हमीरपुर :शिक्षक से मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा हमीरपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र में शिक्षक के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो करीब एक माह पुराना बताया जा रहा है, जिसमें कुछ युवक शिक्षक को घेरकर लात-घूंसों और बेल्ट से मारपीट करते नजर आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान ज्ञानवली शिवहरे पुत्र स्व. रामाधार शिवहरे, निवासी मनकहरी, थाना जरिया के रूप में हुई है। ज्ञानवली शिवहरे की तहरीर पर 9 अगस्त 2026 को जलालपुर थाने में योगेंद्र सिंह उर्फ छोटू, अरुण कुमार और शिवेंद्र कुमार समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक विवेचना के दौरान धाराओं में बढ़ोतरी की गई तथा कुछ धाराएं हटाई गईं। मामले में आरोपियों योगेंद्र सिंह उर्फ छोटू और शिवेंद्र कुमार के खिलाफ आरोप पत्र 19 सितंबर को न्यायालय भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि 22 सितंबर को सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के संबंध में भी जांच की जा रही है। पीड़ित ने वीडियो और घटना को इसी प्रकरण से संबंधित बताया है। पुलिस के मुताबिक विवेचना के दौरान संबंधित विवेचक को यह वीडियो उपलब्ध अथवा साझा नहीं किया गया था। वर्तमान में वायरल वीडियो की गहनता से जांच कर तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
हमीरपुर :शिक्षक से मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा हमीरपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र में शिक्षक के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो करीब एक माह पुराना बताया जा रहा है, जिसमें कुछ युवक शिक्षक को घेरकर लात-घूंसों और बेल्ट से मारपीट करते नजर आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान ज्ञानवली शिवहरे पुत्र स्व. रामाधार शिवहरे, निवासी मनकहरी, थाना जरिया के रूप में हुई है। ज्ञानवली शिवहरे की तहरीर पर 9 अगस्त 2026 को जलालपुर थाने में योगेंद्र सिंह उर्फ छोटू, अरुण कुमार और शिवेंद्र कुमार समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक विवेचना के दौरान धाराओं में बढ़ोतरी की गई तथा कुछ धाराएं हटाई गईं। मामले में आरोपियों योगेंद्र सिंह उर्फ छोटू और शिवेंद्र कुमार के खिलाफ आरोप पत्र 19 सितंबर को न्यायालय भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि 22 सितंबर को सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के संबंध में भी जांच की जा रही है। पीड़ित ने वीडियो और घटना को इसी प्रकरण से संबंधित बताया है। पुलिस के मुताबिक विवेचना के दौरान संबंधित विवेचक को यह वीडियो उपलब्ध अथवा साझा नहीं किया गया था। वर्तमान में वायरल वीडियो की गहनता से जांच कर तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- हमीरपुर :छह सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील परिसर में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, सामाजिक न्याय, जातीय जनगणना और निजी क्षेत्र में आरक्षण की उठी मांग मौदहा हमीरपुर । सामाजिक न्याय एवं वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों को लेकर मंगलवार को तहसील परिसर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं संविधानवादी साथियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर वंचित, पिछड़े, अति-पिछड़े, दलित एवं आदिवासी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक उत्थान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपते हुए संदीप वाल्मीकि ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समानता, सामाजिक न्याय और सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार देता है। इसके बावजूद वंचित समाज के लोगों को शिक्षा, रोजगार, प्रतिनिधित्व और अन्य क्षेत्रों में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकारों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार को ठोस और समयबद्ध कदम उठाने की जरूरत है। प्रदर्शनकारियों ने UGC नियम 2026 को प्रभावी रूप से लागू करने, मंडल कमीशन की शेष 38 सिफारिशों को लागू करने और निजी क्षेत्र में आरक्षण की व्यवस्था किए जाने की मांग उठाई। इसके साथ ही OBC के पृथक कॉलम के साथ जातीय जनगणना कराने, EWS आरक्षण की समीक्षा कर उसे समाप्त करने तथा दलितों, आदिवासियों एवं अन्य वंचित वर्गों के साथ भेदभाव और अत्याचार की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई। संदीप वाल्मीकि ने कहा कि सामाजिक न्याय का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी शिक्षा, रोजगार, प्रतिनिधित्व और सम्मान के समान अवसर मिलेंगे। उन्होंने राष्ट्रपति से ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकारों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किए जाने का अनुरोध किया। प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में सैकड़ों की संख्या में युवा, महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की।1
- मौदहा नगर में ऐतिहासिक कंस मेला क्षेत्र का पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण 📍 एसपी मृगांक शेखर पाठक ने गुड़ाही बाजार से मीरा तालाब तक लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा। 📍 तालाब के आसपास सतर्कता और नावों की व्यवस्था के दिए निर्देश। 📍 एसडीएम, सीओ, ईओ, कोतवाली प्रभारी समेत पुलिस बल रहा मौजूद।1
