राजस्थान के पाली में प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने शहर में व्याप्त गंदगी, सीवरेज की समस्या, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर तीखे सवाल पूछ लिए। इन सवालों को सुनकर राजस्थान सरकार के यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री, झाबर सिंह खर्रा, अचानक नाराज़ हो गए, जिससे प्रेस वार्ता का पूरा माहौल गर्मा गया। पत्रकारों द्वारा जनता की मूलभूत समस्याओं पर पूछे गए सवालों के बजाय मंत्री जी कथित तौर पर उन पर ही भड़क उठे। इतना ही नहीं, उन्होंने पाली जिले को "नकारात्मक सोच वाला" जिला भी करार दिया, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक विवादास्पद बना दिया। इस घटना के बाद, सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनता की समस्याओं पर प्रश्न पूछना गलत है और क्या मंत्री महोदय सवालों का सीधा जवाब देने से बच रहे थे। इस विवादित प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर मंत्री जी सवालों से क्यों भड़के और प्रेस वार्ता में इतना बवाल क्यों मचा। यह घटना इस बात पर विचार करने को मजबूर करती है कि क्या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछे थे जिनका जवाब देना वाकई मुश्किल था, या मंत्री जी का यह रवैया उनकी सवालों से बचने की कोशिश थी।
राजस्थान के पाली में प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने शहर में व्याप्त गंदगी, सीवरेज की समस्या, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर तीखे सवाल पूछ लिए। इन सवालों को सुनकर राजस्थान सरकार के यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री, झाबर सिंह खर्रा, अचानक नाराज़ हो गए, जिससे प्रेस वार्ता का पूरा माहौल गर्मा गया। पत्रकारों द्वारा जनता की मूलभूत समस्याओं पर पूछे गए सवालों के बजाय मंत्री जी कथित तौर पर उन पर ही भड़क उठे। इतना ही नहीं, उन्होंने पाली जिले को "नकारात्मक सोच वाला" जिला भी करार दिया, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक विवादास्पद बना दिया। इस घटना के बाद, सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनता की समस्याओं पर प्रश्न पूछना गलत है और क्या मंत्री महोदय सवालों का सीधा जवाब देने से बच रहे थे। इस विवादित प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर मंत्री जी सवालों से क्यों भड़के और प्रेस वार्ता में इतना बवाल क्यों मचा। यह घटना इस बात पर विचार करने को मजबूर करती है कि क्या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछे थे जिनका जवाब देना वाकई मुश्किल था, या मंत्री जी का यह रवैया उनकी सवालों से बचने की कोशिश थी।
- चित्तौड़गढ़ के गणगौर गार्डन में योग दिवस की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इन तैयारियों के तहत, राधा कृष्ण पार्क योग परिवार के सदस्यों के साथ पेंशनर समाज और वरिष्ठ नागरिक समाज के सभी सदस्य एक साथ मिलकर योग का अभ्यास कर रहे हैं। इस सामूहिक योग अभ्यास में अन्य लोगों को भी शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।4
- राजस्थान के बेगूं क्षेत्र में प्रस्तावित चंदाखेड़ी लाइम स्टोन प्रोजेक्ट के विरोध में किसानों का भारी गुस्सा सड़कों पर उतर आया। बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ एकत्रित हुए, उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया और परियोजना को तत्काल रद्द करने की मांग को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी किसानों का स्पष्ट आरोप है कि इस प्रस्तावित खनन परियोजना से क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि, महत्वपूर्ण जल स्रोतों और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचेगा। किसानों ने अधिकारियों पर अपनी आपत्तियों और चिंताओं को लगातार नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़ा है। धरना स्थल पर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सवाल उठाया कि यह कैसी सरकार है, जिसमें अन्नदाता को अपनी जमीन और भविष्य बचाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि विकास के नाम पर उनकी खेती और आजीविका को खतरे में नहीं डाला जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों ने साफ कर दिया कि वे अपनी जमीन, जल और पर्यावरण की रक्षा के लिए अंतिम दम तक संघर्ष जारी रखेंगे, और यह विशाल धरना-प्रदर्शन जेके सीमेंट परियोजना के विरोध में उनके इसी संकल्प का प्रतीक था।1
