लांजी तहसील के आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए हैं। इन्हीं में से एक, ग्राम लोहारा के सालिकराम बिसेन, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत सहायता, वृद्धावस्था पेंशन की बहाली और प्रताड़ित करने वाले बेटों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग लेकर आए थे। सालिकराम बिसेन का कहना है कि उनके बेटों ने उनके साथ मारपीट की और प्रताड़ित कर उनका घर तोड़ दिया, जिससे वे बेघर हो गए हैं और अब बालाघाट के रैन बसेरा में रहते हैं। उनकी वृद्धावस्था पेंशन योजना भी कुछ महीनों से बंद हो गई है। इस प्रकरण में लांजी के एसडीएम को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में, ठेमा निवासी प्रणिता शिवेदी आशा कार्यकर्ता के पद पर अपनी नियुक्ति की मांग लेकर पहुंची थीं। प्रणिता ने बताया कि वर्ष 2022 में चयन और नियुक्ति पत्र मिलने के बावजूद उन्हें नियमित नियुक्ति और मानदेय का लाभ अभी तक नहीं मिला है। इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा गया है।
लांजी तहसील के आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए हैं। इन्हीं में से एक, ग्राम लोहारा के सालिकराम बिसेन, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत सहायता, वृद्धावस्था पेंशन की बहाली और प्रताड़ित करने वाले बेटों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग लेकर आए थे। सालिकराम बिसेन का कहना है कि उनके बेटों ने उनके साथ मारपीट की और प्रताड़ित कर उनका घर तोड़ दिया, जिससे वे बेघर हो गए हैं और अब बालाघाट के रैन बसेरा में रहते हैं। उनकी वृद्धावस्था पेंशन योजना भी कुछ महीनों से बंद हो गई है। इस प्रकरण में लांजी के एसडीएम को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में, ठेमा निवासी प्रणिता शिवेदी आशा कार्यकर्ता के पद पर अपनी नियुक्ति की मांग लेकर पहुंची थीं। प्रणिता ने बताया कि वर्ष 2022 में चयन और नियुक्ति पत्र मिलने के बावजूद उन्हें नियमित नियुक्ति और मानदेय का लाभ अभी तक नहीं मिला है। इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा गया है।
- लांजी तहसील के आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए हैं। इन्हीं में से एक, ग्राम लोहारा के सालिकराम बिसेन, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत सहायता, वृद्धावस्था पेंशन की बहाली और प्रताड़ित करने वाले बेटों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग लेकर आए थे। सालिकराम बिसेन का कहना है कि उनके बेटों ने उनके साथ मारपीट की और प्रताड़ित कर उनका घर तोड़ दिया, जिससे वे बेघर हो गए हैं और अब बालाघाट के रैन बसेरा में रहते हैं। उनकी वृद्धावस्था पेंशन योजना भी कुछ महीनों से बंद हो गई है। इस प्रकरण में लांजी के एसडीएम को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में, ठेमा निवासी प्रणिता शिवेदी आशा कार्यकर्ता के पद पर अपनी नियुक्ति की मांग लेकर पहुंची थीं। प्रणिता ने बताया कि वर्ष 2022 में चयन और नियुक्ति पत्र मिलने के बावजूद उन्हें नियमित नियुक्ति और मानदेय का लाभ अभी तक नहीं मिला है। इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा गया है।1
- खैरागढ़ जिले के छुईखदान ब्लॉक की ग्राम पंचायत भुरभुस्सी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां सवाना बाई साहू नामक एक गरीब महिला के नाम पर स्वीकृत मकान का पैसा कथित तौर पर उनकी सौतन कामिन साहू के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इस दौरान मकान का निर्माण भी शुरू करा दिया गया, जबकि असली हितग्राही सवाना बाई को इसकी कोई भनक तक नहीं थी। इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब आवास मित्र और रोजगार सहायक दूसरी किस्त के लिए मौके पर 'जियो टैगिंग' (जमीन और मकान का डिजिटल सत्यापन) करने पहुँचे। जाँच में पता चला कि बन रहा मकान असली हितग्राही का है ही नहीं, जिसके बाद जियो टैगिंग रोक दी गई। इस घटना ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि कागजात और सत्यापन की लंबी प्रक्रिया के बावजूद पहली किस्त दूसरे खाते में कैसे चली गई और क्या इस धोखाधड़ी में पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की भी मिलीभगत थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। अब देखना यह होगा कि इस गरीब हितग्राही को उसका हक कब तक मिल पाता है।3
- बालाघाट जिले में कबीर पंथ के पूज्य संत उदित मुनि नाम साहेब जी का प्रकट दिवस भव्य रैली और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जिले भर से बड़ी संख्या में कबीर पंथी समाज के अनुयायी शामिल हुए, जिनके साथ जिले के विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी इस रैली और कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता निभाई। प्रकट दिवस के कार्यक्रम के दौरान संत वाणी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक चौका आरती का आयोजन किया और प्रसाद वितरण भी किया गया, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर एक भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। समाजजनों ने एकजुट होकर संत कबीर के बताए गए आदर्शों और मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, कबीर पंथी समाज के प्रतिनिधियों ने जनप्रतिनिधियों के समक्ष बालाघाट जिले में "सतगुरु कबीर आश्रम" की स्थापना की अपनी प्रमुख मांग रखी। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और विधायकों ने इस मांग पर सकारात्मक आश्वासन दिया कि इस दिशा में जल्द ही एक रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में प्रकट दिवस को और भी अधिक भव्यता के साथ मनाया जाएगा, तथा जिले के प्रत्येक विकासखंड में कबीर आश्रम स्थापित करने के लिए वे पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। कबीर समिति बालाघाट के अध्यक्ष और समस्त समाजजनों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने एक बार फिर संत कबीर की वाणी और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के अपने संकल्प को दोहराया।3
- छत्तीसगढ़ में लाखों रुपये की लागत से बनी एक नहर के निर्माण कार्य की पोल खुल गई है। मिली जानकारी के अनुसार, यह नहर अपने निर्माण के मात्र 20 दिनों के भीतर ही उखड़ने लगी है, जिसने परियोजना की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के खैरलांजी से एक युवक मजदूरी के उद्देश्य से हैदराबाद गया था, लेकिन वह पिछले तीन दिनों से लापता है। लापता युवक का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।1
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक महत्वपूर्ण मांग पिछले 25 सालों से फंड के अभाव के कारण अधूरी पड़ी हुई है। इस लंबे समय से लंबित मांग के चलते लोगों की परेशानी बरकरार है, और हाल ही में हुई बारिश ने उनकी बेचैनी और धड़कनों को और बढ़ा दिया है।1
- खैरागढ़ के आदित्य लॉज के मैनेजर नितेश यादव के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। यह जानकारी 23 जून मंगलवार को सुबह 8 बजे प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति से मिली है। पुलिस के अनुसार, घटना 21 जून को हुई थी जब भोला उर्फ भोजराज पटेल और बाउ उर्फ पवन चंद्राकर ने आदित्य लॉज के मैनेजर नितेश यादव से पैसे की मांग की। जब मैनेजर ने पैसे देने से इनकार किया, तो दोनों आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान, पवन चंद्राकर ने चाकू लहराकर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। मैनेजर की शिकायत पर खैरागढ़ थाने में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने 22 जून को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।1