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पक्की सड़क के अभाव में गर्भ में जुड़वा बच्चों की मौत का दर्द, अब कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर मासूम बीना के ग्राम मलिया से बेलई तक करीब 2 किमी सड़क बरसात में बन जाती है दलदल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई पक्की सड़क की गुहार लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत पक्की सड़क के अभाव में गर्भ में जुड़वा बच्चों की मौत का दर्द, अब कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर मासूम बीना के ग्राम मलिया से बेलई तक करीब 2 किमी सड़क बरसात में बन जाती है दलदल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई पक्की सड़क की गुहार बीना। सरकार गांव-गांव तक सड़क और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के दावे करती है, लेकिन बीना तहसील के ग्राम मलिया की जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। मलिया से बेलई तक जाने वाला करीब दो किलोमीटर का रास्ता आज भी पक्की सड़क का इंतजार कर रहा है। बारिश के दौरान यही रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पांच घंटे की मशक्कत के बाद अस्पताल पहुंची थी गर्भवती महिला ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में इसी बदहाल रास्ते के कारण कल्पना पत्नी नारायण पटेल को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल पहुंचाने में काफी परेशानी हुई थी। सड़क खराब होने और रास्ते में पुलिया टूटे होने के कारण महिला को पहले खटिया पर ले जाकर बेलई तक पहुंचाया गया, इसके बाद ट्रैक्टर से बीना अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद महिला अस्पताल पहुंच सकी, जहां चिकित्सकों ने गर्भ में पल रहे दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। यह घटना आज भी ग्रामीणों के लिए सड़क की बदहाली का दर्दनाक उदाहरण बनी हुई है। अब मासूम बच्चों की पढ़ाई भी सड़क की बदहाली से प्रभावित मलिया गांव के छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए रोजाना करीब दो किलोमीटर दूर बेलई जाना पड़ता है। बारिश में रास्ता कीचड़ से भर जाने के कारण बच्चों को इसी दलदल से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। कीचड़ के कारण बच्चों के कपड़े, जूते और स्कूल बैग खराब हो जाते हैं। वहीं रास्ते में फिसलने और चोट लगने का खतरा भी बना रहता है। एक तरफ सरकार “स्कूल चलें हम” अभियान के जरिए बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संदेश दे रही है, तो दूसरी तरफ मलिया के मासूम बच्चों के सामने स्कूल तक पहुंचना ही बड़ी चुनौती बना हुआ है। कांग्रेस शहर सेवादल अध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना कांग्रेस शहर सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय ने कहा कि मलिया की सड़क की समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि बीना क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं, जहां ग्रामीण आज भी पक्की सड़क की सुविधा से वंचित हैं। प्रमोद राय ने आरोप लगाया कि सरकार विकास की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर अलग दिखाई देती है। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या का तत्काल समाधान करने और पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की। ग्रामीणों की प्रशासन से सीधी मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से मांग की है कि मलिया से बेलई तक पक्की सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचने का रास्ता मिल सके और गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं बीमार लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके। एक तरफ “स्कूल चलें हम” का अभियान, दूसरी तरफ कीचड़ में भविष्य तलाशते मासूम... सवाल बड़ा है—आखिर मलिया गांव की सड़क कब बनेगी?

21 hrs ago
user_Mp news 24live
Mp news 24live
बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
21 hrs ago

पक्की सड़क के अभाव में गर्भ में जुड़वा बच्चों की मौत का दर्द, अब कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर मासूम बीना के ग्राम मलिया से बेलई तक करीब 2 किमी सड़क बरसात में बन जाती है दलदल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई पक्की सड़क की गुहार लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत पक्की सड़क के अभाव में गर्भ में जुड़वा बच्चों की मौत का दर्द, अब कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर मासूम बीना के ग्राम मलिया से बेलई तक करीब 2 किमी सड़क बरसात में बन जाती है दलदल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई पक्की सड़क की गुहार बीना। सरकार गांव-गांव तक सड़क और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के दावे करती है, लेकिन बीना तहसील के ग्राम मलिया की जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। मलिया से बेलई तक जाने वाला करीब दो किलोमीटर का रास्ता आज भी पक्की सड़क का इंतजार कर रहा है। बारिश के दौरान यही रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पांच घंटे की मशक्कत के बाद अस्पताल पहुंची थी गर्भवती महिला ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में इसी बदहाल रास्ते के कारण कल्पना पत्नी नारायण पटेल को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल पहुंचाने में काफी परेशानी हुई थी। सड़क खराब होने और रास्ते में पुलिया टूटे होने के कारण महिला को पहले खटिया पर ले जाकर बेलई तक पहुंचाया गया, इसके बाद ट्रैक्टर से बीना अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद महिला अस्पताल पहुंच सकी, जहां चिकित्सकों ने गर्भ में पल रहे दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। यह घटना आज भी ग्रामीणों के लिए सड़क की बदहाली का दर्दनाक उदाहरण बनी हुई है। अब मासूम बच्चों की पढ़ाई भी सड़क की बदहाली से प्रभावित मलिया गांव के छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए रोजाना करीब दो किलोमीटर दूर बेलई जाना पड़ता है। बारिश में रास्ता कीचड़ से भर जाने के कारण बच्चों को इसी दलदल से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। कीचड़ के कारण बच्चों के कपड़े, जूते और स्कूल बैग खराब हो जाते हैं। वहीं रास्ते में फिसलने और चोट लगने का खतरा भी बना रहता है। एक तरफ सरकार “स्कूल चलें हम” अभियान के जरिए बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संदेश दे रही है, तो दूसरी तरफ मलिया के मासूम बच्चों के सामने स्कूल तक पहुंचना ही बड़ी चुनौती बना हुआ है। कांग्रेस शहर सेवादल अध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना कांग्रेस शहर सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय ने कहा कि मलिया की सड़क की समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि बीना क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं, जहां ग्रामीण आज भी पक्की सड़क की सुविधा से वंचित हैं। प्रमोद राय ने आरोप लगाया कि सरकार विकास की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर अलग दिखाई देती है। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या का तत्काल समाधान करने और पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की। ग्रामीणों की प्रशासन से सीधी मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से मांग की है कि मलिया से बेलई तक पक्की सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचने का रास्ता मिल सके और गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं बीमार लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके। एक तरफ “स्कूल चलें हम” का अभियान, दूसरी तरफ कीचड़ में भविष्य तलाशते मासूम... सवाल बड़ा है—आखिर मलिया गांव की सड़क कब बनेगी?

