बर्फीली वादियों में सजा रंगों का मेला: तलेरू में पहली बार विंटर लेक फेस्टिवल की धूम बर्फीली वादियों में सजा रंगों का मेला: तलेरू में पहली बार विंटर लेक फेस्टिवल की धूम तलेरू वोटिंग पॉइंट बना पर्यटन का नया आकर्षण सुरेंद्र ठाकुर चम्बा 21 फरवरी चम्बा जिले की खूबसूरत वादियों में बसे तलेरू वोटिंग पॉइंट में पहली बार तीन दिवसीय विंटर लेक फेस्टिवल का भव्य आगाज़ हुआ। सलूणी उपमंडल के इस रमणीय स्थल ने अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ अब सांस्कृतिक और आधुनिक आयोजनों के जरिए नई पहचान बना ली है। प्रकृति, आस्था और रोमांच का संगम चंबा की पहाड़ियों के बीच स्थित चमेरा जल विद्युत परियोजना बांध के शांत जलाशय और माता भद्रकाली भलेई मंदिर की पावन छत्रछाया में बसी यह झील सैलानियों को मनमोहक दृश्य प्रदान करती है। हरियाली से आच्छादित पर्वत, नीले जल की लहरें और तैरती नौकाएँ यहां आने वालों को स्वर्गिक अनुभूति कराती हैं। पहाड़ों पर लेजर शो बना मुख्य आकर्षण फेस्टिवल का सबसे बड़ा आकर्षण पहाड़ियों पर प्रदर्शित लेजर शो रहा, जिसमें भगवान शंकर की दिव्य आकृतियाँ उकेरी गईं। रोशनी और संगीत के अद्भुत संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य और मूसादा गायन की शानदार प्रस्तुतियाँ देकर माहौल को और जीवंत बना दिया। संस्कृति के साथ स्वाद का तड़का तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में सांस्कृतिक संध्याएँ, लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय व्यापारियों की भागीदारी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। पर्यटकों ने बताया कि उन्हें इस आयोजन की पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन यहां पहुंचकर सुखद आश्चर्य हुआ। उन्होंने चंबा की सुंदरता की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों को पर्यटन के लिए लाभकारी बताया। एसडीएम सलूणी ने कहा कि अब तक पर्यटक डलहौजी और खज्जियार तक सीमित रहते थे, लेकिन प्रशासन का प्रयास है कि वे सलूणी, भांदल और अन्य अनछुए पर्यटन स्थलों की ओर भी आकर्षित हों। युवाओं को मिल रहा रोजगार तलेरू वोटिंग पॉइंट अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम भी बन चुका है। यहां खान-पान के स्टॉल, रेस्टोरेंट और टूरिस्ट गाइड जैसी सुविधाएँ रोजगार के नए अवसर खोल रही हैं। विंटर लेक फेस्टिवल ने तलेरू को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दी है।
बर्फीली वादियों में सजा रंगों का मेला: तलेरू में पहली बार विंटर लेक फेस्टिवल की धूम बर्फीली वादियों में सजा रंगों का मेला: तलेरू में पहली बार विंटर लेक फेस्टिवल की धूम तलेरू वोटिंग पॉइंट बना पर्यटन का नया आकर्षण सुरेंद्र ठाकुर चम्बा 21 फरवरी चम्बा जिले की खूबसूरत वादियों में बसे तलेरू वोटिंग पॉइंट में पहली बार तीन दिवसीय विंटर लेक फेस्टिवल का भव्य आगाज़ हुआ। सलूणी उपमंडल के इस रमणीय स्थल ने अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ अब सांस्कृतिक और आधुनिक आयोजनों के जरिए नई पहचान बना ली है। प्रकृति, आस्था और रोमांच का संगम चंबा की पहाड़ियों के बीच स्थित चमेरा जल विद्युत परियोजना बांध के शांत जलाशय और माता भद्रकाली भलेई मंदिर की पावन छत्रछाया में बसी यह झील सैलानियों को मनमोहक दृश्य प्रदान करती है। हरियाली से आच्छादित पर्वत, नीले जल की लहरें और तैरती नौकाएँ यहां आने वालों को स्वर्गिक अनुभूति कराती हैं। पहाड़ों पर लेजर शो बना मुख्य आकर्षण फेस्टिवल का सबसे बड़ा आकर्षण पहाड़ियों पर प्रदर्शित लेजर शो रहा, जिसमें भगवान शंकर की