चित्तौड़गढ़ शहर में हुई बारिश के बाद कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर सड़क पर हुए जलभराव ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिला प्रशासन के प्रमुख कार्यालयों के बाहर ही पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित विभागों की अनदेखी और उचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव में यह समस्या बार-बार सामने आती है। कार्यालयों में विभिन्न कार्यों से आने वाले ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और कर्मचारियों को पानी से भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है, वहीं कई स्थानों पर सड़क और नालियों का अंतर दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक मुख्यालय के बाहर ही ऐसे हालात हैं तो शहर के अन्य क्षेत्रों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। नागरिकों ने संबंधित विभागों से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा स्थायी समाधान के लिए आवश्यक निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि बरसात का मौसम अभी शुरू ही हुआ है और यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आगामी दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से जनता की परेशानी को देखते हुए मौके का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
चित्तौड़गढ़ शहर में हुई बारिश के बाद कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर सड़क पर हुए जलभराव ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिला प्रशासन के प्रमुख कार्यालयों के बाहर ही पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित विभागों की अनदेखी और उचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव में यह समस्या बार-बार सामने आती है। कार्यालयों में विभिन्न कार्यों से आने वाले ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और कर्मचारियों को पानी से भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है, वहीं कई स्थानों पर सड़क और नालियों का अंतर दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक मुख्यालय के बाहर ही ऐसे हालात हैं तो शहर के अन्य क्षेत्रों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। नागरिकों ने संबंधित विभागों से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा स्थायी समाधान के लिए आवश्यक निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि बरसात का मौसम अभी शुरू ही हुआ है और यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आगामी दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से जनता की परेशानी को देखते हुए मौके का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
- राजसमंद जिले के देवगढ़ में एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद इलाके का माहौल गरमा गया। इस घटना को लेकर पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने आ गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।1
- चित्तौड़गढ़ के एमपीपीजी कॉलेज परिसर में 13 जून को एनएसयूआई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष संजय राव के साथ एबीवीपी से जुड़े कुछ छात्रों द्वारा कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां करने और मारपीट करने की घटना को एनएसयूआई ने "अत्यंत निंदनीय" बताया है। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि छात्र राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा, अभद्र व्यवहार और डराने-धमकाने की राजनीति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कॉलेज के मुख्य द्वार को बंद करके छात्रों को परेशान करने का प्रयास किया गया, जिसके कारण प्रवेश लेने आए विद्यार्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। संगठन ने जोर देकर कहा कि छात्र हितों के विरुद्ध किया गया ऐसा कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई के अनुसार, शिक्षा संस्थान लोकतांत्रिक विचारों और छात्र हितों के केंद्र होते हैं, न कि दबाव और अराजकता फैलाने के मंच। इस मामले पर, एनएसयूआई ने प्रशासन से पूरी घटना की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई, तो वे छात्र हितों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। एनएसयूआई ने यह दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि छात्रों की आवाज़ दबाने का हर प्रयास विफल होगा और वह छात्र हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।1
- आयुष मंत्रालय विश्व योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक पहल के तहत गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इस प्रयास के तहत, 14 जून 2026 को सुबह 6:15 बजे से 7:35 बजे तक एक ऑनलाइन योग सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। इस रिकॉर्ड-तोड़ अभियान में शामिल होने के लिए, इच्छुक प्रतिभागियों से टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 पर एक मिस्ड कॉल देकर तत्काल पंजीकरण करने का विनम्र निवेदन किया गया है। मिस्ड कॉल करने के बाद, योग सत्र से जुड़ने का लिंक सीधे उनके WhatsApp पर प्राप्त होगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि सहभागिता को रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने मोबाइल से अलग-अलग जुड़ना होगा। मंत्रालय ने सभी देशवासियों से 'स्वस्थ भारत और योगमय भारत' के इस अभियान में सक्रिय रूप से योगदान देने और अपने परिवार, मित्रों तथा परिचितों को भी मिस्ड कॉल के माध्यम से पंजीकरण करने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया है। इस पहल का मुख्य संदेश है: 'योग अपनाएं, स्वास्थ्य पाएं – विश्व रिकॉर्ड बनाने में भारत का साथ निभाएं।' यह प्रयास 'जय हिंद | जय योग' के उद्घोष के साथ संपन्न होगा।1
