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चंबा की बरौर पंचायत के गांव छमैरी (चमीणू) में एक युवक की मौ.त के बाद परिजनों ने हत्या के आरोप लगाए हैं। चंबा जिला के विकास खंड चम्बा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौर में चमीनू गांव से छमेरी तक एम्बुलेंस सड़क निर्माण की मांग को लेकर कुछ लोगों ने विरोध किया था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि इन्हीं लोगों ने मृतक सोनू की हत्या की है। परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

15 hrs ago
user_Ajay Himachal News
Ajay Himachal News
चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
15 hrs ago

चंबा की बरौर पंचायत के गांव छमैरी (चमीणू) में एक युवक की मौ.त के बाद परिजनों ने हत्या के आरोप लगाए हैं। चंबा जिला के विकास खंड चम्बा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौर में चमीनू गांव से छमेरी तक एम्बुलेंस सड़क निर्माण की मांग को लेकर कुछ लोगों ने विरोध किया था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि इन्हीं लोगों ने मृतक सोनू की हत्या की है। परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

More news from Himachal Pradesh and nearby areas
  • चंबा । उपमंडल सलूणी के तलेरू बोटिंग प्वाइंट पर आयोजित सलूणी विंटर लेक फेस्टिवल का रंगारंग आगाज हुआ। रात्रि सांस्कृतिक संध्या में पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सांस्कृतिक संध्या के दौरान हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध गायक काकू राम, नीतीश राजपूत और भावना जरियाल ने अपने शानदार गीतों से समां बांध दिया। पहाड़ी, फिल्मी और पंजाबी गानों की प्रस्तुतियों पर दर्शक देर रात तक झूमते नजर आए। स्थानीय हिमाचली कलाकारों ने भी अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों व पर्यटकों ने भाग लिया और तलेरू बोटिंग प्वाइंट रोशनी व संगीत से गुलजार रहा। मीडिया से बातचीत में आशा कुमारी ने उपमंडल प्रशासन सलूणी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों को सफल बनाने का आश्वासन दिया। विंटर लेक फेस्टिवल के माध्यम से क्षेत्र की लोक संस्कृति, कला और पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बाइट आशा कुमारी पूर्व शिक्षा मंत्री।
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    चंबा । उपमंडल सलूणी के तलेरू बोटिंग प्वाइंट पर आयोजित सलूणी विंटर लेक फेस्टिवल का रंगारंग आगाज हुआ। रात्रि सांस्कृतिक संध्या में पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
सांस्कृतिक संध्या के दौरान हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध गायक काकू राम, नीतीश राजपूत और भावना जरियाल ने अपने शानदार गीतों से समां बांध दिया। पहाड़ी, फिल्मी और पंजाबी गानों की प्रस्तुतियों पर दर्शक देर रात तक झूमते नजर आए। स्थानीय हिमाचली कलाकारों ने भी अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों व पर्यटकों ने भाग लिया और तलेरू बोटिंग प्वाइंट रोशनी व संगीत से गुलजार रहा।
मीडिया से बातचीत में आशा कुमारी ने उपमंडल प्रशासन सलूणी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों को सफल बनाने का आश्वासन दिया।
विंटर लेक फेस्टिवल के माध्यम से क्षेत्र की लोक संस्कृति, कला और पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बाइट आशा कुमारी पूर्व शिक्षा मंत्री।
    user_Mohd Ashiq
    Mohd Ashiq
    Journalist Chamba, Himachal Pradesh•
    20 hrs ago
  • Post by Alladitta
    1
    Post by Alladitta
    user_Alladitta
    Alladitta
    चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • चम्बा छमेरी गांव में मिला संदिग्ध परिस्थितियों व्यक्ति का श/व सुरेंद्र ठाकुर चंबा जिला के विकास खंड चम्बा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौर के चमीनू गांव से छमेरी तक एम्बुलेंस सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। सड़क निर्माण की पुरजोर मांग को लेकर जहां कई ग्रामीण समर्थन में थे, वहीं कुछ स्थानीय लोग इस पहल से असहमत बताए जा रहे हैं। इसी बीच युवक सोनू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के विरोध से जुड़े कुछ लोगों ने ही सोनू की हत्या की है। परिजनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की पारदर्शी जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और विश्वास बना रहे।