दिव्य आकृतियाँ उकेरी गईं। रोशनी और संगीत के अद्भुत संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य और मूसादा गायन की शानदार प्रस्तुतियाँ देकर माहौल को और जीवंत बना दिया। संस्कृति के साथ स्वाद का तड़का तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में सांस्कृतिक संध्याएँ, लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय व्यापारियों की भागीदारी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। पर्यटकों ने बताया कि उन्हें इस आयोजन की पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन यहां पहुंचकर सुखद आश्चर्य हुआ। उन्होंने चंबा की सुंदरता की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों को पर्यटन के लिए लाभकारी बताया। एसडीएम सलूणी ने कहा कि अब तक पर्यटक डलहौजी और खज्जियार तक सीमित रहते थे, लेकिन प्रशासन का प्रयास है कि वे सलूणी, भांदल और अन्य अनछुए पर्यटन स्थलों की ओर भी आकर्षित हों। युवाओं को मिल रहा रोजगार तलेरू वोटिंग पॉइंट अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम भी बन चुका है। यहां खान-पान के स्टॉल, रेस्टोरेंट और टूरिस्ट गाइड जैसी सुविधाएँ रोजगार के नए अवसर खोल रही हैं। विंटर लेक फेस्टिवल ने तलेरू को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दी है।
- चम्बा जिले के हि,प्रदेश की सुरम्य वादियों में बसे तलेरू वोटिंग पॉइंट में आज से तीन दिवसीय “विंटर लेक फेस्टिवल” का भव्य शुभारंभ हुआ। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा जिला के सलूणी उपमंडल में स्थित यह रमणीय स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहले ही प्रसिद्ध है, और अब इस महोत्सव के आयोजन से इसकी पहचान और भी व्यापक होने जा रही है। प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम चंबा की पहाड़ियों के बीच, चमेरा जल विद्युत परियोजना बांध के शांत जलाशय के किनारे और माता भद्रकाली भलेई मंदिर के चरणों में बसी यह मनमोहक झील सैलानियों को स्वर्ग जैसा अनुभव कराती है। चारों ओर हरियाली से ढकी पर्वत श्रृंखलाएँ, नीले पानी की लहरें और उन पर तैरती नौकाएँ — यह दृश्य हर आगंतुक के मन में बस जाता है। लेजर शो में भगवान शंकर की अद्भुत झलक फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण पहाड़ियों पर प्रदर्शित लेजर शो रहा, जिसमें भगवान शंकर की भव्य आकृतियाँ उकेरी गईं। रोशनी और संगीत के अद्भुत संगम ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य और मूसादा गायन की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। स्थानीय संस्कृति और व्यंजनों की महक तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में सांस्कृतिक संध्याएँ, लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारोबारियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। टूरिस्ट ने तलेरू में आयोजित विंटर लेक फेस्टिवल की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी। यहां पहुंचकर उन्हें सुखद आश्चर्य हुआ। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों से बाहर से आने वाले सैलानियों को और अधिक मनोरंजन व सांस्कृतिक अनुभव मिलते हैं। उन्होंने चंबा को बेहद सुंदर पर्यटन स्थल बताते हुए यहां के प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की एसडीएम सलूणी ने बताया कि यह तीन दिवसीय विंटर लेक फेस्टिवल पहली बार आयोजित किया जा रहा है, जिसे लेकर लोगों में भारी उत्साह है। उन्होंने कहा कि अब तक पर्यटक डलहौजी और खज्जियार तक ही सीमित रहते थे, लेकिन प्रशासन का प्रयास है कि वे सलूणी, भांदल और अन्य अनछुए पर्यटन स्थलों का भी रुख करें। रोजगार का सशक्त माध्यम तलेरू वोटिंग पॉइंट केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र ही नहीं, बल्कि सैकड़ों स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का माध्यम भी बन चुका है। यहां चाय की दुकानें, फास्ट फूड स्टॉल, रेस्टोरेंट और टूरिस्ट गाइड जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।1
