जनपद संभल के सदर तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने स्कंद पुराण में वर्णित विलुप्त वाग्भारती तीर्थ स्थल, श्मशान भूमि, कब्रिस्तान और चकरोड की सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई बुलडोजर की मदद से की गई और बताया गया है कि लगभग 40 साल पहले इस भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। यह मामला हयातनगर थाना क्षेत्र के कमलपुर सराय गांव से संबंधित है। राजस्व विभाग के अनुसार, कुल डेढ़ बीघा सरकारी भूमि पर कोटला, सरायतरीन निवासी बेबी तबस्सुम फात्मा का अवैध कब्जा पाया गया था। इसमें नाली (गाटा संख्या 815, रकवा 0.009 हेक्टेयर), तालाब (गाटा संख्या 813, रकवा 0.024), कब्रिस्तान (गाटा संख्या 816, रकवा 0.040) और चकमार्ग (गाटा संख्या 817, रकवा 0.017) की भूमि शामिल थी। महिला के बेटे अम्बर पर आरोप है कि उसने अवैध कब्जा करने के बाद इस सरकारी भूमि को गांव के लोगों को बटाई पर दे दिया था और इसे अपने खेत में मिला लिया था। इस संबंध में जानकारी देते हुए तहसीलदार संभल धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्कंद पुराण में वर्णित वाग्भारती तीर्थ, जो गाटा संख्या 813 में तालाब के रूप में स्थित है, पर पिछले 40 वर्षों से स्थानीय लोगों का कब्जा था, जिसे अब हटा दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तीर्थ तक पहुंचने वाले मार्ग पर भी कुछ लोगों ने अपना नाम दर्ज करा लिया था। शुरुआत में वे रास्ते की भूमि देने को सहमत नहीं थे, लेकिन बाद में तीर्थ के लिए रास्ता देने पर राजी हो गए। इस रास्ते की भूमि का बैनामा सरकार के पक्ष में कराया जाएगा। तहसीलदार ने आगे बताया कि इसी व्यक्ति ने गांव को जाने वाले चकमार्ग, श्मशान भूमि और कब्रिस्तान की भूमि पर भी कब्जा कर रखा था, और आज ये सभी जमीनें भी खाली करा ली गई हैं।
जनपद संभल के सदर तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने स्कंद पुराण में वर्णित विलुप्त वाग्भारती तीर्थ स्थल, श्मशान भूमि, कब्रिस्तान और चकरोड की सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई बुलडोजर की मदद से की गई और बताया गया है कि लगभग 40 साल पहले इस भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। यह मामला हयातनगर थाना क्षेत्र के कमलपुर सराय गांव से संबंधित है। राजस्व विभाग के अनुसार, कुल डेढ़
बीघा सरकारी भूमि पर कोटला, सरायतरीन निवासी बेबी तबस्सुम फात्मा का अवैध कब्जा पाया गया था। इसमें नाली (गाटा संख्या 815, रकवा 0.009 हेक्टेयर), तालाब (गाटा संख्या 813, रकवा 0.024), कब्रिस्तान (गाटा संख्या 816, रकवा 0.040) और चकमार्ग (गाटा संख्या 817, रकवा 0.017) की भूमि शामिल थी। महिला के बेटे अम्बर पर आरोप है कि उसने अवैध कब्जा करने के बाद इस सरकारी भूमि को गांव के लोगों को बटाई पर दे दिया था
और इसे अपने खेत में मिला लिया था। इस संबंध में जानकारी देते हुए तहसीलदार संभल धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्कंद पुराण में वर्णित वाग्भारती तीर्थ, जो गाटा संख्या 813 में तालाब के रूप में स्थित है, पर पिछले 40 वर्षों से स्थानीय लोगों का कब्जा था, जिसे अब हटा दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तीर्थ तक पहुंचने वाले मार्ग पर भी कुछ लोगों ने अपना नाम दर्ज करा
लिया था। शुरुआत में वे रास्ते की भूमि देने को सहमत नहीं थे, लेकिन बाद में तीर्थ के लिए रास्ता देने पर राजी हो गए। इस रास्ते की भूमि का बैनामा सरकार के पक्ष में कराया जाएगा। तहसीलदार ने आगे बताया कि इसी व्यक्ति ने गांव को जाने वाले चकमार्ग, श्मशान भूमि और कब्रिस्तान की भूमि पर भी कब्जा कर रखा था, और आज ये सभी जमीनें भी खाली करा ली गई हैं।
