logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बालाघाट जिले के ग्राम घोन्दी में भूमि को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उस जमीन को संरक्षित वन भूमि बताकर खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है, जिस पर वे पिछले 35 से 40 वर्षों से खेती कर रहे हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों में भ्रम और नाराजगी पैदा कर दी है, क्योंकि राजस्व अभिलेखों में इस भूमि की प्रविष्टियां अलग-अलग दर्ज हैं। ग्राम घोन्दी और जगनटोला ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वन विभाग इस भूमि को कक्ष क्रमांक 1803 की संरक्षित वन भूमि बताते हुए किसानों को बेदखल करने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में उक्त भूमि का एक हिस्सा आबादी एवं गौठान के रूप में दर्ज है, जबकि अन्य प्रविष्टियों में वन विभाग और शासकीय भूमि का उल्लेख है। इस विरोधाभास और वन विभाग के बढ़ते दबाव के कारण किसानों के सामने अपनी आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में 9 जून 2026 को जनसुनवाई में एक आवेदन दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनकी रोजी-रोटी का संकट गहरा जाएगा। उन्होंने कलेक्टर से वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और वर्षों से खेती कर रहे किसानों को राहत प्रदान करने की मांग की है।

7 hrs ago
user_ASHISH NEWARE Journalist
ASHISH NEWARE Journalist
बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

बालाघाट जिले के ग्राम घोन्दी में भूमि को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उस जमीन को संरक्षित वन भूमि बताकर खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है, जिस पर वे पिछले 35 से 40 वर्षों से खेती कर रहे हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों में भ्रम और नाराजगी पैदा कर दी है,

क्योंकि राजस्व अभिलेखों में इस भूमि की प्रविष्टियां अलग-अलग दर्ज हैं। ग्राम घोन्दी और जगनटोला ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वन विभाग इस भूमि को कक्ष क्रमांक 1803 की संरक्षित वन भूमि बताते हुए किसानों को बेदखल करने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में उक्त भूमि का एक हिस्सा

79a02477-435d-4e0c-86a5-960c7b2f39ef

आबादी एवं गौठान के रूप में दर्ज है, जबकि अन्य प्रविष्टियों में वन विभाग और शासकीय भूमि का उल्लेख है। इस विरोधाभास और वन विभाग के बढ़ते दबाव के कारण किसानों के सामने अपनी आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में 9 जून 2026 को जनसुनवाई में एक आवेदन दिया गया

308a3322-c585-4b77-8586-017c907d6fac

था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनकी रोजी-रोटी का संकट गहरा जाएगा। उन्होंने कलेक्टर से वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और वर्षों से खेती कर रहे किसानों को राहत प्रदान करने की मांग की है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित कान्हा नेशनल पार्क में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के कारण लगातार हो रही बाघों की मौत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को वायरस की रोकथाम के लिए निर्धारित मानकों के तहत कार्य करने तथा जल्द से जल्द एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मुंबई के वकील सुब्रत चक्रवर्ती की याचिका के अनुसार, पार्क में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और NTCA के नियमों की अनदेखी की जा रही है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अप्रैल में बाघिन सुनैना, अमाही और उसके चार शावकों सहित 19 मई 2026 को नर बाघ महावीर की मौत का मुख्य कारण घातक CDV वायरस ही है। याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि नियमों के बावजूद, प्रशासन ने रोग निगरानी, पशु चिकित्सा और जैव-सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। माननीय हाईकोर्ट ने इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण सचिव, NTCA और राज्य के वन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
    1
    मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित कान्हा नेशनल पार्क में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के कारण लगातार हो रही बाघों की मौत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को वायरस की रोकथाम के लिए निर्धारित मानकों के तहत कार्य करने तथा जल्द से जल्द एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

