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राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने आजमगढ़ स्थित 100 शैया अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मरीजों को बाहर की दवा लिखे जाने पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए डॉक्टरों को कड़ी फटकार लगाई।
CHANDRESH PATRKAR
राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने आजमगढ़ स्थित 100 शैया अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मरीजों को बाहर की दवा लिखे जाने पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए डॉक्टरों को कड़ी फटकार लगाई।
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- राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने आजमगढ़ के भगतपुर में पहुंचकर आम लोगों की जनसमस्याएं सुनीं। सुनवाई के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त रवैया अपनाते हुए फटकार लगाई।1
- आजमगढ़ जिले की नगर पंचायत जहानागंज के तुलसीपुर स्थित श्री बड़े ब्रह्म बाबा जी के पावन परिसर में शुक्रवार को 'मिशन 5000' के अंतर्गत पंचवटी वाटिका की स्थापना की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन अविनाश आई केयर सेंटर (बुद्ध पार्क के पास, मुस्तफाबाद, जहानागंज) के सौजन्य से और युग सृजन ट्रस्ट के सहयोग से किया गया। इस दौरान पीपल, बरगद, बेल, आँवला और अशोक के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति के संवर्धन का संदेश दिया गया। इस अवसर पर पूर्व प्रधानाध्यापक श्री दीना सिंह, पूर्व सहायक अध्यापक श्री वीरेंद्र सिंह तथा दीप चश्मा सागर के ऑनर श्री सुदीप सिंह का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने कहा कि मिशन 5000 का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि पौधों का संरक्षण कर उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करना है। इसके साथ ही आम लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी निरंतर देखभाल करने की अपील की गई।1
- राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने 100 शैया अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान अस्पताल में मरीजों को बाहर की दवा लिखे जाने पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए डॉक्टरों को कड़ी फटकार लगाई।1
- अंबेडकर नगर के विकास खंड रामनगर की ग्राम पंचायत चहोड़ा शाहपुर में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण परेशान हैं, लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। शिकायतकर्ता अमित माँझी ने 6 जून 2026 को जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से वन विभाग से बंदरों पर नियंत्रण की मांग की थी। निर्धारित समय सीमा में समाधान न होने पर 16 जुलाई 2026 को रिमाइंडर भी भेजा गया, जिसके बाद वन विभाग ने शिकायत को पंचायती राज विभाग को भेज दिया। मामले में विकास खंड रामनगर से भेजी गई आख्या में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम पंचायत के पास बंदरों को पकड़ने और सुरक्षित स्थान पर भेजने की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है और यह कार्य वन विभाग का है। वहीं पंचायती राज विभाग ने फोन पर जानकारी दी कि पंचायत के पास बंदर पकड़ने का न तो कोई अधिकार या आदेश है और न ही प्रशिक्षण। अधिकारियों का तर्क है कि बिना प्रशिक्षण बंदर पकड़ने के प्रयास में दुर्घटना या हमले की आशंका बनी रहती है। विभागों के बीच जिम्मेदारी तय न होने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। बंदर रोजाना घरों में घुसकर खाद्य सामग्री व घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं और खेतों में खड़ी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से विभागीय जिम्मेदारी स्पष्ट करने और शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।1
- सोशल मीडिया पर एक कॉमेडी वीडियो सामने आया है, जिसमें तंज कसते हुए यह दावा किया जा रहा है कि अब धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा। हास्य और व्यंग्य से भरा यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है।1
- राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने आजमगढ़ स्थित 100 शैया अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मरीजों को बाहर की दवा लिखे जाने पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए डॉक्टरों को कड़ी फटकार लगाई।1
- आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत फरिहा-सरायमीर मार्ग पर शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब रुपयों के विवाद से परेशान एक युवक ने पेड़ की डाल से अपने पैर रस्सी से बांधकर उल्टे लटककर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह करीब 7:00 बजे सूचना मिलते ही फरिहा चौकी प्रभारी चित्रांशु मिश्रा पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सूझबूझ और समझाइश से युवक को सुरक्षित नीचे उतारकर एक संभावित हादसा टाल दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। पुलिस पूछताछ में युवक की पहचान चकिया निवासी फरहान (पुत्र समीम अहमद) के रूप में हुई, जो वर्तमान में अपने ननिहाल में रह रहा था। फरहान का आरोप है कि उसके दिवंगत मामू ने फरिहा निवासी तैय्यब को ₹1.75 लाख उधार दिए थे। लंबा समय बीत जाने के बाद भी जब यह रकम वापस नहीं की गई और हर बार पैसे मांगने पर टालमटोल की गई, तो आक्रोशित होकर वह सुबह-सवेरे विरोध जताने के लिए पेड़ पर जा चढ़ा। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने फरहान को शांत कराया और आश्वासन दिया कि दोनों पक्षों को बुलाकर मामले का निष्पक्ष समाधान निकाला जाएगा व बकाया धनराशि के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की समय पर की गई त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रण में आ गई।1