logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मंडला के कमानिया गेट के पास लगी ममता ज्वेलर्स की होर्डिंग बोर्ड अचानक नीचे गिर गई। इस घटना में एक व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोट आई है। भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष राहुल रजक ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल व्यक्ति से मुलाकात की, उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भारत आदिवासी पार्टी के युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राहुल रजक ने बताया कि होर्डिंग बोर्ड को दो ईंट की पट्टियों पर लगाया गया था, जिसके कारण वह गिरी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ममता ज्वेलर्स को होर्डिंग बोर्ड हटाने के लिए कई बार कहा गया था, लेकिन उसे हटाया नहीं गया। राहुल रजक ने प्रशासन से आग्रह किया है कि शहर में लगी हर होर्डिंग बोर्ड की जांच की जाए।

7 hrs ago
user_Rajju Bhartiya
Rajju Bhartiya
मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

मंडला के कमानिया गेट के पास लगी ममता ज्वेलर्स की होर्डिंग बोर्ड अचानक नीचे गिर गई। इस घटना में एक व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोट आई है। भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष राहुल रजक ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल व्यक्ति से मुलाकात की, उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भारत आदिवासी पार्टी के युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राहुल रजक ने बताया कि होर्डिंग बोर्ड को दो ईंट की पट्टियों पर लगाया गया था, जिसके कारण वह गिरी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ममता ज्वेलर्स को होर्डिंग बोर्ड हटाने के लिए कई बार कहा गया था, लेकिन उसे हटाया नहीं गया। राहुल रजक ने प्रशासन से आग्रह किया है कि शहर में लगी हर होर्डिंग बोर्ड की जांच की जाए।

More news from Madhya Pradesh and nearby areas
  • मंडला में 26 जून को एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन इस शिविर के संबंध में अपना जनजागरण अभियान तेज गति से चला रहा है।
    1
    मंडला में 26 जून को एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन इस शिविर के संबंध में अपना जनजागरण अभियान तेज गति से चला रहा है।
    user_Sanjay nanda
    Sanjay nanda
    Local News Reporter Mandla, Madhya Pradesh•
    18 hrs ago
  • जबलपुर के सदर कैंट बोर्ड क्षेत्र में पानी की गंभीर किल्लत से परेशान जनता ने अपना विरोध दर्ज कराया है। पानी की कमी से जूझ रही जनता की परेशानी को उजागर करते हुए, यूथ कांग्रेस और केंट ब्लॉक के कार्यकर्ताओं ने कैंट छावनी में मटकी फोड़कर जोरदार प्रदर्शन किया।
    1
    जबलपुर के सदर कैंट बोर्ड क्षेत्र में पानी की गंभीर किल्लत से परेशान जनता ने अपना विरोध दर्ज कराया है। पानी की कमी से जूझ रही जनता की परेशानी को उजागर करते हुए, यूथ कांग्रेस और केंट ब्लॉक के कार्यकर्ताओं ने कैंट छावनी में मटकी फोड़कर जोरदार प्रदर्शन किया।
    user_Rishi Rajak
    Rishi Rajak
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • आज सिवनी में एक बड़ा धमाका हुआ है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, लोगों से तत्काल मौके पर पहुँचने का आह्वान किया गया है।
    1
    आज सिवनी में एक बड़ा धमाका हुआ है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, लोगों से तत्काल मौके पर पहुँचने का आह्वान किया गया है।
    user_Ajay Sallam
    Ajay Sallam
    Farmer लखनादौन, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 जून को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास के लिए 5 हजार 960 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों तक जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना 1 अप्रैल 2006 से प्रदेश में लागू है, जिसके तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों की विवाह योग्य कन्या, विधवा या परित्यक्ता के सामूहिक विवाह के लिए प्रति कन्या 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना से वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण और विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है। शैक्षणिक पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने शासकीय माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में और हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में अपग्रेड करने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसके तहत 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन किया जाएगा। अगले दो वर्षों 2027-28 और 2028-29 में भी प्रतिवर्ष इसी प्रकार 75 माध्यमिक और 100 हाई स्कूलों के उन्नयन पर सहमति बनी, जिसके लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपये है। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हाई स्कूल स्तर पर सकल नामांकन दर 75 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने के कारण ड्रॉपआउट दर बढ़ने की समस्या को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा, बल्कि उन विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा। किसानों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना की शर्तों को स्वीकृति दी। इसके अनुसार, खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथियों के बजाय वार्षिक एकल ऋण सीमा निर्धारित की जाएगी, जो प्रथम ऋण आहरण से 12 माह तक मान्य होगी। अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को राज्य शासन द्वारा 1.25 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण चुकाने वाले किसानों को 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन ब्याज अनुदान दिया जाएगा। यह योजना वर्ष 2012-13 से लागू है, जिसके तहत 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता है। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में एक नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ करने को भी मंजूरी दी। इसके लिए शैक्षणिक वर्ग के 9 और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पदों सहित कुल 17 पदों के सृजन तथा 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये के व्यय को स्वीकृति मिली है। यह कदम बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के बजाय पृथक महाविद्यालय में संचालित करने की आवश्यकता को पूरा करेगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के निरंतर संचालन हेतु 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि को राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध करवाने का निर्णय भी लिया गया।
    3
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 जून को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास के लिए 5 हजार 960 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों तक जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना 1 अप्रैल 2006 से प्रदेश में लागू है, जिसके तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों की विवाह योग्य कन्या, विधवा या परित्यक्ता के सामूहिक विवाह के लिए प्रति कन्या 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना से वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण और विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है।

