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खोड़ चौकी के अंतर्गत ग्राम चंदावनी में धर्मेंद्र परिहार नामक युवक ने एक स्थानीय लड़की पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में युवती की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे पहले सिरसौद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत की गंभीरता को देखते हुए तत्काल शिवपुरी रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद, आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी धर्मेंद्र परिहार को हिरासत में ले लिया। फिलहाल, घटना के स्पष्ट कारण का खुलासा नहीं हो पाया है।
रितिक परमार
खोड़ चौकी के अंतर्गत ग्राम चंदावनी में धर्मेंद्र परिहार नामक युवक ने एक स्थानीय लड़की पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में युवती की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे पहले सिरसौद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत की गंभीरता को देखते हुए तत्काल शिवपुरी रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद, आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी धर्मेंद्र परिहार को हिरासत में ले लिया। फिलहाल, घटना के स्पष्ट कारण का खुलासा नहीं हो पाया है।
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- शिवपुरी जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर सेल टीम द्वारा एन.सी.सी. कैम्प में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ कैडेट्स को साइबर सुरक्षा के महत्व और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस सत्र के दौरान, साइबर सेल टीम ने उपस्थित कैडेट्स के साइबर सुरक्षा से संबंधित सभी प्रश्नों के उत्तर भी दिए, जिससे उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक ज्ञान प्राप्त हो सके।1
- ग्राम पंचायत सिरसौद, जिला शिवपुरी के तहत सिरसौद कुटीर योजना के सर्वेक्षण पूरे हो चुके हैं, लेकिन आरोप है कि कुटीर का आवंटन तभी किया जा रहा है जब पैसे दिए जाएँ। यह आरोप सीधे तौर पर सरपंच और सेक्रेटरी पर लगाया गया है, जिनके बारे में कहा गया है कि वे जनपद कार्यालय में अपना भ्रष्टाचार चला रहे हैं। इस भ्रष्टाचार के कारण गरीब व्यक्तियों को, जिनके पास कच्चे मकान हैं, कुटीर नहीं मिल पा रही है। अर्पित वर्मा कलेक्टर महोदय जी से अपील की गई है कि वे इस मामले का संज्ञान लें और तत्काल ऑन-साइट सर्वे कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।1
- शिवपुरी जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, पुलिस चौकी मगरौनी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 60,500 रुपये मूल्य की 11 पेटी देशी मदिरा प्लेन और 1 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की है। पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि मगरौनी के पंजाब परमार निवासी क्षेत्र में ख्यातदा रोड स्थित एक कमरे के बाहर बने टीन शेड में बड़ी मात्रा में अवैध शराब रखी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और टीन शेड से यह अवैध शराब बरामद की। पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती रागिनी डोंगरे भदौरिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नरवर निरीक्षक विनय यादव के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। बरामद की गई शराब में कुल 550 क्वार्टर देशी शराब और 50 क्वार्टर अंग्रेजी शराब शामिल थी, जिसकी कुल मात्रा 108 लीटर है। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विनय यादव, चौकी प्रभारी मगरौनी उपनिरीक्षक अभिमन्यु सिंह राजावत, प्रधान आरक्षक भूपेन्द्र गुर्जर, आरक्षक सतीश यादव, रविन्द्र भास्कर और राघवेन्द्र तोमर की विशेष भूमिका रही। मगरौनी पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नरवर के संदीपनी विद्यालय परिसर में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी (BJP) मंडल नरवर और नगर परिषद नरवर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जहाँ उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों और गणमान्य नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पौधरोपण किया। इस दौरान सभी से यह अपील की गई कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी सुनिश्चित करे। कार्यक्रम में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शगगन खटीक, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संदीप बिसानी माहेश्वरी, भाजपा मंडल नरवर के पदाधिकारी, नगर परिषद नरवर के प्रतिनिधि, विद्यालय परिवार, शिक्षकगण, नायब तहसीलदार महोदय, छात्र-छात्राएँ, विधायक प्रतिनिधि तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण के साधन नहीं हैं, बल्कि ये आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को प्रकृति और मातृत्व के सम्मान का एक प्रेरणादायक प्रयास बताया, जो जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि यह महान अभियान सफल हो।1
- देश में चल रही मौजूदा स्थिति को 'बेहद दुखदायी' बताते हुए, एक तीव्र आह्वान किया गया है कि इसे समाप्त करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। चेतावनी दी गई है कि यदि भ्रष्ट व्यवस्था (सिस्टम) और नेताओं की मनमानी के खिलाफ आवाज नहीं उठाई गई, तो देश 'बर्बाद' हो जाएगा। इस गंभीर स्थिति से निपटने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुखद व शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के लिए, लोगों से एकजुट होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करने की अपील की गई है। पोस्ट के लेखक ने इस लड़ाई में अपनी भागीदारी व्यक्त करते हुए दूसरों से भी साथ आने का आग्रह किया है, ताकि इस मनमानी को मिलकर खत्म किया जा सके और 'जय हिन्द' के आह्वान के साथ देश को बचाया जा सके।1
