विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मांडू में देश-विदेश से पहुंचे हजारों पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बारिश के मौसम में चारों तरफ फैली हरियाली, शुरू हुए झरने और कोहरे की चादर से ढकी वादियों ने सैलानियों का मन मोह लिया है। मांडू पहुंचे पर्यटकों ने इसे 'मिनी कश्मीर' और 'जन्नत' बताते हुए कहा कि बारिश के दिनों में यह जगह अपने अमर प्रेम की गाथा सुनाती बेहद सुंदर लगती है। पर्यटकों ने गाइडों के माध्यम से मांडू की संस्कृति, सभ्यता, इतिहास और वास्तुकला के बारे में जानकारी प्राप्त की। रानी रूपमती महल, बाज बहादुर का महल, दो तालाबों के बीच बना जहाज महल और अशरफी महल में पर्यटकों की भारी मौजूदगी देखी जा रही है। इसके साथ ही भारत की पहली संगमरमर इमारत माने जाने वाले होशंग शाह के मकबरे को देखने भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, जिसे देखकर ताजमहल के निर्माण की प्रेरणा मिली थी। मांडू की वादियों का आनंद लेने पहुंचे सैलानियों के वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगने से जगह-जगह जाम की स्थिति भी बन गई। मांडू में ट्रैफिक पुलिस की कमी के बावजूद थाना प्रभारी इंदल सिंह रावत और स्थानीय थाना पुलिस ने पूरी व्यवस्था को संभाला। पर्यटकों की सुरक्षा और किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मांडू में देश-विदेश से पहुंचे हजारों पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बारिश के मौसम में चारों तरफ फैली हरियाली, शुरू हुए झरने और कोहरे की चादर से ढकी वादियों ने सैलानियों का मन मोह लिया है। मांडू पहुंचे पर्यटकों ने इसे 'मिनी कश्मीर' और 'जन्नत' बताते हुए कहा कि बारिश के दिनों में यह जगह अपने अमर प्रेम की गाथा सुनाती बेहद सुंदर लगती है। पर्यटकों ने गाइडों के माध्यम से मांडू की संस्कृति, सभ्यता, इतिहास और वास्तुकला के बारे में जानकारी प्राप्त की। रानी रूपमती महल, बाज बहादुर का महल, दो तालाबों के बीच बना जहाज महल और अशरफी महल
में पर्यटकों की भारी मौजूदगी देखी जा रही है। इसके साथ ही भारत की पहली संगमरमर इमारत माने जाने वाले होशंग शाह के मकबरे को देखने भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, जिसे देखकर ताजमहल के निर्माण की प्रेरणा मिली थी। मांडू की वादियों का आनंद लेने पहुंचे सैलानियों के वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगने से जगह-जगह जाम की स्थिति भी बन गई। मांडू में ट्रैफिक पुलिस की कमी के बावजूद थाना प्रभारी इंदल सिंह रावत और स्थानीय थाना पुलिस ने पूरी व्यवस्था को संभाला। पर्यटकों की सुरक्षा और किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
- विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मांडू में देश-विदेश से पहुंचे हजारों पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बारिश के मौसम में चारों तरफ फैली हरियाली, शुरू हुए झरने और कोहरे की चादर से ढकी वादियों ने सैलानियों का मन मोह लिया है। मांडू पहुंचे पर्यटकों ने इसे 'मिनी कश्मीर' और 'जन्नत' बताते हुए कहा कि बारिश के दिनों में यह जगह अपने अमर प्रेम की गाथा सुनाती बेहद सुंदर लगती है। पर्यटकों ने गाइडों के माध्यम से मांडू की संस्कृति, सभ्यता, इतिहास और वास्तुकला के बारे में जानकारी प्राप्त की। रानी रूपमती महल, बाज बहादुर का महल, दो तालाबों के बीच बना जहाज महल और अशरफी महल में पर्यटकों की भारी मौजूदगी देखी जा रही है। इसके साथ ही भारत की पहली संगमरमर इमारत माने जाने वाले होशंग शाह के मकबरे को देखने भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, जिसे देखकर ताजमहल के निर्माण की प्रेरणा मिली थी। मांडू की वादियों का आनंद लेने पहुंचे सैलानियों के वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगने से जगह-जगह जाम की स्थिति भी बन गई। मांडू में ट्रैफिक पुलिस की कमी के बावजूद थाना प्रभारी इंदल सिंह रावत और स्थानीय थाना पुलिस ने पूरी व्यवस्था को संभाला। पर्यटकों की सुरक्षा और किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।2