शैक्षणिक पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने शासकीय माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में और हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में अपग्रेड करने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसके तहत 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन किया जाएगा। अगले दो वर्षों 2027-28 और 2028-29 में भी प्रतिवर्ष इसी प्रकार 75 माध्यमिक और 100 हाई स्कूलों के उन्नयन पर सहमति बनी, जिसके लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपये है। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हाई स्कूल स्तर पर सकल नामांकन दर 75 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने के कारण ड्रॉपआउट दर बढ़ने की समस्या को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा, बल्कि उन विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा।

किसानों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना की शर्तों को स्वीकृति दी। इसके अनुसार, खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथियों के बजाय वार्षिक एकल ऋण सीमा निर्धारित की जाएगी, जो प्रथम ऋण आहरण से 12 माह तक मान्य होगी। अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को राज्य शासन द्वारा 1.25 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण चुकाने वाले किसानों को 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन ब्याज अनुदान दिया जाएगा। यह योजना वर्ष 2012-13 से लागू है, जिसके तहत 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता है।

इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में एक नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ करने को भी मंजूरी दी। इसके लिए शैक्षणिक वर्ग के 9 और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पदों सहित कुल 17 पदों के सृजन तथा 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये के व्यय को स्वीकृति मिली है। यह कदम बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के बजाय पृथक महाविद्यालय में संचालित करने की आवश्यकता को पूरा करेगा।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के निरंतर संचालन हेतु 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि को राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध करवाने का निर्णय भी लिया गया।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • जय श्री राम कहते हुए सबको हार्दिक बधाई दी गई है। आज मौसम ने करवट ली है, जिसके बाद घाट पिपरिया में भारी बारिश हुई है। इस बारिश का एक छोटा सा नज़ारा साझा किया गया है। संदेश में लोगों से कहा गया है कि बारिश आ चुकी है, इसलिए वे अब खेती-बाड़ी का काम शुरू करें।
    1
    जय श्री राम कहते हुए सबको हार्दिक बधाई दी गई है। आज मौसम ने करवट ली है, जिसके बाद घाट पिपरिया में भारी बारिश हुई है। इस बारिश का एक छोटा सा नज़ारा साझा किया गया है। संदेश में लोगों से कहा गया है कि बारिश आ चुकी है, इसलिए वे अब खेती-बाड़ी का काम शुरू करें।
    user_टेकेशवर गिरी गोस्वामी
    टेकेशवर गिरी गोस्वामी
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित कान्हा नेशनल पार्क में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के कारण लगातार हो रही बाघों की मौत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को वायरस की रोकथाम के लिए निर्धारित मानकों के तहत कार्य करने तथा जल्द से जल्द एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मुंबई के वकील सुब्रत चक्रवर्ती की याचिका के अनुसार, पार्क में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और NTCA के नियमों की अनदेखी की जा रही है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अप्रैल में बाघिन सुनैना, अमाही और उसके चार शावकों सहित 19 मई 2026 को नर बाघ महावीर की मौत का मुख्य कारण घातक CDV वायरस ही है। याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि नियमों के बावजूद, प्रशासन ने रोग निगरानी, पशु चिकित्सा और जैव-सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। माननीय हाईकोर्ट ने इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण सचिव, NTCA और राज्य के वन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
    1
    मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित कान्हा नेशनल पार्क में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के कारण लगातार हो रही बाघों की मौत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को वायरस की रोकथाम के लिए निर्धारित मानकों के तहत कार्य करने तथा जल्द से जल्द एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