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  • जन्माष्टमी पर सिंधी समाज ने शुरू की अनूठी गौसेवा पहल रोजाना सुबह 8 से 9 बजे तक आवारा गोवंश को खिलाया जाएगा चारा, विधायक निर्मला सप्रे ने भी की सहभागिता लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत जन्माष्टमी पर सिंधी समाज ने शुरू की अनूठी गौसेवा पहल रोजाना सुबह 8 से 9 बजे तक आवारा गोवंश को खिलाया जाएगा चारा, विधायक निर्मला सप्रे ने भी की सहभागिता बीना। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर बीना में सिंधी समाज ने गौसेवा की दिशा में एक अनूठी पहल शुरू की है। वर्षों से रात्रि के समय की जा रही गौसेवा को अब नियमित रूप से प्रतिदिन सुबह करने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान के तहत रोजाना सुबह 8 से 9 बजे तक नगर में विचरण करने वाले आवारा गोवंश को चारा खिलाया जाएगा। गौसेवा अभियान का शुभारंभ पूज्य महाराज स्वामी विष्णु शर्मा ‘सोनू महाराज’ के तत्वावधान में तथा बीना सिंधी समाज के अध्यक्ष संतोष कुमार वाधवानी के सानिध्य में किया गया। अभियान में सिंधी समाज के युवाओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हुए गोवंश को चारा खिलाया और नियमित गौसेवा का संकल्प लिया। पहल के प्रथम दिन विधायक निर्मला सप्रे भी गौसेवा अभियान में शामिल हुईं। उन्होंने गोवंश को चारा खिलाकर समाज की इस पहल की सराहना की। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के युवा एवं सदस्य मौजूद रहे। सिंधी समाज के सदस्यों ने बताया कि नगर में आवारा गोवंश की समस्या को देखते हुए यह सेवा कार्य शुरू किया गया है। जब तक शासन द्वारा आवारा गोवंश की उचित व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक समाज की ओर से यह सेवा कार्य निरंतर जारी रखा जाएगा। निर्धारित समय पर नगर में मौजूद आवारा गोवंश को चारा उपलब्ध कराया जाएगा। गौसेवा अभियान में घनश्याम खुशलानी, शिवा खुशलानी, अजय वाधवानी (रामजी प्लाइवुड स्टोर), मुरली कुकरेजा, मयंक सचदेव, बब्बू महादेव, रिकी, जय, सोमेश, ऋषभ साधवानी, पीयूष, अमर चोटवानी, कारा भाऊ बारदाना, गंगाराम, नयन, लायकराम सुंदरानी, गौतम बजाज, रिंकू तलरेजा एवं सुरेश लालवानी सहित सिंधी समाज के अन्य सदस्यों ने सहभागिता की। सिंधी समाज की इस पहल को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर गौसेवा, जीवदया और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में सराहनीय कदम माना जा रहा है।
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    जन्माष्टमी पर सिंधी समाज ने शुरू की अनूठी गौसेवा पहल

रोजाना सुबह 8 से 9 बजे तक आवारा गोवंश को खिलाया जाएगा चारा, विधायक निर्मला सप्रे ने भी की सहभागिता
लोकल न्यूज बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
जन्माष्टमी पर सिंधी समाज ने शुरू की अनूठी गौसेवा पहल
रोजाना सुबह 8 से 9 बजे तक आवारा गोवंश को खिलाया जाएगा चारा, विधायक निर्मला सप्रे ने भी की सहभागिता
बीना। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर बीना में सिंधी समाज ने गौसेवा की दिशा में एक अनूठी पहल शुरू की है। वर्षों से रात्रि के समय की जा रही गौसेवा को अब नियमित रूप से प्रतिदिन सुबह करने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान के तहत रोजाना सुबह 8 से 9 बजे तक नगर में विचरण करने वाले आवारा गोवंश को चारा खिलाया जाएगा।
गौसेवा अभियान का शुभारंभ पूज्य महाराज स्वामी विष्णु शर्मा ‘सोनू महाराज’ के तत्वावधान में तथा बीना सिंधी समाज के अध्यक्ष संतोष कुमार वाधवानी के सानिध्य में किया गया। अभियान में सिंधी समाज के युवाओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हुए गोवंश को चारा खिलाया और नियमित गौसेवा का संकल्प लिया।
पहल के प्रथम दिन विधायक निर्मला सप्रे भी गौसेवा अभियान में शामिल हुईं। उन्होंने गोवंश को चारा खिलाकर समाज की इस पहल की सराहना की। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के युवा एवं सदस्य मौजूद रहे।
सिंधी समाज के सदस्यों ने बताया कि नगर में आवारा गोवंश की समस्या को देखते हुए यह सेवा कार्य शुरू किया गया है। जब तक शासन द्वारा आवारा गोवंश की उचित व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक समाज की ओर से यह सेवा कार्य निरंतर जारी रखा जाएगा। निर्धारित समय पर नगर में मौजूद आवारा गोवंश को चारा उपलब्ध कराया जाएगा।
गौसेवा अभियान में घनश्याम खुशलानी, शिवा खुशलानी, अजय वाधवानी (रामजी प्लाइवुड स्टोर), मुरली कुकरेजा, मयंक सचदेव, बब्बू महादेव, रिकी, जय, सोमेश, ऋषभ साधवानी, पीयूष, अमर चोटवानी, कारा भाऊ बारदाना, गंगाराम, नयन, लायकराम सुंदरानी, गौतम बजाज, रिंकू तलरेजा एवं सुरेश लालवानी सहित सिंधी समाज के अन्य सदस्यों ने सहभागिता की।
सिंधी समाज की इस पहल को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर गौसेवा, जीवदया और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में सराहनीय कदम माना जा रहा है।
    user_Laxman singh rajput
    Laxman singh rajput
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    37 min ago