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    चम्बा छमेरी गांव में मिला संदिग्ध परिस्थितियों व्यक्ति का श/व
सुरेंद्र ठाकुर 
चंबा जिला के विकास खंड चम्बा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौर के चमीनू गांव से छमेरी तक एम्बुलेंस सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। सड़क निर्माण की पुरजोर मांग को लेकर जहां कई ग्रामीण समर्थन में थे, वहीं कुछ स्थानीय लोग इस पहल से असहमत बताए जा रहे हैं।
इसी बीच युवक सोनू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के विरोध से जुड़े कुछ लोगों ने ही सोनू की हत्या की है। परिजनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की पारदर्शी जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और विश्वास बना रहे।
    user_Surender Thakur
    Surender Thakur
    Social Media Manager पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • Post by Shivinder singh Bhadwal
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    Post by Shivinder singh Bhadwal
    user_Shivinder singh Bhadwal
    Shivinder singh Bhadwal
    पत्रकार कठुआ, कठुआ, जम्मू और कश्मीर•
    19 hrs ago
  • पीर पंजाल की पहाड़ियों के बीच बसी अपनी सुंदर ,निर्मल , भव्य एवम दिव्य पांगी घाटी ! जहाँ आज भी प्रकृति अपने मधुर रूप में है
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    पीर पंजाल की पहाड़ियों के बीच बसी अपनी सुंदर ,निर्मल , भव्य  एवम दिव्य  पांगी घाटी ! जहाँ आज भी प्रकृति अपने मधुर रूप में है
    user_Neeraj Mahiniya
    Neeraj Mahiniya
    Video Creator पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में पारंपरिक आस्था और लोकसंस्कृति के प्रतीक जुकारू पर्व के तीसरे दिन परमार और भटोरी गांव में चियालू मेला बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। पूरे क्षेत्र में उल्लास और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। पर्व की शुरुआत प्रातःकाल परमार और भटोरी प्रजामण्डल द्वारा खेतों में जाकर धरती माता की पूजा से हुई, जिसे स्थानीय भाषा में ‘मांगल’ कहा जाता है। इस अनुष्ठान में सबसे पहले धरती माता का विधिवत पूजन किया गया और प्रसाद अर्पित किया गया। गांव के सभी परिवारों की सहभागिता इस पूजा की विशेषता रही। सामूहिक रूप से की गई यह पूजा प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और समृद्धि की कामना का प्रतीक मानी जाती है। मांगल पूजा के उपरांत ग्रामीण अपने-अपने घर लौटे और पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर मेले के लिए रवाना हुए। चियालू मेले का मुख्य आकर्षण मोटे अनाज के आटे से निर्मित बकरे की प्रतिमा रही, जिसे ग्रामीणों ने बड़े स्नेह और श्रद्धा के साथ सजाया और श्रृंगारित किया। मान्यता है कि यह पर्व आसुरी शक्तियों को दूर भगाने और गांव में सुख-शांति बनाए रखने के उद्देश्य से मनाया जाता है। सजी हुई प्रतिमा को ढोल-नगाड़ों की थाप और जयकारों के बीच कंधों पर उठाकर मेला स्थल तक लाया गया। इसके बाद पारंपरिक तीरंदाजी का रोमांचक खेल आरंभ हुआ, जिसमें प्रतिमा का ‘शिकार’ किया जाता है। जो प्रतिभागी सफलतापूर्वक निशाना साधता है, उसे गांव की ओर से सम्मानित किया जाता है। यह खेल साहस, कौशल और परंपरा का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। तीरंदाजी प्रतियोगिता के पश्चात पूजा-पाठ का कार्यक्रम संपन्न हुआ और फिर लोकनृत्य एवं लोकगीतों की मधुर प्रस्तुतियों के साथ उत्सव अपने चरम पर पहुंच गया। महिलाएं, पुरुष, युवा और बुजुर्ग—सभी ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर सामूहिक नृत्य कर मेले की रौनक बढ़ाई। चियालू मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं के जीवंत प्रदर्शन का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। जुकारू पर्व का यह तीसरा दिन परमार और भटोरी गांव में उत्साह, श्रद्धा और सामूहिक सौहार्द के साथ संपन्न हुआ