मुंबई के वकील सुब्रत चक्रवर्ती की याचिका के अनुसार, पार्क में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और NTCA के नियमों की अनदेखी की जा रही है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अप्रैल में बाघिन सुनैना, अमाही और उसके चार शावकों सहित 19 मई 2026 को नर बाघ महावीर की मौत का मुख्य कारण घातक CDV वायरस ही है। याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि नियमों के बावजूद, प्रशासन ने रोग निगरानी, पशु चिकित्सा और जैव-सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। माननीय हाईकोर्ट ने इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण सचिव, NTCA और राज्य के वन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
    user_INDRAJEET SINGH DASHMER
    INDRAJEET SINGH DASHMER
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • यह देवी माँ का पवित्र दरबार है, जहाँ माँ अपने भक्तों की हर मन्नत पूरी करती हैं। यह स्थान पूरी आस्था और श्रद्धा का केंद्र है।
    1
    यह देवी माँ का पवित्र दरबार है, जहाँ माँ अपने भक्तों की हर मन्नत पूरी करती हैं। यह स्थान पूरी आस्था और श्रद्धा का केंद्र है।
    user_Ajay Sallam
    Ajay Sallam
    Farmer लखनादौन, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बालाघाट जिले के ग्राम घोन्दी में भूमि को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उस जमीन को संरक्षित वन भूमि बताकर खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है, जिस पर वे पिछले 35 से 40 वर्षों से खेती कर रहे हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों में भ्रम और नाराजगी पैदा कर दी है, क्योंकि राजस्व अभिलेखों में इस भूमि की प्रविष्टियां अलग-अलग दर्ज हैं। ग्राम घोन्दी और जगनटोला ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वन विभाग इस भूमि को कक्ष क्रमांक 1803 की संरक्षित वन भूमि बताते हुए किसानों को बेदखल करने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में उक्त भूमि का एक हिस्सा आबादी एवं गौठान के रूप में दर्ज है, जबकि अन्य प्रविष्टियों में वन विभाग और शासकीय भूमि का उल्लेख है। इस विरोधाभास और वन विभाग के बढ़ते दबाव के कारण किसानों के सामने अपनी आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में 9 जून 2026 को जनसुनवाई में एक आवेदन दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनकी रोजी-रोटी का संकट गहरा जाएगा। उन्होंने कलेक्टर से वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और वर्षों से खेती कर रहे किसानों को राहत प्रदान करने की मांग की है।
    4
    बालाघाट जिले के ग्राम घोन्दी में भूमि को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उस जमीन को संरक्षित वन भूमि बताकर खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है, जिस पर वे पिछले 35 से 40 वर्षों से खेती कर रहे हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों में भ्रम और नाराजगी पैदा कर दी है, क्योंकि राजस्व अभिलेखों में इस भूमि की प्रविष्टियां अलग-अलग दर्ज हैं।