- ग्राम चंदावनी में एक नाबालिग युवती पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में ग्रामीणों ने न्याय की मांग करते हुए खोड़-सिरसौद रोड पर पाँच घंटे तक चक्का जाम रखा। नायब तहसीलदार शुभम गर्ग की समझाइश और प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार की मांगें मान लेने के बाद यह जाम खोला गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका और अमोला थाना प्रभारी ने सुरक्षा का मोर्चा संभाला। यह मामला भौती थाना की खोड़ चौकी के अंतर्गत ग्राम चंदावनी का है। जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र परिहार नाम के एक युवक ने स्थानीय नाबालिग बालिका साक्षी कोली पर धारदार हथियार से बेरहमी से हमला किया। आरोपी ने पहले साक्षी के साथ मारपीट की, फिर उसे रस्सी से बांधकर छत से लटकाया और नीचे फेंक दिया। सुबह 8 बजे हुई इस घटना में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित परिजन और ग्रामीण न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए और जाम लगा दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी धर्मेंद्र परिहार को हिरासत में ले लिया। इस दौरान नायब तहसीलदार शुभम गर्ग, अमोला थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की मगरौनी नगर परिषद एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र कंसाना ने परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि परिषद क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं, जबकि करोड़ों रुपये के बिल लगाए जा चुके हैं। इसके बावजूद जनता को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं, जिससे मगरौनी नगर परिषद में करोड़ों रुपये के घोटाले की आशंका जताई गई है। कंसाना के अनुसार, नगर परिषद मगरौनी के कुल 15 वार्डों में कई क्षेत्रों में नियमित रूप से कचरा वाहन नहीं पहुंच रहे हैं, जिसके कारण बस्तियों में जगह-जगह गंदगी और कचरे के ढेर लगे हुए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद द्वारा प्रतिदिन लगभग 50 लीटर डीजल की पर्ची बनाई जाती है, जिस पर प्रतिमाह करीब 1 लाख 80 हजार रुपये और सालाना लगभग 21 लाख 60 हजार रुपये खर्च दर्शाया जा रहा है। हालांकि, वास्तविकता यह है कि कचरा वाहन कई वार्डों में दिखाई तक नहीं देते, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि इतना बड़ा डीजल का खर्च किस कार्य में किया जा रहा है। विधायक प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि नगर परिषद में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और परिषद दलालों के माध्यम से संचालित हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि नगर परिषद में अब तक आठ बार सीएमओ बदले जा चुके हैं, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए हैं। सुरेंद्र कंसाना ने परिषद में हुई खरीदी और विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जिला प्रशासन और शासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नगर परिषद को जनता के हित में पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए, लेकिन वर्तमान में जनता को केवल परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- भारत सरकार द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर को संरक्षित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'ज्ञान भारतम् मिशन' के तहत मध्य प्रदेश के नरवर और मगरौनी में 550 प्राचीन पांडुलिपियों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण किया गया है। इस मिशन में हाथ से लिखी गई प्राचीन पुस्तक, ग्रंथ या दस्तावेज़ जैसे ताड़पत्र पर लिखे जैन ग्रंथ, भोजपत्र पर लिखे धार्मिक शास्त्र और कपड़े या कागज पर हाथ से लिखी प्राचीन पुस्तकों को डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश का पुरातत्व विभाग इस मिशन को पूरा करने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में भ्रमण कर प्राचीन दस्तावेजों को खोजने, सुरक्षित करने और आमजन को इस संबंध में जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत नरवर और मगरौनी स्थित जैन मंदिरों में प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण का कार्य पूरा किया गया, जिसमें कुल 550 दुर्लभ पांडुलिपियों को डिजिटल स्वरूप में अपलोड कर संरक्षित किया गया। नरवर के बड़े जैन मंदिर में विमल जैन और अतुल जैन के सहयोग से 250 पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण कर उन्हें ऑनलाइन अपलोड किया गया। वहीं, मगरौनी स्थित दिगंबर पार्श्वनाथ लोहिया जैन मंदिर में राजेंद्र जैन के सहयोग से 200 पांडुलिपियों और हवेली जैन मंदिर में 100 पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया गया। संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय भोपाल और ग्वालियर कार्यालय से आए नूर इश्तियाक (ग्वालियर), डॉ. नवनीत जैन और डॉ. वसीम खान ने इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. नवनीत जैन ने बताया कि पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण से प्राचीन जैन साहित्य, दर्शन, इतिहास एवं संस्कृति से जुड़ी अमूल्य जानकारियां सुरक्षित रहेंगी और देश-विदेश के शोधकर्ताओं को इन ग्रंथों तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी। ज्ञान भारतम् मिशन के इस प्रयास को क्षेत्र के जैन समाज और इतिहास प्रेमियों द्वारा सराहा जा रहा है। इस पहल को आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान और संस्कृति की धरोहर को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- शिवपुरी जिले में आशा, ऊषा और आशा सुपरवाइजर कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की अपील की है। कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से जनवरी से मई 2026 तक के लंबित भुगतानों को तुरंत जारी करने की मांग की है, साथ ही भविष्य में समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछले कई महीनों से उन्हें निर्धारित मानदेय और प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में कुल 6 प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें लंबित मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान, एरियर भुगतान, अतिरिक्त वेतन वृद्धि, सेवा संबंधी सुविधाएं प्रदान करना और आशा कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु को 65 वर्ष तक बढ़ाना शामिल है। संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू करेंगी। इस आंदोलन के तहत पहले विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और फिर "कलम बंद, काम बंद" हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, फिर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, और उन्होंने सरकार से अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।1