  • सड़क के गड्ढों में तैरकर अनोखा प्रदर्शन, पूर्व जनपद अध्यक्ष ने जताया आक्रोश प्रशासन की अनदेखी से नाराज, बोले- जल्द सड़क नहीं सुधरी तो होगा बड़ा जन-आंदोलन लोकेशन:-बीना रिपोर्टर:-राकेश सेन बीना :-कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अपना जन्मदिन न मनाते हुए पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। वे सीधे बीना-आगासौद-मुंगावली मार्ग के जलभराव वाले गहरे गड्ढों में उतर गए और तैरकर अपना विरोध जताया। दरअसल, बीना-आगासौद-मुंगावली मार्ग पर रिफाइनरी और जेपी पावर प्लांट से जुड़े पेट्रोल-डीजल के टैंकर, फ्लाई ऐश से भरे डंपर और गैस टैंकर जैसे सैकड़ों भारी वाहन रोज गुजरते हैं। इसके बावजूद न तो रिफाइनरी प्रबंधन, न जेपी प्रबंधन और न ही लोक निर्माण विभाग इस सड़क की सुध ले रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते इस मार्ग की हालत बद से बदतर हो चुकी है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसी को लेकर इंदर सिंह ठाकुर अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और पानी से लबालब भरे गड्ढों में बैठकर व तैरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने शासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही सड़कों के मरम्मत कार्य शुरू नहीं किए गए तो जनता के सहयोग से एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस अवसर पर एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश सचिव नरेंद्र सिंह ठाकुर ने भी शासन-प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए जमकर निशाना साधा। तहसीलदार अंबरपंथी की तबीयत खराब होने पर उन्होंने फोन पर आसपास सन देते हुए कहा शीघ्र ही इस रोड के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्राचार एवं शीघ्रकारी लगाने के निर्देश दे दिए गए इसके बाद इंदर सिंह ठाकुर ने अपना प्रदर्शन बंद किया। प्रदर्शन में सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय, अमित ठाकुर, सेवादल यंग ब्रिगेड प्रभारी भूपेंद्र गोंदना, रितिक सिंह, रामबाबू ठाकुर, विजय सिंह, कल्याण सिंह, शुभम ठाकुर, शिवकुमार चढ़ार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन मौजूद रहे।
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    सड़क के गड्ढों में तैरकर अनोखा प्रदर्शन, पूर्व जनपद अध्यक्ष ने जताया आक्रोश

प्रशासन की अनदेखी से नाराज, बोले- जल्द सड़क नहीं सुधरी तो होगा बड़ा जन-आंदोलन
लोकेशन:-बीना 
रिपोर्टर:-राकेश सेन 
बीना :-कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अपना जन्मदिन न मनाते हुए पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। वे सीधे बीना-आगासौद-मुंगावली मार्ग के जलभराव वाले गहरे गड्ढों में उतर गए और तैरकर अपना विरोध जताया।
दरअसल, बीना-आगासौद-मुंगावली मार्ग पर रिफाइनरी और जेपी पावर प्लांट से जुड़े पेट्रोल-डीजल के टैंकर, फ्लाई ऐश से भरे डंपर और गैस टैंकर जैसे सैकड़ों भारी वाहन रोज गुजरते हैं। इसके बावजूद न तो रिफाइनरी प्रबंधन, न जेपी प्रबंधन और न ही लोक निर्माण विभाग इस सड़क की सुध ले रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते इस मार्ग की हालत बद से बदतर हो चुकी है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
इसी को लेकर इंदर सिंह ठाकुर अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और पानी से लबालब भरे गड्ढों में बैठकर व तैरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने शासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही सड़कों के मरम्मत कार्य शुरू नहीं किए गए तो जनता के सहयोग से एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश सचिव नरेंद्र सिंह ठाकुर ने भी शासन-प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए जमकर निशाना साधा।
तहसीलदार अंबरपंथी की तबीयत खराब होने पर उन्होंने फोन पर आसपास सन देते हुए कहा शीघ्र ही इस रोड के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्राचार एवं शीघ्रकारी लगाने के निर्देश दे दिए गए इसके बाद इंदर सिंह ठाकुर ने अपना प्रदर्शन बंद किया।
प्रदर्शन में सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय, अमित ठाकुर, सेवादल यंग ब्रिगेड प्रभारी भूपेंद्र गोंदना, रितिक सिंह, रामबाबू ठाकुर, विजय सिंह, कल्याण सिंह, शुभम ठाकुर, शिवकुमार चढ़ार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन मौजूद रहे।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पक्की सड़क के अभाव में गर्भ में जुड़वा बच्चों की मौत का दर्द, अब कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर मासूम बीना के ग्राम मलिया से बेलई तक करीब 2 किमी सड़क बरसात में बन जाती है दलदल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई पक्की सड़क की गुहार लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत पक्की सड़क के अभाव में गर्भ में जुड़वा बच्चों की मौत का दर्द, अब कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर मासूम बीना के ग्राम मलिया से बेलई तक करीब 2 किमी सड़क बरसात में बन जाती है दलदल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई पक्की सड़क की गुहार बीना। सरकार गांव-गांव तक सड़क और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के दावे करती है, लेकिन बीना तहसील के ग्राम मलिया की जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। मलिया से बेलई तक जाने वाला करीब दो किलोमीटर का रास्ता आज भी पक्की सड़क का इंतजार कर रहा है। बारिश के दौरान यही रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पांच घंटे की मशक्कत के बाद अस्पताल पहुंची थी गर्भवती महिला ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में इसी बदहाल रास्ते के कारण कल्पना पत्नी नारायण पटेल को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल पहुंचाने में काफी परेशानी हुई थी। सड़क खराब होने और रास्ते में पुलिया टूटे होने के कारण महिला को पहले खटिया पर ले जाकर बेलई तक पहुंचाया गया, इसके बाद ट्रैक्टर से बीना अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद महिला अस्पताल पहुंच सकी, जहां चिकित्सकों ने गर्भ में पल रहे दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। यह घटना आज भी ग्रामीणों के लिए सड़क की बदहाली का दर्दनाक उदाहरण बनी हुई है। अब मासूम बच्चों की पढ़ाई भी सड़क की बदहाली से