Shuru
Apke Nagar Ki App…
भाकपा माले के नेतृत्व में विस्थापित किसानों के पुनर्वास की मांग को लेकर एक पदयात्रा शुरू की गई है।
Nandan Kumar Paswan
भाकपा माले के नेतृत्व में विस्थापित किसानों के पुनर्वास की मांग को लेकर एक पदयात्रा शुरू की गई है।
More news from बिहार and nearby areas
- भाकपा माले के नेतृत्व में विस्थापित किसानों के पुनर्वास की मांग को लेकर एक पदयात्रा शुरू की गई है।1
- जमुई के झाझा में श्री श्री 108 शनिदेव जी महाराज मंदिर का 17वां स्थापना दिवस सोमवार, 29 जून को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार विशेष पूजन, हवन और महाआरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शनिदेव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। स्थापना दिवस समारोह में कुंज बिहारी चौधरी ने मुख्य यजमान की भूमिका निभाई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए अनुष्ठान के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे सैकड़ों भक्तों ने ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर 'जय शनिदेव' के जयघोष और भक्ति गीतों से लगातार गुंजायमान रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर उदयशंकर झा, सौरभ झा, मोती सिंघानिया, प्रशांत सुल्तानिया, रवि साव, ऋषभ गोयल, मंदिर के पुजारी मनोज शर्मा, दिलीप झा और कुलदीप झा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी भक्तों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि मंदिर स्थापना दिवस का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करना ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण की भावना को भी बढ़ावा देना है।2
- जमुई में 29 जून, सोमवार से भाकपा माले के नेतृत्व में 75 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू हुई। यह यात्रा बरनार जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर की जा रही है। आदिवासी संघर्ष मोर्चा और अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले निकाली गई इस पदयात्रा में सैकड़ों विस्थापित किसानों ने हाथों में लाल झंडा लेकर अपनी सात सूत्री मांगों के समर्थन में बिटिया, कालीपहाड़ी, खपरिया और डुमरी होते हुए सोनो चौक तक पैदल मार्च किया, जहाँ एक सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के बिहार राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने कहा कि बरनार जलाशय निर्माण के कारण सैकड़ों आदिवासी और किसान परिवारों के घर, खेत, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और उनकी आजीविका पर गहरा संकट आ गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह उचित पुनर्वास और मुआवजे के बिना किसानों की जमीन नहीं ले सकती। सिंह ने प्रभावित परिवारों को खेती योग्य जमीन के बदले जमीन, समुचित पुनर्वास, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, साथ ही बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की गारंटी देने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय राजमार्ग-333ए के चौड़ीकरण में अधिग्रहित भूमि के लिए वर्तमान एमवीआर के आधार पर पांच गुना मुआवजा देने की भी मांग की गई। सभा की अध्यक्षता किसान महासभा के जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने की, जबकि पदयात्रा का नेतृत्व बाबू साहब सिंह, मनोज कुमार पांडेय, बासुदेव राय, संजय राय और कल्लू मरांडी ने किया। इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के जिला अध्यक्ष शंभू तांती ने भी इस यात्रा को अपना समर्थन दिया। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों के प्रतिनिधिमंडल से शीघ्र वार्ता कर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक तथा तीव्र किया जाएगा।2
- भाकपा माले के राज्य कमिटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने एक सभा को संबोधित करते हुए बरनार जलाशय निर्माण से प्रभावित होने वाले किसानों की गंभीर चिंताओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि जलाशय के पानी में सैकड़ों आदिवासी घर, खेत-खलिहान, बच्चों के स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य सुविधाएं डूब जाने का भय किसानों के मन में है। इसी मुद्दे पर, किसान अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर भीषण गर्मी के बावजूद 75 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा पर निकलने का फैसला किया है। किसानों ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण करने से पहले, सरकार को प्रभावित किसानों के लिए पुनर्वास हेतु जमीन, खेती योग्य जमीन के बदले जमीन, बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल, प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की गारंटी सुनिश्चित करनी होगी। बाबू साहब सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गारंटियों को पूरा नहीं करती है, तो किसान किसी भी कीमत पर अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं होंगे। उन्होंने सरकार से किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ तुरंत वार्ता कर उनकी मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के लिए वर्तमान एमवीआर (MVR) का पाँच गुना मुआवजा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो यह पदयात्रा आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल जाएगी। इस पदयात्रा में भाकपा माले के जिला सचिव शम्भू शरण सिंह ने सभा की अध्यक्षता की, वहीं इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के जिला अध्यक्ष शम्भू तांती ने भी सैकड़ों किसानों के इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस पैदल यात्रा में कंचन रजक, ख़ूबला राणा, सलीम अंसारी, प्रदीप मंडल सहित सैकड़ों किसान शामिल हैं।1
- वरनार विस्थापितों के न्याय की मांग को लेकर बटिया से जमुई मुख्यालय तक 'वरनार विस्थापित न्याय यात्रा' निकाली गई। इस पैदल यात्रा के दौरान किसान, आदिवासी और नेताओं द्वारा लगातार नारे लगाए जा रहे थे।1
- जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड अंतर्गत नजारी पंचायत के वार्ड संख्या पाँच में सोमवार रात गैस सिलेंडर से लगी आग की चपेट में आने से 65 वर्षीय महिन्द्र राम की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में उन्हें बचाने गए उनके नाती रौशन कुमार भी घायल हो गए। बताया जाता है कि महिन्द्र राम रसोई में पानी गर्म करने के लिए गैस चूल्हा जलाने पहुंचे थे, तभी गैस रिसाव के कारण अचानक आग भड़क उठी। आग की लपटों से घबराकर वे रसोई के अंदर ही फंस गए और बाहर नहीं निकल सके, जिसके बाद आग ने पूरे रसोईघर और छत पर रखी लकड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों के सहयोग, लक्ष्मीपुर पुलिस की तत्परता और अग्निशमन दल की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक महिन्द्र राम की मौत हो चुकी थी। परिजनों के अनुसार, गैस सिलेंडर में पहले से रिसाव था, जिससे यह हादसा हुआ। महिन्द्र राम लक्ष्मीपुर चौक पर बीज और सब्जियां बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके निधन से पूरे गांव में शोक का माहौल है, और बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।1