चित्तौड़गढ़ के एमपीपीजी कॉलेज परिसर में 13 जून को एनएसयूआई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष संजय राव के साथ एबीवीपी से जुड़े कुछ छात्रों द्वारा कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां करने और मारपीट करने की घटना को एनएसयूआई ने "अत्यंत निंदनीय" बताया है। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि छात्र राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा, अभद्र व्यवहार और डराने-धमकाने की राजनीति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कॉलेज के मुख्य द्वार को बंद करके छात्रों को परेशान करने का प्रयास किया गया, जिसके कारण प्रवेश लेने आए विद्यार्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। संगठन ने जोर देकर कहा कि छात्र हितों के विरुद्ध किया गया ऐसा कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई के अनुसार, शिक्षा संस्थान लोकतांत्रिक विचारों और छात्र हितों के केंद्र होते हैं, न कि दबाव और अराजकता फैलाने के मंच। इस मामले पर, एनएसयूआई ने प्रशासन से पूरी घटना की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई, तो वे छात्र हितों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। एनएसयूआई ने यह दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि छात्रों की आवाज़ दबाने का हर प्रयास विफल होगा और वह छात्र हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।
चित्तौड़गढ़ के एमपीपीजी कॉलेज परिसर में 13 जून को एनएसयूआई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष संजय राव के साथ एबीवीपी से जुड़े कुछ छात्रों द्वारा कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां करने और मारपीट करने की घटना को एनएसयूआई ने "अत्यंत निंदनीय" बताया है। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि छात्र राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा, अभद्र व्यवहार और डराने-धमकाने की राजनीति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कॉलेज के मुख्य द्वार को बंद करके छात्रों को परेशान करने का प्रयास किया गया, जिसके कारण प्रवेश लेने आए विद्यार्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। संगठन ने जोर देकर कहा कि छात्र हितों के विरुद्ध किया गया ऐसा कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई के अनुसार, शिक्षा संस्थान लोकतांत्रिक विचारों और छात्र हितों के केंद्र होते हैं, न कि दबाव और अराजकता फैलाने के मंच। इस मामले पर, एनएसयूआई ने प्रशासन से पूरी घटना की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई, तो वे छात्र हितों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। एनएसयूआई ने यह दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि छात्रों की आवाज़ दबाने का हर प्रयास विफल होगा और वह छात्र हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।
- चित्तौड़गढ़ के एमपीपीजी कॉलेज परिसर में 13 जून को एनएसयूआई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष संजय राव के साथ एबीवीपी से जुड़े कुछ छात्रों द्वारा कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां करने और मारपीट करने की घटना को एनएसयूआई ने "अत्यंत निंदनीय" बताया है। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि छात्र राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा, अभद्र व्यवहार और डराने-धमकाने की राजनीति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कॉलेज के मुख्य द्वार को बंद करके छात्रों को परेशान करने का प्रयास किया गया, जिसके कारण प्रवेश लेने आए विद्यार्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। संगठन ने जोर देकर कहा कि छात्र हितों के विरुद्ध किया गया ऐसा कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई के अनुसार, शिक्षा संस्थान लोकतांत्रिक विचारों और छात्र हितों के केंद्र होते हैं, न कि दबाव और अराजकता फैलाने के मंच। इस मामले पर, एनएसयूआई ने प्रशासन से पूरी घटना की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई, तो वे छात्र हितों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। एनएसयूआई ने यह दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि छात्रों की आवाज़ दबाने का हर प्रयास विफल होगा और वह छात्र हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।1
