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सवारी से भरी बस अनियंत्रित होकर पहुंची खाई में, बाल बाल बचे लोग *अम्बेडकरनगर* अंबेडकर नगर अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र नेवतरिया बाईपास कि घटना! अकबरपुर कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर मौजूद, पुलिस ने बस में बैठे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला, सभी यात्री सुरक्षित,, *ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह*✍️
India news 37 ( वैभव सिंह ब्यूरो चीफ) अंबेडकर नगर
सवारी से भरी बस अनियंत्रित होकर पहुंची खाई में, बाल बाल बचे लोग *अम्बेडकरनगर* अंबेडकर नगर अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र नेवतरिया बाईपास कि घटना! अकबरपुर कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर मौजूद, पुलिस ने बस में बैठे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला, सभी यात्री सुरक्षित,, *ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह*✍️
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- सवारी से भरी बस अनियंत्रित होकर पहुंची खाई में, बाल बाल बचे लोग *अम्बेडकरनगर* अंबेडकर नगर अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र नेवतरिया बाईपास कि घटना! अकबरपुर कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर मौजूद, पुलिस ने बस में बैठे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला, सभी यात्री सुरक्षित,, *ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह*✍️2
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | अम्बेडकरनगर ➡️ अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में बड़ा सड़क हादसा। ➡️ नेवतारिया बाईपास के आगे तेज रफ्तार बस हादसे का शिकार। ➡️ आजमगढ़ से दिल्ली जा रही थी बस। ➡️ हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। ➡️ मौके पर राहत-बचाव और जांच की कार्रवाई जारी। ➡️ हादसे में कितने लोग घायल हुए, इसकी जानकारी अभी सामने आनी बाकी। ➡️ अम्बेडकरनगर से इस वक्त की बड़ी खबर। 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | अम्बेडकरनगर ➡️ अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में बड़ा सड़क हादसा। ➡️ नेवतारिया बाईपास के आगे तेज रफ्तार बस हादसे का शिकार। ➡️ आजमगढ़ से दिल्ली जा रही थी बस। ➡️ हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। ➡️ मौके पर राहत-बचाव और जांच की कार्रवाई जारी। ➡️ हादसे में कितने लोग घायल हुए, इसकी जानकारी अभी सामने आनी बाकी। ➡️ अम्बेडकरनगर से इस वक्त की बड़ी खबर।1
- सम्मनपुर थाना क्षेत्र में बुजुर्ग की आत्महत्या, बीमारी से परेशान होकर उठाया कदम, पुलिस जांच में जुटी।1
- *FIR के बाद डॉक्टर साहब की ‘कहानी’ वायरल, अब CCTV बनेगा असली हीरो!* *फोन से ‘मैनेजमेंट’ की कोशिश का आरोप, बात नहीं बनी तो वीडियो में पत्रकार पर आरोपों की बरसात—सच कौन बोल रहा, कैमरे की नजर बताएगी* अम्बेडकरनगर। अकबरपुर के टांडा रोड स्थित आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल इन दिनों इलाज से ज्यादा आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चर्चा में है। मरीज के इलाज संबंधी आरोपों और पत्रकार के साथ कथित गाली-गलौज व मारपीट की खबर सामने आने के बाद डॉक्टर बी.के. अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। इसके बाद मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब डॉक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में डॉक्टर बी.के. अग्रवाल मरीज द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए पत्रकार पर भी गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। डॉक्टर की ओर से पत्रकार पर पैसे मांगने और कई लोगों के साथ अस्पताल पहुंचकर उपद्रव करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता जांच का विषय है। मामले में सबसे दिलचस्प सवाल यह है कि अगर अस्पताल में CCTV कैमरे लगे हैं तो फिर कैमरे की ‘गवाही’ क्यों न ली जाए? आखिर कैमरा न किसी के पक्ष में वोट देता है और न ही बयान रटता है—जो हुआ होगा, वही रिकॉर्ड हुआ होगा। *‘रटा-रटाया बयान’ या पूरा सच?* सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि डॉक्टर का बयान बेहद तैयार किया हुआ प्रतीत होता है, जबकि दूसरी ओर डॉक्टर ने पत्रकार पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से सामने रखा है। ऐसे में फैसला सोशल मीडिया की अदालत में नहीं, बल्कि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए। अगर घटना के समय का CCTV फुटेज सुरक्षित है और उसकी निष्पक्ष जांच होती है तो यह काफी हद तक स्पष्ट हो सकता है कि अस्पताल में वास्तव में कौन पहुंचा, कितने लोग मौजूद थे, क्या बातचीत हुई और कथित विवाद की शुरुआत कैसे हुई। *अब ‘वीडियो बनाम CCTV’ की लड़ाई!* फिलहाल मामला कुछ ऐसा नजर आ रहा है कि एक तरफ डॉक्टर का वायरल वीडियो है और दूसरी तरफ पत्रकार की शिकायत व एफआईआर। ऐसे में असली पटकथा शायद अस्पताल के CCTV कैमरे के पास सुरक्षित हो। अब देखना यह है कि जांच में CCTV की आंख खुलती है या फिर मामला बयानों की भूलभुलैया में ही घूमता रहता है। क्योंकि कैमरा अगर सच बोल पड़ा तो न डॉक्टर को रटा हुआ बयान याद करना पड़ेगा और न पत्रकार को अपनी कलम का हिसाब देना पड़ेगा। