उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राजभर ने शनिवार को कहा कि आजमगढ़ को केवल समाजवादी पार्टी या यादव समाज का गढ़ बताना गलत है, क्योंकि यहां राजभर, निषाद, कोल, बिंद, पाल, प्रजापति, चौहान, ब्राह्मण और अन्य कई समाज के लोग निवास करते हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में वे अखिलेश यादव के गढ़ को 'गड़ही' (गड्ढा) बना देंगे। राजभर ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि "गोली चले या छर्रा, हम आजमगढ़ में डटे रहेंगे" और 2027 में सपा को हराएंगे। मंत्री राजभर ने इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और गुंडे-माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है। उन्होंने आगे कहा कि योगी सरकार का बुलडोजर मॉडल अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है, और तंज कसते हुए यह भी बताया कि 'योगी बाबा' का बुलडोजर अब बंगाल तक पहुंच गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राजभर ने शनिवार को कहा कि आजमगढ़ को केवल समाजवादी पार्टी या यादव समाज का गढ़ बताना गलत है, क्योंकि यहां राजभर, निषाद, कोल, बिंद, पाल, प्रजापति, चौहान, ब्राह्मण और अन्य कई समाज के लोग निवास करते हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में वे अखिलेश यादव के गढ़ को 'गड़ही' (गड्ढा) बना देंगे। राजभर ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि "गोली चले या छर्रा, हम आजमगढ़ में डटे रहेंगे" और 2027 में सपा को हराएंगे। मंत्री राजभर ने इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और गुंडे-माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है। उन्होंने आगे कहा कि योगी सरकार का बुलडोजर मॉडल अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है, और तंज कसते हुए यह भी बताया कि 'योगी बाबा' का बुलडोजर अब बंगाल तक पहुंच गया है।
- चित्तौड़गढ़ के एमपीपीजी कॉलेज परिसर में 13 जून को एनएसयूआई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष संजय राव के साथ एबीवीपी से जुड़े कुछ छात्रों द्वारा कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां करने और मारपीट करने की घटना को एनएसयूआई ने "अत्यंत निंदनीय" बताया है। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि छात्र राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा, अभद्र व्यवहार और डराने-धमकाने की राजनीति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कॉलेज के मुख्य द्वार को बंद करके छात्रों को परेशान करने का प्रयास किया गया, जिसके कारण प्रवेश लेने आए विद्यार्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। संगठन ने जोर देकर कहा कि छात्र हितों के विरुद्ध किया गया ऐसा कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई के अनुसार, शिक्षा संस्थान लोकतांत्रिक विचारों और छात्र हितों के केंद्र होते हैं, न कि दबाव और अराजकता फैलाने के मंच। इस मामले पर, एनएसयूआई ने प्रशासन से पूरी घटना की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई, तो वे छात्र हितों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। एनएसयूआई ने यह दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि छात्रों की आवाज़ दबाने का हर प्रयास विफल होगा और वह छात्र हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।1
- चित्तौड़गढ़ स्थित कॉलेज परिसर में छात्र संगठनों के बीच विवाद बढ़ गया। विवाद के बढ़ने पर छात्रों ने कॉलेज के गेट पर ताला लगा दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप से इस मामले को संभाला गया और परिसर में स्थिति सामान्य हो सकी।1
- चिकारड़ा कस्बे में बिगड़ती साफ-सफाई व्यवस्था और नालियों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इसी क्रम में, डूंगला के विकास अधिकारी दुर्गा प्रसाद कुमावत ने गुरुवार को चिकारड़ा का दौरा किया। उनके साथ ग्राम विकास अधिकारी मनोज मेघवाल और कनिष्ठ सहायक चेतन प्रकाश जैन भी थे, जिन्होंने अग्रवाल मोहल्ला और बस स्टैंड से डूंगला रोड तक की सफाई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि अग्रवाल गली और बस स्टैंड क्षेत्र में कई दुकानदारों ने नालियों पर अतिक्रमण कर रखा है, जिससे जल निकासी बाधित हो रही है। विकास अधिकारी ने इन दुकानदारों को तुरंत अतिक्रमण हटाने की सख्त चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले भी कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन उनका पालन नहीं हुआ, और यदि प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी, तो होने वाले नुकसान के लिए संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होंगे। अग्रवाल मोहल्ले में नालियों पर किए गए पक्के अतिक्रमण का भी जायजा लिया गया और उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए। जलभराव की समस्या से निपटने और नालियों की समुचित सफाई सुनिश्चित करने के लिए, अधिकारियों ने हैंड ग्रेडर की मदद से सीसी तोड़कर सफाई कार्य शुरू करवाया है। विकास अधिकारी