प्रभावित मलिया गांव के छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए रोजाना करीब दो किलोमीटर दूर बेलई जाना पड़ता है। बारिश में रास्ता कीचड़ से भर जाने के कारण बच्चों को इसी दलदल से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। कीचड़ के कारण बच्चों के कपड़े, जूते और स्कूल बैग खराब हो जाते हैं। वहीं रास्ते में फिसलने और चोट लगने का खतरा भी बना रहता है। एक तरफ सरकार “स्कूल चलें हम” अभियान के जरिए बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संदेश दे रही है, तो दूसरी तरफ मलिया के मासूम बच्चों के सामने स्कूल तक पहुंचना ही बड़ी चुनौती बना हुआ है। कांग्रेस शहर सेवादल अध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना कांग्रेस शहर सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय ने कहा कि मलिया की सड़क की समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि बीना क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं, जहां ग्रामीण आज भी पक्की सड़क की सुविधा से वंचित हैं। प्रमोद राय ने आरोप लगाया कि सरकार विकास की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर अलग दिखाई देती है। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या का तत्काल समाधान करने और पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की। ग्रामीणों की प्रशासन से सीधी मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से मांग की है कि मलिया से बेलई तक पक्की सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचने का रास्ता मिल सके और गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं बीमार लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके। एक तरफ “स्कूल चलें हम” का अभियान, दूसरी तरफ कीचड़ में भविष्य तलाशते मासूम... सवाल बड़ा है—आखिर मलिया गांव की सड़क कब बनेगी?
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    पक्की सड़क के अभाव में गर्भ में जुड़वा बच्चों की मौत का दर्द, अब कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर मासूम

बीना के ग्राम मलिया से बेलई तक करीब 2 किमी सड़क बरसात में बन जाती है दलदल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई पक्की सड़क की गुहार
लोकल न्यूज बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
पक्की सड़क के अभाव में गर्भ में जुड़वा बच्चों की मौत का दर्द, अब कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर मासूम
बीना के ग्राम मलिया से बेलई तक करीब 2 किमी सड़क बरसात में बन जाती है दलदल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई पक्की सड़क की गुहार
बीना। सरकार गांव-गांव तक सड़क और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के दावे करती है, लेकिन बीना तहसील के ग्राम मलिया की जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। मलिया से बेलई तक जाने वाला करीब दो किलोमीटर का रास्ता आज भी पक्की सड़क का इंतजार कर रहा है। बारिश के दौरान यही रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
पांच घंटे की मशक्कत के बाद अस्पताल पहुंची थी गर्भवती महिला
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में इसी बदहाल रास्ते के कारण कल्पना पत्नी नारायण पटेल को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल पहुंचाने में काफी परेशानी हुई थी। सड़क खराब होने और रास्ते में पुलिया टूटे होने के कारण महिला को पहले खटिया पर ले जाकर बेलई तक पहुंचाया गया, इसके बाद ट्रैक्टर से बीना अस्पताल ले जाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद महिला अस्पताल पहुंच सकी, जहां चिकित्सकों ने गर्भ में पल रहे दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। यह घटना आज भी ग्रामीणों के लिए सड़क की बदहाली का दर्दनाक उदाहरण बनी हुई है।
अब मासूम बच्चों की पढ़ाई भी सड़क की बदहाली से प्रभावित
मलिया गांव के छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए रोजाना करीब दो किलोमीटर दूर बेलई जाना पड़ता है। बारिश में रास्ता कीचड़ से भर जाने के कारण बच्चों को इसी दलदल से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है।
कीचड़ के कारण बच्चों के कपड़े, जूते और स्कूल बैग खराब हो जाते हैं। वहीं रास्ते में फिसलने और चोट लगने का खतरा भी बना रहता है।
एक तरफ सरकार “स्कूल चलें हम” अभियान के जरिए बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संदेश दे रही है, तो दूसरी तरफ मलिया के मासूम बच्चों के सामने स्कूल तक पहुंचना ही बड़ी चुनौती बना हुआ है।
कांग्रेस शहर सेवादल अध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस शहर सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय ने कहा कि मलिया की सड़क की समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि बीना क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं, जहां ग्रामीण आज भी पक्की सड़क की सुविधा से वंचित हैं।
प्रमोद राय ने आरोप लगाया कि सरकार विकास की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर अलग दिखाई देती है। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या का तत्काल समाधान करने और पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की।
ग्रामीणों की प्रशासन से सीधी मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से मांग की है कि मलिया से बेलई तक पक्की सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचने का रास्ता मिल सके और गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं बीमार लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके।
एक तरफ “स्कूल चलें हम” का अभियान, दूसरी तरफ कीचड़ में भविष्य तलाशते मासूम...