- जनपद संभल के सदर तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने स्कंद पुराण में वर्णित विलुप्त वाग्भारती तीर्थ स्थल, श्मशान भूमि, कब्रिस्तान और चकरोड की सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई बुलडोजर की मदद से की गई और बताया गया है कि लगभग 40 साल पहले इस भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। यह मामला हयातनगर थाना क्षेत्र के कमलपुर सराय गांव से संबंधित है। राजस्व विभाग के अनुसार, कुल डेढ़ बीघा सरकारी भूमि पर कोटला, सरायतरीन निवासी बेबी तबस्सुम फात्मा का अवैध कब्जा पाया गया था। इसमें नाली (गाटा संख्या 815, रकवा 0.009 हेक्टेयर), तालाब (गाटा संख्या 813, रकवा 0.024), कब्रिस्तान (गाटा संख्या 816, रकवा 0.040) और चकमार्ग (गाटा संख्या 817, रकवा 0.017) की भूमि शामिल थी। महिला के बेटे अम्बर पर आरोप है कि उसने अवैध कब्जा करने के बाद इस सरकारी भूमि को गांव के लोगों को बटाई पर दे दिया था और इसे अपने खेत में मिला लिया था। इस संबंध में जानकारी देते हुए तहसीलदार संभल धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्कंद पुराण में वर्णित वाग्भारती तीर्थ, जो गाटा संख्या 813 में तालाब के रूप में स्थित है, पर पिछले 40 वर्षों से स्थानीय लोगों का कब्जा था, जिसे अब हटा दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तीर्थ तक पहुंचने वाले मार्ग पर भी कुछ लोगों ने अपना नाम दर्ज करा लिया था। शुरुआत में वे रास्ते की भूमि देने को सहमत नहीं थे, लेकिन बाद में तीर्थ के लिए रास्ता देने पर राजी हो गए। इस रास्ते की भूमि का बैनामा सरकार के पक्ष में कराया जाएगा। तहसीलदार ने आगे बताया कि इसी व्यक्ति ने गांव को जाने वाले चकमार्ग, श्मशान भूमि और कब्रिस्तान की भूमि पर भी कब्जा कर रखा था, और आज ये सभी जमीनें भी खाली करा ली गई हैं।4
- बरेली जिले की बरेली तहसील के पंजाब शेरगढ़ में स्थित एक गौशाला में गायों के खाने की स्थिति ठीक नहीं है। भोजन की कमी के चलते गायों को खाने के लिए एक-एक दौड़ में तेजी से भागना पड़ता है।1
- संभल जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर तहसील गुन्नौर के ग्राम सैंजना और झुकैरा में उप जिलाधिकारी गुन्नौर और उनकी टीम ने तालाबों की लगभग 39 बीघा भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया। यह कार्रवाई जनपद में चकमार्गों और सरकारी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने के संबंध में 20 मई बुधवार को जिलाधिकारी द्वारा बुलाई गई गहन समीक्षा बैठक के बाद की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और खण्ड विकास अधिकारियों को 2 हेक्टेयर और उससे अधिक क्षेत्रफल वाले तालाबों का चिन्हीकरण कर सूची बनाने और उन्हें कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में, उप जिलाधिकारी गुन्नौर विकासचन्द्र के नेतृत्व में उनकी टीम ने गुन्नौर तहसील के अंतर्गत तालाबों का चिन्हीकरण करते हुए ग्राम सैंजना और ग्राम झुकैरा में संयुक्त रूप से अभियान चलाया। ग्राम सैंजना में राजस्व निरीक्षक जाहरी सिंह और नदीम अहमद के साथ लेखपाल राजवीर सिंह, सचिन मित्तल और सुधीर सिंह ने पुलिस बल के साथ गाटा संख्या 602, रकबा 0.240 हेक्टेयर तालाब भूमि पर से अस्थायी अवैध कब्जा हटाया। इसी प्रकार, ग्राम झुकैरा में राजस्व निरीक्षक बृजपाल सिंह और रनवीर सिंह के साथ लेखपाल दुर्गेश त्रिपाठी, अनुज दुबे, अखिलेश और विनीत कुमार ने पुलिस बल के सहयोग से गाटा संख्या 1 कमि., रकबा 2.290 हेक्टेयर की तालाब भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। उप जिलाधिकारी विकासचन्द्र ने बताया कि इस कार्यवाही में कुल लगभग 39 बीघा भूमि को मुक्त कराया गया। इसके अतिरिक्त, उप जिलाधिकारी गुन्नौर के निर्देशन में नायब तहसीलदार अनुज