इंसास रायफल छोड़ भागे पूर्व नक्सली को जशपुर पुलिस ने मुंबई से दबोचा, जंगल में खौफ का हुआ अंत इंसास रायफल छोड़ भागे पूर्व नक्सली को जशपुर पुलिस ने मुंबई से दबोचा, जंगल में खौफ का हुआ अंत जशपुर (क्राइम रिपोर्ट - मयंक शर्मा):- हथियारों के बल पर राहगीरों से वसूली करने वाले और पुलिस को चकमा देकर फरार हुए पूर्व नक्सली पलटू दास को जशपुर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह शातिर अपराधी पिछले दो महीने से फरार चल रहा था। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपी के पास से बरामद हथियारों का कनेक्शन सीधे नक्सलियों से जुड़ा हुआ पाया गया है। मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। घटना का फ्लैशबैक: जब जंगल में छूटे थे हथियार इस पूरे मामले की शुरुआत 11 जून 2026 को हुई थी। सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को बूमतेल सरनाटोली जंगल में दो हथियारबंद लोगों द्वारा राहगीरों को धमकाकर पैसे वसूलने की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जंगल की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस टीम को अपनी ओर आता देख दोनों आरोपी अपनी जान बचाकर घने जंगल का फायदा उठाते हुए भाग निकले। फरार होते समय आरोपी अपने खतरनाक मंसूबों का जखीरा वहीं छोड़ गए थे। मौके से पुलिस ने निम्नलिखित हथियार और सामान जब्त किए थे: मैगजीन लगी हुई एक इंसास रायफल मैगजीन सहित एक होममेड (कंट्री मेड) रायफल एक देसी कट्टा और 06 जिंदा कारतूस लोहे के 4 बोल्ट, एक हथौड़ी, एक तलवार, एक कैंची और आरोपियों के बैग व दस्तावेज। मुंबई तक बिछाया गया पुलिस का जाल घटना के बाद पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। दस्तावेजों और सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान झारखंड (गुमला) निवासी हृदय साहू उर्फ गांगु और पलटू दास (36 वर्ष) के रूप में हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हृदय साहू को उसके गृहग्राम से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य मास्टरमाइंड पलटू दास लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। साइबर इनपुट और मुखबिरों की सटीक सूचना पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर, डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम मुंबई भेजी गई। आखिरकार पुलिस की मेहनत रंग लाई और पलटू दास को मुंबई के उसके छिपे हुए ठिकाने से दबोच कर जशपुर लाया गया। पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे: नक्सल कनेक्शन और वसूली पुलिस रिमांड पर लिए गए पलटू दास ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए: नक्सली कमांडर से कनेक्शन: आरोपी ने कबूला कि वह पूर्व में एक नक्सली कमांडर के समूह का सक्रिय सदस्य रहा है। साल 2012 में जंगल की एक चट्टान के नीचे छिपाकर रखे गए ये खतरनाक हथियार उसी ने अपने कब्जे में लिए थे। पार्टी के नाम पर वसूली: हृदय साहू के साथ मिलकर उसने जंगल के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया। यहाँ उन्होंने एक युवक और युवती को खुद को 'पार्टी' (नक्सल) का सदस्य बताकर डराया और उनके परिजनों से 30 हजार रुपये की मोटी रकम मंगवाकर आपस में बांट ली। राहगीरों में दहशत: आरोपियों ने जंगल में पुटू (मशरूम) बीनने आई युवतियों को भी हथियार दिखाकर धमकाया और उनका भोजन छीन लिया। इसके बाद खेत में काम कर रहे लोगों को डराकर भी खाना लिया था, जिसके तुरंत बाद पुलिस का सर्च अभियान शुरू हो गया था। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका इस खूंखार अपराधी को पकड़ने और हथियारों के जखीरे का पर्दाफाश करने में जशपुर पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। इस उत्कृष्ट कार्रवाई में सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, आरक्षक उपेंद्र सिंह और नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। फिलहाल पुलिस आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन जब्त कर उससे हथियारों के नेटवर्क और नक्सल कनेक्शन को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इंसास रायफल छोड़ भागे पूर्व नक्सली को जशपुर पुलिस ने मुंबई से दबोचा, जंगल में खौफ का हुआ अंत इंसास रायफल छोड़ भागे पूर्व नक्सली को जशपुर पुलिस ने मुंबई से दबोचा, जंगल में खौफ का हुआ अंत जशपुर (क्राइम रिपोर्ट - मयंक शर्मा):- हथियारों के बल पर राहगीरों से वसूली करने वाले और पुलिस को चकमा देकर फरार हुए पूर्व नक्सली पलटू दास को जशपुर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह शातिर अपराधी पिछले दो महीने से फरार चल रहा था। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपी के पास से बरामद हथियारों का कनेक्शन सीधे नक्सलियों से जुड़ा हुआ पाया गया है। मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। घटना का फ्लैशबैक: जब जंगल में छूटे थे हथियार इस पूरे मामले की शुरुआत 11 जून 2026 को हुई थी। सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को बूमतेल सरनाटोली जंगल में दो हथियारबंद लोगों द्वारा राहगीरों को धमकाकर पैसे वसूलने की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जंगल की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस टीम को अपनी ओर आता देख दोनों आरोपी अपनी जान बचाकर घने जंगल का फायदा उठाते हुए भाग निकले। फरार होते समय आरोपी अपने खतरनाक मंसूबों का जखीरा वहीं छोड़ गए थे। मौके से पुलिस ने निम्नलिखित हथियार और सामान जब्त किए थे: मैगजीन लगी हुई एक इंसास रायफल मैगजीन सहित एक होममेड (कंट्री मेड) रायफल एक देसी कट्टा और 06 जिंदा कारतूस लोहे के 4 बोल्ट, एक हथौड़ी, एक तलवार, एक कैंची और आरोपियों के बैग व दस्तावेज। मुंबई तक बिछाया गया पुलिस का जाल घटना के बाद पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। दस्तावेजों और सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान झारखंड (गुमला) निवासी हृदय साहू उर्फ गांगु और पलटू दास (36 वर्ष) के रूप में हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हृदय साहू को उसके गृहग्राम से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य मास्टरमाइंड पलटू दास लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। साइबर इनपुट और मुखबिरों की सटीक सूचना पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर, डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम मुंबई भेजी गई। आखिरकार पुलिस की मेहनत रंग लाई और पलटू दास को मुंबई के उसके छिपे हुए ठिकाने से दबोच कर जशपुर लाया गया। पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे: नक्सल कनेक्शन और वसूली पुलिस रिमांड पर लिए गए पलटू दास ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए: नक्सली कमांडर से कनेक्शन: आरोपी ने कबूला कि वह पूर्व में एक नक्सली कमांडर के समूह का सक्रिय सदस्य रहा है। साल 2012 में जंगल की एक चट्टान के नीचे छिपाकर रखे गए ये खतरनाक हथियार उसी ने अपने कब्जे में लिए थे। पार्टी के नाम पर वसूली: हृदय साहू के साथ मिलकर उसने जंगल के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया। यहाँ उन्होंने एक युवक और युवती को खुद को 'पार्टी' (नक्सल) का सदस्य बताकर डराया और उनके परिजनों से 30 हजार रुपये की मोटी रकम मंगवाकर आपस में बांट ली। राहगीरों में दहशत: आरोपियों ने जंगल में पुटू (मशरूम) बीनने आई युवतियों को भी हथियार दिखाकर धमकाया और उनका भोजन छीन लिया। इसके बाद खेत में काम कर रहे लोगों को डराकर भी खाना लिया था, जिसके तुरंत बाद पुलिस का सर्च अभियान शुरू हो गया था। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका इस खूंखार अपराधी को पकड़ने और हथियारों के जखीरे का पर्दाफाश करने में जशपुर पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। इस उत्कृष्ट कार्रवाई में सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, आरक्षक उपेंद्र सिंह और नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। फिलहाल पुलिस आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन जब्त कर उससे हथियारों के नेटवर्क और नक्सल कनेक्शन को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
- इंसास रायफल छोड़ भागे पूर्व नक्सली को जशपुर पुलिस ने मुंबई से दबोचा, जंगल में खौफ का हुआ अंत इंसास रायफल छोड़ भागे पूर्व नक्सली को जशपुर पुलिस ने मुंबई से दबोचा, जंगल में खौफ का हुआ अंत जशपुर (क्राइम रिपोर्ट - मयंक शर्मा):- हथियारों के बल पर राहगीरों से वसूली करने वाले और पुलिस को चकमा देकर फरार हुए पूर्व नक्सली पलटू दास को जशपुर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह शातिर अपराधी पिछले दो महीने से फरार चल रहा था। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपी के पास से बरामद हथियारों का कनेक्शन सीधे नक्सलियों से जुड़ा हुआ पाया गया है। मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। घटना का फ्लैशबैक: जब जंगल में छूटे थे हथियार इस पूरे मामले की शुरुआत 11 जून 2026 को हुई थी। सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को बूमतेल सरनाटोली जंगल में दो हथियारबंद लोगों द्वारा राहगीरों को धमकाकर पैसे वसूलने की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जंगल की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस टीम को अपनी ओर आता देख दोनों आरोपी अपनी जान बचाकर घने जंगल का फायदा उठाते हुए भाग निकले। फरार होते समय आरोपी अपने खतरनाक मंसूबों का जखीरा वहीं छोड़ गए थे। मौके से पुलिस ने निम्नलिखित हथियार और सामान जब्त किए थे: मैगजीन लगी हुई एक इंसास रायफल मैगजीन सहित एक होममेड (कंट्री मेड) रायफल एक