खैरागढ़ के आदित्य लॉज के मैनेजर नितेश यादव के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। यह जानकारी 23 जून मंगलवार को सुबह 8 बजे प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति से मिली है। पुलिस के अनुसार, घटना 21 जून को हुई थी जब भोला उर्फ भोजराज पटेल और बाउ उर्फ पवन चंद्राकर ने आदित्य लॉज के मैनेजर नितेश यादव से पैसे की मांग की। जब मैनेजर ने पैसे देने से इनकार किया, तो दोनों आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान, पवन चंद्राकर ने चाकू लहराकर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। मैनेजर की शिकायत पर खैरागढ़ थाने में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने 22 जून को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
खैरागढ़ के आदित्य लॉज के मैनेजर नितेश यादव के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। यह जानकारी 23 जून मंगलवार को सुबह 8 बजे प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति से मिली है। पुलिस के अनुसार, घटना 21 जून को हुई थी जब भोला उर्फ भोजराज पटेल और बाउ उर्फ पवन चंद्राकर ने आदित्य लॉज के मैनेजर नितेश यादव से पैसे की मांग की। जब मैनेजर ने पैसे देने से इनकार किया, तो दोनों आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान, पवन चंद्राकर ने चाकू लहराकर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। मैनेजर की शिकायत पर खैरागढ़ थाने में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने 22 जून को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
- खैरागढ़ जिले के छुईखदान ब्लॉक की ग्राम पंचायत भुरभुस्सी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां सवाना बाई साहू नामक एक गरीब महिला के नाम पर स्वीकृत मकान का पैसा कथित तौर पर उनकी सौतन कामिन साहू के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इस दौरान मकान का निर्माण भी शुरू करा दिया गया, जबकि असली हितग्राही सवाना बाई को इसकी कोई भनक तक नहीं थी। इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब आवास मित्र और रोजगार सहायक दूसरी किस्त के लिए मौके पर 'जियो टैगिंग' (जमीन और मकान का डिजिटल सत्यापन) करने पहुँचे। जाँच में पता चला कि बन रहा मकान असली हितग्राही का है ही नहीं, जिसके बाद जियो टैगिंग रोक दी गई। इस घटना ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि कागजात और सत्यापन की लंबी प्रक्रिया के बावजूद पहली किस्त दूसरे खाते में कैसे चली गई और क्या इस धोखाधड़ी में पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की भी मिलीभगत थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। अब देखना यह होगा कि इस गरीब हितग्राही को उसका हक कब तक मिल पाता है।3
- छत्तीसगढ़ में लाखों रुपये की लागत से बनी एक नहर के निर्माण कार्य की पोल खुल गई है। मिली जानकारी के अनुसार, यह नहर अपने निर्माण के मात्र 20 दिनों के भीतर ही उखड़ने लगी है, जिसने परियोजना की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- दिल्ली के कोतवाली थाने में एक बच्ची को रखा गया है जो अपने माता-पिता से बिछड़ गई है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि बच्ची अपने परिवार से मिल सके। जिस किसी को भी इस बच्ची के बारे में कोई जानकारी हो, वह दिल्ली के थाना कोतवाली में संपर्क कर सकता है।1
- ओबीसी वर्ग को सामान्य श्रेणी में गिने जाने पर आपत्ति जताते हुए ओबीसी मोर्चा ने सोमवार, 22 जून को सरकार के खिलाफ अपना चरणबद्ध आंदोलन जारी रखा। यह आंदोलन के तीसरे और अंतिम चरण के तहत नगर के अंबेडकर चौक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया, जिसमें मोर्चा के सदस्यों ने अपनी प्रमुख मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान, पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार पर ओबीसी के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया। धरना स्थल से नगर में एक रैली निकाली गई, जो कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची। वहाँ, मोर्चा द्वारा एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें ओबीसी वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी दिए जाने की मांग की गई है।1
- छत्तीसगढ़ के तिल्दा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल फर्जी NOC विवाद के विरोध में तिल्दा थाने के सामने धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की है कि यदि इस मामले में FIR दर्ज नहीं की जाती, तो उनका यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- कबीरधाम जिले के बोड़ला नगर पंचायत स्थित कबीर कुटी में सद्गुरु कबीर साहेब का तहसील स्तरीय प्राकट्य उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। सत्यनाम के जयघोष और भक्ति भाव से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम का आयोजन विश्व वंदनीय सद्गुरु कबीर धनी धर्मदास साहेब, पंथ श्री हूजूर प्रकाश मुनि नाम साहेब, पंथ श्री हूजूर उदित मुनि नाम साहेब और चार गुरु वंश 42 की असीम कृपा से हुआ। मंगलवार सुबह 6 बजे से ही बोड़ला तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से कबीर पंथी समाज के अनुयायी, एसकेडीवी मिशन के प्रतिनिधि, समिति के सदस्य, साधु-संत, गुरुजन, आमीन माता महिला मंडल, नवयुवक मंडल तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने लगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे गुरु महिमा पाठ से हुई, जिसके बाद सुबह 9 बजे एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने ध्वज-निशान के साथ नगर भ्रमण करते हुए कबीर साहेब के संदेशों का प्रचार-प्रसार किया। शोभायात्रा के पश्चात ध्वज-निशान पूजा, आनंदी चौका और आरती का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन परम पूज्य गुरुगोसाई श्री दिलीप साहेब जी के करकमलों द्वारा कराया गया। इस अवसर पर विभिन्न भजन मंडलियों ने, जिनमें आसपास के दर्जनों गांवों से आई मंडलियां और टीमें भी शामिल थीं, कबीर वाणी और भजनों की शानदार प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुबह 10 बजे से विशाल भोजन भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस पावन अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य महेश चंद्रवंशी भी उपस्थित रहे और उन्होंने समाजजनों को प्राकट्य उत्सव की शुभकामनाएं दीं। एसकेडीवीएम के तहसील स्तरीय पदाधिकारियों समेत सैकड़ों की संख्या में सकल कबीर पंथ समाज के अनुयायी भी इस आयोजन में शामिल हुए, जिसने पूरे वातावरण को श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता से भर दिया।1
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक महत्वपूर्ण मांग पिछले 25 सालों से फंड के अभाव के कारण अधूरी पड़ी हुई है। इस लंबे समय से लंबित मांग के चलते लोगों की परेशानी बरकरार है, और हाल ही में हुई बारिश ने उनकी बेचैनी और धड़कनों को और बढ़ा दिया है।1
- खैरागढ़ के आदित्य लॉज के मैनेजर नितेश यादव के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। यह जानकारी 23 जून मंगलवार को सुबह 8 बजे प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति से मिली है। पुलिस के अनुसार, घटना 21 जून को हुई थी जब भोला उर्फ भोजराज पटेल और बाउ उर्फ पवन चंद्राकर ने आदित्य लॉज के मैनेजर नितेश यादव से पैसे की मांग की। जब मैनेजर ने पैसे देने से इनकार किया, तो दोनों आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान, पवन चंद्राकर ने चाकू लहराकर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। मैनेजर की शिकायत पर खैरागढ़ थाने में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने 22 जून को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।1