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महाराष्ट्र के चर्चित पुणे पोर्शे हिट-एंड-रन मामले में एक नया वीडियो सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा फिर भड़क उठा है। 27 मई 2026 को सामने आए इस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में, मामले के आरोपी को जमानत मिलने के बाद कथित तौर पर जश्न मनाते और दोस्तों के साथ खुशी मनाते देखा जा रहा है। इस हादसे में दो निर्दोष युवाओं की दर्दनाक मौत हुई थी, जिसके चलते आम लोगों में भारी नाराज़गी है और यह वीडियो लोगों के बीच यह सवाल और मजबूत कर रहा है कि क्या अमीर और प्रभावशाली लोगों के लिए कानून अलग तरीके से काम करता है। यह मामला पहले से ही पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ था। गौरतलब है कि पुणे में हुए इस हादसे में एक तेज रफ्तार लग्जरी पोर्शे कार ने बाइक सवार दो युवा इंजीनियरों को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोप था कि हादसे के समय आरोपी नाबालिग था और उसने शराब पी रखी थी। मामले में शुरुआती कार्रवाई और कथित नरमी को लेकर पुलिस और प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गए थे, जिसने महाराष्ट्र में तथाकथित “VIP कल्चर” और पैसे वालों के प्रभाव को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है। माना जा रहा है कि यह वीडियो जमानत मिलने के तुरंत बाद का है, और सोशल मीडिया पर लोग इसे “संवेदनहीनता” और “शून्य पछतावा” बता रहे हैं। कई यूज़र्स का कहना है कि जब दो परिवार अपने बच्चों को खोने के दुख से उबर नहीं पाए हैं, तब आरोपी का इस तरह जश्न मनाना समाज और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए शर्मनाक है। लोग पूछ रहे हैं कि अगर यही हादसा किसी आम नागरिक ने किया होता, तो क्या उसे भी इतनी जल्दी राहत मिलती? सोशल मीडिया पर कई लोग मामले की निष्पक्ष सुनवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वायरल वीडियो अदालत और जांच एजेंसियों पर भी दबाव बढ़ा सकते हैं। पुणे पोर्शे केस अब केवल एक सड़क हादसे का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह देश में कानून की समानता, जवाबदेही और न्याय व्यवस्था पर जनता के भरोसे की परीक्षा बन चुका है।

6 hrs ago
user_Gaurav 🌟
Gaurav 🌟
Sambhal, Uttar Pradesh•
6 hrs ago

महाराष्ट्र के चर्चित पुणे पोर्शे हिट-एंड-रन मामले में एक नया वीडियो सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा फिर भड़क उठा है। 27 मई 2026 को सामने आए इस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में, मामले के आरोपी को जमानत मिलने के बाद कथित तौर पर जश्न मनाते और दोस्तों के साथ खुशी मनाते देखा जा रहा है। इस हादसे में दो निर्दोष युवाओं की दर्दनाक मौत हुई थी, जिसके चलते आम लोगों में भारी नाराज़गी है और यह वीडियो लोगों के बीच यह सवाल और मजबूत कर रहा है कि क्या अमीर और प्रभावशाली लोगों के लिए कानून अलग तरीके से काम करता है। यह मामला पहले से ही पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ था। गौरतलब है कि पुणे में हुए इस हादसे में एक तेज रफ्तार लग्जरी पोर्शे कार ने बाइक सवार दो युवा इंजीनियरों को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोप था कि हादसे के समय आरोपी नाबालिग था और उसने शराब पी रखी थी। मामले में शुरुआती कार्रवाई और कथित नरमी को लेकर पुलिस और प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गए थे, जिसने महाराष्ट्र में तथाकथित “VIP कल्चर” और पैसे वालों के प्रभाव को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है। माना जा रहा है कि यह वीडियो जमानत मिलने के तुरंत बाद का है, और सोशल मीडिया पर लोग इसे “संवेदनहीनता” और “शून्य पछतावा” बता रहे हैं। कई यूज़र्स का कहना है कि जब दो परिवार अपने बच्चों को खोने के दुख से उबर नहीं पाए हैं, तब आरोपी का इस तरह जश्न मनाना समाज और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए शर्मनाक है। लोग पूछ रहे हैं कि अगर यही हादसा किसी आम नागरिक ने किया होता, तो क्या उसे भी इतनी जल्दी राहत मिलती? सोशल मीडिया पर कई लोग मामले की निष्पक्ष सुनवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वायरल वीडियो अदालत और जांच एजेंसियों पर भी दबाव बढ़ा सकते हैं। पुणे पोर्शे केस अब केवल एक सड़क हादसे का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह देश में कानून की समानता, जवाबदेही और न्याय व्यवस्था पर जनता के भरोसे की परीक्षा बन चुका है।