सवाल बड़ा है—आखिर मलिया गांव की सड़क कब बनेगी?
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • सागर में होने वाली अग्निवीर भर्ती रैली के आयोजन के संबंध में कलेक्टर ने जानकारी
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    सागर में होने वाली अग्निवीर भर्ती रैली के आयोजन के संबंध में कलेक्टर ने जानकारी
    user_SUNEEL SINGH
    SUNEEL SINGH
    Journalist राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • बारिश में भी निकला जन्माष्टमी का भव्य जुलूस* *लोकेशन : सिरोंज* *रिपोर्टर : रूपेश यादव* *स्लग : बारिश में भी निकला जन्माष्टमी का भव्य जुलूस* *लोकेशन : सिरोंज* *रिपोर्टर : रूपेश यादव* *एंकर -* सिरोंज में जन्माष्टमी के मौके पर शुक्रवार को बारिश के बीच भी भव्य चल समारोह निकाला गया। शोभायात्रा में शहर और ग्रामीण अंचल से हजारों लोग शामिल हुए। भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियां और युवाओं के प्रदर्शन जुलूस के मुख्य आकर्षण रहे। *VO-1 -* श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समिति सिरोंज द्वारा हर साल की तरह इस साल भी जन्माष्टमी चल समारोह का आयोजन किया गया। सुबह से हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह कम नहीं हुआ। दोपहर 12:30 बजे छत्री नाका स्थित हनुमान मंदिर से जुलूस की शुरुआत हुई। जो कस्टम, कठाली, सराफा, मुख्य बाजार और नगरपालिका, हाजीपुर होते हुए बासौदा नाका तक पहुंचा। *VO-2 -* जुलूस में भगवान श्रीकृष्ण की सुंदर झांकी को आकर्षक रथ पर सजाया गया था। पूरे रास्ते में श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से स्वागत कर पूजा-अर्चना और आरती की। एक अन्य झांकी में राधा-कृष्ण बने कलाकारों ने नृत्य कर सबका मन मोह लिया। यादव समाज के युवाओं ने लाठीबाजी के हैरतअंगेज करतब दिखाए। रास्ते में जगह-जगह बांधी गई मटकी फोड़ने के लिए युवाओं ने पिरामिड बनाकर दही-हांडी फोड़ी, जिसे देख लोगों ने जमकर तालियां बजाईं। *VO-3 -* जुलूस में चार डीजे, ढोल-ताशे, बैंड-बाजे और ढपले वालों की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे। पूरे मार्ग में सामाजिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। जुलूस के अंत में एक ट्रॉली पर खीर प्रसादी का वितरण भी किया गया। चल समारोह का समापन बासौदा नाका पर हुआ, जहां पूर्व समिति अध्यक्ष रमेश यादव ने शामिल हुए सभी समाजों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
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    बारिश में भी निकला जन्माष्टमी का भव्य जुलूस*
*लोकेशन : सिरोंज*
*रिपोर्टर : रूपेश यादव*
*स्लग : बारिश में भी निकला जन्माष्टमी का भव्य जुलूस*
*लोकेशन : सिरोंज*
*रिपोर्टर : रूपेश यादव*
*एंकर -*
सिरोंज में जन्माष्टमी के मौके पर शुक्रवार को बारिश के बीच भी भव्य चल समारोह निकाला गया। शोभायात्रा में शहर और ग्रामीण अंचल से हजारों लोग शामिल हुए। भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियां और युवाओं के प्रदर्शन जुलूस के मुख्य आकर्षण रहे।
*VO-1 -*
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समिति सिरोंज द्वारा हर साल की तरह इस साल भी जन्माष्टमी चल समारोह का आयोजन किया गया। सुबह से हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह कम नहीं हुआ।
दोपहर 12:30 बजे छत्री नाका स्थित हनुमान मंदिर से जुलूस की शुरुआत हुई। जो कस्टम, कठाली, सराफा, मुख्य बाजार और नगरपालिका, हाजीपुर होते हुए बासौदा नाका तक पहुंचा।
*VO-2 -*
जुलूस में भगवान श्रीकृष्ण की सुंदर झांकी को आकर्षक रथ पर सजाया गया था। पूरे रास्ते में श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से स्वागत कर पूजा-अर्चना और आरती की।
एक अन्य झांकी में राधा-कृष्ण बने कलाकारों ने नृत्य कर सबका मन मोह लिया। यादव समाज के युवाओं ने लाठीबाजी के हैरतअंगेज करतब दिखाए। रास्ते में जगह-जगह बांधी गई मटकी फोड़ने के लिए युवाओं ने पिरामिड बनाकर दही-हांडी फोड़ी, जिसे देख लोगों ने जमकर तालियां बजाईं।
*VO-3 -*
जुलूस में चार डीजे, ढोल-ताशे, बैंड-बाजे और ढपले वालों की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे। पूरे मार्ग में सामाजिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
जुलूस के अंत में एक ट्रॉली पर खीर प्रसादी का वितरण भी किया गया।
चल समारोह का समापन बासौदा नाका पर हुआ, जहां पूर्व समिति अध्यक्ष रमेश यादव ने शामिल हुए सभी समाजों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    Photographer सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल में मटकी फोड़ प्रतियोगिता का उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल में मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन शाढ़ौरा। मटकी फोड़ प्रतियोगिता के माध्यम से उत्कृष्ट हायर सेकंडरी स्कूल शाढ़ौरा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव उत्साह उमंग से मनाया गया। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। स्कूल के प्रांगण में गुरुवार को दोपहर 3 बजे विशाल स्तर पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्चाय महेन्द्र सिंह रधुवंशी के साथ स्टाफ एवं छात्रों ने मां सरस्वती बंदना के साथ किया। जिसमें 195 प्रतियोगीओं ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया 3 मटकीओं को फोड़ने के लिए पृथक पृथक आयोजन किया गया। खुले आसमान में सुहाने मौसम में हल्की बूंदाबांदी के बीच श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मटकी फोड़ आयोजन ने छात्रों के उत्साह को धर्म मय बना दिया। जयकारों के बीच श्रीकृष्ण बने छात्रों ने मटकी फोड़कर आंनद उठाया आयोजन में प्रथम पायदान का पुरस्कार आयुषी सेन द्वितीय स्थान रीना साहू एवं तृतीय स्थान का पुरस्कार खुशी रोशन को दिया गया। इस अवसर पर समस्त स्कूल स्टाफ उपस्थित रहा कार्यक्रम का संचालन शिक्षक शैलेन्द्र जैन ने किया।
