मकान के नामांतरण को लेकर पारिवारिक कलह, युवक की मौत के बाद दो पक्ष भिड़े बरेली। मकान के नामांतरण को लेकर लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद ने रविवार को गंभीर मोड़ ले लिया। पारिवारिक तनाव के बीच एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने युवक की पत्नी और उसके मायके पक्ष पर मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। युवक की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर पथराव हुआ, जिससे अफरा तफरी मच गई। बारादरी थाना क्षेत्र के सम्राट अशोक नगर निवासी पूरन देवी पत्नी रामनिवास ने बताया कि उनके पति सेना से सेवानिवृत्त थे और कई वर्ष पहले उनका निधन हो चुका है। परिवार में दो बेटे हैं। बड़ा बेटा शैलेंद्र अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहकर निजी नौकरी करता है, जबकि छोटा बेटा दिलीप कुमार बरेली और गांव के बीच रहकर खेती-बाड़ी से गुजर-बसर करता था। करीब एक वर्ष पूर्व दिलीप ने बदायूं निवासी मुस्कान से प्रेम विवाह किया था। दोनों का दो माह का एक बेटा भी है। परिजनों के अनुसार, बरेली स्थित पैतृक मकान को अपने नाम कराने को लेकर दिलीप और उसकी पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। आरोप है कि पत्नी लगातार मकान अपने नाम कराने का दबाव बना रही थी। इसको लेकर दोनों पक्षों में कई बार कहासुनी भी हुई। परिवार का कहना है कि पत्नी के मायके पक्ष के लोग भी इस विवाद में हस्तक्षेप कर रहे थे, जिससे दिलीप काफी समय से मानसिक तनाव में रहने लगा था। 4 मई को दिलीप बरेली से अपने पैतृक गांव गहर्रा पहुंचा। घर पहुंचने पर उसकी हालत सामान्य नहीं लग रही थी। मां ने कारण पूछा, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया और केवल पानी मांगा। परिजन पानी लेकर लौटे तो वह जमीन पर गिरा पड़ा मिला। आनन-फानन में उसे बरेली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दिलीप की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि युवक ने जहरीला पदार्थ खाया था, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। दिलीप के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद विवाद और बढ़ गया। शव को अपने साथ ले जाने को लेकर मृतक की मां पूरन देवी और पत्नी मुस्कान के पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हंगामे के बाद मुस्कान अपने पति का शव लेकर मायके बदायूं चली गई, जबकि मृतक की मां ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर बेटे का शव दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। थाना प्रभारी पवन कुमार सिंह ने बताया कि मामले में अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट और तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मकान के नामांतरण को लेकर पारिवारिक कलह, युवक की मौत के बाद दो पक्ष भिड़े बरेली। मकान के नामांतरण को लेकर लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद ने रविवार को गंभीर मोड़ ले लिया। पारिवारिक तनाव के बीच एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने युवक की पत्नी और उसके मायके पक्ष पर मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। युवक की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर पथराव हुआ, जिससे अफरा तफरी मच गई। बारादरी थाना क्षेत्र के सम्राट अशोक नगर निवासी पूरन देवी पत्नी रामनिवास ने बताया कि उनके पति सेना से सेवानिवृत्त थे और कई वर्ष पहले उनका निधन हो चुका है। परिवार में दो बेटे हैं। बड़ा बेटा शैलेंद्र अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहकर निजी नौकरी करता है, जबकि छोटा बेटा दिलीप कुमार बरेली और गांव के बीच रहकर खेती-बाड़ी से गुजर-बसर करता था। करीब एक वर्ष पूर्व दिलीप ने बदायूं निवासी मुस्कान से प्रेम विवाह किया था। दोनों का दो माह का एक बेटा भी है। परिजनों के अनुसार, बरेली स्थित पैतृक मकान को अपने नाम कराने को लेकर दिलीप और उसकी पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। आरोप है कि पत्नी लगातार मकान अपने नाम कराने का दबाव बना रही थी। इसको लेकर दोनों पक्षों में कई बार कहासुनी भी हुई। परिवार का कहना है कि पत्नी के मायके पक्ष के लोग भी इस विवाद में हस्तक्षेप कर रहे थे, जिससे दिलीप काफी समय से मानसिक तनाव में रहने लगा था। 4 मई को दिलीप बरेली से अपने पैतृक गांव गहर्रा पहुंचा। घर पहुंचने पर उसकी हालत सामान्य नहीं लग रही थी। मां ने कारण पूछा, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया और केवल पानी मांगा। परिजन पानी लेकर लौटे तो वह जमीन पर गिरा पड़ा मिला। आनन-फानन में उसे बरेली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दिलीप की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि युवक ने जहरीला पदार्थ खाया था, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। दिलीप के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद विवाद और बढ़ गया। शव को अपने साथ ले जाने को लेकर मृतक की मां पूरन देवी और पत्नी मुस्कान के पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हंगामे के बाद मुस्कान अपने पति का शव लेकर मायके बदायूं चली गई, जबकि मृतक की मां ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर बेटे का शव दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। थाना प्रभारी पवन कुमार सिंह ने बताया कि मामले में अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट और तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- मकान के नामांतरण को लेकर पारिवारिक कलह, युवक की मौत के बाद दो पक्ष भिड़े बरेली। मकान के नामांतरण को लेकर लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद ने रविवार को गंभीर मोड़ ले लिया। पारिवारिक तनाव के बीच एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने युवक की पत्नी और उसके मायके पक्ष पर मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। युवक