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  • सम्भल में बढ़ती महंगाई को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सरकार के प्रति अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया। सैकड़ों की तादाद में सपाईयों ने पैदल मार्च करते हुए कलैक्ट्रेट तक पहुंचकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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    सम्भल में बढ़ती महंगाई को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सरकार के प्रति अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया। सैकड़ों की तादाद में सपाईयों ने पैदल मार्च करते हुए कलैक्ट्रेट तक पहुंचकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    18 min ago
  • महाराष्ट्र के चर्चित पुणे पोर्शे हिट-एंड-रन मामले में एक नया वीडियो सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा फिर भड़क उठा है। 27 मई 2026 को सामने आए इस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में, मामले के आरोपी को जमानत मिलने के बाद कथित तौर पर जश्न मनाते और दोस्तों के साथ खुशी मनाते देखा जा रहा है। इस हादसे में दो निर्दोष युवाओं की दर्दनाक मौत हुई थी, जिसके चलते आम लोगों में भारी नाराज़गी है और यह वीडियो लोगों के बीच यह सवाल और मजबूत कर रहा है कि क्या अमीर और प्रभावशाली लोगों के लिए कानून अलग तरीके से काम करता है। यह मामला पहले से ही पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ था। गौरतलब है कि पुणे में हुए इस हादसे में एक तेज रफ्तार लग्जरी पोर्शे कार ने बाइक सवार दो युवा इंजीनियरों को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोप था कि हादसे के समय आरोपी नाबालिग था और उसने शराब पी रखी थी। मामले में शुरुआती कार्रवाई और कथित नरमी को लेकर पुलिस और प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गए थे, जिसने महाराष्ट्र में तथाकथित “VIP कल्चर” और पैसे वालों के प्रभाव को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है। माना जा रहा है कि यह वीडियो जमानत मिलने के तुरंत बाद का है, और सोशल मीडिया पर लोग इसे “संवेदनहीनता” और “शून्य पछतावा” बता रहे हैं। कई यूज़र्स का कहना है कि जब दो परिवार अपने बच्चों को खोने के दुख से उबर नहीं पाए हैं, तब आरोपी का इस तरह जश्न मनाना समाज और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए शर्मनाक है। लोग पूछ रहे हैं कि अगर यही हादसा किसी आम नागरिक ने किया होता, तो क्या उसे भी इतनी जल्दी राहत मिलती? सोशल मीडिया पर कई लोग मामले की निष्पक्ष सुनवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वायरल वीडियो अदालत और जांच एजेंसियों पर भी दबाव बढ़ा सकते हैं। पुणे पोर्शे केस अब केवल एक सड़क हादसे का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह देश में कानून की समानता, जवाबदेही और न्याय व्यवस्था पर जनता के भरोसे की परीक्षा बन चुका है।
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    महाराष्ट्र के चर्चित पुणे पोर्शे हिट-एंड-रन मामले में एक नया वीडियो सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा फिर भड़क उठा है। 27 मई 2026 को सामने आए इस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में, मामले के आरोपी को जमानत मिलने के बाद कथित तौर पर जश्न मनाते और दोस्तों के साथ खुशी मनाते देखा जा रहा है। इस हादसे में दो निर्दोष युवाओं की दर्दनाक मौत हुई थी, जिसके चलते आम लोगों में भारी नाराज़गी है और यह वीडियो लोगों के बीच यह सवाल और मजबूत कर रहा है कि क्या अमीर और प्रभावशाली लोगों के लिए कानून अलग तरीके से काम करता है।

यह मामला पहले से ही पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ था। गौरतलब है कि पुणे में हुए इस हादसे में एक तेज रफ्तार लग्जरी पोर्शे कार ने बाइक सवार दो युवा इंजीनियरों को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोप था कि हादसे के समय आरोपी नाबालिग था और उसने शराब पी रखी थी। मामले में शुरुआती कार्रवाई और कथित नरमी को लेकर पुलिस और प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गए थे, जिसने महाराष्ट्र में तथाकथित “VIP कल्चर” और पैसे वालों के प्रभाव को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है।