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    जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में पारंपरिक आस्था और लोकसंस्कृति के प्रतीक जुकारू पर्व के तीसरे दिन परमार और भटोरी गांव में चियालू मेला बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। पूरे क्षेत्र में उल्लास और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला।
पर्व की शुरुआत प्रातःकाल परमार और भटोरी प्रजामण्डल द्वारा खेतों में जाकर धरती माता की पूजा से हुई, जिसे स्थानीय भाषा में ‘मांगल’ कहा जाता है। इस अनुष्ठान में सबसे पहले धरती माता का विधिवत पूजन किया गया और प्रसाद अर्पित किया गया। गांव के सभी परिवारों की सहभागिता इस पूजा की विशेषता रही। सामूहिक रूप से की गई यह पूजा प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और समृद्धि की कामना का प्रतीक मानी जाती है।
मांगल पूजा के उपरांत ग्रामीण अपने-अपने घर लौटे और पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर मेले के लिए रवाना हुए। चियालू मेले का मुख्य आकर्षण मोटे अनाज के आटे से निर्मित बकरे की प्रतिमा रही, जिसे ग्रामीणों ने बड़े स्नेह और श्रद्धा के साथ सजाया और श्रृंगारित किया। मान्यता है कि यह पर्व आसुरी शक्तियों को दूर भगाने और गांव में सुख-शांति बनाए रखने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
सजी हुई प्रतिमा को ढोल-नगाड़ों की थाप और जयकारों के बीच कंधों पर उठाकर मेला स्थल तक लाया गया। इसके बाद पारंपरिक तीरंदाजी का रोमांचक खेल आरंभ हुआ, जिसमें प्रतिमा का ‘शिकार’ किया जाता है। जो प्रतिभागी सफलतापूर्वक निशाना साधता है, उसे गांव की ओर से सम्मानित किया जाता है। यह खेल साहस, कौशल और परंपरा का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।
तीरंदाजी प्रतियोगिता के पश्चात पूजा-पाठ का कार्यक्रम संपन्न हुआ और फिर लोकनृत्य एवं लोकगीतों की मधुर प्रस्तुतियों के साथ उत्सव अपने चरम पर पहुंच गया। महिलाएं, पुरुष, युवा और बुजुर्ग—सभी ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर सामूहिक नृत्य कर मेले की रौनक बढ़ाई।
चियालू मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं के जीवंत प्रदर्शन का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। जुकारू पर्व का यह तीसरा दिन परमार और भटोरी गांव में उत्साह, श्रद्धा और सामूहिक सौहार्द के साथ संपन्न हुआ
    user_PANGI NEWS 24
    PANGI NEWS 24
    Social Media Manager Pangi, Chamba•
    23 hrs ago
  • चंबा जिला के विकास खंड चम्बा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौर में चमीनू गांव से छमेरी तक एम्बुलेंस सड़क निर्माण की मांग को लेकर कुछ लोगों ने विरोध किया था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि इन्हीं लोगों ने मृतक सोनू की हत्या की है। परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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    चंबा जिला के विकास खंड चम्बा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौर में चमीनू गांव से छमेरी तक एम्बुलेंस सड़क निर्माण की मांग को लेकर कुछ लोगों ने विरोध किया था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि इन्हीं लोगों ने मृतक सोनू की हत्या की है। परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
    user_Ajay Himachal News
    Ajay Himachal News
    चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • चुराह में एस.डी.एम. कार्यालय तीसा में स्मार्ट मीटर में लगी आग इसे किस्मत का खेल कहें या बिजली बोर्ड की बदकिस्मती, लेकिन उपमंडल चुराह में जो हुआ उसने विभाग की साख पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। *एक तरफ बिजली बोर्ड घर-घर जाकर लोगों को स्मार्ट मीटर के फायदे गिना रहा है और जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी तरफ एस.डी.एम. कार्यालय तीसा में लगे स्मार्ट मीटर में शुक्रवार को आग लग गई।* अचानक आग लगने से कार्यालय के कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तफरी का माहौल बन गया, जब वहां स्थापित एक स्मार्ट मीटर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते मीटर आग के गोले में तब्दील हो गया और पूरी तरह जलकर राख हो गया। जिस समय यह हादसा हुआ उस समय एस.