- डूंगला-बड़ी सादड़ी क्षेत्र के एलवा माता मंदिर प्रांगण में मेघवाल समाज छात्रावास निर्माण समिति द्वारा एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सत्र 2025-26 में 10वीं एवं 12वीं में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण 93 छात्र-छात्राओं का अभिनंदन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना और शिक्षा को समाज की असली ताकत के रूप में स्थापित करना था। समारोह की शुरुआत महात्मा ज्योतिबा फुले, माता सावित्रीबाई फुले और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्रों पर माल्यार्पण कर की गई, जिससे कार्यक्रम का वातावरण प्रेरणादायक बन गया। दिल्ली से नारायण लाल मेघवाल मुख्य अतिथि, उदयपुर से इंजीनियर राहुल मेघवाल अध्यक्ष और भदेसर से शिक्षक राधेश्याम जटिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि नारायण लाल मेघवाल ने इस अवसर पर कहा कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा बीच में नहीं रुकने दी जाएगी और इसके लिए हर संभव आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। अध्यक्ष इंजीनियर राहुल मेघवाल ने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ तकनीक अपनाने, पुस्तकालय का अधिकतम उपयोग करने तथा महापुरुषों के विचारों को जीवन में आत्मसात कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। वहीं, विशिष्ट अतिथि राधेश्याम जटिया ने विद्यार्थियों को जमीनी हकीकत समझते हुए आत्मसम्मान और स्वाभिमान के साथ शिक्षा को ही समाज की प्रगति का एकमात्र मार्ग बताया। समारोह में रामेश्वर लाल मेघवाल, देवीलाल मेघवाल, मोहनलाल मेघवाल, शंकरलाल मेघवाल, उदयलाल मेघवाल, नक्षत्र मल, नंदलाल, प्रकाश सोलंकी सहित कई समाजजनों और वक्ताओं ने भी मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए अपने विचार व्यक्त किए और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम का संचालन प्रीतम मेघवाल देवलास ने किया, जबकि नानूराम मेघवाल, शांतिलाल मेघवाल, मोहनलाल महुडा, मोडी राम, प्रहलाद मेघवाल, बाबूलाल, भेरूलाल मेघवाल सहित अनेक कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों ने इसमें सक्रिय सहयोग दिया। पूरे क्षेत्र के किसान, कारीगर, मजदूर, कर्मचारी, अधिकारी एवं समाज के बुजुर्ग पंचों की उपस्थिति ने इस समारोह को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। अंत में, मांगीलाल मेघवाल (बिलोट) ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। यह सम्मान समारोह समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनकर सामने आया।3
- Post by Sohan Lal Jat1
- राजस्थान के विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जहाँ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की भूमि पर अवैध रूप से निर्मित की जा रही एक दो मंजिला इमारत को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने इस कार्रवाई के लिए 9 जेसीबी और 5 ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किया।1
- उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राजभर ने शनिवार को कहा कि आजमगढ़ को केवल समाजवादी पार्टी या यादव समाज का गढ़ बताना गलत है, क्योंकि यहां राजभर, निषाद, कोल, बिंद, पाल, प्रजापति, चौहान, ब्राह्मण और अन्य कई समाज के लोग निवास करते हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में वे अखिलेश यादव के गढ़ को 'गड़ही' (गड्ढा) बना देंगे। राजभर ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि "गोली चले या छर्रा, हम आजमगढ़ में डटे रहेंगे" और 2027 में सपा को हराएंगे। मंत्री राजभर ने इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और गुंडे-माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है। उन्होंने आगे कहा कि योगी सरकार का बुलडोजर मॉडल अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है, और तंज कसते हुए यह भी बताया कि 'योगी बाबा' का बुलडोजर अब बंगाल तक पहुंच गया है।1
- अनीता के पति दिनेश बिश्नोई ने अपने गहरे दुख को व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस कानून पर कोई विश्वास नहीं है, और उनका मानना है कि ऐसे व्यक्तियों को केवल भगवान ही उचित सज़ा दे सकते हैं। दिनेश बिश्नोई का दृढ़ विश्वास है कि 'भगवान के घर देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं', जो न्याय के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है, भले ही वे वर्तमान कानूनी व्यवस्था से निराश हों।1
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव में कोतवाली सदर क्षेत्र का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ने अपनी बहन के साथ मिलकर सरेआम अपने पति की चप्पलों और थप्पड़ों से पिटाई की। वायरल वीडियो में यह भी दिख रहा है कि महिला की बहन ने भी पति को लात मारी। विवाद की वजह यह बताई गई है कि महिला का आरोप है कि उसका पति पंजाब में रहकर उसके निजी और अंतरंग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर रहा था। इसी बात से नाराज़ होकर पत्नी ने अपने पति को शहर के निराला पार्क के पास बुलाया था, जहाँ दोनों के बीच गरमागरम बहस हुई और फिर यह मारपीट शुरू हो गई। पीड़ित महिला का नाम गुलशन है और उसके पति का नाम सेराज है। इन दोनों ने लगभग एक साल पहले मई में नोटरी के ज़रिए लव मैरिज की थी।1