देसी कट्टा और 06 जिंदा कारतूस लोहे के 4 बोल्ट, एक हथौड़ी, एक तलवार, एक कैंची और आरोपियों के बैग व दस्तावेज। मुंबई तक बिछाया गया पुलिस का जाल घटना के बाद पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। दस्तावेजों और सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान झारखंड (गुमला) निवासी हृदय साहू उर्फ गांगु और पलटू दास (36 वर्ष) के रूप में हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हृदय साहू को उसके गृहग्राम से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य मास्टरमाइंड पलटू दास लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। साइबर इनपुट और मुखबिरों की सटीक सूचना पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर, डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम मुंबई भेजी गई। आखिरकार पुलिस की मेहनत रंग लाई और पलटू दास को मुंबई के उसके छिपे हुए ठिकाने से दबोच कर जशपुर लाया गया। पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे: नक्सल कनेक्शन और वसूली पुलिस रिमांड पर लिए गए पलटू दास ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए: नक्सली कमांडर से कनेक्शन: आरोपी ने कबूला कि वह पूर्व में एक नक्सली कमांडर के समूह का सक्रिय सदस्य रहा है। साल 2012 में जंगल की एक चट्टान के नीचे छिपाकर रखे गए ये खतरनाक हथियार उसी ने अपने कब्जे में लिए थे। पार्टी के नाम पर वसूली: हृदय साहू के साथ मिलकर उसने जंगल के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया। यहाँ उन्होंने एक युवक और युवती को खुद को 'पार्टी' (नक्सल) का सदस्य बताकर डराया और उनके परिजनों से 30 हजार रुपये की मोटी रकम मंगवाकर आपस में बांट ली। राहगीरों में दहशत: आरोपियों ने जंगल में पुटू (मशरूम) बीनने आई युवतियों को भी हथियार दिखाकर धमकाया और उनका भोजन छीन लिया। इसके बाद खेत में काम कर रहे लोगों को डराकर भी खाना लिया था, जिसके तुरंत बाद पुलिस का सर्च अभियान शुरू हो गया था। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका इस खूंखार अपराधी को पकड़ने और हथियारों के जखीरे का पर्दाफाश करने में जशपुर पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। इस उत्कृष्ट कार्रवाई में सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, आरक्षक उपेंद्र सिंह और नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। फिलहाल पुलिस आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन जब्त कर उससे हथियारों के नेटवर्क और नक्सल कनेक्शन को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।1
- भूल सुधार हड़ताल आज से। कृपया ध्यान दें 7अगस्त से व्यापारी संघ सीतापुर का क्रमिक हड़ताल चालू है। पिछली खबर में गलती से 9 अगस्त छप गया था। एक करोड़ रुपये की चोरी के विरोध में व्यापारी संघ का आंदोलन, सात अगस्त से थाने के सामने क्रमिक हड़ताल सीतापुर। नगर के व्यापारी संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक कल आयोजित की गई थी, जिसमें हाल ही में हुई लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य के आभूषणों की चोरी की घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि पुलिस जल्द आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती है, तो सात अगस्त 2026 अर्थात आज से सीतापुर थाना परिसर के सामने क्रमिक हड़ताल शुरू की जाएगी। कल बैठक में उपस्थित व्यापारियों ने कहा कि घटना के बाद से व्यापारी वर्ग में भय और असुरक्षा का माहौल है। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से चोरी का शीघ्र खुलासा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए माल की बरामदगी की मांग की है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सर्राफा व्यापारी संघ सीतापुर एवं व्यापारी संघ सीतापुर के संयुक्त नेतृत्व में क्रमिक हड़ताल चलाई जाएगी। आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती। व्यापारियों ने प्रशासन से मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा जताते हुए कहा कि यदि शीघ्र परिणाम नहीं मिले, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।2
- अमित शाह को लेकर दिए गए बयान से सियासी माहौल गरम, विपक्ष निशाने पर 🚨 सियासत में फिर गरमाया माहौल! "नारे उठाना और हंगामा मचाना विपक्ष की आदत बन गई है।" यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। साथ ही यह भी कहा गया कि आतंकवादी और अतिरेकी भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम से डरते हैं तथा उनके हर सख्त फैसले का असर दिखाई देता है। आपकी इस मुद्दे पर क्या राय है? अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में जरूर बताएं। #AmitShah #Politics #Opposition #IndianPolitics #BreakingNews #NewsUpdate #FacebookPost #PradeshKhabar1