माना जा रहा है कि यह वीडियो जमानत मिलने के तुरंत बाद का है, और सोशल मीडिया पर लोग इसे “संवेदनहीनता” और “शून्य पछतावा” बता रहे हैं। कई यूज़र्स का कहना है कि जब दो परिवार अपने बच्चों को खोने के दुख से उबर नहीं पाए हैं, तब आरोपी का इस तरह जश्न मनाना समाज और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए शर्मनाक है। लोग पूछ रहे हैं कि अगर यही हादसा किसी आम नागरिक ने किया होता, तो क्या उसे भी इतनी जल्दी राहत मिलती? सोशल मीडिया पर कई लोग मामले की निष्पक्ष सुनवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वायरल वीडियो अदालत और जांच एजेंसियों पर भी दबाव बढ़ा सकते हैं। पुणे पोर्शे केस अब केवल एक सड़क हादसे का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह देश में कानून की समानता, जवाबदेही और न्याय व्यवस्था पर जनता के भरोसे की परीक्षा बन चुका है।
    user_Gaurav 🌟
    Gaurav 🌟
    Sambhal, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • जनपद संभल के सदर तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने स्कंद पुराण में वर्णित विलुप्त वाग्भारती तीर्थ स्थल, श्मशान भूमि, कब्रिस्तान और चकरोड की सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई बुलडोजर की मदद से की गई और बताया गया है कि लगभग 40 साल पहले इस भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। यह मामला हयातनगर थाना क्षेत्र के कमलपुर सराय गांव से संबंधित है। राजस्व विभाग के अनुसार, कुल डेढ़ बीघा सरकारी भूमि पर कोटला, सरायतरीन निवासी बेबी तबस्सुम फात्मा का अवैध कब्जा पाया गया था। इसमें नाली (गाटा संख्या 815, रकवा 0.009 हेक्टेयर), तालाब (गाटा संख्या 813, रकवा 0.024), कब्रिस्तान (गाटा संख्या 816, रकवा 0.040) और चकमार्ग (गाटा संख्या 817, रकवा 0.017) की भूमि शामिल थी। महिला के बेटे अम्बर पर आरोप है कि उसने अवैध कब्जा करने के बाद इस सरकारी भूमि को गांव के लोगों को बटाई पर दे दिया था और इसे अपने खेत में मिला लिया था। इस संबंध में जानकारी देते हुए तहसीलदार संभल धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्कंद पुराण में वर्णित वाग्भारती तीर्थ, जो गाटा संख्या 813 में तालाब के रूप में स्थित है, पर पिछले 40 वर्षों से स्थानीय लोगों का कब्जा था, जिसे अब हटा दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तीर्थ तक पहुंचने वाले मार्ग पर भी कुछ लोगों ने अपना नाम दर्ज करा लिया था। शुरुआत में वे रास्ते की भूमि देने को सहमत नहीं थे, लेकिन बाद में तीर्थ के लिए रास्ता देने पर राजी हो गए। इस रास्ते की भूमि का बैनामा सरकार के पक्ष में कराया जाएगा। तहसीलदार ने आगे बताया कि इसी व्यक्ति ने गांव को जाने वाले चकमार्ग, श्मशान भूमि और कब्रिस्तान की भूमि पर भी कब्जा कर रखा था, और आज ये सभी जमीनें भी खाली करा ली गई हैं।
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    जनपद संभल के सदर तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने स्कंद पुराण में वर्णित विलुप्त वाग्भारती तीर्थ स्थल, श्मशान भूमि, कब्रिस्तान और चकरोड की सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई बुलडोजर की मदद से की गई और बताया गया है कि लगभग 40 साल पहले इस भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। यह मामला हयातनगर थाना क्षेत्र के कमलपुर सराय गांव से संबंधित है।

राजस्व विभाग के अनुसार, कुल डेढ़ बीघा सरकारी भूमि पर कोटला, सरायतरीन निवासी बेबी तबस्सुम फात्मा का अवैध कब्जा पाया गया था। इसमें नाली (गाटा संख्या 815, रकवा 0.009 हेक्टेयर), तालाब (गाटा संख्या 813, रकवा 0.024), कब्रिस्तान (गाटा संख्या 816, रकवा 0.040) और चकमार्ग (गाटा संख्या 817, रकवा 0.017) की भूमि शामिल थी। महिला के बेटे अम्बर पर आरोप है कि उसने अवैध कब्जा करने के बाद इस सरकारी भूमि को गांव के लोगों को बटाई पर दे दिया था और इसे अपने खेत में मिला लिया था।

