह उत्तराखंड के हल्द्वानी से दिल्ली जा रहे थें।दुर्घटना में रिक्शा चालक की चीख-पुकार मच गई,और दुर्घटना के बाद राहगीरों की भीड़ जमा हो गई और हाईवे पर यातायात व्यवस्था बाधित हो गया।साथ ही घायल को आनन-फानन में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।उधर सूचना पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाया।उधर पुलिस क्षेत्राधिकारी हर्षिता सिंह ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली।प्राइवेट हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ केबी सिंह ने बताया कि दुर्घटना में व्यक्ति को सीने में गंभीर चोटें आई हैं,इसलिए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है।4