मुंबई के वकील सुब्रत चक्रवर्ती की याचिका के अनुसार, पार्क में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और NTCA के नियमों की अनदेखी की जा रही है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अप्रैल में बाघिन सुनैना, अमाही और उसके चार शावकों सहित 19 मई 2026 को नर बाघ महावीर की मौत का मुख्य कारण घातक CDV वायरस ही है। याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि नियमों के बावजूद, प्रशासन ने रोग निगरानी, पशु चिकित्सा और जैव-सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। माननीय हाईकोर्ट ने इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण सचिव, NTCA और राज्य के वन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
    user_INDRAJEET SINGH DASHMER
    INDRAJEET SINGH DASHMER
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बालाघाट जिले के ग्राम घोन्दी में भूमि को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उस जमीन को संरक्षित वन भूमि बताकर खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है, जिस पर वे पिछले 35 से 40 वर्षों से खेती कर रहे हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों में भ्रम और नाराजगी पैदा कर दी है, क्योंकि राजस्व अभिलेखों में इस भूमि की प्रविष्टियां अलग-अलग दर्ज हैं। ग्राम घोन्दी और जगनटोला ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वन विभाग इस भूमि को कक्ष क्रमांक 1803 की संरक्षित वन भूमि बताते हुए किसानों को बेदखल करने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में उक्त भूमि का एक हिस्सा आबादी एवं गौठान के रूप में दर्ज है, जबकि अन्य प्रविष्टियों में वन विभाग और शासकीय भूमि का उल्लेख है। इस विरोधाभास और वन विभाग के बढ़ते दबाव के कारण किसानों के सामने अपनी आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में 9 जून 2026 को जनसुनवाई में एक आवेदन दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनकी रोजी-रोटी का संकट गहरा जाएगा। उन्होंने कलेक्टर से वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और वर्षों से खेती कर रहे किसानों को राहत प्रदान करने की मांग की है।
    4
    बालाघाट जिले के ग्राम घोन्दी में भूमि को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उस जमीन को संरक्षित वन भूमि बताकर खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है, जिस पर वे पिछले 35 से 40 वर्षों से खेती कर रहे हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों में भ्रम और नाराजगी पैदा कर दी है, क्योंकि राजस्व अभिलेखों में इस भूमि की प्रविष्टियां अलग-अलग दर्ज हैं।

