खैरागढ़ जिले के छुईखदान ब्लॉक की ग्राम पंचायत भुरभुस्सी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां सवाना बाई साहू नामक एक गरीब महिला के नाम पर स्वीकृत मकान का पैसा कथित तौर पर उनकी सौतन कामिन साहू के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इस दौरान मकान का निर्माण भी शुरू करा दिया गया, जबकि असली हितग्राही सवाना बाई को इसकी कोई भनक तक नहीं थी। इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब आवास मित्र और रोजगार सहायक दूसरी किस्त के लिए मौके पर 'जियो टैगिंग' (जमीन और मकान का डिजिटल सत्यापन) करने पहुँचे। जाँच में पता चला कि बन रहा मकान असली हितग्राही का है ही नहीं, जिसके बाद जियो टैगिंग रोक दी गई। इस घटना ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि कागजात और सत्यापन की लंबी प्रक्रिया के बावजूद पहली किस्त दूसरे खाते में कैसे चली गई और क्या इस धोखाधड़ी में पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की भी मिलीभगत थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। अब देखना यह होगा कि इस गरीब हितग्राही को उसका हक कब तक मिल पाता है।
खैरागढ़ जिले के छुईखदान ब्लॉक की ग्राम पंचायत भुरभुस्सी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां सवाना बाई साहू नामक एक गरीब महिला के नाम पर स्वीकृत मकान का पैसा कथित तौर पर उनकी सौतन कामिन साहू के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इस दौरान मकान का निर्माण भी शुरू करा दिया गया, जबकि असली हितग्राही सवाना बाई को इसकी कोई
भनक तक नहीं थी। इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब आवास मित्र और रोजगार सहायक दूसरी किस्त के लिए मौके पर 'जियो टैगिंग' (जमीन और मकान का डिजिटल सत्यापन) करने पहुँचे। जाँच में पता चला कि बन रहा मकान असली हितग्राही का है ही नहीं, जिसके बाद जियो टैगिंग रोक दी गई। इस घटना ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि कागजात और सत्यापन की लंबी
प्रक्रिया के बावजूद पहली किस्त दूसरे खाते में कैसे चली गई और क्या इस धोखाधड़ी में पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की भी मिलीभगत थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। अब देखना यह होगा कि इस गरीब हितग्राही को उसका हक कब तक मिल पाता है।
- कवर्धा के पंडरिया में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराधों और कथित पुलिस निष्क्रियता के विरोध में स्थानीय विधायक भावना बोहरा का पुतला दहन कर पंडरिया थाने का जंगी घेराव किया गया। जिला युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित इस जनआक्रोश रैली में विभिन्न समाजों के नागरिक, व्यापारी, महिलाएँ, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और पीड़ित परिवार बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिन्होंने स्थानीय विधायक पर निरंकुश शासन प्रशासन चलाने का सीधा आरोप लगाया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं, तो इससे भी उग्र आंदोलन किया जाएगा। आंदोलनकर्ताओं ने पंडरिया नगर और क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अपराधों, आदिवासी युवक के नरकंकाल मामले में न्याय की मांग, दो अन्य लापता आदिवासी व्यक्तियों, लगातार हो रही चोरियों, पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे अवैध शराब बिक्री, जंगलों में चल रहे जुए, स्कूलों के पास शराब भट्ठियों के कारण महिलाओं-छात्राओं से छेड़छाड़, अवैध वसूली, अनियंत्रित वाहन राइडिंग तथा थाने के पास हुए हत्याकांड पर तत्काल कार्रवाई की मांग सहित कई जनसमस्याओं को उठाया। उन्होंने पंडरिया थाना प्रभारी की निष्क्रियता और जनता के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग भी की। धरना-प्रदर्शन के बाद निकाली गई विशाल जनआक्रोश रैली नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसमें भारी संख्या में नागरिकों ने जोरदार नारेबाजी के साथ हिस्सा लिया। रैली के दौरान विधायक के झूठे वादों, भय मुक्त या भय युक्त माहौल, पुलिस प्रशासन की उदासीनता, अवैध वसूली और बिगड़ती कानून-व्यवस्था में सुधार सहित बारह-तेरह मुख्य बिंदुओं पर आवाज उठाई गई। गांधी चौक स्थित पंडरिया थाने पहुँचने पर आंदोलनकारियों को रोकने के लिए लगाए गए दो बैरिकेड्स में से एक को नाराज भीड़ ने तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में, आंदोलनकारियों ने आदिवासी युवक के नरकंकाल मामले की निष्पक्ष जांच, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, अवैध शराब, सट्टा-जुआ और नशे के कारोबार पर कठोर कार्रवाई, स्कूली बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आम जनता के साथ पुलिस के बेहतर व्यवहार की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई और कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो जनता इससे भी बड़ा, व्यापक और उग्र जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। आंदोलन के अंत में विधायक भावना बोहरा के तस्वीर रहित पुतले का दहन किया गया, जिसमें उन पर वीडियो रीलबाजी तक सीमित कार्य करने और भय मुक्त पंडरिया के खोखले वादे-दावे के जरिए कुशासन चलाने का आरोप लगाया गया। उपस्थित नागरिकों ने एकजुट होकर न्याय, सुरक्षा और अपराध मुक्त पंडरिया की मांग दोहराई और अपने संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लिया।1
- बालाघाट जिले में कबीर पंथ के पूज्य संत उदित मुनि नाम साहेब जी का प्रकट दिवस भव्य रैली और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जिले भर से बड़ी संख्या में कबीर पंथी समाज के अनुयायी शामिल हुए, जिनके साथ जिले के विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी इस रैली और कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता निभाई। प्रकट दिवस के कार्यक्रम के दौरान संत वाणी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक चौका आरती का आयोजन किया और प्रसाद वितरण भी किया गया, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर एक भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। समाजजनों ने एकजुट होकर संत कबीर के बताए गए आदर्शों और मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, कबीर पंथी समाज के प्रतिनिधियों ने जनप्रतिनिधियों के समक्ष बालाघाट जिले में "सतगुरु कबीर आश्रम" की स्थापना की अपनी प्रमुख मांग रखी। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और विधायकों ने इस मांग पर सकारात्मक आश्वासन दिया कि इस दिशा में जल्द ही एक रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में प्रकट दिवस को और भी अधिक भव्यता के साथ मनाया जाएगा, तथा जिले के प्रत्येक विकासखंड में कबीर आश्रम स्थापित करने के लिए वे पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। कबीर समिति बालाघाट के अध्यक्ष और समस्त समाजजनों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने एक बार फिर संत कबीर की वाणी और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के अपने संकल्प को दोहराया।3
- खरोरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने बंगोली मंडल के अंतर्गत बूथ क्रमांक 273 और 274 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस पूरे श्रद्धा, भाव और सम्मान के साथ मनाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके राष्ट्रवादी विचारों के साथ-साथ देश के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था, जिसे देश हमेशा याद रखेगा। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान उनके आदर्शों पर चलने और समाज व राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर डोमार धुरंधर, डोमन नायक, विजय वर्मा, अंकित वर्मा, द्रोण हनुमंत, दुर्गेश नायक, संजू डहरिया, नरेश निर्मलकर, धनेश निर्मलकर, परमेश्वर निर्मलकर, गोविंद धीवर, टिकेश्वर नायक, कमलेश नायक, तरुण नायक सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- गरियाबंद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'मिशन जन मित्र' अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक वेद व्रत सिरमौर के मार्गदर्शन में थाना गरियाबंद क्षेत्र के ग्राम पंचायत बारूका में 22 जून 2026 को एक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक (साइबर एवं यातायात) लितेश सिंह की उपस्थिति में साइबर सेल और यातायात शाखा की टीम ने ग्रामीणों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बारूका के सरपंच, पंचगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का एक मुख्य बिंदु नशामुक्ति अभियान था, जिसके अंतर्गत लोगों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशा न केवल व्यक्तिगत जीवन को, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है, जिससे मानसिक अशांति, पारिवारिक कलह और कई सामाजिक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे नशामुक्त समाज के निर्माण में पुलिस का सक्रिय सहयोग करें और अवैध नशे के कारोबार से संबंधित कोई भी सूचना पुलिस को देकर कार्रवाई में भागीदार बनें। इसके साथ ही, ग्रामीणों की सुविधा के लिए पुलिस अधिकारियों के संपर्क नंबर भी वितरित किए गए, ताकि भविष्य में किसी भी सहायता या सूचना के लिए तत्काल पुलिस से संपर्क किया जा सके। नशे के अलावा, ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग करने तथा अज्ञात लिंक और कॉल से सावधान रहने के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत बारूका में स्थित प्रसिद्ध प्राकृतिक पर्यटन स्थल चिंगरा पगार प्रपात का भी उल्लेख किया गया। ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया गया कि वे आपसी सहयोग से पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएँ विकसित करें, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित हो सकें। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रशासन भी पर्यटन के माध्यम से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देने तथा युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने में आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। कार्यक्रम के समापन पर, ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इन जनजागरूकता अभियानों की सराहना की और समाज में शांति, सुरक्षा तथा नशामुक्त वातावरण बनाए रखने में अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।1
- बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी, अनियमित बिक्री और किसानों के बीच कृत्रिम अभाव को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे निरंतर निरीक्षण एवं जांच अभियान के तहत, बिल्हा विकासखंड के ग्राम पोड़ी सरवानी स्थित प्रजापति ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके बाद कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। आज मंगलवार शाम 6:46 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उर्वरक निरीक्षक बिल्हा श्री आर.एस. गौतम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि प्रजापति ट्रेडर्स द्वारा यूरिया और सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का विक्रय आवश्यक प्राधिकार पत्र के बिना किया जा रहा था। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। अनियमितता पाए जाने पर, विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 9.495 टन यूरिया और 3.15 टन सुपर फॉस्फेट, यानी कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी। संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने और निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उप संचालक कृषि श्री पीडी हाथेश्वर ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ, तो उर्वरक विक्रय लाइसेंस के निलंबन सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिल्हा विकासखंड में ऐसी जांच एवं निरीक्षण कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं से उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करते हुए ही खाद का भंडारण एवं विक्रय करने की अपील की है।1
- गरियाबंद जिले में स्थित उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक बाघिन की मौजूदगी दर्ज की गई है, जिससे वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में खासा उत्साह है। बाघ के बाद अब बाघिन की उपस्थिति से यह खुशी दोगुनी हो गई है। ट्रैप कैमरों में इस बाघिन की कई तस्वीरें और वीडियो कैद हुए हैं, जिसकी जानकारी उप निदेशक वरुण जैन ने एक तस्वीर जारी करके दी है। यह बाघिन उदंती को अपनी स्थायी टेरिटरी बनाने की ओर बढ़ रही है। इसे जल स्रोत निर्माण, एंटी-पोचिंग अभियानों और वन पुनर्स्थापन के प्रयासों का सकारात्मक असर माना जा रहा है। वर्तमान में वन विभाग इस बाघिन की सुरक्षा और निरंतर निगरानी में जुटा हुआ है।2
- बलौदा बाजार के ग्राम खर्वे में चार महीने से चल रही लगातार संदिग्ध मौतों का रहस्य आखिरकार खुल गया है। पुलिस की गहन जांच में गांव के ही 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल को इन घटनाओं का मुख्य आरोपी पाया गया है। आरोपी अपने परिचितों को ही निशाना बनाता था और पुरानी रंजिश, विवाद या छोटी-छोटी बातों के चलते शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर उनकी जान ले लेता था। जांच में सामने आई कहानी चौंकाने वाली है, जिसमें पता चला कि आरोपी ने इंसानों पर जहर आजमाने से पहले एक कुत्ते पर इसका परीक्षण किया था। कुत्ते पर जहर का असर देखने के बाद ही उसने लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। अपनी वारदातों के बाद, वह खुद मृतकों को अस्पताल पहुंचाता और उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, जिससे गांव में किसी को उस पर कोई संदेह नहीं हुआ। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 06 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने कसडोल के SDOP को आवेदन देकर फरवरी से 14 मई तक हुई 8 संदिग्ध मौतों की जानकारी दी और रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और 7 मृतकों के शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम कराया, जिन्हें मेकाहारा रायपुर की विशेष मेडिकल टीम ने जांचा। फॉरेंसिक परीक्षण के लिए डीएनए, विसरा और अन्य नमूने भी सुरक्षित किए गए, जबकि मृतक बुधराम जायसवाल का पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, ग्रामीणों से पूछताछ और लगातार निगरानी के आधार पर रामसहाय से कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद उसने शुरुआत में गुमराह करने की कोशिश की, पर अंततः अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चूहा मारने की दवा के नाम पर सुहागा (जहर) प्राप्त किया था। उसने 06 फरवरी 2026 को बद्री को गाली-गलौज और शराब के लिए परेशान करने के चलते, 20 फरवरी 2026 को बुठालु को पुराने विवाद और सामाजिक रंजिश के कारण, 12 मार्च 2026 को छत्तुराम को अपनी पत्नी के प्रति गलत नियत रखने की शंका में, 20 मार्च 2026 को बुधराम जायसवाल को जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते, 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को बैगा-गुनिया करने की शंका में, 29 अप्रैल 2026 को चैतुराम को 50 हजार रुपये के कर्ज पर ब्याज से छुटकारा पाने के लिए, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को वर्ष 2023 के चुनावी विवाद व पुरानी रंजिश के कारण जहरीली शराब पिलाई थी। इसके अतिरिक्त, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी गई थी, जिसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया और पुलिस ने इसे हत्या के प्रयास के रूप में दर्ज किया। पुलिस ने रामसहाय जायसवाल के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। इस पूरे मामले की जांच में IG रायपुर श्री अमरेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह, SDOP कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के निर्देशन में निरीक्षक प्रवीण मिंज एवं साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- बलौदाबाजार में लवन रोड स्थित यामाहा शोरूम के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े इस गोवंश की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे और गौ रक्षकों के साथ मिलकर घायल गोवंश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन चालक गोवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिससे गोवंश सड़क पर असहाय अवस्था में पड़ा था। मनोज तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना देर किए गौ रक्षकों के सहयोग से घायल गोवंश को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल उपचार कराया गया। स्थानीय लोगों ने मनोज तिवारी की इस त्वरित पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि समय पर उपचार मिलने से गोवंश की स्थिति में सुधार होगा। इस दौरान मनोज तिवारी ने लोगों से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। इस मानवीय कार्य के लिए क्षेत्र में मनोज तिवारी और गौ रक्षकों की संवेदनशीलता की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोगों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की है।1
- तिल्दा-नेवरा नगर के वार्ड क्रमांक 09 में मंगलवार सुबह एक झोपड़ी में खाना बनाते समय अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी झोपड़ी जलकर राख हो गई। इस घटना में दो परिवारों के घर प्रभावित हुए हैं, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 09 निवासी लगभग 60 वर्षीय मुन्नी बाई, जो अकेले रहती हैं, अपनी झोपड़ी नुमा घर में खाना बना रही थीं, तभी यह आग लगी। तेज हवा और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही देर में पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें पास स्थित लक्ष्मी बाई साहू के कच्चे मकान तक भी पहुँच गईं, जिससे उनके घर को भी नुकसान हुआ। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और इसकी सूचना पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही तिल्दा थाना प्रभारी (टीआई) स्वयं मौके पर पहुँचे और राहत कार्यों की निगरानी की। वहीं, फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुँचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन आग से मुन्नी बाई और लक्ष्मी बाई के घरों को भारी नुकसान पहुँचा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय नागरिकों की तत्परता और फायर ब्रिगेड की समय पर कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।3