- श्रीसांवलियाजी में दो दिन के बाद आखिरकार गिनती शुरू हो गई है। गिनती के पहले ही दिन कुल 17.55 करोड़ रुपये की राशि गिनी गई। अब बुधवार को गिनती का दूसरा चरण आयोजित किया जाएगा।1
- बड़ी सदड़ी में रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य के दौरान भारी मात्रा में क्वेंच स्टूडियो में फंसे लोगों की शिकायतें सामने आई हैं। यहां रेलवे ट्रैक पर स्टोन स्टोन स्टॉकहोम का विरोध भी किया जा रहा है। इस संबंध में, एक ग्रामीण महिला ने रेलवे अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि यह अवशेष तुरंत नहीं हटाया गया, तो गांव के लोग, बकरियां और गाय के बच्चे रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। महिला ने रेलवे निर्माण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की लेबल जांच और जिम्मेदार अधिकारियों तथा दशों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, महिला ने ट्रैक और आसपास के क्षेत्रों से नारियल के गोले को भी तुरंत हटाने की अपील की है।1
- 16 जून को राजस्थान के बेगू में हजारों किसानों ने 'खेती बचाओ, जमीन बचाओ' के नारे के साथ एक विशाल ट्रैक्टर महारैली निकाली। यह महारैली एक सीमेंट कंपनी प्लांट के खिलाफ आयोजित की गई थी।1
- भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने वर्षा ऋतु की तैयारियों को देखते हुए अपने कार्यालय में सिक्योर कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हाल ही में आए आंधी-तूफान और वर्षा के कारण विद्युत तंत्र को हुए नुकसान की समीक्षा करना और प्रभावित उपभोक्ताओं को तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश देना था। विधायक ने अधिकारियों को मानसून के दौरान विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के निर्देश भी दिए। सिक्योर कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि 13 जून को आए भीषण आंधी-तूफान से भीलवाड़ा शहर के लगभग 80 फीडर प्रभावित हुए, जबकि शहर में कुल 123 फीडरों से बिजली आपूर्ति होती है। इस दौरान 14 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें एक कंपोजिट और एक स्टील पोल शामिल था। करीब 40 पेड़ विद्युत लाइनों पर गिरे, जिनमें से 36 एचटी लाइन और 4 एलटी लाइन पर गिरे। इन घटनाओं से लगभग 75 हजार उपभोक्ता प्रभावित हुए थे। अधिकारियों ने जानकारी दी कि एवीवीएनएल और सिक्योर की संयुक्त टीमों ने युद्धस्तर पर काम करते हुए अधिकांश क्षेत्रों में 4 से 6 घंटे के भीतर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी थी। 14 जून की सुबह 10 बजे तक 99 प्रतिशत व्यक्तिगत शिकायतों का समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों का निस्तारण 15 जून की शाम तक क्षतिग्रस्त खंभों की मरम्मत के साथ किया गया। कंपनी ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए फीडर और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों का नियमित रखरखाव, एलटी लाइनों का सुधार, लोड बैलेंसिंग और लो-वोल्टेज शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया जारी है। वर्तमान में सामान्य दिनों में "नो पावर" संबंधी लगभग 90 प्रतिशत शिकायतों का समाधान 45 मिनट के भीतर और शेष शिकायतों का चार घंटे के भीतर किया जा रहा है। विधायक कोठारी ने अधिकारियों को मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन, सामग्री और तकनीकी दल तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने त्वरित कार्रवाई और उपभोक्ताओं की शिकायतों के प्राथमिकता से समाधान पर जोर दिया। इसके साथ ही, नागरिकों से भी खराब मौसम में विद्युत सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की गई। बैठक में एडवोकेट अर्पित कोठारी, गजेंद्र सिंह राठौड़, बाबूलाल टाक, संजय राठी, कमल कोठारी, राजकुमार ईनाणी, दिनेश सुथार और पृथ्वीराज सिंह उपस्थित थे।2
- भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एक तीखी टिप्पणी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि भ्रष्टाचारी अकेला दोषी नहीं होता, बल्कि उसे बचाने वाला भी उतना ही जिम्मेदार होता है। इस टिप्पणी में इस बात पर जोर दिया गया है कि कुछ लोग फीस, प्रभाव और अपने पेशे के लालच में सच को दबाने लगते हैं। आरोप लगाया गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले लोगों पर ही दबाव बनाया जाता है ताकि किसी तरह दोषी को बचाया जा सके। ऐसे व्यक्तियों से एक प्रश्न पूछा गया है जो सत्य जानते हुए भी असत्य का साथ देते हैं: जब परमात्मा की अदालत में कर्मों का हिसाब होगा, तब उस वकील को कौन बचाएगा? यह भी पूछा गया है कि लोग क्यों अपने सिर पर पाप का बोझ लाद रहे हैं और क्यों न्याय की लड़ाई लड़ने वाले पर दबाव बनाकर सत्य को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। स्पष्ट किया गया है कि अदालतों में कानून की दलीलें चल सकती हैं, लेकिन कर्मों की अदालत में केवल सत्य चलता है, जहां न पैसा काम आएगा, न प्रभाव, न कोई सिफारिश। टिप्पणी का समापन इस चेतावनी के साथ होता है कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला, भ्रष्टाचार करने वाले से कम दोषी नहीं होता। न्याय का धर्म सत्य के साथ खड़ा होना है, न कि किसी भी कीमत पर दोषी को बचाना।1
- शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। चित्तौड़गढ़ की पुण्य एवं वीरभूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में आदरणीय विधायक महोदय, वरिष्ठजन, युवा साथियों, मातृशक्ति और नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने वीर शिरोमणि को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। महाराणा प्रताप को केवल एक नाम नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष, आत्मसम्मान, राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की जीवंत मिसाल बताया गया। यह संदेश दिया गया कि विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाभिमान, संस्कृति और सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए, जैसा कि महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाकर भी अपना स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा का संघर्ष जीवन भर निभाया था। उन्हें इतिहास नहीं, बल्कि हर भारतवासी के हृदय में बसने वाली राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बताया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया गया कि वे महाराणा प्रताप के जीवन से साहस, नेतृत्व, राष्ट्रभक्ति, आत्मसम्मान और संघर्षशीलता की प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दें। यह भी जोर दिया गया कि आज भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो अपने संस्कारों, संस्कृति और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानें। आयुष हॉस्पिटल, चित्तौड़गढ़ ने इस अवसर पर सभी नागरिकों को महाराणा प्रताप के आत्मबल, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन में नित्य योग, आयुर्वेदिक दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। हॉस्पिटल के अनुसार, योग शरीर, मन और आत्मा को सशक्त बनाता है, और स्वदेशी चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद हमारी हजारों वर्षों पुरानी वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है, जो स्वस्थ, निरोग और संतुलित जीवन का आधार है। भारतीय संस्कृति को केवल जीवन जीना नहीं, बल्कि स्वस्थ, संस्कारित, अनुशासित और सम्मानपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाने वाली बताया गया। अंत में, सभी से महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने और एक स्वस्थ, स्वाभिमानी, संस्कारित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया, यह दोहराते हुए कि जब तक सूर्य चंद्र रहेगा, मेवाड़ का गौरव अमर रहेगा।4
- चित्तौड़गढ़ में एक कॉलेज विवाद के चलते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) आमने-सामने आ गए हैं। इस विवाद के परिणामस्वरूप, संजय राव को निलंबित कर दिया गया है। संजय राव ने अपने निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए इस नोटिस को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, खासकर यह देखते हुए कि विवाद का राजीनामा पहले ही हो चुका था। जिले के निंबाहेड़ा क्षेत्र से केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) के अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों में अधिकारियों द्वारा मारपीट करना, अवैध वसूली करना और लोगों को झूठे प्रकरणों में फंसाना शामिल है। संगठनात्मक स्तर पर, विनोद वैष्णव को हिंदू युवा वाहिनी का संभाग अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, सुनील चौहान भील का चयन ट्राइबल लीडरशिप प्रोग्राम के लिए किया गया है। जिले में कई सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें महेश नवमी महोत्सव का शुभारंभ, सिंधु दर्शन यात्रियों का स्वागत, और विश्व संगीत दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन शामिल है।1