- बेटमा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया। इंदौर दुग्ध संघ के पूर्व अध्यक्ष श्री मोती सिंह पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर प्रतिमा पर एकत्र होकर इस घटना के खिलाफ अपना विरोध जताया।1
- इंदौर के महू में कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा शहर में अतिक्रमण हटाओ मुहिम शुरू की गई है। इस कार्रवाई के तहत व्यापार होटल क्षेत्र में दुकानदारों का सामान हटाया गया है। इसी अभियान के अंतर्गत सोमवार को चना गोदाम क्षेत्र से 10 मकान तोड़े गए थे। महू कैंट बोर्ड द्वारा लगातार अतिक्रमण हटाने और दुकानदारों का सामान हटाने की कार्रवाई की जा रही है।1
- धार जिले के धामनोद में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और नगर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। ज्ञापन के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज की घटना की न्यायिक जांच कराने और छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की मांग उठाई है। साथ ही इस घटना से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन और NEET पेपर लीक के खिलाफ आयोजित विशाल विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर लौटे जयस (JAYS) के पदाधिकारियों का महू पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। दिल्ली में युवाओं और आमजन के हक की आवाज बुलंद करने के बाद जयस प्रदेश अध्यक्ष भीम सिंह गिरवाल, महेश्वर जयस अध्यक्ष जितेंद्र बारिया, महू जयस अध्यक्ष शेर सिंह परमार और सामाजिक कार्यकर्ता महेश भाभर अपने साथियों के साथ महू पहुंचे। महू आगमन पर जयस के स्थानीय कार्यकर्ता समंदर परमार, अजय सिंगारे, शिवा वसुनिया और अन्य कार्यकर्ताओं ने सभी पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर जयस नेताओं ने संकल्प दोहराते हुए कहा कि संगठन सदैव आम जनता के बुनियादी अधिकारों—शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार—के लिए अग्रिम पंक्ति में रहकर संघर्ष करता रहेगा और युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- इंदौर के होलकर विज्ञान महाविद्यालय में कथित फीस घोटाले को लेकर करणी सेना ने प्रदर्शन किया है। महाविद्यालय में सामने आए इस कथित फीस घोटाले के विरोध में करणी सेना की ओर से यह प्रदर्शन किया गया है।1
- सरकारी स्कूलों की हालत बेहद खराब बनी हुई है और 65 सरकारी स्कूल बदहाली का शिकार हैं। व्यवस्था का आलम यह है कि कहीं स्कूल में 2 शिक्षक मौजूद हैं, लेकिन पढ़ने के लिए एक भी छात्र नहीं है। वहीं दूसरी तरफ, महज 5 छात्रों पर चार-चार टीचर तैनात किए गए हैं। सरकारी व्यवस्था में इसी अव्यवस्था के चलते निजी विद्यालय लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। नए निजी विद्यालयों का खुलना एक तरह से सरकारी स्कूलों पर ताले लगने का कारण बन रहा है। साफ है कि जब तक प्रशासन सख्त नहीं होगा, तब तक शिक्षा के स्तर में सुधार नहीं आ सकता।1
- मध्य प्रदेश के धार में चोरों द्वारा बुरी तरह मारपीट कर पत्नी का मंगलसूत्र लूटने का मामला सामने आया है। इस घटना को घटे 25 दिन का समय बीत चुका है, लेकिन पीड़ित को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। वारदात के 25 दिन गुजर जाने के बावजूद मामले में न्याय न मिलने से सवाल खड़े हो रहे हैं और पीड़ित न्याय मिलने का इंतजार कर रहा है।3