ग्राम घोन्दी और जगनटोला ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वन विभाग इस भूमि को कक्ष क्रमांक 1803 की संरक्षित वन भूमि बताते हुए किसानों को बेदखल करने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में उक्त भूमि का एक हिस्सा आबादी एवं गौठान के रूप में दर्ज है, जबकि अन्य प्रविष्टियों में वन विभाग और शासकीय भूमि का उल्लेख है। इस विरोधाभास और वन विभाग के बढ़ते दबाव के कारण किसानों के सामने अपनी आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में 9 जून 2026 को जनसुनवाई में एक आवेदन दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनकी रोजी-रोटी का संकट गहरा जाएगा। उन्होंने कलेक्टर से वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और वर्षों से खेती कर रहे किसानों को राहत प्रदान करने की मांग की है।
    user_ASHISH NEWARE Journalist
    ASHISH NEWARE Journalist
    बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • फोटोग्राफर एसोसिएशन का मिलन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अवसर पर एसोसिएशन के लिए एक नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया।
    1
    फोटोग्राफर एसोसिएशन का मिलन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अवसर पर एसोसिएशन के लिए एक नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • लांजी तहसील के आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए हैं। इन्हीं में से एक, ग्राम लोहारा के सालिकराम बिसेन, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत सहायता, वृद्धावस्था पेंशन की बहाली और प्रताड़ित करने वाले बेटों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग लेकर आए थे। सालिकराम बिसेन का कहना है कि उनके बेटों ने उनके साथ मारपीट की और प्रताड़ित कर उनका घर तोड़ दिया, जिससे वे बेघर हो गए हैं और अब बालाघाट के रैन बसेरा में रहते हैं। उनकी वृद्धावस्था पेंशन योजना भी कुछ महीनों से बंद हो गई है। इस प्रकरण में लांजी के एसडीएम को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में, ठेमा निवासी प्रणिता शिवेदी आशा कार्यकर्ता के पद पर अपनी नियुक्ति की मांग लेकर पहुंची थीं। प्रणिता ने बताया कि वर्ष 2022 में चयन और नियुक्ति पत्र मिलने के बावजूद उन्हें नियमित नियुक्ति और मानदेय का लाभ अभी तक नहीं मिला है। इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा गया है।
    1
    लांजी तहसील के आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए हैं। इन्हीं में से एक, ग्राम लोहारा के सालिकराम बिसेन, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत सहायता, वृद्धावस्था पेंशन की बहाली और प्रताड़ित करने वाले बेटों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग लेकर आए थे। सालिकराम बिसेन का कहना है कि उनके बेटों ने उनके साथ मारपीट की और प्रताड़ित कर उनका घर तोड़ दिया, जिससे वे बेघर हो गए हैं और अब बालाघाट के रैन बसेरा में रहते हैं। उनकी वृद्धावस्था पेंशन योजना भी कुछ महीनों से बंद हो गई है। इस प्रकरण में लांजी के एसडीएम को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी क्रम में, ठेमा निवासी प्रणिता शिवेदी आशा कार्यकर्ता के पद पर अपनी नियुक्ति की मांग लेकर पहुंची थीं। प्रणिता ने बताया कि वर्ष 2022 में चयन और नियुक्ति पत्र मिलने के बावजूद उन्हें नियमित नियुक्ति और मानदेय का लाभ अभी तक नहीं मिला है। इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा गया है।
    user_Ramanuj Tidke
    Ramanuj Tidke
    Local News Reporter लांजी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • सिवनी के उत्कृष्ट विद्यालय के प्रचार्य पर जय हिंद टीम के संस्थापक एवं अध्यक्ष दीपक डेहरिया के साथ अभद्रता और गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, दीपक डेहरिया 11वीं कक्षा में प्रवेश के संबंध में विद्यालय पहुंचे थे, जहां प्रचार्य ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। प्रचार्य पर उन्हें विद्यालय न आने और बाहर निकालने की धमकी देने का भी आरोप है। इस घटना के बाद, उत्कृष्ट विद्यालय के प्रचार्य को उनके पद से हटाने के लिए जिला कलेक्टर से मांग की गई है।
    2
    सिवनी के उत्कृष्ट विद्यालय के प्रचार्य पर जय हिंद टीम के संस्थापक एवं अध्यक्ष दीपक डेहरिया के साथ अभद्रता और गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, दीपक डेहरिया 11वीं कक्षा में प्रवेश के संबंध में विद्यालय पहुंचे थे, जहां प्रचार्य ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। प्रचार्य पर उन्हें विद्यालय न आने और बाहर निकालने की धमकी देने का भी आरोप है। इस घटना के बाद, उत्कृष्ट विद्यालय के प्रचार्य को उनके पद से हटाने के लिए जिला कलेक्टर से मांग की गई है।
    user_बिहारीलाल सोनी
    बिहारीलाल सोनी
