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जनपद सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र में संचालित एक अवैध अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की दुखद मृत्यु हो गई। इस गंभीर प्रकरण में, पुलिस ने ₹10,000 की इनामी स्टाफ नर्स और उसकी एक सहायिका को गिरफ्तार कर लिया है। क्षेत्राधिकारी ओबरा श्री अमित कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले से जुड़े मुख्य इनामी वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने के प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने सोनभद्र जिले में अनगिनत झोलाछाप डॉक्टरों, अवैध अस्पतालों और विभिन्न प्रकार की जांच करने वाली दुकानों के बेरोकटोक चलने पर भी चिंता व्यक्त की।
पत्रकार अशोक सिंह रेनुकूट
जनपद सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र में संचालित एक अवैध अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की दुखद मृत्यु हो गई। इस गंभीर प्रकरण में, पुलिस ने ₹10,000 की इनामी स्टाफ नर्स और उसकी एक सहायिका को गिरफ्तार कर लिया है। क्षेत्राधिकारी ओबरा श्री अमित कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले से जुड़े मुख्य इनामी वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने के प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने सोनभद्र जिले में अनगिनत झोलाछाप डॉक्टरों, अवैध अस्पतालों और विभिन्न प्रकार की जांच करने वाली दुकानों के बेरोकटोक चलने पर भी चिंता व्यक्त की।
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- पुलिस से भागते वक्त कुछ लोगों ने नासा पुलिस पर फायरिंग की। इस दौरान उन्होंने हवा में 58 लाख रुपये के नोटों की गड्डियाँ उड़ाईं और एक गाड़ी भी चराई गई।1
- घर बदलने की व्यापक सेवाएँ उपलब्ध हैं, जिनमें सामान की सुरक्षित पैकिंग, लोडिंग, अनलोडिंग और परिवहन जैसी सभी सुविधाएँ शामिल हैं। इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए इच्छुक व्यक्ति 78000-49-301 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- साल 2026 में, भारत में पाँचवें महीने के दौरान भीषण गर्मी का मौसम है। इस अवधि में तापमान काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है।1
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- सोनभद्र जिले के नगवां ब्लॉक के पडरी गांव में, प्रभारी मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने मृतक राजेश (चिंटू) जायसवाल के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान, उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹5 लाख की आर्थिक सहायता का चेक परिवार को सौंपा और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मंत्री जायसवाल ने परिजनों को यह भरोसा भी दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में निष्पक्ष जांच जारी है।1
- सोनभद्र के ओबरा में मंगलवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ली, जिसके चलते तेज बारिश और आसमान में बिजली की जोरदार कड़कड़ाहट शुरू हो गई। इस आकस्मिक मौसमी बदलाव से पूरे नगर का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। काले बादलों के छाने से दिन में ही अंधेरा हो गया और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिसके कारण लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए। हालांकि, इस मौसमी बदलाव से भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली, लेकिन तेज गर्जना और चमकती बिजली ने लोगों की धड़कनें बढ़ा दीं। स्थानीय मौसम विभाग ने पहले ही क्षेत्र में प्री-मानसून गतिविधियों के तहत गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई थी।2
- चंदौली जिले के चकिया नगर में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) ने बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, स्मार्ट मीटर योजना और बिजली के निजीकरण के विरोध में एक जोरदार प्रदर्शन किया। काली जी पोखरा पर एकत्रित होकर हजारों कार्यकर्ताओं और आमजन ने नगर में एक विशाल जुलूस निकाला, जिसके बाद वे विद्युत उपकेंद्र तक लगभग दो किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी चकिया को भी सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली दरों में वृद्धि, लगातार कटौती, लो-वोल्टेज और जर्जर विद्युत व्यवस्था के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से बिजली दरों में की गई 10 प्रतिशत वृद्धि को तत्काल वापस लेने, बढ़ती बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या का स्थायी समाधान करने, स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह समाप्त करने और दक्षिणांचल तथा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। इसके साथ ही प्रस्तावित बिजली बिल 2025 को वापस लेने, सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने तथा किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के चुनावी वादे को पूरा करने पर भी जोर दिया गया। माकपा नेताओं ने बिजली विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्तियों और संविदा कर्मियों को स्थायी करने की भी मांग की। उन्होंने गांवों और शहरों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, जर्जर विद्युत लाइनों तथा फुंके ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदलने पर जोर दिया। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व माकपा नेता लालचंद एडवोकेट ने किया, जिन्होंने कहा कि बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं जनता का अधिकार हैं और सरकार को जनहित में निर्णय लेने चाहिए। सभा को परमानंद सिंह मौर्य, राजेंद्र यादव, रामनिवास पांडेय, बलराम कुरिल, नंदलाल, बड़ेलाल, चौथी पासवान, महानंद राजभर, लालमणि विश्वकर्मा, जयनाथ, भुगुनाथ विश्वकर्मा सहित कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जनता में व्यापक असंतोष जताया और कहा कि पूर्व की व्यवस्था को बहाल किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त आर्थिक परेशानी न झेलनी पड़े। प्रदर्शन के अंत में प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।4
- यह दृश्य रावटसगंज ओवरब्रिज के नीचे का है, जहाँ बाजार में लोगों को बिना हेलमेट के देखा गया।1