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    उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल में मटकी फोड़ प्रतियोगिता का 
उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल में मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन
शाढ़ौरा। मटकी फोड़ प्रतियोगिता के माध्यम से उत्कृष्ट हायर सेकंडरी स्कूल शाढ़ौरा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव उत्साह उमंग से मनाया गया। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। स्कूल के प्रांगण में गुरुवार को दोपहर 3 बजे विशाल स्तर पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्चाय महेन्द्र सिंह रधुवंशी के साथ स्टाफ एवं छात्रों ने मां सरस्वती बंदना के साथ किया। जिसमें 195 प्रतियोगीओं ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया 3 मटकीओं को फोड़ने के लिए पृथक पृथक आयोजन किया गया। खुले आसमान में सुहाने मौसम में हल्की बूंदाबांदी के बीच श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मटकी फोड़ आयोजन ने छात्रों के उत्साह को धर्म मय बना दिया। जयकारों के बीच श्रीकृष्ण बने छात्रों ने मटकी फोड़कर आंनद उठाया आयोजन में प्रथम पायदान का पुरस्कार आयुषी सेन द्वितीय स्थान रीना साहू एवं तृतीय स्थान का पुरस्कार खुशी रोशन को दिया गया। इस अवसर पर समस्त स्कूल स्टाफ उपस्थित रहा कार्यक्रम का संचालन शिक्षक शैलेन्द्र जैन ने किया।
    user_Neeraj sharma
    Neeraj sharma
    Local News Reporter अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    23 min ago
  • बागेश्वर धाम पहुंची ‘भारत जागो यात्रा’, 251 नारियलों की अर्जी लगाकर पाखंड व भ्रष्टाचार के विरुद्ध उठाई आवाज लोकेशन:-छतरपुर रिपोर्टर:-राकेश सेन बागेश्वर धाम, छतरपुर। बीना के कटरा मंदिर, जिला सागर मध्यप्रदेश से अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन एवं धर्म-सामाजिक जागरण के संकल्प के साथ निकली ‘भारत जागो यात्रा’ गुरुवार, 3 सितंबर को बागेश्वर धाम, जिला छतरपुर पहुंची। यात्रा का नेतृत्व बीना जनपद सदस्य पी पी. नायक जी कर रहे हैं। यात्रा में बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालु एवं यात्री शामिल हैं। बागेश्वर धाम पहुंचने के बाद यात्रियों ने रात्रि विश्राम किया। इस दौरान भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताया। आज सुबह 4 सितंबर शुक्रवार को यात्रियों एवं स्थानीय धर्मप्रेमी बंधुओं की उपस्थिति में बागेश्वर धाम में 251 नारियलों की अर्जी लगाई गई। यात्रा से जुड़े लोगों ने हनुमंत लाल जी महाराज के समक्ष देश में व्याप्त पाखंड, भ्रष्टाचार तथा धर्म एवं धार्मिक आस्थाओं के नाम पर होने वाले कथित अनियमित आचरण के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की प्रार्थना की। साथ ही अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से जुड़े चंदे में कथित अनियमितताओं एवं चंदा चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया। यात्रा का उद्देश्य केवल अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन करना नहीं, बल्कि सेवा, सत्य, सदाचार, सामाजिक जागरण और सनातन मूल्यों की रक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाना भी है। यात्रा के माध्यम से धर्म के नाम पर पाखंड और भ्रष्ट आचरण का विरोध करते हुए धार्मिक आस्था को पारदर्शिता, सेवा और जनकल्याण से जोड़ने का संदेश दिया जा रहा है। राम मंदिर की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र यात्रा में शामिल श्रीरामलला की भव्य झांकी तथा अयोध्या श्रीराम मंदिर का आकर्षक मॉडल श्रद्धालुओं और आमजन के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मार्ग में जहां-जहां यात्रा पहुंच रही है, वहां लोग झांकी एवं मंदिर मॉडल के दर्शन कर यात्रा का स्वागत कर रहे हैं। भारी बारिश के बावजूद यात्रा का उत्साह बरकरार है। लगातार वर्षा के बीच भी यात्रियों एवं श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है और यात्रा निर्धारित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। बागेश्वर धाम में धार्मिक कार्यक्रम एवं अर्जी के उपरांत यात्रा अब अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो रही है। प्रस्तावित मार्ग में पन्ना, चित्रकूट एवं कामतानाथ सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों से होते हुए यात्रा आगे बढ़ेगी और अंततः अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन करेगी। यात्रा के दौरान सामाजिक एवं धार्मिक जागरण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। बीना जनपद सदस्य पी. नायक जी द्वारा लिया गया यह संकल्प अब व्यापक जनसहभागिता का रूप लेता दिखाई दे रहा है। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का कहना है कि कठिन मौसम और लंबी दूरी के बावजूद श्रीराम के प्रति आस्था एवं सामाजिक जागरण का संकल्प उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। ‘भारत जागो यात्रा’ का संदेश स्पष्ट है—आस्था के साथ सत्य, धर्म के साथ सदाचार और धार्मिक भावना के साथ पारदर्शिता एवं जनसेवा।
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    बागेश्वर धाम पहुंची ‘भारत जागो यात्रा’, 251 नारियलों की अर्जी लगाकर पाखंड व भ्रष्टाचार के विरुद्ध उठाई आवाज
लोकेशन:-छतरपुर 
रिपोर्टर:-राकेश सेन 
बागेश्वर धाम, छतरपुर।