ग्राम घोन्दी और जगनटोला ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वन विभाग इस भूमि को कक्ष क्रमांक 1803 की संरक्षित वन भूमि बताते हुए किसानों को बेदखल करने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में उक्त भूमि का एक हिस्सा आबादी एवं गौठान के रूप में दर्ज है, जबकि अन्य प्रविष्टियों में वन विभाग और शासकीय भूमि का उल्लेख है। इस विरोधाभास और वन विभाग के बढ़ते दबाव के कारण किसानों के सामने अपनी आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में 9 जून 2026 को जनसुनवाई में एक आवेदन दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनकी रोजी-रोटी का संकट गहरा जाएगा। उन्होंने कलेक्टर से वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और वर्षों से खेती कर रहे किसानों को राहत प्रदान करने की मांग की है।
    user_ASHISH NEWARE Journalist
    ASHISH NEWARE Journalist
    बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बरेला क्षेत्र में बढ़ती जनसमस्याओं, उपतहसील कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, अघोषित बिजली कटौती, अवैध शराब की बिक्री और स्थानीय प्रशासन की सुस्ती के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। 'हल्ला बोल, पोल खोल' आंदोलन के तहत, सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मेला ग्राउंड से एक विशाल रैली निकाली, जो नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करते हुए उपतहसील कार्यालय पहुँची और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए कार्यालय का घेराव किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बरेला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की जनता पिछले लंबे समय से सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपतहसील कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार से ग्रामीण बेहद परेशान हैं, वहीं नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही ने आमजन का जीना दूभर कर दिया है। इस विशाल विरोध प्रदर्शन में जिला ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष संजय यादव, आदिवासी ग्रामीण जिला अध्यक्ष निलेश बरकड़े, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश पटेल सहित वरिष्ठ नेता सन्मति सैनी, राजेश पटेल, बच्चा यादव, विवेक पटेल, जनपद सदस्य सतेन्द्र गर्ग तथा अरविंद तिवारी, अमित शुक्ला, विजय जैन, रामानुज पटेल, योगेश पटेल पप्पू पटेल, सतीश चौकसे, शेख सलीम, गोविंद मरावी, शिवनंदन पटेल, सौरभ पटेल, रोहित पटेल, कपिल पटेल, भूपेंद्र यादव, शेख शानू जैसे कई स्थानीय जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता प्रमुख रूप से शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस, जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस और नगर कांग्रेस बरेला के कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। गंभीर जनसमस्याओं के निराकरण की माँग को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बरेला एवं जिला कांग्रेस कमेटी जबलपुर (ग्रामीण) के संयुक्त तत्वावधान में इस उग्र आंदोलन का आयोजन किया गया। प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह को राज्यपाल और उच्चाधिकारियों के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं होता है, तो आगामी दिनों में और भी उग्र आंदोलन किए जाएंगे।
    1
    आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बरेला क्षेत्र में बढ़ती जनसमस्याओं, उपतहसील कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, अघोषित बिजली कटौती, अवैध शराब की बिक्री और स्थानीय प्रशासन की सुस्ती के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। 'हल्ला बोल, पोल खोल' आंदोलन के तहत, सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मेला ग्राउंड से एक विशाल रैली निकाली, जो नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करते हुए उपतहसील कार्यालय पहुँची और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए कार्यालय का घेराव किया।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बरेला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की जनता पिछले लंबे समय से सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपतहसील कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार से ग्रामीण बेहद परेशान हैं, वहीं नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही ने आमजन का जीना दूभर कर दिया है। इस विशाल विरोध प्रदर्शन में जिला ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष संजय यादव, आदिवासी ग्रामीण जिला अध्यक्ष निलेश बरकड़े, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश पटेल सहित वरिष्ठ नेता सन्मति सैनी, राजेश पटेल, बच्चा यादव, विवेक पटेल, जनपद सदस्य सतेन्द्र गर्ग तथा अरविंद तिवारी, अमित शुक्ला, विजय जैन, रामानुज पटेल, योगेश पटेल पप्पू पटेल, सतीश चौकसे, शेख सलीम, गोविंद मरावी, शिवनंदन पटेल, सौरभ पटेल, रोहित पटेल, कपिल पटेल, भूपेंद्र यादव, शेख शानू जैसे कई स्थानीय जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता प्रमुख रूप से शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस, जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस और नगर कांग्रेस बरेला के कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे।

गंभीर जनसमस्याओं के निराकरण की माँग को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बरेला एवं जिला कांग्रेस कमेटी जबलपुर (ग्रामीण) के संयुक्त तत्वावधान में इस उग्र आंदोलन का आयोजन किया गया। प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह को राज्यपाल और उच्चाधिकारियों के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं होता है, तो आगामी दिनों में और भी उग्र आंदोलन किए जाएंगे।
    user_Deepak Vishawakarma
    Deepak Vishawakarma
    Photographer पनागर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.