दुर्गा प्रसाद कुमावत ने बताया कि नालियों की सफाई का कार्य अगले दो से चार दिनों में पूरा कर लिया जाएगा, जबकि ग्राम विकास अधिकारी मनोज मेघवाल ने इसे बरसात से पहले पूरा करने का आश्वासन दिया। स्थानीय निवासियों ने चिंता जताई कि समय पर सफाई न होने से नालियों का गंदा पानी उनके घरों तक पहुंच सकता है, सड़कों पर कीचड़ जमा हो सकता है और राहगीरों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहेगी। यह उल्लेखनीय है कि लगभग दस दिन पहले भी प्रशासनिक दबाव के कारण अग्रवाल मोहल्ले में नालियों की सफाई शुरू हुई थी, लेकिन दो दिन बाद ही काम बंद हो गया था। रुके हुए कार्य के कारण मच्छरों का प्रकोप और दुर्गंध फैलने से स्थानीय लोग परेशान थे। गुरुवार को जनसुनवाई में इस मुद्दे के दोबारा उठने के बाद प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए अधिकारियों को मौके पर भेजा और सफाई कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश जारी किए। इसके साथ ही, डूंगला रोड पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बनाई गई सड़क के दोनों ओर भी एक विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है, ताकि बरसात के मौसम में आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।2
- यह संदेश लोगों से जागरूक बनने और सामाजिक जागरूकता वाले संदेशों को आगे बढ़ाने का आग्रह करता है।1
- राजस्थान के पाली में प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने शहर में व्याप्त गंदगी, सीवरेज की समस्या, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर तीखे सवाल पूछ लिए। इन सवालों को सुनकर राजस्थान सरकार के यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री, झाबर सिंह खर्रा, अचानक नाराज़ हो गए, जिससे प्रेस वार्ता का पूरा माहौल गर्मा गया। पत्रकारों द्वारा जनता की मूलभूत समस्याओं पर पूछे गए सवालों के बजाय मंत्री जी कथित तौर पर उन पर ही भड़क उठे। इतना ही नहीं, उन्होंने पाली जिले को "नकारात्मक सोच वाला" जिला भी करार दिया, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक विवादास्पद बना दिया। इस घटना के बाद, सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनता की समस्याओं पर प्रश्न पूछना गलत है और क्या मंत्री महोदय सवालों का सीधा जवाब देने से बच रहे थे। इस विवादित प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर मंत्री जी सवालों से क्यों भड़के और प्रेस वार्ता में इतना बवाल क्यों मचा। यह घटना इस बात पर विचार करने को मजबूर करती है कि क्या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछे थे जिनका जवाब देना वाकई मुश्किल था, या मंत्री जी का यह रवैया उनकी सवालों से बचने की कोशिश थी।1
- छोटी सादड़ी के पास स्थित चमत्कारी शनि देव मंदिर बड़ी में भीषण गर्मी के बावजूद भी भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। विशेषकर शनिवार के दिन, यहाँ भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ता है, जहाँ श्रद्धालु पैदल चलकर या वाहनों से शनि देव के दर्शनों के लिए पहुँचते हैं। इस मंदिर की एक खास बात यह है कि भक्त यहाँ चढ़ाया जाने वाला तेल वापस अपने साथ ले जाते हैं, क्योंकि इस तेल को दर्द निवारक और चमत्कारी माना जाता है।4
- उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राजभर ने शनिवार को कहा कि आजमगढ़ को केवल समाजवादी पार्टी या यादव समाज का गढ़ बताना गलत है, क्योंकि यहां राजभर, निषाद, कोल, बिंद, पाल, प्रजापति, चौहान, ब्राह्मण और अन्य कई समाज के लोग निवास करते हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में वे अखिलेश यादव के गढ़ को 'गड़ही' (गड्ढा) बना देंगे। राजभर ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि "गोली चले या छर्रा, हम आजमगढ़ में डटे रहेंगे" और 2027 में सपा को हराएंगे। मंत्री राजभर ने इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और गुंडे-माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है। उन्होंने आगे कहा कि योगी सरकार का बुलडोजर मॉडल अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है, और तंज कसते हुए यह भी बताया कि 'योगी बाबा' का बुलडोजर अब बंगाल तक पहुंच गया है।1
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव में कोतवाली सदर क्षेत्र का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ने अपनी बहन के साथ मिलकर सरेआम अपने पति की चप्पलों और थप्पड़ों से पिटाई की। वायरल वीडियो में यह भी दिख रहा है कि महिला की बहन ने भी पति को लात मारी। विवाद की वजह यह बताई गई है कि महिला का आरोप है कि उसका पति पंजाब में रहकर उसके निजी और अंतरंग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर रहा था। इसी बात से नाराज़ होकर पत्नी ने अपने पति को शहर के निराला पार्क के पास बुलाया था, जहाँ दोनों के बीच गरमागरम बहस हुई और फिर यह मारपीट शुरू हो गई। पीड़ित महिला का नाम गुलशन है और उसके पति का नाम सेराज है। इन दोनों ने लगभग एक साल पहले मई में नोटरी के ज़रिए लव मैरिज की थी।1