धार जिले के धामनोद में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और नगर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। ज्ञापन के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज की घटना की न्यायिक जांच कराने और छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की मांग उठाई है। साथ ही इस घटना से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धार जिले के धामनोद में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और नगर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। ज्ञापन के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज की घटना की न्यायिक जांच कराने और छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की मांग उठाई है। साथ ही इस घटना से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- Jagannath yadav ( Riporter)धरमपुरी, धार, मध्य प्रदेश🤝3 hrs ago
- धार जिले के धामनोद में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और नगर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। ज्ञापन के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज की घटना की न्यायिक जांच कराने और छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की मांग उठाई है। साथ ही इस घटना से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- जंतर मंतर पर हुए पेपर लीक विरोध प्रदर्शन की असल सच्चाई क्या है, इसे लेकर सवाल उठाए गए हैं। साझा किए गए वीडियो को देखकर लोगों से यह देखने, समझने और बताने को कहा गया है कि इसमें दिख रहा माजरा सच है या झूठ।1
- बड़वानी के राजपुर में एक बाइक के इंजन में सांप के घुस जाने से अचानक हड़कंप मच गया। सांप की मौजूदगी की वजह से मौके पर अफरा-तफरी फैल गई और इस दौरान करीब 2 घंटे तक लगातार ड्रामा चलता रहा।1
- विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मांडू में देश-विदेश से पहुंचे हजारों पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बारिश के मौसम में चारों तरफ फैली हरियाली, शुरू हुए झरने और कोहरे की चादर से ढकी वादियों ने सैलानियों का मन मोह लिया है। मांडू पहुंचे पर्यटकों ने इसे 'मिनी कश्मीर' और 'जन्नत' बताते हुए कहा कि बारिश के दिनों में यह जगह अपने अमर प्रेम की गाथा सुनाती बेहद सुंदर लगती है। पर्यटकों ने गाइडों के माध्यम से मांडू की संस्कृति, सभ्यता, इतिहास और वास्तुकला के बारे में जानकारी प्राप्त की। रानी रूपमती महल, बाज बहादुर का महल, दो तालाबों के बीच बना जहाज महल और अशरफी महल में पर्यटकों की भारी मौजूदगी देखी जा रही है। इसके साथ ही भारत की पहली संगमरमर इमारत माने जाने वाले होशंग शाह के मकबरे को देखने भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, जिसे देखकर ताजमहल के निर्माण की प्रेरणा मिली थी। मांडू की वादियों का आनंद लेने पहुंचे सैलानियों के वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगने से जगह-जगह जाम की स्थिति भी बन गई। मांडू में ट्रैफिक पुलिस की कमी के बावजूद थाना प्रभारी इंदल सिंह रावत और स्थानीय थाना पुलिस ने पूरी व्यवस्था को संभाला। पर्यटकों की सुरक्षा और किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।2
- बड़वानी में जंतर मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को खरगोन-बड़वानी लोकसभा क्षेत्र में प्रदर्शन तेज हो गया। सेंधवा और बड़वानी से आए छात्रों ने बड़वानी जिला मुख्यालय स्थित सांसद गजेंद्र सिंह पटेल के आवास के बाहर धरना दिया। हल्की बारिश के बावजूद छात्र घंटों तक डटे रहे। यह प्रदर्शन शुरुआत में केवल दो छात्रों से शुरू हुआ था, जिसके बाद सूचना मिलने पर शहर कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन मौके पर पहुंचे, लेकिन कम संख्या देखकर लौट गए। बाद में सोशल मीडिया और छात्रों के आपसी संपर्क से खबर फैलने पर प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़कर 12 से अधिक हो गई। हाथों में तख्तियां और संविधान की किताब लेकर छात्रों ने केंद्र सरकार और क्षेत्रीय सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने का नेतृत्व कर रहे सेंधवा के छात्र अमरदीप चौहान ने कहा कि जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों पर बल प्रयोग निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज सुनने के बजाय लाठियां बरसाना किसी लोकतांत्रिक सरकार को शोभा नहीं देता। चौहान ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के आदिवासी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल इस पूरे मामले पर अब तक चुप हैं। छात्रों ने सवाल उठाया कि जब देशभर के छात्र सड़कों पर हैं तो उनके प्रतिनिधि संसद में खामोश क्यों हैं। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। छात्रों ने शिक्षा से जुड़े मामलों में सरकार से गंभीरता दिखाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है। इस धरने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है और बुधवार दोपहर तक सांसद आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।1
- इंदौर के महू में कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा शहर में अतिक्रमण हटाओ मुहिम शुरू की गई है। इस कार्रवाई के तहत व्यापार होटल क्षेत्र में दुकानदारों का सामान हटाया गया है। इसी अभियान के अंतर्गत सोमवार को चना गोदाम क्षेत्र से 10 मकान तोड़े गए थे। महू कैंट बोर्ड द्वारा लगातार अतिक्रमण हटाने और दुकानदारों का सामान हटाने की कार्रवाई की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के धार में चोरों द्वारा बुरी तरह मारपीट कर पत्नी का मंगलसूत्र लूटने का मामला सामने आया है। इस घटना को घटे 25 दिन का समय बीत चुका है, लेकिन पीड़ित को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। वारदात के 25 दिन गुजर जाने के बावजूद मामले में न्याय न मिलने से सवाल खड़े हो रहे हैं और पीड़ित न्याय मिलने का इंतजार कर रहा है।3