- “UGC रोल बैक करो, वरना जनता करेगी सत्ता का रोल बैक”नरैनी से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया “UGC रोल बैक करो, वरना जनता करेगी सत्ता का रोल बैक” नरैनी से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन, समान अवसर और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग UGC नियमों की समीक्षा, SC/ST अधिनियम में निर्दोषों की सुरक्षा, आर्थिक आधार को महत्व और ‘समान अवसर आयोग’ के गठन समेत छह प्रमुख मांगें नरैनी। UGC के नियमों, आरक्षण व्यवस्था, समान अवसर तथा सामान्य वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर नागरिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सोमवार को नरैनी तहसील में राष्ट्रपति महोदय के नाम उपजिलाधिकारी नरैनी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में UGC के वर्तमान प्रावधानों की समीक्षा, SC/ST अधिनियम से संबंधित शिकायतों में निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा, आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक परिस्थितियों को महत्व देने तथा ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ के गठन सहित छह प्रमुख मांगें उठाई गईं। ज्ञापन में कहा गया कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के संरक्षण के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकार, विधिक सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित किए जाना भी आवश्यक है। UGC नियमों पर पुनर्विचार की मांग ज्ञापन में UGC के उच्च शिक्षा से संबंधित वर्तमान नियमों की व्यापक समीक्षा की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे किसी भी प्रावधान पर पुनर्विचार होना चाहिए जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों या उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है अथवा विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका हो। वक्ताओं ने विवादित प्रावधानों को वापस लेने अथवा आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग की। SC/ST अधिनियम में निर्दोषों की सुरक्षा पर जोर ज्ञापन में SC/ST अधिनियम को लेकर कहा गया कि कानून का उद्देश्य वास्तविक पीड़ितों को संरक्षण प्रदान करना है, लेकिन झूठी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायतों की स्थिति में निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रतिनिधियों ने मांग की कि वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने के साथ-साथ झूठी शिकायत प्रमाणित होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की प्रभावी व्यवस्था हो। आरक्षण में आर्थिक आधार को महत्व देने की मांग ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था में सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ आय, संपत्ति, आर्थिक स्थिति, शैक्षणिक परिस्थिति और वास्तविक आवश्यकता जैसे प्रमाणित मानकों को भी उचित महत्व दिए जाने की मांग की गई। साथ ही आरक्षण का लाभ प्राप्त कर चुके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का समय-समय पर तथ्यात्मक आकलन किए जाने की मांग रखी गई, ताकि सरकारी योजनाओं और अवसरों का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ की मांग सामान्य वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर नागरिकों की शिक्षा, फीस, छात्रवृत्ति, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ‘सवर्ण आयोग’ अथवा ‘समान अवसर आयोग’ के गठन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि आयोग के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक संस्थागत व्यवस्था विकसित की जा सकती है। रोहित पाठक बोले—“सरकार UGC रोल बैक नहीं करती तो हम सरकार को रोल बैक करेंगे” ज्ञापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोहित पाठक ने कहा, “यदि सरकार UGC के इन नियमों को रोल बैक नहीं करती है, तो हम सरकार को रोल बैक करेंगे। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या वर्ग की नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। सरकार को जनता की आवाज सुननी होगी।” उमेश तिवारी—“हमारी लड़ाई किसी वर्ग के खिलाफ नहीं, समान अवसर के लिए है” वहीं उमेश तिवारी ने कहा, “हमारी मांग किसी के अधिकार छीनने की नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण और समान अवसर सुनिश्चित करने की है। यदि किसी व्यवस्था से विद्यार्थियों के भविष्य, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों पर प्रश्न खड़े होते हैं, तो उस व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए। हम अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से मजबूती के साथ उठाते रहेंगे।” उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की भावना को बनाए रखते हुए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें वास्तविक जरूरत, आर्थिक स्थिति, पात्रता और प्रमाणित तथ्यों को भी महत्व मिले। सैकड़ों लोग रहे मौजूद ज्ञापन कार्यक्रम में उमेश तिवारी, सोनू करवरिया, प्रदीप करवरिया, आदित्य प्रताप सिंह, आनंद पांडेय, रोहित पाठक, जीतू त्रिपाठी, कामता प्रसाद मिश्रा, जागेश्वर प्रसाद पांडेय, पप्पू करवरिया समेत कई सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। सवर्ण समाज का कहना है कि सभी मांगें लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति महोदय और सरकार के समक्ष रखी गई हैं तथा संबंधित विषयों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाने की अपेक्षा है।1
