पीजीआई थाना क्षेत्र में अवैध रिकवरी एजेंटों का आतंक, लोगों से की जा रही अवैध वसूली, पुलिस मौन लखनऊ पीजीआई थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध रिकवरी एजेंटों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में कई लोगों से जबरन वसूली किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक विकास रावत, प्रशांत सिंह और दुर्गेश शुक्ला नाम के कुछ लोग कथित तौर पर रिकवरी के नाम पर लोगों से अवैध वसूली कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग क्षेत्र में दबाव बनाकर लोगों से पैसा वसूलते हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन लोगों को कथित रूप से कुछ कारखासों का संरक्षण भी प्राप्त है, जिसके चलते इनके हौसले बुलंद हैं और खुलेआम वसूली का खेल जारी है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में जांच कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और क्षेत्र में चल रही अवैध वसूली पर कब तक रोक लगती है।
पीजीआई थाना क्षेत्र में अवैध रिकवरी एजेंटों का आतंक, लोगों से की जा रही अवैध वसूली, पुलिस मौन लखनऊ पीजीआई थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध रिकवरी एजेंटों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में कई लोगों से जबरन वसूली किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक विकास रावत, प्रशांत सिंह और दुर्गेश शुक्ला नाम के कुछ लोग कथित तौर पर रिकवरी के नाम पर लोगों से अवैध वसूली कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग क्षेत्र में दबाव बनाकर लोगों से पैसा वसूलते हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन लोगों को कथित रूप से कुछ कारखासों का संरक्षण भी प्राप्त है, जिसके चलते इनके हौसले बुलंद हैं और खुलेआम वसूली का खेल जारी है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में जांच कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और क्षेत्र में चल रही अवैध वसूली पर कब तक रोक लगती है।
- Post by Dharmendra Kumar1
- लखनऊ: जनेश्वर मिश्र पार्क के पास भीषण हादसातेज रफ्तार बाइकों की जोरदार भिड़ंत बिजली विभाग के AE के बेटे की हादसे में मौत बाइकर्स ग्रुप के साथ राइडिंग करते वक्त हादसा बाइक ग्रुप के साथ नैतिक कर रहा था राइडिंग।1
- BREAKING: पुलिस ने इतना पीटा, पत्रकार के दोनों हाथ में फ्रैक्चर - लखनऊ का मामला - शिकायत के बाद भी FIR नहीं होने का आरोप - उसी इंदिरानगर थाने में तैनात है आरोपी सिपाही..!2
- लखनऊ पीजीआई थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध रिकवरी एजेंटों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में कई लोगों से जबरन वसूली किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक विकास रावत, प्रशांत सिंह और दुर्गेश शुक्ला नाम के कुछ लोग कथित तौर पर रिकवरी के नाम पर लोगों से अवैध वसूली कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग क्षेत्र में दबाव बनाकर लोगों से पैसा वसूलते हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन लोगों को कथित रूप से कुछ कारखासों का संरक्षण भी प्राप्त है, जिसके चलते इनके हौसले बुलंद हैं और खुलेआम वसूली का खेल जारी है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में जांच कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और क्षेत्र में चल रही अवैध वसूली पर कब तक रोक लगती है।1
- उत्तर प्रदेश के सिराथू क्षेत्र में सड़क किनारे गैस सिलेंडर से चाय बना रहे युवकों पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गैस सिलेंडर और चाय की केतली जब्त कर ली और उन्हें थाने ले गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- राज्यसभा चुनाव के बीच तेजस्वी यादव का भाजपा पर बड़ा हमला — “भाजपा जिसके साथ रहती है उसे बर्बाद कर देती है।” बिहार की सियासत में बयानबाज़ी तेज #TejashwiYadav #BiharPolitics #RajyaSabhaElection #BJP #JDU1
- नाबालिग को दोबारा उठा ले गए दबंग आरोपी,पुलिस पर लापरवाही का आरोप शाहाबाद, हरदोई। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में पुलिस की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि दबंगों द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाई गई 12 वर्षीय नाबालिग को बरामद करने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते आरोपियों ने दोबारा पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया। बताया गया कि फरवरी माह में दबंगों ने 12 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मार्च में नाबालिग को बरामद कर लिया था। आरोप है कि दबाव के चलते पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और नाबालिग को उसके परिजनों को सौंप दिया,साथ ही बिना कार्यवाही आरोपियों को भी छोड़ दिया। पीड़ित का आरोप है कि इसी का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने रविवार रात उसके घर पर धावा बोल दिया। इस दौरान आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की और पीड़ित की पत्नी का हाथ तोड़ दिया। इसके बाद आरोपी जबरन नाबालिग को फिर से अपने साथ उठा ले गए। घटना में घायल पीड़ित की पत्नी को उपचार के लिए शाहजहांपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं पीड़ित सोमवार को कोतवाली शाहाबाद तहरीर देने पहुंचा, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत तक दर्ज नहीं की और उसे भगा दिया।2
- राजधानी लखनऊ के इंदिरा नगर थाना क्षेत्र से पुलिस की कथित दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने मामूली टक्कर के बाद युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसके दोनों हाथ टूट गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और अब इसका CCTV फुटेज भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामूली कहासुनी और टक्कर के बाद पुलिसकर्मी ने अपना रौब दिखाते हुए युवक पर हमला कर दिया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि युवक के दोनों हाथों में फ्रैक्चर हो गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपों के मुताबिक, जब पीड़ित इंदिरा नगर पुलिस के पास पहुंचा तो उसे तत्काल मदद देने के बजाय कहा गया कि “पहले जांच होगी, फिर मेडिकल कराया जाएगा।” उधर, दर्द से कराह रहा पीड़ित खुद ही इलाज और मेडिकल के लिए बलरामपुर अस्पताल पहुंचा, जहां वह अपनी चोटों का परीक्षण करवा रहा है। इस बीच, घटना का CCTV फुटेज वायरल होने के बाद मामला और तूल पकड़ता जा रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर वर्दीधारी पुलिसकर्मी की दबंगई साफ नजर आ रही है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर आम नागरिकों की सुरक्षा के जिम्मेदार ही कानून को हाथ में लेने लगें, तो जनता आखिर न्याय के लिए किसके पास जाए? अब देखना होगा कि लखनऊ पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है—क्या आरोपी पुलिसकर्मी पर निष्पक्ष जांच के बाद सख्त कदम उठेगा या मामला दबाने की कोशिश होगी? जनता के सवाल क्या पीड़ित को समय पर मेडिकल न कराना पुलिस की लापरवाही है? वायरल CCTV के बाद क्या आरोपी पुलिसकर्मी पर होगी कार्रवाई? क्या विभागीय जांच निष्पक्ष होगी?1