- चंबा । उपमंडल सलूणी के तलेरू बोटिंग प्वाइंट पर आयोजित सलूणी विंटर लेक फेस्टिवल का रंगारंग आगाज हुआ। रात्रि सांस्कृतिक संध्या में पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सांस्कृतिक संध्या के दौरान हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध गायक काकू राम, नीतीश राजपूत और भावना जरियाल ने अपने शानदार गीतों से समां बांध दिया। पहाड़ी, फिल्मी और पंजाबी गानों की प्रस्तुतियों पर दर्शक देर रात तक झूमते नजर आए। स्थानीय हिमाचली कलाकारों ने भी अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों व पर्यटकों ने भाग लिया और तलेरू बोटिंग प्वाइंट रोशनी व संगीत से गुलजार रहा। मीडिया से बातचीत में आशा कुमारी ने उपमंडल प्रशासन सलूणी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों को सफल बनाने का आश्वासन दिया। विंटर लेक फेस्टिवल के माध्यम से क्षेत्र की लोक संस्कृति, कला और पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बाइट आशा कुमारी पूर्व शिक्षा मंत्री।1
- Post by Alladitta1
- Post by ASHISH JOURNALIST1
- जोगिंद्रनगर के ब्रिज मंडी स्थित असेंट पब्लिक स्कूल में आज बच्चों द्वारा जमा दो की कक्षा के लिये फेयरवैल पार्टी का आयोजन किया। जिसमें बच्चों सहित स्कूल के एडी लक्की ठाकुर व स्टाफ ने भी उपस्थिति दर्ज करवाई। बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये। वहीं स्कूल के निदेशक ने जमा दो के बच्चों से कहा कि वे परीक्षाओं में अच्छे अंक लेकर उतीर्ण हों जिसके लिये पूरी तैयारी करें वहीं उज्जवल भविष्य की भी कामना की। आज की फेयरवैल पार्टी में सुहाना मिस और शिवम को मिस्टर पर्सनैलिटी के बैच से नवाजा गया तथा कनिष्ठा को मिस तथा आर्यन राज राणा को मिस्टर फेयरवैल चुना गया वहीं रवनीत को मिस और ईशान को मिस्टर असेंट चुना गया।1
- Post by Shivinder singh Bhadwal1
- बर्फीली वादियों में सजा रंगों का मेला: तलेरू में पहली बार विंटर लेक फेस्टिवल की धूम तलेरू वोटिंग पॉइंट बना पर्यटन का नया आकर्षण सुरेंद्र ठाकुर चम्बा 21 फरवरी चम्बा जिले की खूबसूरत वादियों में बसे तलेरू वोटिंग पॉइंट में पहली बार तीन दिवसीय विंटर लेक फेस्टिवल का भव्य आगाज़ हुआ। सलूणी उपमंडल के इस रमणीय स्थल ने अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ अब सांस्कृतिक और आधुनिक आयोजनों के जरिए नई पहचान बना ली है। प्रकृति, आस्था और रोमांच का संगम चंबा की पहाड़ियों के बीच स्थित चमेरा जल विद्युत परियोजना बांध के शांत जलाशय और माता भद्रकाली भलेई मंदिर की पावन छत्रछाया में बसी यह झील सैलानियों को मनमोहक दृश्य प्रदान करती है। हरियाली से आच्छादित पर्वत, नीले जल की लहरें और तैरती नौकाएँ यहां आने वालों को स्वर्गिक अनुभूति कराती हैं। पहाड़ों पर लेजर शो बना मुख्य आकर्षण फेस्टिवल का सबसे बड़ा आकर्षण पहाड़ियों पर प्रदर्शित लेजर शो रहा, जिसमें भगवान शंकर की दिव्य आकृतियाँ उकेरी गईं। रोशनी और संगीत के अद्भुत संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य और मूसादा गायन की शानदार प्रस्तुतियाँ देकर माहौल को और