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कितने आरोप महज आरोप हैं। फिलहाल आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल का विवाद ‘इलाज’ से निकलकर ‘CCTV की अदालत’ तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। *FIR के बाद डॉक्टर साहब की ‘कहानी’ वायरल, अब CCTV बनेगा असली हीरो!* *फोन से ‘मैनेजमेंट’ की कोशिश का आरोप, बात नहीं बनी तो वीडियो में पत्रकार पर आरोपों की बरसात—सच कौन बोल रहा, कैमरे की नजर बताएगी* अम्बेडकरनगर। अकबरपुर के टांडा रोड स्थित आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल इन दिनों इलाज से ज्यादा आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चर्चा में है। मरीज के इलाज संबंधी आरोपों और पत्रकार के साथ कथित गाली-गलौज व मारपीट की खबर सामने आने के बाद डॉक्टर बी.के. अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। इसके बाद मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब डॉक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में डॉक्टर बी.के. अग्रवाल मरीज द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए पत्रकार पर भी गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। डॉक्टर की ओर से पत्रकार पर पैसे मांगने और कई लोगों के साथ अस्पताल पहुंचकर उपद्रव करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता जांच का विषय है। मामले में सबसे दिलचस्प सवाल यह है कि अगर अस्पताल में CCTV कैमरे लगे हैं तो फिर कैमरे की ‘गवाही’ क्यों न ली जाए? आखिर कैमरा न किसी के पक्ष में वोट देता है और न ही बयान रटता है—जो हुआ होगा, वही रिकॉर्ड हुआ होगा। *‘रटा-रटाया बयान’ या पूरा सच?* सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि डॉक्टर का बयान बेहद तैयार किया हुआ प्रतीत होता है, जबकि दूसरी ओर डॉक्टर ने पत्रकार पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से सामने रखा है। ऐसे में फैसला सोशल मीडिया की अदालत में नहीं, बल्कि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए। अगर घटना के समय का CCTV फुटेज सुरक्षित है और उसकी निष्पक्ष जांच होती है तो यह काफी हद तक स्पष्ट हो सकता है कि अस्पताल में वास्तव में कौन पहुंचा, कितने लोग मौजूद थे, क्या बातचीत हुई और कथित विवाद की शुरुआत कैसे हुई। *अब ‘वीडियो बनाम CCTV’ की लड़ाई!* फिलहाल मामला कुछ ऐसा नजर आ रहा है कि एक तरफ डॉक्टर का वायरल वीडियो है और दूसरी तरफ पत्रकार की शिकायत व एफआईआर। ऐसे में असली पटकथा शायद अस्पताल के CCTV कैमरे के पास सुरक्षित हो। अब देखना यह है कि जांच में CCTV की आंख खुलती है या फिर मामला बयानों की भूलभुलैया में ही घूमता रहता है। क्योंकि कैमरा अगर सच बोल पड़ा तो न डॉक्टर को रटा हुआ बयान याद करना पड़ेगा और न पत्रकार को अपनी कलम का हिसाब देना पड़ेगा। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कितने आरोप महज आरोप हैं। फिलहाल आरोग्य पाइल्स हॉस्पिटल का विवाद ‘इलाज’ से निकलकर ‘CCTV की अदालत’ तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।1
- अंबेडकर नगर में सिपाही की मौत से मचा हड़कंप, कमरे में मिला शव1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | सवारियों से भरी बस अनियंत्रित होकर खाई में पहुंची अम्बेडकरनगर। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के नेवतरिया बाईपास पर सवारियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा पहुंची। हादसे की सूचना मिलते ही अकबरपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा। ✍️ बलराम सोनी आलापुर दैनिक केसरिया हिन्दुस्तान समाचार पत्र, आलापुर1
- 📢 अंबेडकरनगर ब्रेकिंग न्यूज़ पुलिस लाइन में 30 वर्षीय सिपाही की मौत से मचा हड़कंप। कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 🎙️ Bharat News 24 | ब्यूरो चीफ रामतिलक विश्वकर्मा #अंबेडकरनगर #AmbedkarNagar #BreakingNews #UPNews #PoliceNews #Akbarpur #CrimeNews #LatestNews #HindiNews #BharatNews24 #NewsUpdate #UttarPradesh #Police #ViralNews #LocalNews 📢 अंबेडकरनगर ब्रेकिंग न्यूज़ पुलिस लाइन में 30 वर्षीय सिपाही की मौत से मचा हड़कंप। कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 🎙️ Bharat News 24 | ब्यूरो चीफ रामतिलक विश्वकर्मा #अंबेडकरनगर #AmbedkarNagar #BreakingNews #UPNews #PoliceNews #Akbarpur #CrimeNews #LatestNews #HindiNews #BharatNews24 #NewsUpdate #UttarPradesh #Police #ViralNews #LocalNews1
- इकलौता पुत्र सिपाही फंदे से लटका - बुझ गया घर का चिराग - पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप- मातम का माहौल अंबेडकर नगर पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी संदीप कुमार ने फंदे से लटक कर अपने जीवन को समाप्त कर लिया है । इस घटना के बाद अंबेडकर नगर पुलिस प्रशासन में जहां हड़कंप मच गया है वहीं परिजनों में कोहराम मचा हुआ है । पुलिस ने लाश को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ।1