कुमार और उनकी टीम ने ग्राम चमरौवा (चमरपुरा) की गाटा संख्या 422 पर दर्ज चकमार्ग से जेसीबी के माध्यम से अवैध कब्जा हटवाया। इसी तरह, तहसील गुन्नौर के अंतर्गत ग्राम बमनपुरी में नायब तहसीलदार उदयवीर और उनकी टीम ने पुलिस बल के साथ गाटा संख्या 146/0.5000 हेक्टेयर, लगभग 8 बीघा ग्राम समाज की भूमि से भी अवैध कब्जा हटवाया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में तालाबों और चकमार्गों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, क्योंकि तालाबों का संरक्षण जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति' और महिला स्वावलंबन के दावों के विपरीत, बदायूँ के आसफपुर ब्लॉक में महिला केयरटेकरों के उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। ब्लॉक अधिकारियों पर कथित तानाशाही, रिश्वतखोरी, महिलाओं को कमरे में बंधक बनाकर जबरन हस्ताक्षर कराने और सामुदायिक शौचालय विवाद में फंसाने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद यह मामला अब जिला मुख्यालय पहुंच गया है। मंगलवार को प्रताड़ित महिला केयरटेकरों ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) से मुलाकात कर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। महिलाओं की गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए CDO ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने पीड़ित महिलाओं को ढांढस बंधाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे बिना किसी डर के अपनी-अपनी नौकरियों पर काम करें और यदि भविष्य में कोई परेशानी आती है, तो सीधे उनसे संपर्क करें। CDO ने यह भी आश्वासन दिया कि दो हफ्ते के अंदर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी। इस मुलाकात के दौरान, ग्राम बींधा नंगला की केयरटेकर पिंकी ने रोते हुए प्रशासन के सामने भ्रष्टाचार की पोल खोली। पिंकी ने बताया कि उसका ₹72,000 का मानदेय जबरन रोक दिया गया है। उसने CDO के सामने एक स्टांप पेपर पेश किया, जिस पर गांव के लगभग 50 से 100 नागरिकों ने लिखित रूप में प्रमाणित किया था कि वह ईमानदारी से काम कर रही है। पिंकी का आरोप है कि ग्रामीणों के इतने बड़े लिखित समर्थन के बावजूद, ब्लॉक अधिकारी कमीशनखोरी और निजी रंजिश के चलते स्वयं सहायता समूह (SHG) के साथ मिलकर उसे नौकरी से निकालने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित महिलाओं ने आसफपुर ब्लॉक के एडीओ आईएसबी (ADO ISB) और ब्लॉक मिशन मैनेजर (BM) अरुण पर मानदेय जारी करने के एवज में मोटी रिश्वत मांगने का सीधा और गंभीर आरोप लगाया है। यही नहीं, पिछले दिनों महिलाओं को धोखे से ब्लॉक मुख्यालय बुलाकर एक कमरे में बंधक बनाने और अज्ञात कागजातों पर जबरन दस्तखत कराने की घटना से पूरी तहसील में आक्रोश है, और अब ये दोनों अधिकारी सीधे तौर पर जांच के घेरे में हैं। एक ओर सूबे के मुखिया महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं, वहीं बदायूँ के आसफपुर ब्लॉक की यह घटना जमीनी हकीकत को बयां करती है। अब जबकि जिले की मुख्य विकास अधिकारी ने खुद इस मामले को संज्ञान में लेकर 14 दिनों के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई का समय दिया है, तो पीड़ित महिलाओं और ग्रामीणों की उम्मीदें एक बार फिर जाग गई हैं। अब देखना यह होगा कि जांच की आंच में भ्रष्ट अधिकारियों पर गाज गिरती है या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।3
- बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में देर रात एक सनसनीखेज फायरिंग की वारदात सामने आई है, जहाँ लश्करपुर ओईया गाँव निवासी मेसाद पुत्र इगलास को अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारीं। मेसाद नंदेरी गाँव की ओर से भट्ठे से वापस लौट रहा था, तभी उस पर यह हमला किया गया। हमले में मेसाद को दो गोलियां लगीं और उसके हाथ की कलाई की नस भी कट गई, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। गोली चलने की आवाज़ से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही इस्लामनगर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। घायल युवक को तुरंत उपचार के लिए सीएससी रूदायन में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। सूत्रों के अनुसार, परिवार वालों ने मेसाद की बहन के ससुराल पक्ष के बहनोई मुनाजिर पर गोली मारने का गंभीर आरोप लगाया है।1
- बदायूं पुलिस ने इस्लामनगर और सिठौली डकैती कांड का बड़ा खुलासा करते हुए पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, अन्य दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए ये बदमाश हापुड़ और संभल से संबंध रखते हैं। ये खेतों के रास्ते गांवों में घुसकर डकैती और चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस की घेराबंदी करने पर बदमाशों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की और तीन बदमाश घायल हो गए। पुलिस ने इन बदमाशों के कब्जे से लूटे गए जेवरात, नकदी, तमंचे और कारतूस भी बरामद किए हैं। इस सफल कार्रवाई पर बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने पुलिस टीम की सराहना की और नकद इनाम की घोषणा भी की है।1
- बदायूं पुलिस ने कप्तान एसएसपी अंकिता शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए अपने मशहूर 'ऑपरेशन लंगड़ा' के तहत एक 'हॉट एनकाउंटर' में हापुड़ और संभल से आए पांच खूंखार डकैतों को पकड़ लिया है। इस कार्रवाई में तीन डकैतों के पैरों में गोली लगी, जिसके चलते उन्हें सीधे अस्पताल के ऑर्थोपेडिक वार्ड पहुंचाया गया। पुलिस ने इन बदमाशों को बदायूं में खेतों के रास्ते डकैती डालने के लिए घुसते वक्त घेरा। जानकारी के अनुसार, बीती 19/20 मई की रात को इस्लामनगर और सिठौली में इन चोर-डकैतों ने हाथ साफ किया था। ये बदमाश हापुड़ और संभल की बजाय बदायूं के खेतों को अपना 'रैंप वॉक' ट्रैक बनाकर चुपके से गांवों में घुसकर डकैती डालना अपना 'परमानेंट बिजनेस मॉडल' बना चुके थे। मुखबिर की पक्की सूचना पर जब पुलिस ने इन डकैतों की घेराबंदी की, तो आत्मसमर्पण करने के बजाय उन्होंने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में बदायूं पुलिस की सटीक 'यॉर्कर' सीधे बदमाशों के पैरों के 'स्टंप्स' पर जाकर लगी। मुठभेड़ में मनोज और किशनपाल के पैरों में गोली लगने से वे 'बेड रेस्ट' और 'व्हीलचेयर' के लिए तैयार हो गए हैं, जबकि भूरे नामक बदमाश को पैर में गोली लगने के बाद प्लास्टर चढ़वाने की तैयारी है। उनके बाकी दो साथियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पुलिस ने इन बदमाशों के पास से लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात, भारी मात्रा में नगदी, और अवैध तमंचे व कारतूस भी बरामद किए हैं, जिनसे वे पुलिस को डराने की नाकाम कोशिश कर रहे थे। इस शानदार और सटीक कार्रवाई के बाद एसएसपी अंकिता शर्मा बेहद गदगद हैं और उन्होंने अपनी जांबाज टीम की पीठ थपथपाते हुए 25,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। बदायूं पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अगर कोई गलत इरादे से खेतों के रास्ते जिले में घुसेगा, तो पुलिस उसे सीधे अस्पताल के रास्ते जेल पहुंचाएगी। पुलिस ने अपराधियों को संदेश दिया है कि वे सुधर जाएं, वरना 'ऑपरेशन लंगड़ा' में उनका अगला नंबर भी आ सकता है।3
- जनपद संभल के सदर तहसील क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली एक याचिका पर सिविल जज सीनियर डिवीजन ने सुनवाई की। इस मामले में सुनवाई की अगली तिथि 21 जुलाई तय की गई है।4