डी.एम. और कोर्ट परिसर में काफी संख्या में लोग मौजूद थे। आग की लपटें देख लोग भगदड़ मच गई और कोर्ट परिसर में काम के सिलसिले में आए लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही बिजली बोर्ड के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया। बिजली बोर्ड दावा कर रहा है कि यह मीटर पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक हैं, लेकिन एस.डी.एम. कार्यालय जैसी सुरक्षित जगह पर मीटर का जलना जनता के गले नहीं उतर रहा है। यदि यह हादसा रात को होता तो पूरा कार्यालय और आसपास का क्षेत्र खाक हो सकता था। लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्मार्ट मीटर किसी टाइम बम से कम नहीं हैं। उनके घर लकड़ी के बने होते हैं, अगर एक मीटर में भी ऐसी चिंगारी उठी तो पूरा गांव जल जाएगा। इस घटना ने स्मार्ट मीटरों के खिलाफ सुलग रही आग में घी डालने का काम किया है। गौरतलब है कि प्रदेश में पहले से ही इन मीटरों का विरोध चल रहा है। लोगों का तक्र है कि लकड़ी के मकानों वाले ग्रामीण क्षेत्रों में ये मीटर सुरक्षित नहीं हैं। इस घटना के बाद आम जनता अपने घरों में लगे स्मार्ट मीटरों को लेकर भारी खौफ में है।
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    चुराह में एस.डी.एम. कार्यालय तीसा में स्मार्ट मीटर में लगी आग
इसे किस्मत का खेल कहें या बिजली बोर्ड की बदकिस्मती, लेकिन उपमंडल चुराह में जो हुआ उसने विभाग की साख पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। *एक तरफ बिजली बोर्ड घर-घर जाकर लोगों को स्मार्ट मीटर के फायदे गिना रहा है और जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी तरफ एस.डी.एम. कार्यालय तीसा में लगे स्मार्ट मीटर में शुक्रवार को आग लग गई।*
अचानक आग लगने से कार्यालय के कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तफरी का माहौल बन गया, जब वहां स्थापित एक स्मार्ट मीटर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते मीटर आग के गोले में तब्दील हो गया और पूरी तरह जलकर राख हो गया। जिस समय यह हादसा हुआ उस समय एस.डी.एम. और कोर्ट परिसर में काफी संख्या में लोग मौजूद थे। आग की लपटें देख लोग भगदड़ मच गई और कोर्ट परिसर में काम के सिलसिले में आए लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही बिजली बोर्ड के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया।
बिजली बोर्ड दावा कर रहा है कि यह मीटर पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक हैं, लेकिन एस.डी.एम. कार्यालय जैसी सुरक्षित जगह पर मीटर का जलना जनता के गले नहीं उतर रहा है।
यदि यह हादसा रात को होता तो पूरा कार्यालय और आसपास का क्षेत्र खाक हो सकता था। लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्मार्ट मीटर किसी टाइम बम से कम नहीं हैं। उनके घर लकड़ी के बने होते हैं, अगर एक मीटर में भी ऐसी चिंगारी उठी तो पूरा गांव जल जाएगा। इस घटना ने स्मार्ट मीटरों के खिलाफ सुलग रही आग में घी डालने का काम किया है।
गौरतलब है कि प्रदेश में पहले से ही इन मीटरों का विरोध चल रहा है। लोगों का तक्र है कि लकड़ी के मकानों वाले ग्रामीण क्षेत्रों में ये मीटर सुरक्षित नहीं हैं। इस घटना के बाद आम जनता अपने घरों में लगे स्मार्ट मीटरों को लेकर भारी खौफ में है।
    user_Mohd Ashiq
    Mohd Ashiq
    Journalist Chamba, Himachal Pradesh•
    20 hrs ago
  • बर्फीली वादियों में सजा रंगों का मेला: तलेरू में पहली बार विंटर लेक फेस्टिवल की धूम तलेरू वोटिंग पॉइंट बना पर्यटन का नया आकर्षण सुरेंद्र ठाकुर चम्बा 21 फरवरी चम्बा जिले की खूबसूरत वादियों में बसे तलेरू वोटिंग पॉइंट में पहली बार तीन दिवसीय विंटर लेक फेस्टिवल का भव्य आगाज़ हुआ। सलूणी उपमंडल के इस रमणीय स्थल ने अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ अब सांस्कृतिक और आधुनिक आयोजनों के जरिए नई पहचान बना ली है। प्रकृति, आस्था और रोमांच का संगम चंबा की पहाड़ियों के बीच स्थित चमेरा जल विद्युत परियोजना बांध के शांत जलाशय और माता भद्रकाली भलेई मंदिर की पावन छत्रछाया में बसी यह झील सैलानियों को मनमोहक दृश्य प्रदान करती