इस संबंध में जानकारी देते हुए तहसीलदार संभल धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्कंद पुराण में वर्णित वाग्भारती तीर्थ, जो गाटा संख्या 813 में तालाब के रूप में स्थित है, पर पिछले 40 वर्षों से स्थानीय लोगों का कब्जा था, जिसे अब हटा दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तीर्थ तक पहुंचने वाले मार्ग पर भी कुछ लोगों ने अपना नाम दर्ज करा लिया था। शुरुआत में वे रास्ते की भूमि देने को सहमत नहीं थे, लेकिन बाद में तीर्थ के लिए रास्ता देने पर राजी हो गए। इस रास्ते की भूमि का बैनामा सरकार के पक्ष में कराया जाएगा। तहसीलदार ने आगे बताया कि इसी व्यक्ति ने गांव को जाने वाले चकमार्ग, श्मशान भूमि और कब्रिस्तान की भूमि पर भी कब्जा कर रखा था, और आज ये सभी जमीनें भी खाली करा ली गई हैं।
    user_Nitin Sagar
    Nitin Sagar
    Court reporter चंदौसी, संभल, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • अमरोहा नगर पालिका परिषद की चेयरमैन श्रीमती शशि जैन ने ईद उल अजहा के शुभ अवसर पर अमरोहा के सभी निवासियों और समस्त देशवासियों को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस मौके पर सभी के उज्जवल भविष्य की कामना भी की। यह शुभकामना संदेश मशकूर अमरोही द्वारा जेपीएन 7 न्यूज़ के माध्यम से जारी किया गया।
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    अमरोहा नगर पालिका परिषद की चेयरमैन श्रीमती शशि जैन ने ईद उल अजहा के शुभ अवसर पर अमरोहा के सभी निवासियों और समस्त देशवासियों को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस मौके पर सभी के उज्जवल भविष्य की कामना भी की। यह शुभकामना संदेश मशकूर अमरोही द्वारा जेपीएन 7 न्यूज़ के माध्यम से जारी किया गया।
    user_Jpn7 News
    Jpn7 News
    अमरोहा, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    56 min ago
  • मुरादाबाद जिले के डिलारी थाने की पुलिस बकरा ईद को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के प्रति सक्रिय हो गई है। इसी क्रम में, डिलारी थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल ने मोटरसाइकिल और मोबाइल वैन के साथ क्षेत्र के संवेदनशील गांवों में फ्लैग मार्च किया। इस फ्लैग मार्च के दौरान काजीपुरा, ढकिया, तगाला, मानपुर, सलेम सराय सहित आसपास के कई गांवों को कवर किया गया। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और उन्हें किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी। थाना प्रभारी ने बताया कि बकरा ईद के पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द का माहौल बना रहे, इसके लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बल की भी तैनाती की जाएगी। इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना को बढ़ाना और त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाना सुनिश्चित करना था।
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    मुरादाबाद जिले के डिलारी थाने की पुलिस बकरा ईद को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के प्रति सक्रिय हो गई है। इसी क्रम में, डिलारी थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल ने मोटरसाइकिल और मोबाइल वैन के साथ क्षेत्र के संवेदनशील गांवों में फ्लैग मार्च किया।

इस फ्लैग मार्च के दौरान काजीपुरा, ढकिया, तगाला, मानपुर, सलेम सराय सहित आसपास के कई गांवों को कवर किया गया। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और उन्हें किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी।