- हसदेव में हुआ जंगलों को उजाड़ने का सिलसिला #हसदेव #घाटबर्रा हसदेव में हुआ जंगलों को उजाड़ने का सिलसिला1
- CGPSC SI रिजल्ट में 'न्यूज' नाम पर मचा बवाल,भाठनपाली के न्यूज कुमार प्रधान ने सोशल मीडिया के दावों को बताया फेक।1
- अपराध समीक्षा बैठक में डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह सख्त, पेंडिंग केस निपटाने और अवैध कारोबार पर लगाम कसने के निर्देश अपराध समीक्षा बैठक में डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह सख्त, पेंडिंग केस निपटाने और अवैध कारोबार पर लगाम कसने के निर्देश जशपुर। जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. लाल उमेद सिंह ने कड़े निर्देश दिए हैं। गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेचना में लापरवाही और अनावश्यक देरी बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रभारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने पुलिसिंग की गुणवत्ता बढ़ाने और दोषसिद्धि दर (Conviction Rate) में सुधार पर विशेष जोर दिया। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश: अवैध गतिविधियों पर 'जीरो टॉलरेंस': जिले में गौ-तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब, जुआ और सट्टे के खिलाफ निरंतर और प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के मामलों में 'एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन' (End-to-End Investigation) करते हुए तस्करों के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने को कहा गया है। लंबित मामलों और वारंट की तामीली: सभी लंबित अपराध, चालान, मर्ग और शिकायतों की गुणवत्तापूर्ण विवेचना कर उन्हें निर्धारित समय-सीमा में निपटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और स्थायी वारंटों की तामीली में तेजी लाने को कहा गया है। यातायात नियमों पर सख्ती: सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जिले भर में बैरिकेड लगाकर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। बिना हेलमेट, तीन सवारी, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, शराब पीकर गाड़ी चलाने, मोबाइल पर बात करने और सीट बेल्ट न लगाने वालों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई होगी। होटल-लॉज की निगरानी: असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए 'समाधान ऐप' के माध्यम से होटलों और लॉज में ठहरने वाले सभी आगंतुकों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम हेल्पलाइन और साइबर क्राइम: सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों का बिना किसी देरी के, संवेदनशीलता और तथ्यों के आधार पर समाधान करने को कहा गया है। साइबर सेल को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे थानों को तुरंत तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएं और ऑनलाइन ठगी के मामलों पर त्वरित एक्शन लें। पुलिस मितान और जनसहभागिता: 'पुलिस मितान' व्यवस्था को और अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया गया ताकि उन्हें कानून-व्यवस्था, नशामुक्ति और साइबर जागरूकता में भागीदार बनाया जा सके। विजिबल पुलिसिंग: थानों में आने वाले हर फरियादी के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और शाम के समय गश्त व विजिबल पुलिसिंग (Visible Policing) बढ़ाने के निर्देश दिए गए ताकि आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हो। इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी (कुनकुरी) विनोद मंडावी, एसडीओपी (बगीचा) दिलीप कुमार कोसले, एसडीओपी (जशपुर) चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी निमितेश सिंह, डीएसपी (साइबर) भावेश कुमार समरथ, डीएसपी (यातायात) के.आर. चौहान सहित जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी और पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे।4
- नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार, सीपत पुलिस की त्वरित कार्रवाई बिलासपुर सीपत थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। आरोपी के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त को पीड़िता की परिजन ने थाना सीपत में शिकायत दर्ज कराई कि ग्राम नीरतू निवासी दीपक पटेल (30) ने बच्ची को साइकिल सिखाने का झांसा देकर रैलहा जंगल की ओर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर थाना सीपत में अपराध क्रमांक 443/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के महिला एवं बच्चों से जुड़े अपराधों में जीरो टॉलरेंस नीति के निर्देश के तहत थाना प्रभारी सीपत ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुखबिर की सूचना पर आरोपी की तलाश की। पुलिस ने उसे उसके घर से हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।3