बीना के कटरा मंदिर, जिला सागर मध्यप्रदेश से अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन एवं धर्म-सामाजिक जागरण के संकल्प के साथ निकली ‘भारत जागो यात्रा’ गुरुवार, 3 सितंबर को बागेश्वर धाम, जिला छतरपुर पहुंची। यात्रा का नेतृत्व बीना जनपद सदस्य पी पी. नायक जी कर रहे हैं। यात्रा में बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालु एवं यात्री शामिल हैं।
बागेश्वर धाम पहुंचने के बाद यात्रियों ने रात्रि विश्राम किया। इस दौरान भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताया। आज सुबह 4 सितंबर शुक्रवार को यात्रियों एवं स्थानीय धर्मप्रेमी बंधुओं की उपस्थिति में बागेश्वर धाम में 251 नारियलों की अर्जी लगाई गई।
यात्रा से जुड़े लोगों ने हनुमंत लाल जी महाराज के समक्ष देश में व्याप्त पाखंड, भ्रष्टाचार तथा धर्म एवं धार्मिक आस्थाओं के नाम पर होने वाले कथित अनियमित आचरण के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की प्रार्थना की। साथ ही अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से जुड़े चंदे में कथित अनियमितताओं एवं चंदा चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया।
यात्रा का उद्देश्य केवल अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन करना नहीं, बल्कि सेवा, सत्य, सदाचार, सामाजिक जागरण और सनातन मूल्यों की रक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाना भी है। यात्रा के माध्यम से धर्म के नाम पर पाखंड और भ्रष्ट आचरण का विरोध करते हुए धार्मिक आस्था को पारदर्शिता, सेवा और जनकल्याण से जोड़ने का संदेश दिया जा रहा है।
राम मंदिर की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
यात्रा में शामिल श्रीरामलला की भव्य झांकी तथा अयोध्या श्रीराम मंदिर का आकर्षक मॉडल श्रद्धालुओं और आमजन के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मार्ग में जहां-जहां यात्रा पहुंच रही है, वहां लोग झांकी एवं मंदिर मॉडल के दर्शन कर यात्रा का स्वागत कर रहे हैं।
भारी बारिश के बावजूद यात्रा का उत्साह बरकरार है। लगातार वर्षा के बीच भी यात्रियों एवं श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है और यात्रा निर्धारित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
बागेश्वर धाम में धार्मिक कार्यक्रम एवं अर्जी के उपरांत यात्रा अब अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो रही है। प्रस्तावित मार्ग में पन्ना, चित्रकूट एवं कामतानाथ सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों से होते हुए यात्रा आगे बढ़ेगी और अंततः अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन करेगी। यात्रा के दौरान सामाजिक एवं धार्मिक जागरण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
बीना जनपद सदस्य पी. नायक जी द्वारा लिया गया यह संकल्प अब व्यापक जनसहभागिता का रूप लेता दिखाई दे रहा है। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का कहना है कि कठिन मौसम और लंबी दूरी के बावजूद श्रीराम के प्रति आस्था एवं सामाजिक जागरण का संकल्प उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है।
‘भारत जागो यात्रा’ का संदेश स्पष्ट है—आस्था के साथ सत्य, धर्म के साथ सदाचार और धार्मिक भावना के साथ पारदर्शिता एवं जनसेवा।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • दीपिका रावत बनीं अतिथि शिक्षक समन्वय समिति की जिला अध्यक्ष, बोलीं—मनमानी और शोषण के खिलाफ उठाएंगी आवाज अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर करेंगी प्रयास, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भेदभाव रोकना प्राथमिकता लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत दीपिका रावत बनीं अतिथि शिक्षक समन्वय समिति की जिला अध्यक्ष, बोलीं—मनमानी और शोषण के खिलाफ उठाएंगी आवाज अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर करेंगी प्रयास, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भेदभाव रोकना प्राथमिकता बीना। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के विभिन्न संगठनों की समन्वयक संस्था अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्य प्रदेश, भोपाल ने दीपिका रावत को जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील परिहार ने संस्थापक पीडी खैरवार की अनुशंसा पर पीएम श्री शासकीय हाई स्कूल बिहरना में कार्यरत दीपिका रावत को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। जिला अध्यक्ष बनाए जाने के बाद दीपिका रावत ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित मनमानी और भेदभाव को रोकना होगी। उन्होंने कहा कि जिले में अतिथि शिक्षकों के साथ शोषण और मानसिक प्रताड़ना की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनके खिलाफ वे आवाज उठाएंगी। दीपिका रावत ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर प्रभारी प्राचार्य और नियमित स्टाफ द्वारा अपने चहेतों, परिचितों और रिश्तेदारों को अवसर देने के लिए पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मामलों की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो कानूनी कार्रवाई और कठोर कदम उठाने के लिए प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए भी संगठन के माध्यम से हर संभव प्रयास किया जाएगा और अतिथि शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।
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    दीपिका रावत बनीं अतिथि शिक्षक समन्वय समिति की जिला अध्यक्ष, बोलीं—मनमानी और शोषण के खिलाफ उठाएंगी आवाज

अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर करेंगी प्रयास, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भेदभाव रोकना प्राथमिकता
लोकल न्यूज बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