की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर पथराव हुआ, जिससे अफरा तफरी मच गई। बारादरी थाना क्षेत्र के सम्राट अशोक नगर निवासी पूरन देवी पत्नी रामनिवास ने बताया कि उनके पति सेना से सेवानिवृत्त थे और कई वर्ष पहले उनका निधन हो चुका है। परिवार में दो बेटे हैं। बड़ा बेटा शैलेंद्र अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहकर निजी नौकरी करता है, जबकि छोटा बेटा दिलीप कुमार बरेली और गांव के बीच रहकर खेती-बाड़ी से गुजर-बसर करता था। करीब एक वर्ष पूर्व दिलीप ने बदायूं निवासी मुस्कान से प्रेम विवाह किया था। दोनों का दो माह का एक बेटा भी है। परिजनों के अनुसार, बरेली स्थित पैतृक मकान को अपने नाम कराने को लेकर दिलीप और उसकी पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। आरोप है कि पत्नी लगातार मकान अपने नाम कराने का दबाव बना रही थी। इसको लेकर दोनों पक्षों में कई बार कहासुनी भी हुई। परिवार का कहना है कि पत्नी के मायके पक्ष के लोग भी इस विवाद में हस्तक्षेप कर रहे थे, जिससे दिलीप काफी समय से मानसिक तनाव में रहने लगा था। 4 मई को दिलीप बरेली से अपने पैतृक गांव गहर्रा पहुंचा। घर पहुंचने पर उसकी हालत सामान्य नहीं लग रही थी। मां ने कारण पूछा, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया और केवल पानी मांगा। परिजन पानी लेकर लौटे तो वह जमीन पर गिरा पड़ा मिला। आनन-फानन में उसे बरेली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दिलीप की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि युवक ने जहरीला पदार्थ खाया था, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। दिलीप के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद विवाद और बढ़ गया। शव को अपने साथ ले जाने को लेकर मृतक की मां पूरन देवी और पत्नी मुस्कान के पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हंगामे के बाद मुस्कान अपने पति का शव लेकर मायके बदायूं चली गई, जबकि मृतक की मां ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर बेटे का शव दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। थाना प्रभारी पवन कुमार सिंह ने बताया कि मामले में अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट और तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- बरेली के आंवला में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और बारिश के साथ छोटे ओले भी गिरे, जिससे तापमान में गिरावट आई।1
- बरेली के आँवला में उज्ज्वला गैस कनेक्शन मिलने के बावजूद एक उपभोक्ता को सिलेंडर नहीं मिला। पीड़ित एजेंसी के चक्कर काट-काटकर परेशान है और कर्मचारियों पर अभद्रता का आरोप लगाया है।1
- Post by Shyam Sunder Chandra1
- शराब के ब्रांड को 'संगम' नाम देने पर विवाद, पंडित सुशील पाठक, बोले सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश पवित्र तीर्थ के नाम पर शराब बेचना बर्दाश्त नहीं, डिस्टलरी कंपनी के मालिक को जेल भेजने की उठी मांग बरेली। प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के नाम पर एक डिस्टलरी कंपनी द्वारा शराब का ब्रांड लॉन्च करने का मामला गरमाता जा रहा है। धर्मगुरु पंडित सुशील पाठक ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि 'संगम' हमारे सनातन धर्म का एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है, जहाँ करोड़ों श्रद्धालु आस्था के साथ स्नान करने आते हैं। ऐसे पावन नाम का उपयोग शराब जैसी वस्तु के लिए करना न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि यह हिंदू धर्म को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश है। पंडित सुशील पाठक ने सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस डिस्टलरी कंपनी के मालिक ने यह दुस्साहस किया है, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और उसे सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए। साधु-संत सड़कों पर उतरकर करेंगे आंदोलन और अनशन उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर संत समाज पूरी तरह एकजुट है। संगम पीठाधीश्वर शांडिल्य महाराज ने भी इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है, जिसका वे पूर्ण समर्थन करते हैं। पाठक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही इस ब्रांड नाम को वापस नहीं लिया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो साधु-संत सड़कों पर उतरकर आंदोलन और अनशन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक इस अपमान का पुरजोर विरोध जारी रहेगा।1
- बिल्सी तहसील परिसर के मेंन गेट पर हुआ जल भराव अधिवक्ताओं का फूटा गुस्सा बिल्सी तहसील परिसर के मेंन गेट पर हुआ जल भराव अधिवक्ताओं का फूटा गुस्सा बिल्सी तहसील के मेंन गेट पर पिछले कई महीनो से इसी तरह जल भराव रहता है हल्की बूंदाबांदी में तहसील गेट पर इसी तरह जल भर जाता है अधिवक्ताओं का आरोप है कि पिछले तहसील दिवस में जिलाधिकारी को इस मामले में शिकायती पत्र सौंपा उसके बावजूद भी आज तक नहीं हुआ कोई समाधान साथ ही उनका कहना है की तहसील परिसर में आने वाले लोगों को काफी समस्या होती है कई बार मोटरसाइकिल वाले इस जल भराव की वजह से गिरकर चोटिल हो चुके हैं वही बार एसोसिएशन के महासचिव ज्ञान सिंह त्यागी ने बताया शिकायत के बावजूद भी आज तक नहीं हुआ समाधान अफसोस की बात कहे तो तहसील में कई बड़े अधिकारी भी बैठते हैं फिर भी समस्या का समाधान क्यों नहीं वहीं प्रदर्शनकर्ताओं मैं कई स्टांप विक्रेता एवं अधिवक्ता मौजूद रहे3
- हमारे गांव की नली यो का हाल है यह यहां कोई काम नहीं हो रहा है कुछ लोग 14 साल से यह गली बनी हुई है यहां कोई देखभाल नहीं है साफ सफाई नहीं है2
- उत्तर प्रदेश के आंवला में सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश प्रजापति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी दावेदारी पेश की, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।1