- पांच लाख दहेज न मिलने पर बहू को पीटा ससुर ने घर से निकाला, पति ने दी जान से मारने की धमकी हमीरपुर। बिवांर थाना क्षेत्र के न्यूरिया गांव में अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को पीटकर घर से निकालने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि पति लोकेन्द्र यादव और ससुर उमा शंकर यादव शादी में मिले दहेज से संतुष्ट नहीं थे और मायके से पांच लाख रुपये अतिरिक्त लाने का दबाव बना रहे थे। पीड़िता के मुताबिक मांग पूरी न कर पाने पर ससुर ने लाठी-डंडों से उसकी पिटाई कर दी। आरोप है कि पति ने जान से मारने की धमकी दी और दोनों ने उसका स्त्रीधन व जेवर भी ले लिए। इसके बाद उसे घर से निकाल दिया गया। मायके पहुंचकर पीड़िता ने परिजनों को घटना की जानकारी दी और उनके साथ बिवांर थाने पहुंचकर शिकायत की। थाना प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर पति और ससुर के खिलाफ बीएनएस व दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- 18 साल की सेवा, फिर भी संविदा का इंतजार; एनएचएम कर्मियों ने दी आंदोलन की चेतावनी बांदा। 18 वर्षों से संविदा पर सेवाएं दे रहे एनएचएम कर्मचारियों ने नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कर्मचारियों का तर्क है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान के बावजूद उनके भविष्य की स्थिरता अब भी अनिश्चित है। संघ ने कैशलेस इलाज, डीए, पीएफ और स्थानांतरण नीति की बहाली समेत आठ मांगें रखीं। जिला अध्यक्ष डॉ. मिलेन्द्र सिंह ने कहा कि 3 अक्टूबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो 5 अक्टूबर से काली पट्टी बांधकर काम और 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इस दौरान मोहम्मद सरीफ, पंकज, गौरव द्विवेदी, रश्मि अवस्थी, अंजू, सरिता, सचिन, नवल अवस्थी समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।1
- ड्यूटी पर जा रहे वन विभाग के बाबू की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत *बाँदा:* बाँदा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में वन विभाग में तैनात बाबू की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान *अब्दुल शाहिद (उम्र 40 वर्ष), पुत्र अब्दुल वारिस* के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अब्दुल शाहिद अपनी स्कूटी से बाँदा वन विभाग में अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चौकी के पास दो ट्रक एक-दूसरे को ओवरटेक कर रहे थे, इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से स्कूटी सवार शाहिद ट्रक की चपेट में आ गए और ट्रक के नीचे कुचल गए। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मृतक के चचेरे भाई *अब्दुल मजीद* ने दी। उन्होंने बताया कि शाहिद बाँदा वन विभाग में क्लर्क (बाबू) के पद पर कार्यरत थे। वह शादीशुदा थे और उनका एक बच्चा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।4
- नौगवा गद्दी को ब्राह्मणों से मुक्त कराने के लिए शांति पूर्वक महापंचायत सफल हुई बांदा पुलिस प्रशासन अधिकारियों के बस की बात नहीं रही कबीरपंथियो को न्याय दिलाना महापंचायत रखी गई सोए हुए भ्रष्ट अधिकारियों को जगाने के लिए4
- हमीरपुर :बहू पर चार परिजनों को नींद की गोलियां खिलाने का आरोप, हालत बिगड़ी, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला, सीएचसी से चारों को जिला अस्पताल किया गया रेफर हमीरपुर। ललपुरा थाना क्षेत्र के बजेहटा गांव में एक बहू पर परिवार के चार लोगों को खाने में नींद की गोलियां मिलाकर खिलाने का आरोप लगा है। गोली खाने के बाद चारों की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें सीएचसी छानी पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना से जुड़ा मामला सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि बीती रात परिवार के लोग खाना खा रहे थे। इसी दौरान कथित तौर पर खाने में नींद की गोलियां मिला दी गईं। खाना खाने के बाद रामदेवी (35), नेहा (15), सुनीता (35) और खुशी (22) की तबीयत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में सभी को सीएचसी छानी ले जाया गया। सीएचसी में डॉक्टर अमित कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद चारों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, सुबह घटना की जानकारी सामने आने के बाद आरोपित बहू द्वारा भी कथित तौर पर नींद की गोलियां खा लेने की बात सामने आई है। फिलहाल चारों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना को लेकर पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहां डॉक्टर अमित कुमार ने प्राथमिक इलाज के बाद सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल, चारों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।हमीरपुर पुलिस ने मीडिया शेल क़े माध्यम से बताया कि थाना ललपुरा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम बजेहटा में चार व्यक्तियों द्वारा जहरीला पदार्थ खाने की सूचना प्राप्त हुई थी। इस संबंध में मीडिया/सोशल मीडिया पर बहू द्वारा खाने में जहरीला पदार्थ मिलाए जाने के आरोप संबंधी खबर प्रसारित हुई है। सूचना पर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर सभी को उपचार हेतु सीएचसी छानी भेजा गया, जहां से बेहतर उपचार हेतु जिला अस्पताल हमीरपुर रेफर किया गया है। चिकित्सक के अनुसार सभी की स्थिति सामान्य है तथा सभी खतरे से बाहर हैं। उक्त आरोपों के संबंध में पुलिस द्वारा आवश्यक जानकारी की जा रही है। जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। मौके पर शांति एवं कानून-व्यवस्था सामान्य है।1