- चित्तौड़गढ़ स्थित कॉलेज परिसर में छात्र संगठनों के बीच विवाद बढ़ गया। विवाद के बढ़ने पर छात्रों ने कॉलेज के गेट पर ताला लगा दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप से इस मामले को संभाला गया और परिसर में स्थिति सामान्य हो सकी।1
- यह संदेश लोगों से जागरूक बनने और सामाजिक जागरूकता वाले संदेशों को आगे बढ़ाने का आग्रह करता है।1
- राजस्थान के पाली में प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने शहर में व्याप्त गंदगी, सीवरेज की समस्या, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर तीखे सवाल पूछ लिए। इन सवालों को सुनकर राजस्थान सरकार के यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री, झाबर सिंह खर्रा, अचानक नाराज़ हो गए, जिससे प्रेस वार्ता का पूरा माहौल गर्मा गया। पत्रकारों द्वारा जनता की मूलभूत समस्याओं पर पूछे गए सवालों के बजाय मंत्री जी कथित तौर पर उन पर ही भड़क उठे। इतना ही नहीं, उन्होंने पाली जिले को "नकारात्मक सोच वाला" जिला भी करार दिया, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक विवादास्पद बना दिया। इस घटना के बाद, सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनता की समस्याओं पर प्रश्न पूछना गलत है और क्या मंत्री महोदय सवालों का सीधा जवाब देने से बच रहे थे। इस विवादित प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर मंत्री जी सवालों से क्यों भड़के और प्रेस वार्ता में इतना बवाल क्यों मचा। यह घटना इस बात पर विचार करने को मजबूर करती है कि क्या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछे थे जिनका जवाब देना वाकई मुश्किल था, या मंत्री जी का यह रवैया उनकी सवालों से बचने की कोशिश थी।1
- आयुष मंत्रालय विश्व योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक पहल के तहत गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इस प्रयास के तहत, 14 जून 2026 को सुबह 6:15 बजे से 7:35 बजे तक एक ऑनलाइन योग सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। इस रिकॉर्ड-तोड़ अभियान में शामिल होने के लिए, इच्छुक प्रतिभागियों से टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 पर एक मिस्ड कॉल देकर तत्काल पंजीकरण करने का विनम्र निवेदन किया गया है। मिस्ड कॉल करने के बाद, योग सत्र से जुड़ने का लिंक सीधे उनके WhatsApp पर प्राप्त होगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि सहभागिता को रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने मोबाइल से अलग-अलग जुड़ना होगा। मंत्रालय ने सभी देशवासियों से 'स्वस्थ भारत और योगमय भारत' के इस अभियान में सक्रिय रूप से योगदान देने और अपने परिवार, मित्रों तथा परिचितों को भी मिस्ड कॉल के माध्यम से पंजीकरण करने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया है। इस पहल का मुख्य संदेश है: 'योग अपनाएं, स्वास्थ्य पाएं – विश्व रिकॉर्ड बनाने में भारत का साथ निभाएं।' यह प्रयास 'जय हिंद | जय योग' के उद्घोष के साथ संपन्न होगा।1
- Available for Sale Locality : गंगरार उण्डवा नागों का खेड़ा Area (dimensions) : 12 बिघा जमीन Expected Price : 14400000 Property Type : Agricultural / Farm Land 120000 प्रति बिघा1
- चित्तौड़गढ़ जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों और चोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इसी दौरान, दिल्ली गेट पर भामाशाहों ने लोगों को शरबत पिलाया। वहीं, पूर्व सैनिक परिषद की महिलाओं ने चित्तौड़गढ़ दुर्ग के गौरवशाली इतिहास को जानने का कार्य किया।1
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव में कोतवाली सदर क्षेत्र का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ने अपनी बहन के साथ मिलकर सरेआम अपने पति की चप्पलों और थप्पड़ों से पिटाई की। वायरल वीडियो में यह भी दिख रहा है कि महिला की बहन ने भी पति को लात मारी। विवाद की वजह यह बताई गई है कि महिला का आरोप है कि उसका पति पंजाब में रहकर उसके निजी और अंतरंग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर रहा था। इसी बात से नाराज़ होकर पत्नी ने अपने पति को शहर के निराला पार्क के पास बुलाया था, जहाँ दोनों के बीच गरमागरम बहस हुई और फिर यह मारपीट शुरू हो गई। पीड़ित महिला का नाम गुलशन है और उसके पति का नाम सेराज है। इन दोनों ने लगभग एक साल पहले मई में नोटरी के ज़रिए लव मैरिज की थी।1