    पत्रकार कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सिवनी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि जिले के सुप्रसिद्ध सिवनी जम्बो सीताफल को प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त हो गया है। यह उपलब्धि जिले की अनूठी कृषि पहचान और किसानों के अथक परिश्रम को राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक महत्वपूर्ण मान्यता है। जीआई टैग मिलने से सिवनी जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। सिवनी जम्बो सीताफल अपने बड़े आकार, उत्कृष्ट गुणवत्ता और स्वाभाविक रूप से विकसित होने वाले विशिष्ट मीठे स्वाद के लिए देशभर में अपनी पहचान रखता है। इस सीताफल का औसत वजन 200 से 650 ग्राम प्रति फल होता है, वहीं भूतबंधानी क्षेत्र में उत्पादित कई फल 800 ग्राम से लेकर एक किलोग्राम तक वजनी पाए जाते हैं। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद की विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहेगी और इसके नाम के किसी भी दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी। सहायक संचालक उद्यानिकी सिवनी, डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने जानकारी दी कि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने कलेक्टर सिवनी और आयुक्त उद्यानिकी के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 में भूतबंधानी सीताफल क्रॉप प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से जीआई टैग के लिए आवेदन किया था, जिसके परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण मान्यता मिली है। इस जीआई टैग से जिले के हजारों सीताफल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। अब सिवनी में उत्पादित सीताफल को उसकी विशिष्ट पहचान के साथ बाजार में प्रस्तुत किया जा सकेगा, और अन्य क्षेत्रों के उत्पादक इसके नाम का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इससे उत्पाद की मांग और मूल्य दोनों में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है, साथ ही सीताफल उत्पादन, क्षेत्र विस्तार और प्रसंस्करण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह किसानों की आय में वृद्धि करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा। वर्तमान में, सिवनी जिले में लगभग 695 हेक्टेयर क्षेत्र में सीताफल की खेती की जा रही है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 6090 मीट्रिक टन का उत्पादन होता है। जिले का सीताफल दिल्ली, मुंबई, नागपुर, रायपुर, वाराणसी जैसे देश के प्रमुख शहरों में विशेष मांग रखता है। सीताफल का उपयोग प्रसंस्करण कर पल्प बनाने में भी होता है, जिससे आइसक्रीम, रबड़ी, बासुंदी, लस्सी, शेक और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, सीताफल के पत्तों और छिलकों का उपयोग जैविक खाद और औषधीय उत्पादों के निर्माण में भी होता है। जिले में सीताफल उत्पादकों को संगठित कर दो एफपीओ का गठन किया गया है और तीन सीताफल पल्प प्रसंस्करण इकाइयाँ भी स्थापित की गई हैं। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, जिला उद्यानिकी अधिकारी डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार, तथा जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर जिले के किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों और सभी संबंधित हितधारकों को हार्दिक बधाई दी है। कलेक्टर ने विश्वास व्यक्त किया कि जीआई टैग के माध्यम से सिवनी जम्बो सीताफल को देश और विदेश के बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी तथा इससे जिले के किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। यह उपलब्धि सिवनी की कृषि विरासत को सशक्त बनाने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिवनी के इस विश्वप्रसिद्ध जम्बो सीताफल को जीआई टैग मिलना आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के संकल्प का प्रत्यक्ष परिणाम है। शीतकाल सत्र 2025 में संसद में सिवनी के जम्बो सीताफल को जीआई टैग प्रदान करने की महत्वपूर्ण मांग उठाई गई थी। इस दिशा में हुई प्रगति से सिवनी के किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति मिलेगी तथा स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी। इस जनहितकारी पहल के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल जी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश के पारंपरिक एवं विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति मिल रही है।
    1
    सिवनी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि जिले के सुप्रसिद्ध सिवनी जम्बो सीताफल को प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त हो गया है। यह उपलब्धि जिले की अनूठी कृषि पहचान और किसानों के अथक परिश्रम को राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक महत्वपूर्ण मान्यता है। जीआई टैग मिलने से सिवनी जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा।