थाना प्रभारी ने बताया कि बकरा ईद के पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द का माहौल बना रहे, इसके लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बल की भी तैनाती की जाएगी। इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना को बढ़ाना और त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाना सुनिश्चित करना था।
    user_JAI HIND MEDIA
    JAI HIND MEDIA
    Newspaper publisher Moradabad, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • Post by न्यूज़ 24 यूपी चैनल
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    Post by न्यूज़ 24 यूपी चैनल
    user_न्यूज़ 24 यूपी चैनल
    न्यूज़ 24 यूपी चैनल
    Court reporter मुरादाबाद, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • संभल में राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश संस्कृत विभाग और उड़ान एक नई पहल चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त नेतृत्व में छात्र-छात्राओं द्वारा एक शानदार कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ बीजेपी की पूर्व मंत्री मंजू दिलेर, भाजपा जिला उपाध्यक्ष दीपक यादव और नगर अध्यक्ष हर्षवर्धन सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्वलित कर और वंदे मातरम के साथ किया। यह कला प्रदर्शनी उड़ान एक नई पहल चैरिटेबल ट्रस्ट की ममता राजपूत की कड़ी मेहनत का परिणाम है, जिसके तहत बीस दिवसीय ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला का आयोजन वर्तमान में चल रहा है।
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    संभल में राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश संस्कृत विभाग और उड़ान एक नई पहल चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त नेतृत्व में छात्र-छात्राओं द्वारा एक शानदार कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ बीजेपी की पूर्व मंत्री मंजू दिलेर, भाजपा जिला उपाध्यक्ष दीपक यादव और नगर अध्यक्ष हर्षवर्धन सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्वलित कर और वंदे मातरम के साथ किया। यह कला प्रदर्शनी उड़ान एक नई पहल चैरिटेबल ट्रस्ट की ममता राजपूत की कड़ी मेहनत का परिणाम है, जिसके तहत बीस दिवसीय ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला का आयोजन वर्तमान में चल रहा है।
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    40 min ago
  • उत्तर प्रदेश के संभल जिले के जुनावई थाना क्षेत्र स्थित असदपुर गांव में घरेलू हिंसा का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव निवासी सुनीता देवी ने अपने पति रोहतास पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कहा गया है कि उसके पति ने उसे चारपाई से बांधकर बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की कोशिश भी की। घायल महिला ने पुलिस को तहरीर देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सुनीता देवी के अनुसार, उसका पति रोहतास आए दिन शराब के नशे में उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता है, क्योंकि वह नशे का आदी है और घर में लगातार विवाद पैदा करता रहता है। पीड़िता ने अपनी तहरीर में बताया कि 26 मई 2026 की रात करीब डेढ़ बजे जब वह घर में सो रही थी, तभी उसका पति रोहतास शराब के नशे में घर लौटा और उसे चारपाई से बांध दिया। इसके बाद, आरोपी ने ईंट और डंडे से उस पर हमला कर दिया, जिससे महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान हो गई। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी खून साफ करने के लिए गोबर लेने बाहर चला गया। इसी बीच, घायल सुनीता देवी किसी तरह जमीन पर खिसकते हुए पड़ोसी के घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस की मदद से सुनीता देवी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। पीड़िता ने बताया कि उसके तीन छोटे बच्चे हैं और आरोपी पति पहले भी कई बार जान से मारने की नीयत से उस पर हमला कर चुका है, लेकिन परिवार और बच्चों की वजह से वह अब तक सब कुछ सहती रही। महिला का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी गांव में बांका लेकर घूम रहा है, जिससे पूरा परिवार दहशत में है। फिलहाल, जुनावई थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी पति की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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    उत्तर प्रदेश के संभल जिले के जुनावई थाना क्षेत्र स्थित असदपुर गांव में घरेलू हिंसा का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव निवासी सुनीता देवी ने अपने पति रोहतास पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कहा गया है कि उसके पति ने उसे चारपाई से बांधकर बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की कोशिश भी की। घायल महिला ने पुलिस को तहरीर देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

सुनीता देवी के अनुसार, उसका पति रोहतास आए दिन शराब के नशे में उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता है, क्योंकि वह नशे का आदी है और घर में लगातार विवाद पैदा करता रहता है। पीड़िता ने अपनी तहरीर में बताया कि 26 मई 2026 की रात करीब डेढ़ बजे जब वह घर में सो रही थी, तभी उसका पति रोहतास शराब के नशे में घर लौटा और उसे चारपाई से बांध दिया। इसके बाद, आरोपी ने ईंट और डंडे से उस पर हमला कर दिया, जिससे महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान हो गई। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी खून साफ करने के लिए गोबर लेने बाहर चला गया। इसी बीच, घायल सुनीता देवी किसी तरह जमीन पर खिसकते हुए पड़ोसी के घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस की मदद से सुनीता देवी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। पीड़िता ने बताया कि उसके तीन छोटे बच्चे हैं और आरोपी पति पहले भी कई बार जान से मारने की नीयत से उस पर हमला कर चुका है, लेकिन परिवार और बच्चों की वजह से वह अब तक सब कुछ सहती रही। महिला का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी गांव में बांका लेकर घूम रहा है, जिससे पूरा परिवार दहशत में है। फिलहाल, जुनावई थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी पति की तलाश में दबिश दी जा रही है।
    user_Jeetpal Kumar
    Jeetpal Kumar
    Court reporter संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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