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देहरादून थाना प्रेम नगर के अंतर्गत कट्टे में मिली महिला की डेड बॉडी की गुत्थी सुलझी पत्रकार वार्ता में एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोभाल के द्वारा बताई गई वजह! अभियुक्त की पहली पत्नी थी रूपा। अभियुक्त ने देहरादून में आकर करी थी एक अन्य महिला संगीता से शादी। आपसी लड़ाई झगड़ा बना पहली पत्नी की हत्या का कारण। 11 मार्च को बरामद हुई थी रूपा की डेड बॉडी।
Rajkumar mehra press reporter
देहरादून थाना प्रेम नगर के अंतर्गत कट्टे में मिली महिला की डेड बॉडी की गुत्थी सुलझी पत्रकार वार्ता में एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोभाल के द्वारा बताई गई वजह! अभियुक्त की पहली पत्नी थी रूपा। अभियुक्त ने देहरादून में आकर करी थी एक अन्य महिला संगीता से शादी। आपसी लड़ाई झगड़ा बना पहली पत्नी की हत्या का कारण। 11 मार्च को बरामद हुई थी रूपा की डेड बॉडी।
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- The Aman Times 🔵 एसएसपी देहरादून के दमदार नेतृत्व में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा देहरादून पुलिस ने प्रेमनगर क्षेत्र में मिली अज्ञात महिला के शव की गुत्थी को सुलझाते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। 🔸 जांच में सामने आया कि महिला की हत्या उसके पहले पति ने ही की थी। 🔸 हत्या के बाद आरोपी ने शव को कट्टे में बंद कर मांडूवाला के जंगलों में फेंक दिया था। ❇️ इस मामले में पुलिस खुद वादी बनी और महिला को न्याय दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया। 🔶 पहचान के लिए 30 से अधिक झुग्गी-बस्तियों में सत्यापन अभियान चलाया गया। 🔶 5000 से ज्यादा लोगों का भौतिक सत्यापन कर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए गए। 🔷 जांच में यह भी सामने आया कि— • 4 साल पहले महिला के दूसरी शादी करने पर आरोपी ने भी दूसरी शादी कर ली थी। • 1 साल पहले महिला दोबारा आरोपी के संपर्क में आ गई थी। • 1 माह पहले वह अपनी 11 माह की बच्ची के साथ देहरादून रहने आई थी। 🔸 महिला आरोपी पर अपनी दूसरी पत्नी को छोड़कर उसके साथ रहने का दबाव बना रही थी, जिससे विवाद बढ़ा और आरोपी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। ⚫ दून पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों से आखिरकार ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश हुआ और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- देहरादून में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़! कैंट के बिंदाल इलाके में पुलिस की रेड, घर में चल रहा था देह व्यापार। मुख्य आरोपी महिला समेत 3 गिरफ्तार, 3 पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से डील कर चलाया जा रहा था पूरा नेटवर्क।1
- जिला कारागार हरिद्वार में गूंजेगी श्रीमद्भागवत कथा की दिव्य ध्वनि प्रथम नवरात्रि पर कलश यात्रा के साथ हुआ सात दिवसीय भागवत कथा का शुभारंभ कैदियों के जीवन में परिवर्तन और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देगा धार्मिक आयोजन स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से धर्मनगरी हरिद्वार में पावन चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन जिला कारागार हरिद्वार में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ किया गया। यह आयोजन श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक के तत्वावधान में किया जा रहा है। इस अवसर पर कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री केसरी अपने श्रीमुख से सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगे। कथा आरंभ होने से पहले श्रद्धालुओं और उपस्थित लोगों ने भक्ति भाव के साथ कलश यात्रा निकालकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नव प्रथम नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने बताया कि प्रथम नवरात्रि का दिन अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ था और महाराज युधिष्ठिर का भी राजतिलक इसी शुभ अवसर पर हुआ था। उन्होंने बताया कि सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा ने भी इसी दिन से सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी, इसलिए यह दिन हिंदू नववर्ष और आध्यात्मिक आरंभ का प्रतीक माना जाता है। कैदियों के जीवन में बदलाव का संदेश कार्यक्रम के आयोजक पंडित अधीर कौशिक ने बताया कि हर वर्ष हिंदू नववर्ष के अवसर पर जिला कारागार में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कराया जाता है। उन्होंने कहा कि जेल में सजा काट रहे बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने और उनके मन को भगवान की भक्ति से जोड़ने के उद्देश्य से यह धार्मिक आयोजन किया जाता है। उनका मानना है कि श्रीमद्भागवत कथा ऐसी दिव्य कथा है जो मनुष्य के जीवन को बदलने की शक्ति रखती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति से जीवन में गलतियां हो गई हों, तो भगवान की भक्ति और सत्संग के माध्यम से वह अपने जीवन को सही दिशा दे सकता है। भागवत कथा से मिलती है जीवन बदलने की प्रेरणा इस अवसर पर पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने श्रीमद्भागवत से एक प्रेरणादायक प्रसंग सुनाते हुए बताया कि प्राचीन काल में एक व्यक्ति था जो जीवन में अनेक गलत कार्य करता था। वह लोगों को परेशान करता और पाप के मार्ग पर चलता था। लेकिन एक दिन संयोग से उसने संतों के मुख से भगवान की कथा सुनी। उस कथा ने उसके जीवन की दिशा ही बदल दी। उसने अपने गलत कार्यों का त्याग किया, भगवान का स्मरण किया और बाद में वही व्यक्ति समाज में एक आदर्श और सम्मानित व्यक्ति बन गया। कथा व्यास ने कहा कि यही श्रीमद्भागवत कथा का संदेश है— भक्ति और सत्संग मनुष्य के जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। धार्मिक आयोजनों से मिलते हैं सकारात्मक परिणाम इस अवसर पर जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने सभी को हिंदू नववर्ष और नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कारागार में हर वर्ष आयोजित होने वाली भागवत कथाओं से सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं। धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से बंदियों के मन में सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है और वे अपने जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि कारागार में इस प्रकार के आध्यात्मिक कार्यक्रम बंदियों के जीवन में सुधार लाने की दिशा में एक सार्थक पहल हैं। कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित इस धार्मिक आयोजन में स्वामी कार्तिक गिरी, बलविंदर चौधरी, अमित पुंडीर, बृजमोहन शर्मा, कुलदीप शर्मा, जलज कौशिक, संजू अग्रवाल, संजय शर्मा, रूपेश कौशिक और यशपाल शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। निष्कर्ष जिला कारागार हरिद्वार में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का आध्यात्मिक प्रयास है। यह संदेश देती है कि यदि मनुष्य सच्चे मन से भगवान की शरण में आ जाए, तो उसका जीवन अंधकार से निकलकर प्रकाश के मार्ग पर चल सकता है। ✍️ स्वतंत्र पत्रकार – रामेश्वर गौड़4
- हरिद्वार पुलिस ने आमजन को एक खास तोहफा दिया है। खोए हुए मोबाइल फोन वापस दिलाकर पुलिस ने निराश चेहरों पर फिर से मुस्कान बिखेर दी। मोबाइल खोने से परेशान लोगों के लिए यह राहत भरी खबर है कि पुलिस ने कुल 120 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब ₹50 लाख बताई जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर जनपद के सभी थानों की पुलिस टीमें लगातार इस अभियान में जुटी रहीं। मोबाइल फोन की तलाश के लिए CEIR पोर्टल की मदद ली गई, जिससे अलग-अलग स्थानों पर मोबाइल ट्रेस कर उन्हें बरामद किया गया। कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस की मेहनत और तकनीकी सहयोग के चलते यह बड़ी सफलता हासिल हुई। आज कोतवाली परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में एसपी क्राइम निशा यादव और अन्य पुलिस अधिकारियों ने बरामद मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंपे। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। इस सराहनीय पहल से हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर साबित किया है कि वह जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।1
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