सिवनी जम्बो सीताफल अपने बड़े आकार, उत्कृष्ट गुणवत्ता और स्वाभाविक रूप से विकसित होने वाले विशिष्ट मीठे स्वाद के लिए देशभर में अपनी पहचान रखता है। इस सीताफल का औसत वजन 200 से 650 ग्राम प्रति फल होता है, वहीं भूतबंधानी क्षेत्र में उत्पादित कई फल 800 ग्राम से लेकर एक किलोग्राम तक वजनी पाए जाते हैं। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद की विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहेगी और इसके नाम के किसी भी दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी। सहायक संचालक उद्यानिकी सिवनी, डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने जानकारी दी कि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने कलेक्टर सिवनी और आयुक्त उद्यानिकी के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 में भूतबंधानी सीताफल क्रॉप प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से जीआई टैग के लिए आवेदन किया था, जिसके परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण मान्यता मिली है।

इस जीआई टैग से जिले के हजारों सीताफल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। अब सिवनी में उत्पादित सीताफल को उसकी विशिष्ट पहचान के साथ बाजार में प्रस्तुत किया जा सकेगा, और अन्य क्षेत्रों के उत्पादक इसके नाम का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इससे उत्पाद की मांग और मूल्य दोनों में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है, साथ ही सीताफल उत्पादन, क्षेत्र विस्तार और प्रसंस्करण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह किसानों की आय में वृद्धि करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा। वर्तमान में, सिवनी जिले में लगभग 695 हेक्टेयर क्षेत्र में सीताफल की खेती की जा रही है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 6090 मीट्रिक टन का उत्पादन होता है। जिले का सीताफल दिल्ली, मुंबई, नागपुर, रायपुर, वाराणसी जैसे देश के प्रमुख शहरों में विशेष मांग रखता है। सीताफल का उपयोग प्रसंस्करण कर पल्प बनाने में भी होता है, जिससे आइसक्रीम, रबड़ी, बासुंदी, लस्सी, शेक और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, सीताफल के पत्तों और छिलकों का उपयोग जैविक खाद और औषधीय उत्पादों के निर्माण में भी होता है। जिले में सीताफल उत्पादकों को संगठित कर दो एफपीओ का गठन किया गया है और तीन सीताफल पल्प प्रसंस्करण इकाइयाँ भी स्थापित की गई हैं।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, जिला उद्यानिकी अधिकारी डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार, तथा जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर जिले के किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों और सभी संबंधित हितधारकों को हार्दिक बधाई दी है। कलेक्टर ने विश्वास व्यक्त किया कि जीआई टैग के माध्यम से सिवनी जम्बो सीताफल को देश और विदेश के बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी तथा इससे जिले के किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। यह उपलब्धि सिवनी की कृषि विरासत को सशक्त बनाने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिवनी के इस विश्वप्रसिद्ध जम्बो सीताफल को जीआई टैग मिलना आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के संकल्प का प्रत्यक्ष परिणाम है। शीतकाल सत्र 2025 में संसद में सिवनी के जम्बो सीताफल को जीआई टैग प्रदान करने की महत्वपूर्ण मांग उठाई गई थी। इस दिशा में हुई प्रगति से सिवनी के किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति मिलेगी तथा स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी। इस जनहितकारी पहल के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल जी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश के पारंपरिक एवं विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति मिल रही है।
    user_सरवन वर्मा पत्रकार
    सरवन वर्मा पत्रकार
    Journalist कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बालाघाट जिले के ढिमरूरीढ गाँव में एक भैंस की ट्रांसफार्मर के करंट लगने से दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना के 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बावजूद, बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है, जिससे स्थिति जस की तस बनी हुई है।
    1
    बालाघाट जिले के ढिमरूरीढ गाँव में एक भैंस की ट्रांसफार्मर के करंट लगने से दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना के 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बावजूद, बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है, जिससे स्थिति जस की तस बनी हुई है।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मंगलवार शाम, वारासिवनी थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगरगांव में स्थित कोंडलपथ मंदिर के समीप एक भीषण सड़क हादसे में पाँच लोग घायल हो गए। दो बाइकों के बीच हुई इस टक्कर के बाद, सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल वारासिवनी ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय बालाघाट रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, लिंगमारा निवासी देवनसिंह मड़ावी अपने परिवार के साथ शाम को वारासिवनी से लिंगमारा लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम डोंगरगांव के कोंडलपथ मंदिर के पास पीछे से आ रही ग्राम लिंगमारा निवासी भरतलाल बघेले द्वारा चलाई जा रही दूसरी बाइक अनियंत्रित होकर उनकी बाइक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों पर सवार लोग सड़क पर गिरकर चोटिल हो गए। इस दुर्घटना में देवनसिंह मड़ावी के हाथ और पैर की अंगुली में चोट आई है, वहीं उनके साथ आर्यन मड़ावी के हाथ और पैर, वर्षा मड़ावी के हाथ व कंधे तथा शशिकला के हाथ और पैर में चोटें लगी हैं। चिकित्सकों ने वर्षा मड़ावी के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर की भी पुष्टि की है। दूसरी ओर, दूसरी बाइक चला रहे भरतलाल बघेले के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। दुर्घटना के तुरंत बाद, आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने घायलों की सहायता की और 108 एम्बुलेंस को सूचित किया। सूचना मिलते ही, 108 एम्बुलेंस के ईएमटी गजेंद्र पंजरे और पायलट इस्माईल खान मौके पर पहुँचे और सभी घायलों को सिविल अस्पताल वारासिवनी पहुंचाया। सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के उपरांत, बेहतर इलाज के लिए सभी घायलों को जिला चिकित्सालय बालाघाट स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने भी दुर्घटना की सूचना मिलते ही मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया था। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सड़क पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और तेज गति से बचने की अपील की है।
    1
    मंगलवार शाम, वारासिवनी थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगरगांव में स्थित कोंडलपथ मंदिर के समीप एक भीषण सड़क हादसे में पाँच लोग घायल हो गए। दो बाइकों के बीच हुई इस टक्कर के बाद, सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल वारासिवनी ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय बालाघाट रेफर कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, लिंगमारा निवासी देवनसिंह मड़ावी अपने परिवार के साथ शाम को वारासिवनी से लिंगमारा लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम डोंगरगांव के कोंडलपथ मंदिर के पास पीछे से आ रही ग्राम लिंगमारा निवासी भरतलाल बघेले द्वारा चलाई जा रही दूसरी बाइक अनियंत्रित होकर उनकी बाइक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों पर सवार लोग सड़क पर गिरकर चोटिल हो गए। इस दुर्घटना में देवनसिंह मड़ावी के हाथ और पैर की अंगुली में चोट आई है, वहीं उनके साथ आर्यन मड़ावी के हाथ और पैर, वर्षा मड़ावी के हाथ व कंधे तथा शशिकला के हाथ और पैर में चोटें लगी हैं। चिकित्सकों ने वर्षा मड़ावी के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर की भी पुष्टि की है। दूसरी ओर, दूसरी बाइक चला रहे भरतलाल बघेले के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।

दुर्घटना के तुरंत बाद, आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने घायलों की सहायता की और 108 एम्बुलेंस को सूचित किया। सूचना मिलते ही, 108 एम्बुलेंस के ईएमटी गजेंद्र पंजरे और पायलट इस्माईल खान मौके पर पहुँचे और सभी घायलों को सिविल अस्पताल वारासिवनी पहुंचाया। सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के उपरांत, बेहतर इलाज के लिए सभी घायलों को जिला चिकित्सालय बालाघाट स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने भी दुर्घटना की सूचना मिलते ही मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया था। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सड़क पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और तेज गति से बचने की अपील की है।
    user_Aanand Verma
    Aanand Verma
    वारासिवनी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.