है। हरियाली से आच्छादित पर्वत, नीले जल की लहरें और तैरती नौकाएँ यहां आने वालों को स्वर्गिक अनुभूति कराती हैं। पहाड़ों पर लेजर शो बना मुख्य आकर्षण फेस्टिवल का सबसे बड़ा आकर्षण पहाड़ियों पर प्रदर्शित लेजर शो रहा, जिसमें भगवान शंकर की दिव्य आकृतियाँ उकेरी गईं। रोशनी और संगीत के अद्भुत संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य और मूसादा गायन की शानदार प्रस्तुतियाँ देकर माहौल को और जीवंत बना दिया। संस्कृति के साथ स्वाद का तड़का तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में सांस्कृतिक संध्याएँ, लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय व्यापारियों की भागीदारी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। पर्यटकों ने बताया कि उन्हें इस आयोजन की पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन यहां पहुंचकर सुखद आश्चर्य हुआ। उन्होंने चंबा की सुंदरता की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों को पर्यटन के लिए लाभकारी बताया। एसडीएम सलूणी ने कहा कि अब तक पर्यटक डलहौजी और खज्जियार तक सीमित रहते थे, लेकिन प्रशासन का प्रयास है कि वे सलूणी, भांदल और अन्य अनछुए पर्यटन स्थलों की ओर भी आकर्षित हों। युवाओं को मिल रहा रोजगार तलेरू वोटिंग पॉइंट अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम भी बन चुका है। यहां खान-पान के स्टॉल, रेस्टोरेंट और टूरिस्ट गाइड जैसी सुविधाएँ रोजगार के नए अवसर खोल रही हैं। विंटर लेक फेस्टिवल ने तलेरू को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दी है।
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    बर्फीली वादियों में सजा रंगों का मेला: तलेरू में पहली बार विंटर लेक फेस्टिवल की धूम
तलेरू वोटिंग पॉइंट बना पर्यटन का नया आकर्षण
सुरेंद्र ठाकुर 
चम्बा 21 फरवरी 
चम्बा जिले की खूबसूरत वादियों में बसे तलेरू वोटिंग पॉइंट में पहली बार तीन दिवसीय विंटर लेक फेस्टिवल का भव्य आगाज़ हुआ। सलूणी उपमंडल के इस रमणीय स्थल ने अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ अब सांस्कृतिक और आधुनिक आयोजनों के जरिए नई पहचान बना ली है।
प्रकृति, आस्था और रोमांच का संगम
चंबा की पहाड़ियों के बीच स्थित चमेरा जल विद्युत परियोजना बांध के शांत जलाशय और माता भद्रकाली भलेई मंदिर की पावन छत्रछाया में बसी यह झील सैलानियों को मनमोहक दृश्य प्रदान करती है। हरियाली से आच्छादित पर्वत, नीले जल की लहरें और तैरती नौकाएँ यहां आने वालों को स्वर्गिक अनुभूति कराती हैं।
पहाड़ों पर लेजर शो बना मुख्य आकर्षण
फेस्टिवल का सबसे बड़ा आकर्षण पहाड़ियों पर प्रदर्शित लेजर शो रहा, जिसमें भगवान शंकर की दिव्य आकृतियाँ उकेरी गईं। रोशनी और संगीत के अद्भुत संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य और मूसादा गायन की शानदार प्रस्तुतियाँ देकर माहौल को और जीवंत बना दिया।
संस्कृति के साथ स्वाद का तड़का
तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में सांस्कृतिक संध्याएँ, लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय व्यापारियों की भागीदारी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है।
पर्यटकों ने बताया कि उन्हें इस आयोजन की पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन यहां पहुंचकर सुखद आश्चर्य हुआ। उन्होंने चंबा की सुंदरता की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों को पर्यटन के लिए लाभकारी बताया।
एसडीएम सलूणी ने कहा कि अब तक पर्यटक डलहौजी और खज्जियार तक सीमित रहते थे, लेकिन प्रशासन का प्रयास है कि वे सलूणी, भांदल और अन्य अनछुए पर्यटन स्थलों की ओर भी आकर्षित हों।
युवाओं को मिल रहा रोजगार
तलेरू वोटिंग पॉइंट अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम भी बन चुका है। यहां खान-पान के स्टॉल, रेस्टोरेंट और टूरिस्ट गाइड जैसी सुविधाएँ रोजगार के नए अवसर खोल रही हैं।
विंटर लेक फेस्टिवल ने तलेरू को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दी है।
    user_Surender Thakur
    Surender Thakur
    Social Media Manager पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    17 hrs ago
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