दीपिका रावत बनीं अतिथि शिक्षक समन्वय समिति की जिला अध्यक्ष, बोलीं—मनमानी और शोषण के खिलाफ उठाएंगी आवाज
अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर करेंगी प्रयास, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भेदभाव रोकना प्राथमिकता
बीना। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के विभिन्न संगठनों की समन्वयक संस्था अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्य प्रदेश, भोपाल ने दीपिका रावत को जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील परिहार ने संस्थापक पीडी खैरवार की अनुशंसा पर पीएम श्री शासकीय हाई स्कूल बिहरना में कार्यरत दीपिका रावत को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है।
जिला अध्यक्ष बनाए जाने के बाद दीपिका रावत ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित मनमानी और भेदभाव को रोकना होगी। उन्होंने कहा कि जिले में अतिथि शिक्षकों के साथ शोषण और मानसिक प्रताड़ना की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनके खिलाफ वे आवाज उठाएंगी।
दीपिका रावत ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर प्रभारी प्राचार्य और नियमित स्टाफ द्वारा अपने चहेतों, परिचितों और रिश्तेदारों को अवसर देने के लिए पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मामलों की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो कानूनी कार्रवाई और कठोर कदम उठाने के लिए प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए भी संगठन के माध्यम से हर संभव प्रयास किया जाएगा और अतिथि शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • दीपिका रावत बनीं अतिथि शिक्षक समन्वय समिति की जिला अध्यक्ष, बोलीं—मनमानी और शोषण के खिलाफ उठाएंगी आवाज लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत दीपिका रावत बनीं अतिथि शिक्षक समन्वय समिति की जिला अध्यक्ष, बोलीं—मनमानी और शोषण के खिलाफ उठाएंगी आवाज अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर करेंगी प्रयास, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भेदभाव रोकना प्राथमिकता बीना। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के विभिन्न संगठनों की समन्वयक संस्था अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्य प्रदेश, भोपाल ने दीपिका रावत को जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील परिहार ने संस्थापक पीडी खैरवार की अनुशंसा पर पीएम श्री शासकीय हाई स्कूल बिहरना में कार्यरत दीपिका रावत को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। जिला अध्यक्ष बनाए जाने के बाद दीपिका रावत ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित मनमानी और भेदभाव को रोकना होगी। उन्होंने कहा कि जिले में अतिथि शिक्षकों के साथ शोषण और मानसिक प्रताड़ना की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनके खिलाफ वे आवाज उठाएंगी। दीपिका रावत ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर प्रभारी प्राचार्य और नियमित स्टाफ द्वारा अपने चहेतों, परिचितों और रिश्तेदारों को अवसर देने के लिए पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मामलों की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो कानूनी कार्रवाई और कठोर कदम उठाने के लिए प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए भी संगठन के माध्यम से हर संभव प्रयास किया जाएगा और अतिथि शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।
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    दीपिका रावत बनीं अतिथि शिक्षक समन्वय समिति की जिला अध्यक्ष, बोलीं—मनमानी और शोषण के खिलाफ उठाएंगी आवाज
लोकल न्यूज बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
दीपिका रावत बनीं अतिथि शिक्षक समन्वय समिति की जिला अध्यक्ष, बोलीं—मनमानी और शोषण के खिलाफ उठाएंगी आवाज
अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर करेंगी प्रयास, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भेदभाव रोकना प्राथमिकता
बीना। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के विभिन्न संगठनों की समन्वयक संस्था अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्य प्रदेश, भोपाल ने दीपिका रावत को जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील परिहार ने संस्थापक पीडी खैरवार की अनुशंसा पर पीएम श्री शासकीय हाई स्कूल बिहरना में कार्यरत दीपिका रावत को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है।
जिला अध्यक्ष बनाए जाने के बाद दीपिका रावत ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित मनमानी और भेदभाव को रोकना होगी। उन्होंने कहा कि जिले में अतिथि शिक्षकों के साथ शोषण और मानसिक प्रताड़ना की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनके खिलाफ वे आवाज उठाएंगी।
दीपिका रावत ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर प्रभारी प्राचार्य और नियमित स्टाफ द्वारा अपने चहेतों, परिचितों और रिश्तेदारों को अवसर देने के लिए पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मामलों की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो कानूनी कार्रवाई और कठोर कदम उठाने के लिए प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए भी संगठन के माध्यम से हर संभव प्रयास किया जाएगा और अतिथि शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।
    user_Laxman singh rajput
    Laxman singh rajput
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
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