जीवंत बना दिया। संस्कृति के साथ स्वाद का तड़का तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में सांस्कृतिक संध्याएँ, लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय व्यापारियों की भागीदारी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। पर्यटकों ने बताया कि उन्हें इस आयोजन की पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन यहां पहुंचकर सुखद आश्चर्य हुआ। उन्होंने चंबा की सुंदरता की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों को पर्यटन के लिए लाभकारी बताया। एसडीएम सलूणी ने कहा कि अब तक पर्यटक डलहौजी और खज्जियार तक सीमित रहते थे, लेकिन प्रशासन का प्रयास है कि वे सलूणी, भांदल और अन्य अनछुए पर्यटन स्थलों की ओर भी आकर्षित हों। युवाओं को मिल रहा रोजगार तलेरू वोटिंग पॉइंट अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम भी बन चुका है। यहां खान-पान के स्टॉल, रेस्टोरेंट और टूरिस्ट गाइड जैसी सुविधाएँ रोजगार के नए अवसर खोल रही हैं। विंटर लेक फेस्टिवल ने तलेरू को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दी है।1
- चंबा जिला के विकास खंड चम्बा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौर में चमीनू गांव से छमेरी तक एम्बुलेंस सड़क निर्माण की मांग को लेकर कुछ लोगों ने विरोध किया था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि इन्हीं लोगों ने मृतक सोनू की हत्या की है। परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- चुराह में एस.डी.एम. कार्यालय तीसा में स्मार्ट मीटर में लगी आग इसे किस्मत का खेल कहें या बिजली बोर्ड की बदकिस्मती, लेकिन उपमंडल चुराह में जो हुआ उसने विभाग की साख पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। *एक तरफ बिजली बोर्ड घर-घर जाकर लोगों को स्मार्ट मीटर के फायदे गिना रहा है और जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी तरफ एस.डी.एम. कार्यालय तीसा में लगे स्मार्ट मीटर में शुक्रवार को आग लग गई।* अचानक आग लगने से कार्यालय के कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तफरी का माहौल बन गया, जब वहां स्थापित एक स्मार्ट मीटर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते मीटर आग के गोले में तब्दील हो गया और पूरी तरह जलकर राख हो गया। जिस समय यह हादसा हुआ उस समय एस.डी.एम. और कोर्ट परिसर में काफी संख्या में लोग मौजूद थे। आग की लपटें देख लोग भगदड़ मच गई और कोर्ट परिसर में काम के सिलसिले में आए लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही बिजली बोर्ड के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया। बिजली बोर्ड दावा कर रहा है कि यह मीटर पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक हैं, लेकिन एस.डी.एम. कार्यालय जैसी सुरक्षित जगह पर मीटर का जलना जनता के गले नहीं उतर रहा है। यदि यह हादसा रात को होता तो पूरा कार्यालय और आसपास का क्षेत्र खाक हो सकता था। लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्मार्ट मीटर किसी टाइम बम से कम नहीं हैं। उनके घर लकड़ी के बने होते हैं, अगर एक मीटर में भी ऐसी चिंगारी उठी तो पूरा गांव जल जाएगा। इस घटना ने स्मार्ट मीटरों के खिलाफ सुलग रही आग में घी डालने का काम किया है। गौरतलब है कि प्रदेश में पहले से ही इन मीटरों का विरोध चल रहा है। लोगों का तक्र है कि लकड़ी के मकानों वाले ग्रामीण क्षेत्रों में ये मीटर सुरक्षित नहीं हैं। इस घटना के बाद आम जनता अपने घरों में लगे स्मार्ट मीटरों को लेकर भारी खौफ में है।1