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जसूर में जनसंघ के संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया।
Surinder Minhas
जसूर में जनसंघ के संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया।
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- पर्यावरण प्रेमी मिलखी राम शर्मा ने जनता द्वारा पूछे गए तीखे सवालों के जवाब दिए हैं। इन जवाबों को सुनने के लिए कहा गया है।1
- नूरपुर शहर में बेसहारा पशुओं की बढ़ती समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया है। नगर परिषद अध्यक्ष नीति महाजन के नेतृत्व में, पार्षदों और पशुपालन विभाग के सहयोग से, बुधवार को विशेष कार्रवाई करते हुए शहर में घूम रहे आवारा बैलों को पकड़ा गया। यह अभियान एसडीएम अरुण शर्मा के समर्थन से संपन्न हुआ। नगर परिषद अध्यक्ष ने बताया कि शहरवासियों द्वारा लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बेसहारा बैल मुख्य बाजारों और सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया था। इन गंभीर शिकायतों को देखते हुए, नगर परिषद और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने सुबह से ही अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के दौरान, शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 10 बेसहारा बैलों को सुरक्षित रूप से पकड़कर डमटाल स्थित पशुशाला भेज दिया गया। टीम ने पूरे अभियान को सावधानीपूर्वक अंजाम दिया, यह सुनिश्चित करते हुए कि किसी भी व्यक्ति या पशु को कोई नुकसान न पहुंचे। नीति महाजन ने स्पष्ट किया कि नगर परिषद शहर को बेसहारा पशुओं से पूरी तरह मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा को नगर परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि शहर में आवारा पशुओं के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान करने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। अगले चरण में, शहर में घूम रही बेसहारा गौमाताओं को भी चिन्हित कर सुरक्षित रूप से पकड़कर पशुशाला भेजा जाएगा, ताकि उन्हें उचित देखभाल मिल सके और शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं से होने वाली परेशानियों से लोगों को राहत मिल सके। महाजन ने शहरवासियों से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी क्षेत्र में बेसहारा पशु दिखाई दें, तो इसकी सूचना तत्काल नगर परिषद को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। इस अभियान को सफल बनाने में नगर परिषद की उपाध्यक्ष सोनिया सोगा, पार्षद सीमा देवी, एकता मेहरा, अश्वनी कुमार, पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, और नगर परिषद के कर्मचारी भी उपस्थित रहे और सभी ने सक्रिय भूमिका निभाई।1
- भाजपा समर्थित पार्षदों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने सुजानपुर नगर परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने हमीरपुर उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा है। इन पार्षदों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया को असंवैधानिक तरीके से संपन्न करवाया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और चुनाव प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की अपील की है।2
- हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ 30 जून को हमीरपुर में 'ओलंपिक स्पीक' कार्यक्रम का आयोजन करेगा। इस कार्यक्रम में हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, विभिन्न खेलों से जुड़े नामी खिलाड़ी और खिलाड़ी स्कूली बच्चे भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे। इसी अवसर पर 'रन फॉर यूनिटी' का भी आयोजन किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष नरेंद्र अत्री ने हमीरपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस 'स्पीक' का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाना है। इस मौके पर हमीरपुर जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा, ओलंपिक संघ के मीडिया प्रभारी विकास शर्मा, नरेश राणा, अनिल परमार और अभय वीर सिंह लवली विशेष रूप से उपस्थित रहे।1
- लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह पीपलू मेला में शामिल हुए।1
- मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का स्मृति दिवस अत्यंत श्रद्धा और आध्यात्मिकता के साथ मनाया गया।1
- सतपाल सत्ती ने एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। यह जानकारी #247सुपरफास्ट और #दैनिक जागों वर्ल्ड द्वारा दी गई।1
- राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने आयोग के सदस्यों विजय डोगरा, दिग्विजय मल्होत्रा और शालिनी जमवाल के साथ हमीरपुर जिले के तीन दिवसीय प्रवास का समापन किया। अपने अंतिम दिन हमीर भवन में जिला अधिकारियों के साथ एक बैठक में, आयोग ने अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के अधिकारों से संबंधित विभिन्न मुद्दों और कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की गहन समीक्षा की, साथ ही अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की। कुलदीप कुमार ने पुलिस, अभियोजन विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए कि वे जिले में पिछले तीन वर्षों के दौरान एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों का विस्तृत ब्यौरा एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी जोर दिया कि इस अधिनियम के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए ताकि एससी वर्ग के अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा हो सके। अध्यक्ष ने बताया कि हिमाचल में लगभग 26 प्रतिशत आबादी एससी वर्ग की है, और अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम (एससीडीपी) के तहत 25 प्रतिशत बजट आवंटित किया जाता है, जिसका सदुपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों से पिछले तीन वर्षों के खर्च की रिपोर्ट माँगी और सड़क से वंचित एससी बस्तियों का ब्यौरा देने के भी निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि किसी भी योजना में एससी बस्तियों के नाम जातिसूचक नहीं होने चाहिए और यदि सरकारी रिकॉर्ड में ऐसे नाम हैं, तो उन्हें हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। आयोग ने एससी वर्ग से संबंधित आवास योजनाओं, आदर्श ग्राम योजना, छात्रवृत्ति, स्वरोजगार एवं ऋण योजनाओं, कृषि, बागवानी, पशुपालन और अन्य विभागों की सब्सिडी योजनाओं की भी समीक्षा की। कुलदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके द्वारा माँगी गई रिपोर्टों या दिए गए निर्देशों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। इससे पहले, उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने आयोग के अध्यक्ष और सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि जिले में आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने बैठक में विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बाद में पत्रकारों से बातचीत में कुलदीप कुमार ने दोहराया कि आयोग प्रदेश में एससी वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव कृतसंकल्प है और अभी तक आठ जिलों का दौरा कर चुका है। उन्होंने रोहड़ू में एक किशोर की आत्महत्या और कुल्लू जिला के सैंज में एक महिला की हत्या जैसे संवेदनशील मामलों का संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करवाने का भी उल्लेख किया। हमीरपुर प्रवास के दौरान, आयोग ने एससी वर्ग से संबंधित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, सफाई कर्मचारियों, शहरी निकायों तथा ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के अलावा आम लोगों से भी संवाद किया। उन्होंने यह भी कहा कि कई छोटे मामले स्थानीय स्तर पर ही निपटाए जा सकते हैं, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों को आगे आना चाहिए। कुलदीप कुमार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की एससी वर्ग के कल्याण, उत्थान और अधिकारों की रक्षा के प्रति संवेदनशीलता की सराहना की, जिनके प्रयासों से आयोग का गठन हुआ है और कई कल्याणकारी योजनाएँ भी आरंभ हुई हैं।1